Attitude Shayari on Dreams
सपनों को मैंने चाहत नहीं रहने दिया,
उन्हें अपनी ज़िम्मेदारी बना लिया।
मेरे सपने उतने ही बड़े हैं,
जितना उन्हें पाने का मेरा धैर्य।
मैंने मंज़िल की बात कम की है,
उसकी तैयारी ज़्यादा की है।
सपनों तक पहुँचने का रास्ता,
इरादों से शुरू होता है।
मैंने अपने लक्ष्य को समय दिया,
और समय ने उसे आकार दिया।
सपने दूर नहीं लगते,
जब कदम रोज़ उनकी ओर बढ़ते हों।
मैंने थकान को आराम दिया,
लेकिन अपने सपनों को नहीं।
सपनों का सम्मान शब्दों से नहीं,
निरंतर प्रयासों से होता है।
मैंने हर सुबह को एक अवसर माना,
अपने सपनों के थोड़ा और क़रीब जाने का।
सपने वही टिकते हैं,
जिनके पीछे अनुशासन खड़ा हो।
मैंने रास्तों की मुश्किलें नहीं गिनीं,
मैंने अपने इरादों की मज़बूती देखी।
सपनों को सच करने के लिए,
पहले ख़ुद को बदलना पड़ता है।
मेरे सपने मेरी दिशा हैं,
और मेरी मेहनत उनका सहारा।
मैंने इंतज़ार कम किया,
और तैयारी ज़्यादा।
सपनों की सबसे बड़ी ताक़त,
मुश्किल दिनों में भी उम्मीद बनाए रखना है।
मैंने अपने लक्ष्य को दूर नहीं समझा,
बस उसके लिए लगातार चलना चुना।
सपने तभी चमकते हैं,
जब उन्हें मेहनत की रोशनी मिले।
मैं हर दिन थोड़ा आगे बढ़ता हूँ,
क्योंकि मेरे सपने रुकना नहीं जानते।
सपनों का कद नहीं,
उन्हें पाने की लगन इंसान को बड़ा बनाती है।
मेरे सपने सिर्फ़ मंज़िल नहीं,
वे मेरी पहचान बनने की प्रक्रिया हैं।
सपने मेरी आँखों में नहीं,
मेरी रोज़ की मेहनत में रहते हैं।
मैंने अपने सपनों को इंतज़ार पर नहीं छोड़ा,
उन्हें अपनी आदतों का हिस्सा बना लिया।
कुछ लोग मंज़िल की कल्पना करते हैं,
मैं उसके लिए तैयारी करता हूँ।
मेरे सपने बड़े हैं,
इसलिए मेरा धैर्य भी बड़ा है।
सपनों की असली परीक्षा तब होती है,
जब रास्ता उम्मीद से लंबा निकलता है।
मैंने हर रुकावट को संकेत माना,
कि मंज़िल सच में क़ीमती है।
मेरे सपने मुझे सोने नहीं देते,
वे मुझे हर सुबह उठने की वजह देते हैं।
सपनों का सम्मान करना है तो,
उन्हें कर्मों का सहारा देना होगा।
मैंने अपने लक्ष्य को इतना स्पष्ट रखा,
कि भटकाव ज़्यादा देर टिक नहीं पाया।
सपने तभी आकार लेते हैं,
जब विश्वास और प्रयास साथ चलते हैं।
मैंने अपने सपनों को दुनिया की राय से नहीं,
अपने यक़ीन से सींचा है।
हर अधूरा प्रयास भी क़ीमती था,
क्योंकि उसने मुझे मंज़िल के क़रीब किया।
मेरे सपनों की ऊँचाई देखकर मत चौंको,
मैंने उनके लिए अपनी सुविधा छोड़ी है।
सपनों तक पहुँचने वाले रास्ते आसान नहीं होते,
लेकिन वही रास्ते इंसान को मज़बूत बनाते हैं।
मैंने वक़्त का इंतज़ार नहीं किया,
मैंने वक़्त के साथ चलना सीखा।
सपने सिर्फ़ भविष्य की तस्वीर नहीं,
वे वर्तमान की ज़िम्मेदारी भी हैं।
मैंने अपनी थकान से समझौता किया,
मगर अपने सपनों से नहीं।
हर सुबह मुझे याद दिलाती है,
कि मेरे सपनों को अभी और ऊँचाई चाहिए।
सपनों की सबसे बड़ी ताक़त यह है,
कि वे मुश्किल दिनों में भी उम्मीद बचाए रखते हैं।
मैं मंज़िल के लिए नहीं भाग रहा,
मैं अपने सपनों के योग्य बनने में लगा हूँ।
सपनों का वज़न भारी होता है,
इसलिए उन्हें उठाने के लिए मज़बूत इरादे चाहिए।
मैंने अपने लक्ष्य को दूर नहीं माना,
बस उसे पाने के लिए ख़ुद को तैयार किया।
सपनों की राह में धैर्य उतना ही ज़रूरी है,
जितना दिशा।
मैंने हर असफलता से एक ईंट उठाई,
और उसी से अपने सपनों की नींव मज़बूत की।
मेरे सपने मेरी पहचान का हिस्सा हैं,
इसलिए मैं उन्हें अधूरा नहीं छोड़ता।
सपने देखने से ज़्यादा कठिन है,
हर दिन उनके लिए ख़ुद को तैयार करना।
मैंने अपने सपनों को शब्दों में नहीं,
अपने अनुशासन में बसाया है।
सपनों का सफ़र लंबा हो सकता है,
लेकिन विश्वास उसे थकने नहीं देता।
मैंने अपनी नज़र मंज़िल पर रखी है,
इसीलिए रास्तों की धूल मुझे रोक नहीं पाती।
मेरे सपनों की सबसे बड़ी ख़ूबसूरती यह है,
कि वे मुझे हर दिन कल से बेहतर बनने की वजह देते हैं।