Best Father Shayari
जब मैं छोटा था,
तो सोचता था कि आप सब कुछ कैसे जान लेते हैं,
आज समझ आया,
आप जवाब नहीं जानते थे,
बस ज़िम्मेदारी निभाना जानते थे।
आपने कभी मेरे सपनों का मज़ाक नहीं उड़ाया,
चाहे वे कितने ही बड़े क्यों न रहे हों,
शायद इसी भरोसे ने मुझे,
अपने ऊपर यक़ीन करना सिखाया।
मैंने आपको कई बार थका हुआ देखा,
मगर कभी हार मानते नहीं देखा,
और वहीं से सीखा,
कि मज़बूती का मतलब क्या होता है।
बचपन में आपकी डाँट याद रहती थी,
आज आपकी नीयत याद रहती है,
वक़्त सच में,
रिश्तों की परिभाषा बदल देता है।
आपने मुझे कभी दुनिया से डरना नहीं सिखाया,
बस इतना सिखाया,
कि सच के साथ खड़े रहना,
सबसे बड़ी हिम्मत है।
मेरे हर अच्छे फ़ैसले के पीछे,
आपकी कोई पुरानी सीख खड़ी मिलती है,
जो उस समय साधारण लगी थी,
मगर जीवन में अमूल्य निकली।
आपने मुझे सफल होने से पहले,
सम्मान के योग्य बनना सिखाया,
और यही बात,
आपको मेरे लिए सबसे विशेष बनाती है।
जब मैं किसी मुश्किल में उलझता हूँ,
तो आपकी ज़िंदगी याद आती है,
और लगता है,
मेरी परीक्षा उतनी बड़ी भी नहीं है।
आपने कभी मेरी तुलना किसी से नहीं की,
आप बस चाहते थे,
कि मैं कल के अपने आप से बेहतर बनूँ।
घर में आपकी मौजूदगी,
किसी सुविधा जैसी नहीं थी,
वह एक भरोसे जैसी थी,
जिसे महसूस किया जाता है।
आपकी आँखों में मेरे लिए जो उम्मीद थी,
वह आज भी मुझे आगे बढ़ाती है,
जब मैं ख़ुद पर यक़ीन खोने लगता हूँ।
मैंने आपको कभी अपने हिस्से की तकलीफ़ बताते नहीं देखा,
मगर दूसरों की परेशानी बाँटते ज़रूर देखा,
और वहीं से इंसानियत सीखी।
आपने सिखाया कि मेहनत की आदत,
किस्मत से बड़ा सहारा होती है,
और यह बात,
हर दौर में सच लगी।
जब मैं अपने जीवन की उपलब्धियाँ गिनता हूँ,
तो उनमें आपका नाम नहीं लिख पाता,
क्योंकि आप उपलब्धि नहीं,
उनकी वजह हैं।
आपने कभी यह नहीं कहा,
कि आप मुझसे प्यार करते हैं,
मगर मेरी हर चिंता से पहले आपकी चिंता पहुँच जाती थी।
उम्र बढ़ने के साथ,
आपकी बातें कम नहीं हुईं,
बस उनकी गहराई समझ आने लगी।
आपने मुझे यह एहसास दिया,
कि असफलता शर्म की बात नहीं,
कोशिश छोड़ देना शर्म की बात है।
मेरी सबसे बड़ी ताक़त,
मेरी योग्यता नहीं,
आपका मुझ पर किया गया विश्वास है।
आपने हमेशा यह कोशिश की,
कि मैं अपने फ़ैसले ख़ुद लूँ,
मगर अपने मूल्यों को कभी न छोड़ूँ।
जब भी मैं किसी का सम्मान करता हूँ,
किसी की मदद करता हूँ,
मुझे लगता है,
आपकी परवरिश अब भी मेरे साथ चल रही है।
आपका व्यक्तित्व मुझे यह सिखाता है,
कि बड़े लोग वे नहीं होते
जिन्हें लोग जानते हैं,
बल्कि वे होते हैं
जिन पर लोग भरोसा करते हैं।
मैंने आपको कभी मंचों पर नहीं देखा,
मगर मेरे जीवन की हर उपलब्धि में,
आपकी भूमिका सबसे बड़ी रही है।
कुछ लोग आपको रास्ता दिखाते हैं,
कुछ लोग चलना सिखाते हैं,
आपने मुझे रास्ते पहचानना सिखाया।
आज जब मैं आईने में ख़ुद को देखता हूँ,
तो आपकी कुछ आदतें दिखती हैं,
और यह समानता मुझे गर्व देती है।
अगर जीवन दोबारा शुरू हो,
तो मैं वही बचपन माँगूँगा,
जिसमें मेरे पिता का हाथ,
मेरे सिर पर हो।
दुनिया ने मुझे बहुत कुछ दिया,
मगर एक अच्छा इंसान बनने की शुरुआत,
मुझे मेरे पिता ने दी।
बचपन में लगता था कि आप बस हर बात पर टोकते हैं,
हर फ़ैसले में कोई न कोई कमी निकाल देते हैं,
फिर उम्र ने धीरे से एक सच बताया—
आप मुझे रोक नहीं रहे थे,
मुझे टूटने से बचा रहे थे।
मैंने आपको कभी अपने लिए कुछ माँगते नहीं देखा,
मगर हमारी हर ज़रूरत आपको याद रहती थी,
आज सोचता हूँ,
कितनी अजीब बात है—
जिस इंसान ने सबसे ज़्यादा दिया,
उसने सबसे कम माँगा।
जब मैं छोटा था,
मुझे लगता था कि घर अपने आप चलता है,
वक़्त पर सब मिल जाता है,
मगर बड़ा होकर समझ आया,
घर दीवारों से नहीं,
एक पिता की ज़िम्मेदारियों से चलता है।
मेरी हर जीत पर लोग मुझे बधाई देते रहे,
और मैं मुस्कुराता रहा,
क्योंकि मुझे पता था,
उस जीत तक पहुँचने से पहले
किसी ने मुझ पर यक़ीन किया था।
आपने मुझे कभी यह नहीं कहा कि मैं महान बनूँ,
आप बस चाहते थे कि मैं अच्छा इंसान बनूँ,
और आज लगता है,
यही आपकी सबसे बड़ी महानता थी।
अब जब ज़िंदगी की कुछ ज़िम्मेदारियाँ
मेरे कंधों पर आने लगी हैं,
तो आपकी ख़ामोशी समझ आने लगी है,
क्योंकि कुछ थकानें ऐसी होती हैं
जिन्हें शब्दों में नहीं बताया जाता।
आपने मेरे लिए रास्ते नहीं बनाए,
आपने मुझे इतना मज़बूत बनाया
कि मैं अपने रास्ते ख़ुद बना सकूँ,
और यही वजह है कि
आपकी सीख आज भी मेरा सहारा है।
मेरे जीवन की सबसे बड़ी सुरक्षा
कोई जगह नहीं थी,
वह यह यक़ीन था कि
चाहे मैं हार जाऊँ,
मेरे पिता मुझ पर भरोसा नहीं छोड़ेंगे।
आपकी मोहब्बत कभी शोर नहीं करती थी,
वह सुबह हाल पूछने में थी,
देर से घर पहुँचने पर इंतज़ार करने में थी,
और बिना बताए मेरी चिंता करने में थी।
आज भी जब कोई मेरी तारीफ़ करता है,
दिल सबसे पहले आपकी तरफ़ जाता है,
क्योंकि मैं जानता हूँ,
मेरे व्यक्तित्व की हर अच्छी बात के पीछे
आपकी परवरिश खड़ी है।
उम्र ने मुझे बहुत कुछ सिखाया,
मगर सबसे कीमती सीख यह दी कि
पिता की अहमियत तब नहीं समझ आती
जब वे साथ होते हैं,
बल्कि तब समझ आती है
जब हम उनकी तरह ज़िम्मेदार होना शुरू करते हैं।
आपने कभी अपने संघर्षों की कहानी नहीं सुनाई,
मगर आपकी ज़िंदगी ने इतना ज़रूर सिखा दिया
कि मज़बूती का मतलब दर्द न होना नहीं,
दर्द के बावजूद खड़े रहना है।
मैंने दुनिया में बहुत लोगों को बोलते देखा,
मगर निभाते कम देखा,
और तब महसूस हुआ,
मेरे पिता उन लोगों में से हैं
जो प्रेम कहते नहीं,
पूरी ज़िंदगी साबित करते हैं।
अगर मेरी ज़िंदगी की किताब से
आपका नाम हटा दिया जाए,
तो उसमें बहुत कुछ बच जाएगा,
मगर उसका अर्थ खो जाएगा।
कुछ रिश्ते वक़्त के साथ बदल जाते हैं,
मगर पिता का रिश्ता अजीब होता है,
बचपन में सहारा लगता है,
जवानी में सलाह,
और उम्र बढ़ने पर सबसे बड़ी प्रेरणा।
मैं आज जो भी हूँ,
वह सिर्फ़ मेरी मेहनत का नतीजा नहीं,
उसमें एक पिता का विश्वास,
एक पिता की परवरिश,
और एक पिता की ख़ामोश मोहब्बत शामिल है।
और शायद इसी लिए,
जब भी मैं अपने जीवन की सबसे अनमोल चीज़ों के बारे में सोचता हूँ,
तो सबसे पहले कोई याद नहीं आती,
सबसे पहले आप याद आते हैं।