पापा,
जब मैं छोटी थी,
तो हर सवाल का जवाब आप लगते थे,
आज बड़ी हो गई हूँ,
फिर भी कई जवाब आप ही में ढूँढ़ती हूँ।
पापा,
आपने मुझे कभी ऊँचा उड़ने से नहीं रोका,
बस इतना सिखाया,
कि उड़ान चाहे जितनी बड़ी हो,
संस्कार साथ रहने चाहिए।
पापा,
मेरी पहली हिम्मत,
पहला भरोसा,
और पहला गर्व,
तीनों आपसे शुरू हुए थे।
पापा,
जब मैं हारकर घर लौटती थी,
आप नतीजा नहीं पूछते थे,
बस इतना पूछते थे,
"तुम ठीक हो ना?"
पापा,
मेरे सपनों को सबसे पहले
जिसने गंभीरता से लिया,
वह आप थे।
पापा,
मैंने दुनिया को बाद में जाना,
पहले आपको जाना,
शायद इसी वजह से
अच्छाई पर विश्वास बना रहा।
पापा,
आपने मुझे कभी कमज़ोर समझकर नहीं बचाया,
मज़बूत समझकर आगे बढ़ाया।
पापा,
मेरे बचपन की सबसे खूबसूरत बात यह थी,
कि मुझे पता था,
चाहे कुछ भी हो जाए,
आप साथ हैं।
पापा,
जब मैं अपने लिए खड़ी होती हूँ,
तो लगता है,
आपकी परवरिश मेरे भीतर बोल रही है।
पापा,
आपकी आँखों में अपने लिए गर्व देखना,
मेरे लिए किसी पुरस्कार से कम नहीं था।
पापा,
आपने मुझे सिखाया,
कि सम्मान माँगा नहीं जाता,
अपने व्यवहार से कमाया जाता है।
पापा,
जब मैं उलझ जाती हूँ,
तो आपकी कही हुई बातें
रास्ते की तरह याद आने लगती हैं।
पापा,
मेरे जीवन की सबसे बड़ी ताक़त
मेरी काबिलियत नहीं,
आपका मुझ पर किया गया भरोसा है।
पापा,
आपने कभी मेरे पंख नहीं काटे,
बस उड़ते वक़्त
आसमान को समझना सिखाया।
पापा,
मेरी हर मुस्कान के पीछे
कहीं न कहीं
आपकी परवरिश की रोशनी है।
पापा,
मैंने आपको कभी अपनी थकान बताते नहीं देखा,
मगर मेरी थकान हमेशा पहचानते देखा है।
पापा,
जब लोग कहते हैं
कि मैं समझदार हूँ,
तो दिल में सबसे पहले
आपका नाम आता है।
पापा,
आपने मुझे यह यक़ीन दिया,
कि बेटी होना कोई सीमा नहीं,
एक सुंदर ज़िम्मेदारी है।
पापा,
मेरे लिए घर का मतलब
सिर्फ़ एक जगह नहीं था,
आपका होना था।
पापा,
आपकी डाँट से कभी नाराज़ हुई,
मगर आपकी नीयत से कभी नहीं।
पापा,
जब मैं अपनी उपलब्धियों को देखती हूँ,
तो उनमें आपकी मेहनत नहीं,
आपका विश्वास दिखाई देता है।
पापा,
आपने मुझे यह नहीं सिखाया
कि दुनिया को कैसे बदलना है,
आपने सिखाया
कि ख़ुद को कैसे सच्चा रखना है।
पापा,
मैं आज जहाँ भी हूँ,
उस सफ़र में आपके शब्दों से ज़्यादा
आपका उदाहरण साथ रहा है।
पापा,
जब भी कोई मुश्किल फ़ैसला लेना होता है,
मैं सोचती हूँ,
आप होते तो क्या कहते।
पापा,
ज़िंदगी में बहुत रिश्ते मिले,
मगर जो सुकून
आपके साथ चुप बैठने में था,
वह कहीं और नहीं मिला।
पापा,
जब मैं छोटी थी,
तो दुनिया बहुत बड़ी लगती थी,
मगर आपका हाथ पकड़ते ही
हर रास्ता अपना लगने लगता था।
पापा,
आपने मेरे सपनों पर कभी हँसी नहीं की,
शायद इसी लिए
मैंने सपने देखना कभी छोड़ा नहीं।
पापा,
मेरी पहली जीत पर
आपकी आँखों की चमक,
आज भी मेरी सबसे प्यारी याद है।
पापा,
जब दुनिया मुझे समझाने लगती थी,
आप मुझे समझ लेते थे,
और यही फ़र्क
मुझे हमेशा सुकून देता था।
पापा,
मैंने बचपन में खिलौनों से कम,
आपके कंधों पर ज़्यादा दुनिया देखी है।
पापा,
आपकी उँगली पकड़कर चलने वाली बेटी,
आज अपने पैरों पर खड़ी है,
मगर हौसला अब भी आपसे ही मिलता है।
पापा,
आपने मुझे यह नहीं सिखाया
कि लोग क्या कहेंगे,
आपने सिखाया
कि सही क्या है।
पापा,
जब भी मैं कोई बड़ा फ़ैसला लेती हूँ,
दिल में आपकी आवाज़ सुनाई देती है,
और डर थोड़ा कम हो जाता है।
पापा,
मेरे लिए प्यार का पहला अर्थ
आपकी परवाह थी,
जो बिना कहे भी समझ आ जाती थी।
पापा,
मैं चाहे कितनी भी बड़ी हो जाऊँ,
आपकी नज़रों में
मेरी चिंता कभी छोटी नहीं होगी।
पापा,
जब मैं गिरती थी,
आप तुरंत उठाने नहीं आते थे,
पहले भरोसा देते थे
कि मैं ख़ुद उठ सकती हूँ।
पापा,
मेरी हर छोटी उपलब्धि पर
आपका गर्व देखना,
मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि लगता था।
पापा,
आपने मुझे सुरक्षित रखा,
मगर इतना भी नहीं
कि मैं मज़बूत होना भूल जाऊँ।
पापा,
मेरे बचपन की सबसे सुंदर आवाज़,
आपका मुझे नाम लेकर पुकारना है।
पापा,
जब भी कोई मेरी तारीफ़ करता है,
मैं मुस्कुरा देती हूँ,
क्योंकि उसमें आपकी परवरिश शामिल होती है।
पापा,
आपने मेरे लिए रास्ते नहीं चुने,
बस इतना किया
कि मुझे अपने रास्ते चुनने का साहस दिया।
पापा,
मेरी हर परेशानी का हल नहीं थे आप,
मगर हर परेशानी में मेरा हौसला ज़रूर थे।
पापा,
आपकी डाँट में भी
एक अजीब-सा अपनापन था,
जो अब जाकर समझ आता है।
पापा,
मैंने दुनिया से बहुत कुछ सीखा,
मगर ख़ुद की इज़्ज़त करना
आपसे सीखा है।
पापा,
जब भी जीवन मुश्किल लगता है,
आपका भरोसा याद आता है,
और मैं फिर आगे बढ़ जाती हूँ।
पापा,
आपने मुझे कभी कमज़ोर नहीं कहा,
इसलिए मैं मुश्किल वक़्त में भी
ख़ुद पर यक़ीन रख पाती हूँ।
पापा,
मेरे लिए सबसे बड़ी सुरक्षा
कोई दीवार नहीं थी,
आपका विश्वास था।
पापा,
जब मैं अपने सपनों के पीछे भागती हूँ,
तो लगता है,
मेरे साथ आपकी दुआ भी दौड़ रही है।
पापा,
मैं आपकी बेटी हूँ,
यह सिर्फ़ एक रिश्ता नहीं,
मेरे आत्मविश्वास की पहचान है।
पापा,
ज़िंदगी में बहुत लोग मिलेंगे,
मगर मेरे दिल का सबसे सुरक्षित कोना
हमेशा आपके नाम रहेगा।