Father Death Shayari
पापा,
कभी-कभी आपकी पुरानी तस्वीर देखकर नहीं,
आपकी पुरानी आदतें याद करके आँखें भर आती हैं।
पापा,
आपके जाने के बाद
मैंने जीवन जीना जारी रखा,
मगर कुछ बातें अब भी
आपके साथ ही अटकी हुई हैं।
पापा,
आज भी कोई अच्छी ख़बर मिलती है,
तो दिल एक पल के लिए
आपकी तरफ़ दौड़ता है।
पापा,
आपकी याद का सबसे भारी हिस्सा यह नहीं,
कि आप नहीं हैं,
बल्कि यह है कि
मैं अब आपको सुन नहीं सकता।
पापा,
समय बहुत आगे निकल आया,
मगर आपके साथ बिताई कुछ शामें
आज भी वहीं खड़ी हैं।
पापा,
जब लोग कहते हैं कि मैं संभल गया हूँ,
तो मन मुस्कुरा देता है,
क्योंकि कुछ कमियाँ संभलती नहीं,
सिर्फ़ साथ चलती हैं।
पापा,
आपकी डाँट भी याद आती है,
क्योंकि उसमें छुपी हुई फ़िक्र
अब समझ आने लगी है।
पापा,
कई बार जीवन में ऐसे पल आते हैं,
जहाँ सफलता से ज़्यादा
आपकी मौजूदगी की कमी महसूस होती है।
पापा,
आपके जाने के बाद
मैंने तस्वीरों को देखना नहीं छोड़ा,
क्योंकि उनमें वक़्त कुछ देर ठहर जाता है।
पापा,
आपकी कही हुई छोटी-छोटी बातें
आज बड़े-बड़े फैसलों का आधार बनती हैं।
पापा,
मैं अब भी आपको ढूँढ़ता नहीं,
क्योंकि आप खोए नहीं हैं,
आप मेरी सोच में बसे हुए हैं।
पापा,
कुछ रिश्तों की याद
दर्द नहीं बनती,
चरित्र बन जाती है,
आपकी याद मेरे लिए वैसी ही है।
पापा,
जब भी अपने बचपन को याद करता हूँ,
सबसे पहले आपका चेहरा सामने आता है।
पापा,
आपके बाद घर में सब कुछ था,
बस वह यक़ीन नहीं था
कि हर समस्या का हल मिल जाएगा।
पापा,
आपकी कमी का एहसास
उम्र के साथ कम नहीं हुआ,
बस उसे छुपाना सीख गया हूँ।
पापा,
आज भी आपकी पुरानी बातें
नई लगती हैं,
क्योंकि जीवन उन्हें बार-बार सही साबित करता है।
पापा,
जब मैं थककर बैठता हूँ,
तो आपकी ज़िंदगी याद आती है,
और फिर उठ खड़ा होता हूँ।
पापा,
आपके जाने के बाद
एक बात हमेशा दिल में रही,
कि काश कुछ बातें और कर पाता।
पापा,
यादें अजीब होती हैं,
कभी मुस्कुरा देती हैं,
कभी चुप करा देती हैं,
और आपकी याद दोनों करती है।
पापा,
जब कोई मेरे सिर पर हाथ रखता है,
तो एक पल के लिए
आपकी मौजूदगी महसूस होती है।
पापा,
आपकी सबसे बड़ी विरासत
आपकी संपत्ति नहीं,
आपकी सोच है,
जो अब भी हमारा मार्गदर्शन करती है।
पापा,
मैंने आपको विदा किया था,
भुलाया नहीं,
और शायद कभी भूल भी नहीं पाऊँगा।
पापा,
कुछ नाम उम्र भर दिल में रहते हैं,
आपका नाम उनमें सबसे पहले आता है।
पापा,
अगर जीवन एक किताब है,
तो आपके जाने के बाद का अध्याय
सबसे कठिन पढ़ा है मैंने।
पापा,
आपकी याद अब आँसू नहीं माँगती,
बस हर दिन थोड़ा-सा सम्मान,
थोड़ा-सा प्रेम,
और बहुत सारी कृतज्ञता माँगती है।
पापा,
आपके जाने के बाद
घर का पता वही रहा,
मगर घर जैसा एहसास
कहीं थोड़ा कम हो गया।
पापा,
आज भी जब कोई सफलता मिलती है,
दिल में खुशी के साथ
एक ख़ामोश कमी भी जन्म लेती है,
कि काश आप यह देख पाते।
पापा,
आपकी तस्वीर दीवार पर है,
मगर आपकी असली मौजूदगी
मेरे संस्कारों और आदतों में है।
पापा,
समय ने जीना सिखा दिया,
मगर आपको याद करना
कभी नहीं भुला पाया।
पापा,
आपके बाद समझ आया,
कि कुछ लोग केवल रिश्ते नहीं होते,
पूरे जीवन का संतुलन होते हैं।
पापा,
आज भी आपकी पुरानी चीज़ों को छूता हूँ,
तो लगता है,
यादें भी कभी-कभी
धड़कने लगती हैं।
पापा,
आपकी कमी का दर्द इसलिए गहरा है,
क्योंकि आपका प्रेम
मेरे जीवन का सबसे सच्चा हिस्सा था।
पापा,
मैंने आपको खोया नहीं,
बस आपको देखने की आदत
मुझसे छिन गई है।
पापा,
जब भी कोई मुश्किल सामने आती है,
आपकी कही बातें याद आती हैं,
और लगता है,
आप अब भी मेरा हाथ थामे हुए हैं।
पापा,
आपकी याद में सबसे सुंदर बात यह है,
कि उसमें आँसुओं से ज़्यादा
सम्मान और गर्व शामिल है।
पापा,
आज भी कुछ फैसले लेते समय
मैं मन ही मन आपसे सलाह करता हूँ,
और हैरानी होती है,
जवाब अब भी मिल जाते हैं।
पापा,
आपकी अनुपस्थिति ने एक खालीपन दिया,
मगर आपकी सीखों ने
उस खालीपन में जीना सिखा दिया।
पापा,
कई बार किसी भीड़ में अचानक
आपकी याद आ जाती है,
और एक पल में
पूरा बचपन लौट आता है।
पापा,
आपके जाने के बाद
मैंने जाना कि यादें भी विरासत होती हैं,
जो उम्र के साथ और कीमती हो जाती हैं।
पापा,
जब लोग मेरे चरित्र की बात करते हैं,
तो दिल आपको याद करता है,
क्योंकि वह आपकी सबसे बड़ी देन है।
पापा,
आपकी आवाज़ अब सुनाई नहीं देती,
मगर आपकी परवरिश
हर दिन मुझसे बातें करती है।
पापा,
आपके साथ बिताए साधारण दिन,
आज जीवन की सबसे असाधारण संपत्ति लगते हैं।
पापा,
कुछ दर्द समय के साथ कम हो जाते हैं,
मगर आपकी कमी
दिल में सम्मान बनकर बस गई है।
पापा,
अब समझ आता है,
आपने कितनी बातें अपने भीतर रखीं,
ताकि हमारी दुनिया हल्की रह सके।
पापा,
आपके लिए रोना कम हुआ है,
मगर आपको याद करना नहीं,
वह आज भी रोज़ का हिस्सा है।
पापा,
जब मैं अपने बच्चों या अपनों का हाथ थामता हूँ,
तो आपके प्रेम की गहराई
और साफ़ दिखाई देती है।
पापा,
आपकी सबसे बड़ी निशानी
कोई तस्वीर नहीं,
बल्कि वह इंसान है
जिसे आपने गढ़ा।
पापा,
आपके जाने के बाद
बहुत लोगों का साथ मिला,
मगर वह निस्वार्थ भरोसा
फिर कभी नहीं मिला।
पापा,
अगर यादों का कोई घर होता,
तो उसमें मेरा बचपन,
आपकी मुस्कान के साथ रहता।
पापा,
आप आज मेरे पास नहीं हैं,
फिर भी मेरी हर दुआ में,
हर उपलब्धि में,
और हर अच्छे निर्णय में शामिल हैं।