आपने कभी मेरे सिर पर हाथ रखकर बड़ी बातें नहीं कीं,
मगर हर मुश्किल में मेरे साथ खड़े रहे,
तब समझ आया,
मोहब्बत शब्दों से नहीं, मौजूदगी से पहचानी जाती है।
जब भी मैं घर से निकलता था,
आपका बस इतना कहना, "ध्यान से जाना",
पूरे दिन की सबसे बड़ी दुआ लगती थी।
आपने मुझे अपनी तरह बनने को नहीं कहा,
बस मेरी अच्छाई बची रहे,
इसकी फ़िक्र करते रहे।
मेरे बचपन की सबसे प्यारी आवाज़,
आपका मुझे पुकारना है,
जिसमें अपनापन भी था,
और सुकून भी।
आपकी मोहब्बत कभी बोझ नहीं बनी,
वह हमेशा उस भरोसे की तरह रही,
जो बिना दिखाई दिए,
साथ चलता है।
मैंने आपको अक्सर हमारी बातें याद रखते देखा,
और अपनी बातें भूलते हुए,
शायद प्यार का यही सबसे ख़ूबसूरत रूप है।
जब मैं बीमार पड़ता था,
आप कम बोलते थे,
मगर आपकी बेचैनी बता देती थी,
कि आपको कितना फ़र्क पड़ता है।
आपकी मौजूदगी में,
दुनिया उतनी डरावनी नहीं लगती थी,
क्योंकि मुझे पता था,
कोई है जो मेरा है।
आपने कभी मुझे कमज़ोर होने पर शर्मिंदा नहीं किया,
बल्कि संभलने का वक़्त दिया,
और यही असली सहारा था।
मेरे हर नए क़दम पर,
आपका यक़ीन पहले पहुँच जाता था,
मुझसे भी पहले।
आपने मुझे सिर्फ़ प्यार नहीं दिया,
प्यार का मतलब भी सिखाया,
बिना शर्त साथ निभाकर।
जब मैं ख़ुद से नाराज़ होता था,
आप तब भी मेरा पक्ष लेते थे,
और यह एहसास,
दिल को गहराई से छू जाता था।
आपने कभी मेरी तुलना किसी से नहीं की,
बस मुझे बेहतर बनने का हौसला दिया,
और वही मेरे लिए काफ़ी था।
आपकी फ़िक्र का कोई वक़्त नहीं होता,
वह सुबह की दुआ भी है,
और रात का इंतज़ार भी।
मैंने बचपन में आपके कंधों पर बैठकर दुनिया देखी,
आज आपकी सीख के सहारे,
ज़िंदगी देख रहा हूँ।
आपकी मोहब्बत में दिखावा नहीं था,
बस एक सच्चाई थी,
जो हर दिन महसूस होती रही।
जब मैं ख़ुश होता हूँ,
दिल चाहता है आपको बताऊँ,
क्योंकि मेरी खुशी का सबसे अपना हिस्सा,
हमेशा आप रहे हैं।
आपने कभी मुझसे यह नहीं पूछा,
कि मैं आपसे कितना प्यार करता हूँ,
शायद इसलिए कि आपको यक़ीन था,
रिश्ते गिने नहीं जाते।
आपकी आँखों में मेरे लिए जो नरमी थी,
वह आज भी याद है,
जब पूरी दुनिया सख़्त लगती थी।
आपने मेरी हर बात नहीं मानी,
मगर मेरी हर भावना को समझा,
और यही बात आपको अलग बनाती है।
मैं बड़ा ज़रूर हो गया हूँ,
मगर आज भी कुछ परेशानियों में,
दिल आपको ही ढूँढ़ता है।
आपके साथ बैठना,
कई बार बिना बात किए भी अच्छा लगता था,
क्योंकि कुछ रिश्तों में,
ख़ामोशी भी अपनापन होती है।
आपने कभी यह नहीं जताया,
कि आपको हमसे कितनी मोहब्बत है,
मगर आपकी पूरी ज़िंदगी,
उसका सबसे बड़ा सबूत है।
मेरी हर मुस्कान में,
आपकी परवरिश की झलक है,
और मुझे इस पर फ़ख्र है।
अगर कोई पूछे कि सुकून कैसा होता है,
तो मैं कहूँगा,
जैसे पिता का यह यक़ीन,
कि चाहे कुछ भी हो, मैं तुम्हारे साथ हूँ।
आपने कभी "प्यार" नहीं कहा,
मगर हर बार मेरा इंतज़ार किया,
तब समझ नहीं पाया,
आज वही सबसे बड़ी मोहब्बत लगती है।
जब मैं थककर घर लौटता हूँ,
आपका हाल पूछना भी सुकून देता है,
कुछ रिश्ते गले नहीं लगाते,
बस दिल को सुकून दे देते हैं।
मेरी हर छोटी खुशी पर,
आपकी मुस्कान बड़ी हो जाती थी,
जैसे मेरी नहीं,
आपकी कोई दुआ पूरी हुई हो।
आपने मुझे कभी अकेला महसूस नहीं होने दिया,
चाहे हालात कैसे भी रहे,
आपका भरोसा हमेशा,
मेरे साथ खड़ा रहा।
बचपन में आपकी उँगली पकड़ता था,
अब आपकी बातें पकड़कर चलता हूँ,
वक़्त बदल गया,
सहारा नहीं।
आपकी मोहब्बत का अंदाज़ अलग था,
आप ख़्याल रखते थे, जताते नहीं,
और शायद इसी वजह से,
वह और भी सच्ची लगती है।
जब भी किसी बात से डर लगता है,
दिल आज भी आपको याद करता है,
क्योंकि सबसे पहले सुरक्षा का मतलब,
मैंने आपसे सीखा था।
आपने कभी अपने लिए वक़्त नहीं माँगा,
मगर हमारे लिए हमेशा मौजूद रहे,
यही बात आपको,
सबसे ख़ास बनाती है।
आपकी आवाज़ में जो अपनापन है,
वह उम्र के साथ और क़ीमती लगता है,
जैसे हर शब्द में,
दुआ छुपी हो।
मैंने दुनिया में बहुत लोगों का साथ देखा,
मगर बिना शर्त साथ निभाना,
आपसे सीखा।
आपकी फ़िक्र कभी सवाल नहीं बनती,
बस हर ज़रूरत से पहले पहुँच जाती है,
और यही एहसास,
दिल को छू जाता है।
जब मैं उदास होता हूँ,
तो आपकी कोई पुरानी बात याद आ जाती है,
और मन थोड़ा हल्का हो जाता है,
जैसे आप आज भी साथ बैठे हों।
आपने मुझे जीतने की खुशी दी,
मगर हार में संभलना भी सिखाया,
यही वजह है कि,
आपकी सीख कभी पुरानी नहीं होती।
मेरे बचपन की सबसे प्यारी याद,
कोई खिलौना नहीं,
बल्कि आपका साथ है,
जो हर डर को छोटा कर देता था।
आपकी मोहब्बत शोर नहीं करती,
मगर पूरी ज़िंदगी सुनाई देती है,
हर दुआ में,
हर हौसले में।
आपने मुझे कभी ऊँचा बनने को नहीं कहा,
बस अच्छा इंसान बनने को कहा,
और यही बात,
दिल में सबसे गहराई से बस गई।
जब भी कोई मेरी परवाह करता है,
मुझे आपकी याद आती है,
क्योंकि मैंने सच्ची परवाह,
सबसे पहले आपमें देखी थी।
आपकी आँखों में मेरे लिए जो भरोसा है,
वह आज भी मेरी ताक़त है,
जब मैं ख़ुद से हारने लगता हूँ,
वही मुझे संभाल लेता है।
आपने मेरे लिए रास्ते नहीं चुने,
बस इतना किया,
कि हर रास्ते पर मेरा हौसला बने रहे।
अगर मोहब्बत को महसूस करना हो,
तो पिता को अपने बच्चे की ओर देखते हुए देखिए,
वहाँ शब्द कम होते हैं,
मगर प्यार बेहिसाब होता है।