आपने कभी ऊँची उड़ानों की बातें नहीं कीं,
बस हर दिन ईमानदारी से काम किया,
और मैंने आपसे सीखा,
कि महानता अक्सर साधारण दिनों में बनती है।
जब भी मैं किसी कठिन राह पर चलता हूँ,
आपकी ज़िंदगी याद आती है,
फिर समझ आता है,
कि संघर्ष मंज़िल का दुश्मन नहीं, हिस्सा है।
आपने मुझे जीत का घमंड नहीं,
मेहनत का सम्मान करना सिखाया,
और यही सीख,
हर सफलता को सुंदर बनाती है।
आपकी सबसे बड़ी ताक़त यह नहीं थी,
कि आप कभी नहीं गिरे,
बल्कि यह थी कि हर बार उठ खड़े हुए।
मैंने आपको हालात बदलने की शिकायत करते नहीं देखा,
बल्कि ख़ुद को हालात के लायक बनाते देखा,
और वहीं से प्रेरणा मिली।
जब रास्ता लंबा लगता है,
मुझे आपका धैर्य याद आता है,
जिसने सिखाया,
कि जल्दी नहीं, निरंतरता जीतती है।
आपने कभी यह नहीं कहा कि मैं सफल बनूँ,
आप चाहते थे कि मैं काबिल बनूँ,
और आज समझता हूँ,
कि वही सबसे बड़ी सफलता है।
आपका विश्वास हमेशा मेरे डर से बड़ा रहा,
शायद इसी वजह से,
मैंने कई असंभव लगने वाली शुरुआतें कीं।
आपने सिखाया कि कठिन समय में,
बहाने नहीं, निर्णय काम आते हैं,
और यही बात,
हर मोड़ पर मार्गदर्शन करती है।
जब मैं अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता हूँ,
तो महसूस होता है,
कि मेरे कदमों में आपकी सीख का साहस है।
आपने कभी दूसरों से आगे निकलने को नहीं कहा,
बस कल से बेहतर बनने को कहा,
और यह विचार,
ज़िंदगी भर की प्रेरणा बन गया।
आपकी आदत थी,
काम पूरा होने तक डटे रहना,
और मैंने आपसे सीखा,
कि आधे रास्ते लौटना विकल्प नहीं होता।
जब लोग कहते हैं कि किस्मत ज़रूरी है,
मुझे आपकी मेहनत याद आती है,
जिसने सिखाया कि अवसर,
अक्सर तैयारी के दरवाज़े पर दस्तक देते हैं।
आपने मुझे गिरने से नहीं बचाया,
गिरकर संभलना सिखाया,
और यही सीख,
हर चुनौती में काम आई।
आपका जीवन यह बताता है,
कि सम्मान पाने का सबसे अच्छा तरीका,
अपने सिद्धांतों पर टिके रहना है।
जब मैं किसी काम को पूरी लगन से करता हूँ,
तो लगता है,
जैसे आपकी परवरिश अपना असर दिखा रही हो।
आपने मुझे सिखाया,
कि मज़बूत होना और कठोर होना अलग बातें हैं,
और इंसानियत खोकर कोई जीत बड़ी नहीं होती।
आपकी सादगी में जो आत्मविश्वास था,
वह किसी उपलब्धि से कम नहीं,
क्योंकि वह भीतर की मजबूती से आया था।
मैंने आपसे सीखा,
कि ज़िम्मेदारी बोझ नहीं होती,
वह भरोसे का दूसरा नाम होती है।
जब कोई रास्ता बंद दिखता है,
मुझे आपका धैर्य याद आता है,
और मैं नई दिशा तलाशने लगता हूँ।
आपने कभी मेरी जगह लड़ाई नहीं लड़ी,
बस मुझे इतना मज़बूत बनाया,
कि मैं अपनी लड़ाइयाँ ख़ुद लड़ सकूँ।
आपकी मेहनत ने मुझे सिखाया,
कि सपनों की कीमत होती है,
और उसे चुकाने का नाम ही प्रयास है।
जब मैं अपने डर पर जीत हासिल करता हूँ,
तो उसमें आपका हिस्सा होता है,
क्योंकि साहस का पहला सबक,
आपसे मिला था।
आपने सिखाया कि हार अंत नहीं होती,
अगर सीखना बंद न हो,
और यही विचार,
हर असफलता को अवसर बना देता है।
अगर आज मैं चुनौतियों से घबराता नहीं,
तो उसकी वजह सिर्फ़ मेरी ताक़त नहीं,
बल्कि वह विश्वास है,
जो मेरे पिता ने मेरे भीतर बोया था।
आपने सिखाया कि मुश्किलें रुकावट नहीं होतीं,
अगर इरादे मज़बूत हों,
और यही सीख आज भी,
हर चुनौती के सामने मेरा हौसला बनती है।
जब भी हार सामने खड़ी होती है,
मुझे आपका संघर्ष याद आता है,
फिर अपनी परेशानी,
इतनी बड़ी नहीं लगती।
आपने कभी सफलता की परिभाषा नहीं समझाई,
बस मेहनत करना सिखाया,
और उसी ने मुझे,
हर मंज़िल तक पहुँचने का रास्ता दिखाया।
आपका जीवन देखकर जाना,
कि मज़बूत लोग शोर नहीं करते,
वे बस हालात से हार मानना नहीं जानते।
जब मैं अपने सपनों से डरने लगता हूँ,
आपका भरोसा याद आता है,
और फिर एक बार,
ख़ुद पर यक़ीन लौट आता है।
आपने सिखाया कि सम्मान कमाया जाता है,
और यह सीख,
हर उपलब्धि से ज़्यादा मूल्यवान निकली।
आपकी आदत थी,
मुश्किल वक़्त में भी शांत रहना,
और मैंने आपसे सीखा,
कि घबराहट नहीं, धैर्य रास्ता दिखाता है।
मेरे हौसलों की बुनियाद में,
आपकी सोच शामिल है,
जिसने मुझे हालात से नहीं,
अपने डर से लड़ना सिखाया।
आपने कभी यह नहीं कहा कि जीवन आसान होगा,
मगर यह ज़रूर सिखाया,
कि कठिन रास्तों पर भी चलना संभव है।
जब लोग मेरी मेहनत की तारीफ़ करते हैं,
मुझे आपकी याद आती है,
क्योंकि मेहनत का अर्थ,
सबसे पहले मैंने आपसे सीखा था।
आपने सपनों को सिर्फ़ देखने नहीं दिया,
उन्हें पूरा करने की ज़िम्मेदारी भी सिखाई।
आपकी सबसे बड़ी प्रेरणा यह थी,
कि आपने जो कहा,
उसे पहले ख़ुद जीकर दिखाया।
जब भी कोई लक्ष्य बड़ा लगता है,
मुझे आपका धैर्य याद आता है,
जिसने सिखाया कि बड़ी चीज़ें,
समय और निरंतरता से हासिल होती हैं।
आपने मुझे आगे बढ़ना सिखाया,
मगर अपने मूल्यों की क़ीमत पर नहीं,
और यही बात आपको,
मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा बनाती है।
आपने हर परिस्थिति में,
ज़िम्मेदारी से मुँह नहीं मोड़ा,
और मैंने आपसे सीखा,
कि चरित्र कठिन समय में पहचाना जाता है।
मेरे आत्मविश्वास की शुरुआत,
आपके विश्वास से हुई थी,
क्योंकि आपने मुझमें वह देखा,
जो मैं ख़ुद नहीं देख पाता था।
आपने कभी सफलता का शोर नहीं किया,
मगर आपकी सादगी ने सिखाया,
कि असली ऊँचाई,
व्यक्तित्व में होती है।
जब मैं थक जाता हूँ,
तो आपके संघर्ष याद आते हैं,
और फिर शिकायत की जगह,
प्रेरणा जन्म लेती है।
आपने मुझे यह नहीं सिखाया,
कि सबसे आगे कैसे निकलना है,
बल्कि यह सिखाया,
कि सही रास्ते पर कैसे टिके रहना है।
आपकी ज़िंदगी ने समझाया,
कि अनुशासन कोई बंधन नहीं,
बल्कि सपनों तक पहुँचने का पुल है।
हर बार जब मैं गिरकर उठता हूँ,
तो लगता है,
आपकी सीख अब भी मेरे भीतर,
साँस ले रही है।
आपने मुझे यह यक़ीन दिया,
कि हालात चाहे जैसे हों,
इंसान की नीयत और मेहनत,
उसकी सबसे बड़ी ताक़त होती है।
आपका संघर्ष मुझे डराता नहीं,
प्रेरित करता है,
क्योंकि उसमें हार नहीं,
लगातार कोशिश दिखाई देती है।
जब मैं किसी मुश्किल निर्णय के सामने होता हूँ,
आपका जीवन याद आता है,
और जवाब अक्सर वहीं मिल जाता है।
अगर मेरी सोच में धैर्य है,
मेरे कदमों में विश्वास है,
और मेरे सपनों में हिम्मत है,
तो उसमें मेरे पिता की सीख शामिल है।