पापा,
जब मैं साइकिल चलाना सीख रहा था,
मुझे लगता था मैं अकेला चल रहा हूँ,
बाद में पता चला,
पीछे से आप सीट थामे हुए थे।
पापा,
आपने कभी मेरी उड़ान नहीं रोकी,
बस इतना ध्यान रखा,
कि मैं लौटकर अपने लोगों को पहचान सकूँ।
पापा,
मेरे बचपन की सबसे बड़ी बेफ़िक्री,
यह थी कि आप घर पर थे।
पापा,
जब मैं पहली बार असफल हुआ,
दुनिया ने नतीजा देखा,
आपने मेरी कोशिश देखी।
पापा,
आपकी आदत थी पूछना,
"सब ठीक है ना?"
और मेरी आदत थी कहना,
"हाँ",
जबकि सबसे ज़्यादा आप ही समझ जाते थे।
पापा,
आपने मुझे कभी कमज़ोर होने पर नहीं टोका,
बस इतना कहा,
"फिर से कोशिश कर लेना।"
पापा,
आपकी पुरानी बातें,
आज मेरे नए फ़ैसलों का सहारा बनती हैं।
पापा,
जब भी मैं किसी की मदद करता हूँ,
तो लगता है,
आपकी परवरिश अभी भी मेरे साथ चल रही है।
पापा,
आपने मेरे लिए रास्ते नहीं चुने,
मगर मुझे भटकने भी नहीं दिया।
पापा,
मुझे याद है,
जब मैं छोटी-सी बात पर खुश हो जाता था,
आप उससे भी ज़्यादा खुश हो जाते थे।
पापा,
आपकी थकान कभी समझ नहीं पाया,
क्योंकि आपने हमेशा मुस्कुराकर दरवाज़ा खोला।
पापा,
आपने मुझे सिखाया,
कि अच्छा इंसान बनने के लिए
ऊँची आवाज़ नहीं,
साफ़ नीयत चाहिए।
पापा,
आज भी जब कोई मेरी तारीफ़ करता है,
तो लगता है,
आपकी मेहनत को सम्मान मिला है।
पापा,
आपने मुझे कभी डराकर नहीं संभाला,
भरोसा देकर मज़बूत बनाया।
पापा,
मेरी हर ज़िद पूरी नहीं की आपने,
मगर मेरी हर ज़रूरत समझी।
पापा,
जब मैं बहुत छोटा था,
तो आपके कंधों से दुनिया देखता था,
आज आपकी सीख से ज़िंदगी देखता हूँ।
पापा,
आपने कभी अपने संघर्षों का ज़िक्र नहीं किया,
मगर मुझे मज़बूत बनने की वजह दे दी।
पापा,
आपका साथ हमेशा पास रहकर नहीं मिला,
कई बार आपकी याद ने भी संभाला है।
पापा,
आपने मुझे जीतना नहीं,
हारकर भी सम्मान से खड़ा रहना सिखाया।
पापा,
जब मैं अपने जीवन की सबसे अच्छी चीज़ों के बारे में सोचता हूँ,
तो आपका होना उनमें सबसे ऊपर होता है।
पापा,
आपकी आँखों में मेरे लिए जो भरोसा था,
वह आज भी मेरे आत्मविश्वास से बड़ा है।
पापा,
आपने मुझे कभी परफ़ेक्ट बनने को नहीं कहा,
बस सच्चा बने रहने को कहा।
पापा,
मेरे बचपन की शामें,
आपके घर लौटने से पूरी होती थीं।
पापा,
मैं बड़ा हो गया हूँ,
मगर आपकी एक सलाह आज भी
दिल को सुकून दे देती है।
पापा,
अगर प्रेम का कोई सबसे सच्चा रूप मैंने देखा है,
तो वह आपकी परवाह में देखा है,
जो बिना कहे भी हमेशा महसूस हुई।
पापा,
बचपन में जब डर लगता था,
तो बस आपका हाथ पकड़ लेना ही काफ़ी होता था,
दुनिया अचानक आसान लगने लगती थी।
पापा,
आज भी कोई परेशानी आती है,
तो दिल कहता है,
एक बार आपसे बात हो जाए,
सब ठीक लगने लगेगा।
पापा,
आपने कभी ज़्यादा प्यार नहीं जताया,
मगर मेरी हर छोटी बात याद रखी,
और वही मेरे लिए सबसे बड़ी मोहब्बत थी।
पापा,
मैंने बचपन में आपकी उँगली पकड़ी थी,
आज आपकी सीख पकड़े हुए हूँ,
और दोनों ही बार,
ख़ुद को सुरक्षित महसूस करता हूँ।
पापा,
आपकी डाँट से कभी-कभी नाराज़ हुआ,
मगर आज समझता हूँ,
उसमें मेरी फ़िक्र ज़्यादा थी,
सख़्ती कम।
पापा,
जब भी घर लौटता हूँ,
आपका हाल पूछना भी सुकून देता है,
कुछ आवाज़ें उम्र भर
अपनापन देती रहती हैं।
पापा,
आपने कभी यह नहीं पूछा,
कि मैं आपसे कितना प्यार करता हूँ,
शायद आपको यक़ीन था,
रिश्ते शब्दों से नहीं चलते।
पापा,
मेरी हर जीत पर आपकी मुस्कान,
आज भी मेरी सबसे पसंदीदा याद है।
पापा,
जब मैं छोटा था,
तो लगता था आप सब संभाल सकते हैं,
आज बड़ा होकर समझा,
आप भी इंसान थे,
फिर भी सब संभालते रहे।
पापा,
आपने मेरी गलतियों पर डाँटा ज़रूर,
मगर कभी मेरा साथ नहीं छोड़ा,
और यही बात मुझे हमेशा याद रहेगी।
पापा,
मेरे बचपन की सबसे खूबसूरत तस्वीर,
कोई खिलौना नहीं,
आपके साथ बिताया हुआ समय है।
पापा,
आपकी जेब में क्या था,
यह कभी याद नहीं रहा,
मगर आपकी परवाह हमेशा याद रही।
पापा,
जब भी मैं थक जाता हूँ,
आपकी ज़िंदगी याद आती है,
और फिर हिम्मत लौट आती है।
पापा,
आपने मुझे यह एहसास दिया,
कि चाहे दुनिया कुछ भी कहे,
घर में कोई हमेशा मेरा है।
पापा,
आपकी एक "ध्यान रखना",
आज भी पूरे दिन का सहारा बन जाती है।
पापा,
मैंने आपको कभी अपने लिए माँगते नहीं देखा,
मगर मेरे लिए दुआ करते ज़रूर देखा है।
पापा,
जब लोग कहते हैं कि मैं अच्छा इंसान हूँ,
तो सबसे पहले आपका चेहरा याद आता है।
पापा,
आपने मुझे कभी अकेला महसूस नहीं होने दिया,
यहाँ तक कि तब भी,
जब आप मेरे पास नहीं थे।
पापा,
मेरे जीवन की सबसे सुरक्षित जगह,
आपकी गोद नहीं,
आपका विश्वास था।
पापा,
आज जो मैं अपने फ़ैसले ख़ुद लेता हूँ,
उसमें आपकी परवरिश का साहस शामिल है।
पापा,
आपने कभी बड़े-बड़े वादे नहीं किए,
बस हर मुश्किल में साथ खड़े रहे,
और वही सबसे बड़ा वादा था।
पापा,
आपकी ख़ामोशी भी समझ आती है,
क्योंकि उसमें हमेशा अपनापन छुपा होता था।
पापा,
जब मैं अपने बचपन को याद करता हूँ,
तो उसमें सबसे ज़्यादा आपका साथ दिखाई देता है।
पापा,
मेरी हर अच्छी आदत में,
आपकी कोई न कोई बात ज़रूर शामिल है।
पापा,
अगर मुझे अपनी ज़िंदगी की सबसे अनमोल याद चुननी हो,
तो मैं वह पल चुनूँगा,
जब बिना कुछ कहे भी
आप मेरे साथ थे।