RIP Father Shayari
पापा,
आपकी याद में सिर झुकता है,
आँखें नम होती हैं,
और दिल गर्व से भर जाता है,
कि मैं आपका बेटा हूँ।
पापा,
आपके जाने के बाद
बहुत कुछ बदला,
मगर आपके लिए मेरा सम्मान
कभी नहीं बदला।
पापा,
आज भी आपकी तस्वीर के सामने बैठकर,
ऐसा लगता है,
जैसे आप सुन रहे हों,
और मैं फिर से बच्चा बन गया हूँ।
पापा,
आपने जो जीवन जिया,
वह किसी भाषण से बड़ा था,
क्योंकि उसमें सच था,
कर्तव्य था और प्रेम था।
पापा,
अब जब आपकी उम्र के लोगों को देखता हूँ,
तो मन अनायास
आपकी ओर लौट जाता है।
पापा,
आपकी याद में सबसे गहरा दर्द यह नहीं,
कि आप नहीं हैं,
बल्कि यह है कि
अब आपको धन्यवाद नहीं कह सकता।
पापा,
कई बार आपकी पुरानी तस्वीरों को देखकर,
मैं मुस्कुरा देता हूँ,
क्योंकि उनमें मेरा पूरा बचपन बसता है।
पापा,
आपने मुझे जो संस्कार दिए,
वे आज भी मेरी सबसे बड़ी संपत्ति हैं,
और यही आपकी सबसे सुंदर विरासत है।
पापा,
आपके जाने के बाद जाना,
कि कुछ लोग घर में नहीं रहते,
घर उनके होने से रहता है।
पापा,
आज भी किसी उपलब्धि के बाद
मन सबसे पहले आपको ही याद करता है,
जैसे आपकी ख़ुशी देखना
मेरी आदत रही हो।
पापा,
आपकी सीखों का कमाल देखिए,
आप नहीं हैं,
फिर भी हर दिन मार्गदर्शन मिलता है।
पापा,
आपको याद करना
अब केवल दुःख नहीं रहा,
यह सम्मान का एक रूप बन गया है।
पापा,
जब भी मैं किसी की मदद करता हूँ,
तो लगता है,
आपकी परवरिश को
एक और बार जीवित कर दिया।
पापा,
आपकी कमी कभी भर नहीं सकती,
क्योंकि कुछ रिश्तों की जगह
दिल में स्थायी होती है।
पापा,
आपके साथ बिताए साधारण पल,
आज सबसे कीमती स्मृतियाँ हैं,
जिन्हें समय भी पुराना नहीं कर पाया।
पापा,
आपकी आवाज़ भले सुनाई नहीं देती,
मगर आपकी सीख
आज भी मन में स्पष्ट सुनाई देती है।
पापा,
आपके जाने के बाद
मैंने जीवन को और गंभीरता से समझा,
क्योंकि आपकी अनुपस्थिति ने
आपकी अहमियत और बढ़ा दी।
पापा,
आपकी यादों में डूबकर
अक्सर यह एहसास होता है,
कि प्रेम मृत्यु से बड़ा होता है।
पापा,
जब लोग कहते हैं कि
मैं आपके जैसा लगता हूँ,
तो यह मेरे लिए
सबसे बड़ा सम्मान होता है।
पापा,
आपने कभी अपने संघर्षों का बखान नहीं किया,
मगर आपकी ज़िंदगी
हमारे लिए प्रेरणा की किताब बन गई।
पापा,
आज भी आपके लिए दुआ नहीं करता,
बस धन्यवाद कहता हूँ,
उस हर बात के लिए
जो आपने मेरे लिए की।
पापा,
आपका जाना एक सच है,
मगर आपका प्रभाव
आज भी उतना ही जीवित है।
पापा,
हर वर्ष बीतने के साथ
आपकी याद कम नहीं होती,
बस और गहरी हो जाती है।
पापा,
अगर जीवन में फिर कभी
एक इच्छा पूरी हो सके,
तो मैं बस इतना चाहूँगा,
एक बार फिर आपके साथ बैठ सकूँ।
पापा,
श्रद्धांजलि के लिए शब्द कम पड़ जाते हैं,
क्योंकि कुछ रिश्तों का सम्मान
सिर्फ़ दिल से किया जा सकता है।
पापा,
आपकी याद में सबसे पहले दुःख नहीं आता,
सबसे पहले सम्मान आता है,
क्योंकि आपने जीवन ऐसा जिया,
जिसे याद करना गर्व की बात है।
पापा,
आज भी आपके बारे में सोचता हूँ,
तो लगता है,
आप गए नहीं,
बस दिखाई देना बंद हो गए हैं।
पापा,
आपकी सबसे बड़ी निशानी
कोई तस्वीर या वस्तु नहीं,
वह सोच है
जो आज भी हमारा रास्ता दिखाती है।
पापा,
आपको श्रद्धांजलि देने का सबसे अच्छा तरीका
आपको याद करना नहीं,
आपकी सीख को जीना है।
पापा,
आपकी कमी हर दिन महसूस होती है,
मगर आपके संस्कार
हर दिन सहारा भी देते हैं।
पापा,
समय ने आपके जाने का सच स्वीकारना सिखा दिया,
मगर आपकी अहमियत
हर साल और बढ़ती गई।
पापा,
जब लोग मेरे व्यक्तित्व की बात करते हैं,
तो मन आपको प्रणाम करता है,
क्योंकि उसमें आपका योगदान सबसे अधिक है।
पापा,
आपकी याद में आँसू भी हैं,
मगर उनसे कहीं ज़्यादा
कृतज्ञता और गर्व है।
पापा,
मैंने आपको खोया ज़रूर है,
मगर आपके दिए हुए मूल्य
आज भी मेरे साथ हैं।
पापा,
आपके जाने के बाद
घर थोड़ा शांत हो गया,
मगर आपकी बातें
अब भी वहाँ गूँजती हैं।
पापा,
आज जो भी अच्छा मुझमें है,
वह आपकी दी हुई परवरिश का विस्तार है।
पापा,
आपकी याद किसी एक दिन की नहीं,
जीवन के हर उस पल की है,
जहाँ आपकी सीख काम आती है।
पापा,
श्रद्धांजलि केवल फूलों से नहीं होती,
कई बार एक अच्छा इंसान बनकर भी
अपने पिता को सम्मान दिया जाता है।
पापा,
जब मैं सही के साथ खड़ा होता हूँ,
तो लगता है,
आपकी परवरिश को
एक और सलाम किया है।
पापा,
आपकी अनुपस्थिति ने खालीपन दिया,
मगर आपकी विरासत ने
उस खालीपन में जीना सिखाया।
पापा,
कुछ लोग यादों में रहते हैं,
आप मेरे निर्णयों में रहते हैं,
मेरे व्यवहार में रहते हैं।
पापा,
आज भी जब कोई मुश्किल आती है,
आपकी कही हुई कोई बात
मन में उजाला कर जाती है।
पापा,
आपको याद करते हुए
दर्द तो होता है,
मगर उससे बड़ा एहसास यह होता है
कि मुझे आपका साथ मिला था।
पापा,
आपके जाने के बाद
मैंने समझा कि सम्मान
मृत्यु के बाद नहीं मिलता,
वह पूरे जीवन की सच्चाई से कमाया जाता है।
पापा,
आपकी साधारण-सी ज़िंदगी
हमारे लिए असाधारण सीख बन गई।
पापा,
मैं जब भी अपने बच्चों या अपनों को
कुछ अच्छा सिखाता हूँ,
तो लगता है,
आपकी विरासत आगे बढ़ रही है।
पापा,
आपका नाम लेते ही
दिल में एक साथ
याद, सम्मान और गर्व जाग उठते हैं।
पापा,
आपने जो प्रेम दिया,
वह समय से बड़ा निकला,
क्योंकि आज भी वैसा ही महसूस होता है।
पापा,
आपकी याद में सबसे सुंदर बात यह है,
कि वह मुझे रुलाती कम है,
बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा ज़्यादा देती है।
पापा,
आप भले इस दुनिया में नहीं हैं,
मगर मेरी हर दुआ,
हर उपलब्धि,
और हर अच्छे कर्म में आज भी शामिल हैं।