पापा,
कुछ शामें आज भी वैसी ही उतरती हैं,
बस फ़र्क इतना है,
पहले आप साथ होते थे,
अब आपकी याद साथ होती है।
पापा,
जब भी किसी मोड़ पर रुकता हूँ,
दिल चाहता है,
एक बार आपकी राय सुन लूँ,
फिर चाहे रास्ता कितना भी कठिन हो।
पापा,
आपकी कमी का एहसास
हर दिन नहीं होता,
मगर जब होता है,
तो पूरा दिन ख़ामोश कर जाता है।
पापा,
आज भी कोई मेरी फ़िक्र करे,
तो आपकी याद आ जाती है,
क्योंकि बेवजह चिंता करने का हुनर
मैंने सबसे पहले आपमें देखा था।
पापा,
आपके बाद बहुत कुछ पाया,
मगर वह सुकून नहीं मिला,
जो सिर्फ़ आपके होने से मिलता था।
पापा,
कुछ यादें ऐसी हैं,
जिन्हें सोचकर मुस्कुरा देता हूँ,
और उसी मुस्कान में
आँखें भी भीग जाती हैं।
पापा,
अब जब ज़िम्मेदारियाँ बढ़ी हैं,
तो आपकी थकान समझ आने लगी है,
जिसे आपने कभी शब्द नहीं दिए।
पापा,
आपकी पुरानी बातें
आज भी मेरे भीतर ज़िंदा हैं,
जैसे समय उन्हें छू ही न पाया हो।
पापा,
जब कोई सफलता मिलती है,
तो तालियों से पहले
आपकी याद सुनाई देती है।
पापा,
आपके बिना जीवन अधूरा नहीं,
मगर पहले जैसा भी नहीं है।
पापा,
कुछ रिश्ते उम्र भर साथ चलते हैं,
और कुछ बिछड़कर भी,
आप दोनों तरह के रिश्ते थे।
पापा,
आपकी तस्वीर के सामने बैठकर
मैं अक्सर चुप रहता हूँ,
क्योंकि कुछ भावनाएँ
शब्दों से बड़ी होती हैं।
पापा,
आज भी कोई डर लगता है,
तो दिल उसी भरोसे को ढूँढ़ता है,
जो आपके साथ मिला करता था।
पापा,
आपकी कमी का सबसे कठिन हिस्सा
यह नहीं कि आप नहीं हैं,
यह है कि अब आपकी हँसी नहीं सुनाई देती।
पापा,
मैंने आपको बहुत बार याद किया,
मगर हर बार एक नई वजह से।
पापा,
बचपन में लगता था
आप हमेशा साथ रहेंगे,
शायद इसी भरोसे ने
मुझे निडर बना दिया था।
पापा,
जब भी पुरानी डायरी खोलता हूँ,
कुछ पन्नों से ज़्यादा
आपकी याद खुल जाती है।
पापा,
आपके बाद समझ आया,
कि किसी इंसान की कीमत
उसके जाने के बाद नहीं,
उसकी कमी से समझ आती है।
पापा,
कभी-कभी दिल बस इतना चाहता है,
कि एक दिन के लिए ही सही,
समय पीछे लौट आए।
पापा,
आपकी सीखें अब भी साथ हैं,
मगर उन्हें सुनाने वाला चेहरा
बहुत याद आता है।
पापा,
मैं मुस्कुराता हूँ,
काम करता हूँ,
जीता भी हूँ,
मगर कहीं न कहीं
आपकी कमी हमेशा मौजूद रहती है।
पापा,
आपकी याद में सबसे सुंदर बात यह है,
कि वह मुझे आपके जैसा बनने की प्रेरणा देती है।
पापा,
जब कोई मुझे सम्मान देता है,
तो लगता है,
आपकी परवरिश को सम्मान मिला है।
पापा,
कुछ दर्द चीखते नहीं,
बस चुपचाप दिल में रहते हैं,
आपकी याद भी वैसी ही है।
पापा,
अगर यादों को छुआ जा सकता,
तो मैं हर रोज़
आपके पास कुछ देर बैठ आता।
पापा,
अब भी कुछ दिन ऐसे आते हैं,
जब सब कुछ ठीक होते हुए भी
दिल उदास रहता है,
शायद आपकी कमी का कोई मौसम नहीं होता।
पापा,
आपके बाद जीवन चलता रहा,
मगर कुछ रास्ते
हमेशा थोड़े सूने लगते हैं।
पापा,
जब कोई पूछता है,
"सब ठीक है ना?"
तो आपकी याद आ जाती है,
क्योंकि इस सवाल में
सबसे ज़्यादा अपनापन आपका था।
पापा,
कई बार भीड़ में खड़े होकर
अचानक अकेलापन महसूस होता है,
फिर याद आता है,
कुछ खाली जगहें लोगों से नहीं भरतीं।
पापा,
आपकी याद का दर्द
शोर नहीं करता,
बस चुपचाप दिल के किसी कोने में
बैठा रहता है।
पापा,
अब समझ आता है,
आपकी मौजूदगी कितनी बड़ी नेमत थी,
जब तक थी,
तब तक उसकी आदत थी।
पापा,
कुछ बातें आपको बतानी थीं,
कुछ खुशियाँ आपके साथ बाँटनी थीं,
ज़िंदगी आगे बढ़ गई,
मगर वे बातें वहीं रह गईं।
पापा,
आज भी कोई मुश्किल आती है,
तो मन सबसे पहले
आपको ही ढूँढ़ता है।
पापा,
आपके जाने के बाद
घर में आवाज़ें तो रहीं,
मगर वह सुकून कहीं खो गया
जो आपके होने से मिलता था।
पापा,
कई बार मुस्कुराते हुए भी
दिल भर आता है,
जब कोई पुरानी याद
आपका नाम ले लेती है।
पापा,
मैंने आपको खोया नहीं,
बस आपकी मौजूदगी से दूर हो गया हूँ,
यादों में तो आप आज भी पास हैं।
पापा,
कुछ दुख ऐसे होते हैं
जो समय के साथ कम नहीं होते,
बस इंसान उन्हें
अपने अंदर जगह दे देता है।
पापा,
आपकी पुरानी सलाहें
आज भी याद हैं,
मगर उन्हें सुनाने वाली आवाज़
बहुत याद आती है।
पापा,
जब भी बचपन याद आता है,
उसमें खिलौनों से ज़्यादा
आपकी मुस्कान दिखाई देती है।
पापा,
आपकी कमी इसलिए नहीं खलती
कि आप नहीं हैं,
बल्कि इसलिए कि
आप जैसा कोई नहीं है।
पापा,
कई बार दिल करता है,
बस एक बार फिर
आपके साथ चाय पी सकूँ,
बिना किसी जल्दी के।
पापा,
आपकी याद में केवल उदासी नहीं,
एक गर्व भी है,
कि मुझे आपका साथ मिला था।
पापा,
आज भी आपकी तस्वीर देखकर
ऐसा लगता है,
जैसे कोई अपना
अब भी मेरा हाल जानता हो।
पापा,
आपके बिना जीना सीख लिया है,
मगर आपके बिना रहना
आज भी नहीं सीखा।
पापा,
कुछ रिश्ते बिछड़ने के बाद
और गहरे हो जाते हैं,
आपकी याद भी वैसी ही है।
पापा,
जब जीवन बहुत थका देता है,
तो आपकी गोद नहीं,
उसकी याद ही सुकून दे जाती है।
पापा,
आपके बाद समझ आया,
कि कुछ लोग सिर्फ़ साथ नहीं देते,
वे जीवन का साहस बन जाते हैं।
पापा,
कभी-कभी आपकी याद
आँखें नम नहीं करती,
बस लंबे समय तक ख़ामोश कर देती है।
पापा,
आपकी अनुपस्थिति ने
एक खालीपन दिया,
मगर आपकी सीखों ने
मुझे टूटने नहीं दिया।
पापा,
दिल आज भी यही मानता है,
कि कहीं न कहीं
आप मेरी हर ख़ुशी और हर संघर्ष को
देख रहे होंगे।