Short Father Shayari
आपकी ख़ामोशी,
मेरे लिए सबसे बड़ा जवाब रही।
आपने थामा नहीं हमेशा,
मगर गिरने नहीं दिया।
मेरी हर मुस्कान में,
आपकी कोई कुर्बानी छुपी है।
आपकी फ़िक्र,
आज भी मेरे साथ चलती है।
जब हिम्मत कम पड़ती है,
आपकी सीख काम आती है।
आपने कभी माँगा नहीं,
बस देते ही रहे।
मेरे सपनों की नींव में,
आपका भरोसा रखा है।
आप साथ हों,
तो मुश्किलें भी नरम लगती हैं।
आपकी नज़र में जो यक़ीन था,
वही मेरी ताक़त बन गया।
आपने जो सिखाया,
वक़्त आज भी उसे दोहराता है।
मेरी हर जीत,
आपकी दुआ से होकर गुज़री है।
आपका होना,
घर का सबसे सुकूनभरा एहसास है।
मैंने दुनिया देखी बाद में,
भरोसा पहले आपसे सीखा।
आपकी थकान,
हमारी ख़ुशियों में छुप गई।
आप कम दिखाई दिए,
मगर हर जगह मौजूद रहे।
मेरे हर सही फ़ैसले में,
आपकी परवरिश शामिल है।
आपने रास्ते नहीं बनाए,
चलने का हौसला दिया।
आपकी डाँट भी,
मेरे हक़ में हुआ करती थी।
आपने ख़ुद को भुलाया,
ताकि हम ख़ुद को बना सकें।
आपका यक़ीन,
मेरी सबसे बड़ी दौलत है।
उम्र ने सिखाया,
आप कितने सही थे।
आपकी दुआओँ का असर,
आज भी महसूस होता है।
आपने मोहब्बत कही कम,
महसूस ज़्यादा कराई।
मेरे भीतर जो अच्छाई है,
उसमें आपका हिस्सा है।
आप पिता हैं,
इसीलिए मैं बेख़ौफ़ हूँ।
आपने साथ दिया इतना,
कि डर ने रास्ता बदल लिया।
मेरी हर हिम्मत के पीछे,
आपका यक़ीन खड़ा है।
आप कम बोले,
मगर ज़िंदगी बहुत कुछ कह गई।
मेरे सुकून का आधा हिस्सा,
आपकी फ़िक्र से बना है।
आपकी थकान छुप जाती थी,
मेरी मुस्कान बची रहे इसलिए।
जब कोई साथ नहीं था,
आपका भरोसा था।
आपने संभाला यूँ,
कि गिरना भी सीख बन गया।
मेरी सबसे बड़ी पूँजी,
आपकी परवरिश है।
आपकी दुआओँ ने,
कई मुश्किलें आसान की हैं।
मैं आज भी वहीं मज़बूत हूँ,
जहाँ आपका विश्वास साथ है।
आपने कभी जताया नहीं,
मगर हमेशा निभाया है।
मेरी जीत से पहले,
आपका भरोसा जीत गया था।
आपकी डाँट में भी,
मोहब्बत का हिस्सा होता था।
घर में आपका होना,
एक ख़ामोश इत्मीनान है।
आपने राह नहीं बदली,
नज़र बदलना सिखाया।
मैं बड़ा हो गया,
पर आपका सहारा नहीं।
आपकी सीख,
आज भी मुश्किलों से ऊँची है।
मेरे हर अच्छे संस्कार में,
आपका अक्स है।
आपने ख़ुद को रोका,
ताकि मेरे सपने चल सकें।
आपकी ख़ुशी हमेशा,
मेरी ख़ुशी से जुड़ी रही।
मेरी पहचान में,
आपकी मेहनत शामिल है।
आपने जो भरोसा बोया था,
वही आज मेरा हौसला है।
कुछ रिश्ते बोलते नहीं,
पिता उन्हीं में से एक हैं।
उम्र बढ़ी,
तो आपकी क़द्र भी बढ़ती गई।
आपका नाम आते ही,
दिल थोड़ा और मज़बूत हो जाता है।