पापा,
आपके बिना जीवन चल तो रहा है,
मगर कुछ मोड़ों पर
अब भी आपकी कमी रास्ता रोक लेती है।
पापा,
पहले जब डर लगता था,
तो आपका नाम ही हिम्मत दे देता था,
अब हिम्मत जुटानी पड़ती है।
पापा,
आपके जाने के बाद
मैंने मज़बूत होना सीखा,
क्योंकि अब टूटकर
आपके पास नहीं आ सकता था।
पापा,
घर के वही दरवाज़े,
वही दीवारें,
मगर आपके बिना
सब कुछ थोड़ा अनजान-सा लगता है।
पापा,
अब कोई मेरा इंतज़ार करता है,
कोई मेरी फ़िक्र भी करता है,
मगर आपकी तरह नहीं।
पापा,
जब भी कोई पुरानी बात याद आती है,
मैं मुस्कुरा देता हूँ,
फिर अचानक ख़ामोश हो जाता हूँ।
पापा,
आपके बिना समझ आया,
कि कुछ लोग जीवन में नहीं,
जीवन के भीतर रहते हैं।
पापा,
आज भी अगर कोई मुझसे पूछे,
सबसे सुरक्षित जगह कहाँ थी,
तो मैं आपका साथ कहूँगा।
पापा,
आपकी याद अब दर्द से ज़्यादा
एक आदत बन गई है,
जो हर दिन मेरे साथ जागती है।
पापा,
जब मैं अपने बच्चों को समझाता हूँ,
तो कई बार आपकी आवाज़
अपने शब्दों में सुनाई देती है।
पापा,
आपके जाने के बाद
मैंने लोगों को खोना नहीं,
उनकी अहमियत समझना सीखा।
पापा,
अब जब कोई सफलता मिलती है,
तो तालियों की आवाज़ से पहले
आपकी याद सुनाई देती है।
पापा,
आपकी कमी का कोई इलाज नहीं,
क्योंकि यह कोई घाव नहीं,
एक रिश्ता है।
पापा,
पहले हर सवाल का जवाब
आपके पास लगता था,
अब जवाब मिल भी जाए,
सुकून नहीं मिलता।
पापा,
आपके बिना जीवन ने
मुझे बहुत कुछ दिया,
मगर वह निश्चिंतता नहीं,
जो आपके होने से मिलती थी।
पापा,
कभी-कभी मन करता है
बस आपका नाम लेकर पुकारूँ,
जैसे बचपन में पुकारता था।
पापा,
अब समझ आया,
कि आपकी ख़ामोशी भी
हमारे लिए एक दुआ हुआ करती थी।
पापा,
आपके बाद हर ख़ुशी में
एक जगह खाली रहती है,
जहाँ पहले आपकी मुस्कान हुआ करती थी।
पापा,
मैंने समय को आगे बढ़ते देखा,
मगर दिल को अब भी
कई बार आपके पास लौटते देखा है।
पापा,
जब लोग कहते हैं
कि मैं बदल गया हूँ,
तो मन कहता है,
कुछ हिस्सा अब भी आपका ही है।
पापा,
आपके बिना जीवन कठिन नहीं,
बस पहले जितना आसान नहीं रहा।
पापा,
आज भी आपकी याद में
सबसे ज़्यादा दर्द नहीं होता,
सबसे ज़्यादा अपनापन महसूस होता है।
पापा,
कुछ रिश्ते बिछड़ने के बाद
और गहरे हो जाते हैं,
आपका रिश्ता भी वैसा ही है।
पापा,
मैंने आपको खोया है,
मगर आपकी सीखों को नहीं,
वे आज भी मेरा हाथ थामे हुए हैं।
पापा,
अगर यादों का कोई दरवाज़ा होता,
तो मैं हर शाम
कुछ देर आपके पास बैठ आता।
पापा,
आपके बिना जीना सीख लिया है,
मगर यह कहना आज भी मुश्किल है
कि आपकी कमी महसूस नहीं होती।
पापा,
घर में सब लोग हैं,
सब कुछ भी है,
बस वह यक़ीन नहीं है
जो आपके होने से मिलता था।
पापा,
अब जब कोई मुश्किल आती है,
तो मैं संभल तो जाता हूँ,
मगर पहले जितनी जल्दी नहीं,
क्योंकि पहले आप साथ होते थे।
पापा,
आपके बिना जीवन रुका नहीं,
मगर उसकी रफ़्तार में
एक ख़ामोश उदासी शामिल हो गई।
पापा,
बचपन में लगता था
आप हमेशा रहेंगे,
शायद इसी वजह से
विदा कहना कभी सीखा ही नहीं।
पापा,
आज भी किसी अच्छे काम के बाद
दिल आपको ही ढूँढ़ता है,
जैसे आपकी मंज़ूरी
अब भी सबसे ज़रूरी हो।
पापा,
आपकी कमी किसी शोर की तरह नहीं,
एक ख़ाली कुर्सी की तरह है,
जो हर दिन दिखाई देती है।
पापा,
जब मैं थक जाता हूँ,
तो आपकी याद आती है,
क्योंकि पहले थकान से ज़्यादा
आपका साथ राहत देता था।
पापा,
आपके बिना समझ आया,
कि कुछ लोग समस्याएँ हल नहीं करते,
वे बस साथ रहकर
उन्हें छोटा कर देते हैं।
पापा,
अब मैं बड़ा हो गया हूँ,
ज़िम्मेदार भी,
मगर कुछ दर्द आज भी
एक बच्चे की तरह महसूस करता हूँ।
पापा,
आपकी सीखें साथ हैं,
फिर भी कई बार
आपकी आवाज़ की कमी
बहुत गहरी लगती है।
पापा,
आपके जाने के बाद
मैंने हिम्मत तो रखी,
मगर बेफ़िक्री खो दी।
पापा,
कुछ दिनों में आपकी याद
बहुत ज़ोर से नहीं आती,
बस पूरे दिन साथ चलती रहती है।
पापा,
जब कोई पूछता है
"कैसे हो?"
तो दिल कहता है,
अगर आप होते तो और अच्छा होता।
पापा,
आपकी अनुपस्थिति ने
मुझे समय का अर्थ समझाया,
कुछ लोग रहते हुए भी अनमोल होते हैं।
पापा,
अब जब अपने फ़ैसले ख़ुद लेता हूँ,
तो एहसास होता है,
पहले मेरे पीछे आपका भरोसा खड़ा था।
पापा,
आपके बिना जीवन का सबसे कठिन हिस्सा
यह नहीं कि आप नहीं हैं,
यह है कि अब आपकी तरफ़ लौट नहीं सकता।
पापा,
आज भी कई बार
आपसे बातें करने का मन करता है,
और फिर मैं चुपचाप
आपकी यादों से बात कर लेता हूँ।
पापा,
कुछ रिश्तों की कमी
समय कम नहीं करता,
बस इंसान उसे अपने दिल में जगह दे देता है।
पापा,
आपके बिना हर ख़ुशी अधूरी नहीं,
मगर पूरी भी नहीं लगती।
पापा,
जब मैं आईने में ख़ुद को देखता हूँ,
तो आपकी कुछ आदतें दिखाई देती हैं,
और उसी पल
आप थोड़े और पास लगते हैं।
पापा,
आपकी याद में केवल दर्द नहीं,
एक सुकून भी है,
कि मुझे आपका प्यार मिला था।
पापा,
अब समझ आता है,
आपका होना कितनी बड़ी ताक़त था,
जिसे मैंने उस वक़्त सामान्य समझ लिया था।
पापा,
आपके बिना जीवन ने बहुत कुछ सिखाया,
मगर आपका होना
सबसे सुंदर पाठ था।
पापा,
दिल आज भी यही मानता है,
कि जहाँ भी आप हैं,
मेरी कोशिशों, मेरी खुशियों
और मेरी ख़ामोश दुआओँ से वाक़िफ़ होंगे।