माँ,
मेरे हर डर से पहले
तुम्हारा भरोसा
खड़ा मिल जाता था।
माँ,
तुम्हारी मुस्कान
मेरे दिन की सबसे सुंदर
शुरुआत हुआ करती थी।
माँ,
जब भी मैं खुद को खोजता हूँ,
तुम्हारी सीख
मुझमें दिखाई देती है।
माँ,
तुमने कभी ऊँची बातें नहीं कीं,
बस सादगी से
जीना सिखाया।
माँ,
मेरी हर जीत में
तुम्हारी दुआ का
एक हिस्सा होता है।
माँ,
तुम्हारी परवाह
मेरे लिए हमेशा
सुकून का दूसरा नाम रही।
माँ,
जब मन उदास होता है,
तुम्हारी याद
रोशनी जैसी लगती है।
माँ,
तुमने मुझे सिखाया
कि रिश्ते निभाए जाते हैं,
गिनाए नहीं जाते।
माँ,
मेरे हर अच्छे फैसले में
तुम्हारी परवरिश
झलकती है।
माँ,
तुम्हारे होने से ही
घर में
घरपन था।
माँ,
तुम्हारी आवाज़ याद आते ही
दिल का बोझ
हल्का हो जाता है।
माँ,
दुनिया ने मुझे पहचान दी,
पर खुद पर यक़ीन
तुमने दिया।
माँ,
तुम्हारा प्रेम
मेरी ज़िंदगी का वह हिस्सा है
जो कभी कम नहीं होता।
माँ,
मेरे बचपन की सबसे बड़ी दौलत
तुम्हारा समय
और तुम्हारा साथ था।
माँ,
आज भी सबसे सुरक्षित एहसास
किसी जगह में नहीं,
तुम्हारी याद में मिलता है।
माँ,
मेरी हर परेशानी से पहले
तुम्हारी चिंता
वहाँ पहुँच जाती थी।
माँ,
जब भी मैं हिम्मत हारने लगता हूँ,
तुम्हारा विश्वास
मुझे संभाल लेता है।
माँ,
मेरी ख़ामोशियों का मतलब
सबसे पहले
तुमने ही समझा था।
माँ,
तुम्हारी दुआओँ का असर
मेरे कदमों में नहीं,
मेरे हौसले में दिखता है।
माँ,
आज भी कोई मेरी तारीफ़ करे,
तो याद
तुम्हारी आती है।
माँ,
तुमने मुझे सिखाया
कि अच्छा इंसान होना
सबसे बड़ी सफलता है।
माँ,
मेरी हर मुस्कान में
तुम्हारे प्यार की
थोड़ी-सी चमक है।
माँ,
जब दुनिया समझ नहीं पाती,
तुम्हारा अपनापन
साथ खड़ा मिलता है।
माँ,
तुम्हारी परवाह
कभी बोझ नहीं लगी,
हमेशा सहारा लगी।
माँ,
मेरे बचपन की सबसे सुंदर याद
कोई खिलौना नहीं,
तुम्हारा साथ है।
माँ,
जब भी थकान बढ़ जाती है,
तुम्हारी बातें
आराम बन जाती हैं।
माँ,
तुम्हारे भरोसे ने
मुझे कई बार
खुद से मिलवाया है।
माँ,
मेरी हर अच्छी आदत के पीछे
तुम्हारी सीख
चुपचाप खड़ी है।
माँ,
तुम्हारा प्यार
कभी शब्दों में नहीं मिला,
हमेशा एहसासों में मिला।
माँ,
ज़िंदगी की सबसे बड़ी नेमत
तुम्हारा साथ नहीं,
तुम्हारा प्रेम है।