माँ,
जब भी कोई मेरी चिंता करता है,
मुझे तुम्हारी परवाह
याद आ जाती है।
माँ,
मेरी हर खुशी में
तुम्हारी मुस्कान का
एक हिस्सा शामिल होता है।
माँ,
जब जीवन उलझ जाता है,
तुम्हारी सीख
रास्ता बनकर सामने आ जाती है।
माँ,
आज भी तुम्हारा भरोसा
मेरी हिम्मत से बड़ा
महसूस होता है।
माँ,
मेरी कामयाबी पर
तुम्हारी आँखों का गर्व
सबसे सुंदर इनाम लगता है।
माँ,
जब मन बहुत बेचैन होता है,
तुम्हारी बातें
सुकून की तरह याद आती हैं।
माँ,
तुमने मुझे सिर्फ़ चलना नहीं,
हर हाल में
संभलना सिखाया है।
माँ,
दुनिया बदलती रही,
पर तुम्हारा प्रेम
हमेशा वैसा ही रहा।
माँ,
मेरी हर अच्छी आदत में
कहीं न कहीं
तुम्हारी परवरिश बसती है।
माँ,
जब भी मैं गिरकर उठता हूँ,
तुम्हारा विश्वास
मेरे साथ खड़ा मिलता है।
माँ,
तुम्हारी ममता का एहसास
उम्र के साथ कम नहीं,
और गहरा होता जाता है।
माँ,
मेरे जीवन की सबसे सुरक्षित जगह
आज भी
तुम्हारा स्नेह ही है।
माँ,
तुम्हारा "ख़याल रखना"
आज भी मेरे दिल में
गूँजता रहता है।
माँ,
जब भी खुद पर गर्व होता है,
सबसे पहले
तुम्हें याद करता हूँ।
माँ,
मेरी पहचान में
सबसे खूबसूरत हिस्सा
तुम्हारी सीखों का है।
माँ,
जब भी मैं थककर बैठता हूँ,
तुम्हारी याद
आराम की तरह दिल पर उतरती है।
माँ,
मेरी गलतियों पर नाराज़ होकर भी
तुमने मेरा हाथ नहीं छोड़ा,
यही तुम्हारे प्रेम की सबसे बड़ी खूबी थी।
माँ,
तुम्हारी दुआएँ शायद दिखाई नहीं देतीं,
पर कई मुश्किल रास्तों को
आसान बनाती हुई महसूस होती हैं।
माँ,
आज जो लोग मेरी तारीफ़ करते हैं,
उन्हें क्या पता,
मेरी हर अच्छी बात के पीछे
तुम्हारी परवरिश खड़ी है।
माँ,
ज़िंदगी की भीड़ में
बहुत चेहरे मिले,
पर तुम्हारे जैसा अपनापन
फिर कभी नहीं मिला।
माँ,
तुमने कभी यह नहीं कहा
कि तुम मेरे लिए कितना करती हो,
तुम बस करती रहीं।
मेरी हर ज़रूरत से पहले
तुम्हारी चिंता पहुँच जाती थी,
और मेरी हर हार से पहले
तुम्हारा भरोसा खड़ा मिल जाता था।
आज जब पीछे मुड़कर देखता हूँ,
तो समझ आता है,
मेरे जीवन की सबसे बड़ी ताक़त
मेरे भीतर नहीं,
तुम्हारे विश्वास में थी।
माँ,
बचपन में मुझे लगता था
कि तुम हर बात कैसे जान लेती हो,
आज समझ आया,
प्यार इतना गहरा हो
तो ख़ामोशियाँ भी बोलने लगती हैं।
तुमने मेरी आँखों के आँसू कम देखे,
लेकिन मेरी मुस्कान बचाने में
पूरी उम्र लगा दी।
शायद इसी लिए
दुनिया में बहुत से रिश्ते मिले,
पर दिल को सुकून
हमेशा माँ कहने में ही मिला।