खामोशियों का भी अपना शोर होता है,
हर इंसान अंदर से थोड़ा कमजोर होता है,
जो हर बात पर हँस दिया करते हैं,
अक्सर वही सबसे ज्यादा टूटे हुए होते हैं।
ज़िंदगी ने हर दिन नया सबक दिया,
कभी अपने छिने, कभी भरोसा लिया,
अब हाल ये है कि मुस्कुरा तो देते हैं,
मगर दिल ने खुश होना छोड़ दिया।
थक गया हूँ लोगों को अपना समझते समझते,
हर चेहरा वक्त के साथ बदल जाता है,
अब रिश्तों से ज्यादा सुकून मुझे
अकेलेपन में मिलने लगा है।
कुछ सपने अधूरे ही अच्छे लगते हैं,
पूरे होकर अक्सर बदल जाते हैं,
जिन्हें दिल से चाहो वही लोग
एक दिन सबसे दूर निकल जाते हैं।
ज़िंदगी ने इतना तो सिखा ही दिया,
हर किसी पर दिल नहीं हारते,
जो लोग आसानी से मिल जाते हैं,
वो अक्सर उम्र भर साथ नहीं चलते।
हमने वक्त से दोस्ती कर ली है अब,
क्योंकि लोग तो हर मोड़ पर बदल जाते हैं,
कमाल की बात है इस दुनिया की,
यहाँ अपने भी हाल पूछना भूल जाते हैं।
हर दर्द चीख कर नहीं बताया जाता,
कुछ जख्म मुस्कुराहट में छुपे होते हैं,
जो लोग सबसे ज्यादा मजबूत दिखते हैं,
अक्सर वही अंदर से बिखरे होते हैं।
ज़िंदगी को अब आसान मान लिया है,
जो चला गया उसे नुकसान मान लिया है,
अब किसी से ज्यादा उम्मीद नहीं रखते,
तन्हाई को ही अपना जहान मान लिया है।
कभी कभी इंसान इतना टूट जाता है,
कि रोना भी उसे छोटा लगने लगता है,
फिर वो बस चुप रहना सीख जाता है,
और लोग उसे समझदार कहने लगते हैं।
ज़िंदगी ने हर बार यही समझाया है,
अपना वही है जो वक्त पर साथ निभाया है,
वरना चेहरे तो हर मोड़ पर मिल जाते हैं,
दिल से निभाने वाले बहुत कम आते हैं।
अब किसी से शिकायत नहीं करते हम,
जो जैसा है उसे वैसा ही रहने देते हैं,
बहुत करीब जाकर देखा है लोगों को,
इसलिए अब थोड़ी दूरी में रहते हैं।
वक्त ने धीरे धीरे सब छीन लिया,
ख्वाब, लोग और हँसने की वजह भी,
अब बस आदत सी हो गई है
हर दर्द को अंदर रखने की।
कुछ रिश्ते किराये के मकान जैसे होते हैं,
कितना भी सजा लो अपने नहीं लगते,
और कुछ लोग पुराने घर की तरह,
टूटे हुए होकर भी दिल में रहते हैं।
जिंदगी की भी अजीब कहानी है,
जिसे सबसे ज्यादा चाहो वही अनजानी है,
लोग कहते हैं वक्त सब ठीक कर देता है,
शायद इसलिए वक्त सबसे बड़ा खिलाड़ी है।
हमने लोगों को बदलते देखा है,
हालात के साथ रंग बदलते देखा है,
जो कहते थे कभी साथ नहीं छोड़ेंगे,
उन्हें भी भीड़ में अकेला करते देखा है।
अब पहले जैसी बातें नहीं होती,
न रातों में लंबी मुलाकातें होती हैं,
लोग पास होकर भी दूर लगते हैं,
शायद अब दिलों में वो बात नहीं होती।
ज़िंदगी से बस इतना सीखा है,
किसी के पीछे खुद को मत खोना,
जो तुम्हारा होगा वो साथ रहेगा,
और जो नहीं होगा उसे रोकर भी नहीं पाना।
बहुत संभाल कर रखा था दिल को,
फिर भी किसी ने तोड़ ही दिया,
कमाल है मोहब्बत का भी,
जिसे चाहो वही दर्द दे जाता है।
अब किसी को अपना कहने से डर लगता है,
वक्त हर चेहरे का सच बता देता है,
जिन्हें समझा था जिंदगी का हिस्सा,
वही धीरे धीरे दूर चला जाता है।
कुछ दर्द ऐसे भी होते हैं साहब,
जो आंसुओं से नहीं निकलते,
बस इंसान अंदर ही अंदर
थोड़ा थोड़ा खत्म होता रहता है।
लोग कहते हैं बदल गए हो तुम,
अब उन्हें कौन समझाए,
टूटने के बाद इंसान
पहले जैसा नहीं रहता।
ज़िंदगी ने हर मोड़ पर आजमाया मुझे,
कभी अपनों ने तो कभी हालात ने रुलाया मुझे,
अब आदत सी हो गई है अकेले चलने की,
क्योंकि हर किसी ने बीच रास्ते छोड़ा मुझे।
बहुत करीब से देखा है दुनिया को,
हर चेहरा वफादार नहीं होता,
जिसे जान से ज्यादा चाहो कभी कभी,
वही समझने वाला नहीं होता।
अब दिल भी थोड़ा हिसाब रखने लगा है,
कौन अपना है पहचानने लगा है,
पहले हर किसी पर भरोसा कर लेते थे,
अब वक्त देखकर मुस्कुराने लगा है।
कुछ लोग जिंदगी में ऐसे मिलते हैं,
जो कभी पूरे अपने नहीं होते,
मगर जाते वक्त ऐसा दर्द दे जाते हैं,
जो उम्र भर खत्म नहीं होता।
हमने खामोश रहकर भी देख लिया,
लोग भूल ही जाते हैं आखिर,
जिसे जितनी जल्दी हासिल करो,
वो उतनी जल्दी कदर खो देता है।
ज़िंदगी अब पहले जैसी आसान नहीं रही,
हर खुशी के पीछे एक डर रहता है,
और हर मुस्कुराते चेहरे के अंदर
कोई ना कोई दर्द छुपा रहता है।
कभी कभी खुद से भी हार जाते हैं लोग,
जब उम्मीदें टूट जाती हैं,
फिर ना शिकायत बचती है किसी से,
ना किसी से कोई उम्मीद रहती है।
अब किसी के बदलने का दुख नहीं होता,
लोगों का काम ही बदल जाना है,
हमने तो बस खुद को संभाल लिया,
वरना हर बात पर टूट जाना है।
ज़िंदगी ने इतना तो समझदार कर दिया,
कि अब हर किसी पर भरोसा नहीं होता,
जो लोग दिल से उतर जाते हैं,
फिर उनका जिक्र भी अच्छा नहीं लगता।
कुछ लोग सिर्फ सबक देने आते हैं,
साथ निभाने नहीं,
और कुछ दर्द उम्र भर रहते हैं,
बस दिखाने नहीं।
बहुत शौक था सबको खुश रखने का,
होश तब आया जब खुद अकेले रह गए,
जिनके लिए खुद को बदलते रहे,
वही एक दिन बदल गए।
अब हम भी कम बोलने लगे हैं,
क्योंकि लोग सुनते कम समझते कम हैं,
हर किसी को बस अपना मतलब चाहिए,
दिल की बातों की कीमत कम है।
तजुर्बे उम्र से नहीं हालात से मिलते हैं,
कई लोग छोटी उम्र में ही समझदार हो जाते हैं,
और कई पूरी जिंदगी
चेहरों को पहचान नहीं पाते।
जो लोग अंदर से टूट जाते हैं,
वो अक्सर दूसरों को हँसाया करते हैं,
क्योंकि उन्हें पता होता है
दर्द छुपाना कितना मुश्किल है।
अब ना किसी से ज्यादा उम्मीद है,
ना किसी के जाने का डर,
जो जितना साथ चलना चाहे चले,
आखिर सबको लौटना खुद तक ही है।
कुछ रिश्ते अधूरे होकर भी पूरे लगते हैं,
और कुछ पूरे होकर भी खाली,
कमाल की बात है ना,
दिल हमेशा वही चाहता है जो उसका नहीं होता।
ज़िंदगी हर रोज थोड़ा बदल रही है,
और हम हर रोज थोड़ा समझ रहे हैं,
जो चीजें पहले जरूरी लगती थीं,
अब बस यादों जैसी लगती हैं।
जब जेब में पैसे थे तो रिश्ते हजार थे,
हर कोई मिलने को बेकरार था,
आज हालात थोड़े कमजोर क्या हुए,
अपनों का भी बदल गया व्यवहार था।
पैसे ने लोगों के चेहरे दिखा दिए,
कौन अपना था सब बता दिए,
जब तक कमाई चलती रही इज्जत मिली,
रुकते ही सबने रास्ते बदल लिए।
गरीबी में अक्सर वही लोग बदल जाते हैं,
जो अमीरी में भाई कहलाते हैं,
सच कहूँ तो इस दुनिया में
लोग इंसान नहीं उसकी औकात देखते हैं।
जब तक हाथ भरे थे सब साथ खड़े थे,
महफिलों में हमारे चर्चे बड़े थे,
वक्त ने जेब क्या खाली की,
लोग नजरें चुराकर खड़े थे।
अजीब दस्तूर है इस दुनिया का साहब,
पैसे वालों को झुक कर सलाम मिलता है,
और गरीब कितना भी सच्चा हो,
उसे बस ताना और इल्जाम मिलता है।
पहले मेरी हर बात पर वाह वाह होती थी,
अब खामोशी भी लोगों को खराब लगती है,
शायद लोगों की इज्जत का तराजू
जेब के वजन से चलता है।
जब पैसा था तो रिश्तेदार भी करीब थे,
हर दिन मिलने के नए नसीब थे,
आज हालात बदले तो समझ आया,
सब मतलब के इतने करीब थे।
इस दुनिया में इज्जत भी किराये जैसी है,
पैसा हो तो हर कोई अपना लगता है,
और जब वक्त खराब चल रहा हो,
तब अपना भी पराया लगता है।
गरीब इंसान की सच्चाई भी मजाक लगती है,
और अमीर का झूठ भी कमाल लगता है,
ये दुनिया इंसानियत नहीं साहब,
बस बैंक बैलेंस देखती है।
वक्त ने एक बात खूब सिखाई है,
लोगों की असली औकात दिखाई है,
जब जेब भरी हो तो सब अपने होते हैं,
और खाली हो तो तन्हाई ही साथी बन जाती है।
पूरी उम्र बस कमाने में निकल गई,
खुद से ज्यादा घर की जरूरतें बड़ी हो गईं,
वो मर्द था साहब इसलिए चुप रहा,
वरना उसके भी अंदर कई ख्वाहिशें दबी रह गईं।
सुबह से शाम तक बस भागता रहा,
हर जिम्मेदारी को निभाता रहा,
किसी ने ये नहीं पूछा कभी उससे,
कि वो खुद अंदर से कितना थकता रहा।
एक मर्द की जिंदगी भी अजीब कहानी है,
खुद की खुशी हमेशा बेगानी है,
पूरा जीवन परिवार के नाम कर देता है,
फिर भी लोग कहते हैं उसे क्या परेशानी है।
वो खिलौने खरीदता रहा बच्चों के लिए,
और खुद की ख्वाहिशें बेचता रहा,
पूरी जिंदगी घर बनाने में लगा दी,
और लोग कहते हैं मर्द रोता नहीं।
मर्द अक्सर मशीन बन जाते हैं,
कमाते कमाते खुद खो जाते हैं,
घर की जरूरतें पूरी करते करते,
अपने सपने कहीं पीछे छोड़ जाते हैं।
उसने पूरी जिंदगी जिम्मेदारियों में गुजार दी,
हर मुस्कान घरवालों के नाम कर दी,
खुद के हिस्से में बस थकान आई,
और दुनिया ने कहा मर्द मजबूत होते हैं।
ना दर्द कहता है ना शिकायत करता है,
बस हर दिन काम पर निकल जाता है,
एक मर्द की आधी जिंदगी तो
परिवार की फिक्र में ही गुजर जाती है।
कंधों पर घर का बोझ उठाए चलता है,
हर हाल में मुस्कुराए चलता है,
किसी को दिखाई नहीं देता उसका दर्द,
क्योंकि मर्द अक्सर चुपचाप जीता है।
उसकी जिंदगी का हिसाब बड़ा छोटा था,
कमाना, खिलाना और फिर सो जाना,
धीरे धीरे उम्र गुजर गई उसकी,
और वो खुद जीना ही भूल गया।
वो भी कभी सपने देखा करता था,
खुद के लिए जीना चाहता था,
मगर एक दिन जिम्मेदारियों ने घेर लिया,
और फिर वो सिर्फ “घर का आदमी” बनकर रह गया।
किसी ने ये नहीं पूछा कभी,
कि उसे काम से मोहब्बत भी है या नहीं,
घरवालों को बस इतना चाहिए था,
कि महीने के आखिर में पैसे कम न हों।
वो थका है या खुश है किसी को फर्क नहीं पड़ता,
बस कमाई रुकनी नहीं चाहिए,
एक मर्द की पसंद से ज्यादा
उसकी जेब की कीमत होती है।
घर चलाने वाला इंसान अक्सर
घर में सबसे कम समझा जाता है,
उसके दर्द नहीं देखे जाते,
बस बैंक बैलेंस देखा जाता है।
उसे काम पसंद है या नहीं,
ये सवाल कभी पूछा ही नहीं गया,
जिम्मेदारियों ने इतना घेर लिया,
कि वो खुद भी खुद को भूल गया।
मर्द की जिंदगी भी अजीब कैद है,
जहाँ सपनों से ज्यादा खर्चे जरूरी होते हैं,
घरवालों को बस कमाई चाहिए,
उसकी खुशी बाद में आती है।
सुबह निकलता है थका हुआ इंसान,
शाम को और टूटा लौटता है,
मगर घरवालों को बस ये सुकून चाहिए,
कि हर महीने पैसा आता रहे।
किसी को फर्क नहीं पड़ता कि
वो अंदर से कितना बिखरा हुआ है,
जब तक कमाकर ला रहा है,
तब तक वो “अच्छा आदमी” है।
उसकी पूरी जिंदगी जिम्मेदारियों में गुजर गई,
मगर किसी ने उसके मन की नहीं सुनी,
सबको उसकी कमाई से मतलब था,
उसके दर्द से नहीं।
घर की जरूरतों ने ऐसा घेरा उसे,
कि खुद के लिए जीना भूल गया,
लोग कहते रहे “मर्द मजबूत होता है”,
और वो चुपचाप अंदर से टूट गया।
एक दिन उसने भी सोचा था
कि पसंद का काम करेगा,
मगर परिवार की जरूरतों ने
उसे सिर्फ कमाने वाली मशीन बना दिया।
कुछ लोग जिंदगी में ऐसे आते हैं,
जैसे अंधेरों में रोशनी उतर आई हो,
थोड़ा जीना सिखाकर हमें,
फिर हमेशा के लिए दूर हो जाते हैं।
वो अजनबी थे मगर अपनों से ज्यादा समझ गए,
बिना कहे ही हमारे दर्द पढ़ गए,
कुछ जरूरी सबक देकर जिंदगी के,
वो अचानक कहीं खो गए।
हर रिश्ता हमेशा के लिए नहीं होता,
कुछ लोग बस रास्ता दिखाने आते हैं,
हमें बेहतर इंसान बनाकर,
चुपचाप जिंदगी से चले जाते हैं।
कभी कभी कोई इंसान परी जैसा मिलता है,
जो टूटे हुए दिल को जीना सिखा जाता है,
फिर एक दिन बिना शोर किए,
बस याद बनकर रह जाता है।
वो ज्यादा दिन साथ नहीं रहे,
मगर पूरी जिंदगी बदल गए,
कुछ लोग वक्त नहीं,
सीख बनकर मिलते हैं।
अजीब लोग थे वो भी,
ना पूरी तरह अपने बने ना पराए रहे,
बस कुछ खूबसूरत सबक देकर,
हमारी जिंदगी का हिस्सा बन गए।
कुछ अजनबी दुआओं जैसे होते हैं,
जो बिना मतलब साथ निभा जाते हैं,
हमें खुद से मिलवाकर,
फिर ना जाने कहाँ चले जाते हैं।
वो आए थे जैसे सूखे दिल पर बारिश बनकर,
हर बात में सुकून दे जाते थे,
फिर एक दिन किस्मत ने ऐसा मोड़ लिया,
कि वो सिर्फ यादों में रह गए।
जिंदगी में कुछ लोग वजह बनते हैं,
हमें टूटने से बचा लेते हैं,
फिर खुद ही दूर चले जाते हैं,
मगर जीना सिखा जाते हैं।
ना वो हमारे थे ना हम उनके थे,
फिर भी रिश्ता बहुत गहरा था,
वो जिंदगी में कुछ पल के लिए आए,
मगर असर उम्र भर का दे गए।
कुछ लोग दौलत के लिए इतना गिर जाते हैं,
कि अपना ज़मीर तक बेच आते हैं,
फिर समझ नहीं आता उनसे,
इतना पैसा लेकर आखिर क्या खरीदते हैं।
जिस पैसे के लिए इंसानियत छोड़ दी,
क्या वो पैसा सुकून खरीद पाया होगा?
जो खुद की नजरों में गिर गया हो,
क्या वो दुनिया में ऊँचा उठ पाया होगा?
किसी ने ईमान बेचा, किसी ने रिश्ते,
किसी ने देश तक से गद्दारी कर ली,
मगर हैरानी ये है कि इतना सब खोकर भी,
लोग कहते हैं हमने जिंदगी बना ली।
पैसा कमाना गलत नहीं साहब,
मगर हर चीज की कीमत नहीं होती,
कुछ लोग नोटों के पीछे ऐसे भागते हैं,
कि इंसानियत तक भूल जाते हैं।
वो अमीर तो बन गए मगर अंदर से खाली रहे,
हर सौदे में अपने उसूल हारते रहे,
अब समझ नहीं आता इतने पैसों से
आखिर कौन सा सुकून खरीदते रहे।
जिस दिन इंसान अपना ज़मीर बेच देता है,
उस दिन से वो सिर्फ शरीर रह जाता है,
फिर चाहे दौलत कितनी भी आ जाए,
अंदर का इंसान मर जाता है।
कुछ लोग पैसे के लिए इतना झुक जाते हैं,
कि सच तक से मुकर जाते हैं,
फिर बड़े गर्व से कहते हैं,
“हमने जिंदगी में बहुत कुछ कमा लिया।”
देश भी बेच दिया, ईमान भी बेच दिया,
बस थोड़े से नोटों के बदले,
अब समझ नहीं आता उन्होंने
दौलत कमाई है या खुद को खो दिया।
हर अमीरी कामयाबी नहीं होती,
कुछ पैसे बददुआओं से भी आते हैं,
और ऐसे लोग उम्र भर
भीड़ में रहकर भी अकेले रह जाते हैं।
मैंने भूखे इंसान देखे हैं मगर बिके हुए नहीं,
और बिके हुए लोग अक्सर बहुत अमीर होते हैं,
कमाल है इस दुनिया का भी,
यहाँ कीमत इंसान की नहीं, उसकी औकात की होती है।
ज़िंदगी बहुत छोटी है जनाब,
इसे नफरत में बर्बाद मत करना,
जो दिल से अपने लगते हैं,
उन्हें वक्त देना कभी बंद मत करना।
पता नहीं कौन सा पल आखिरी हो जाए,
इसलिए हर लम्हा हँस कर जी लिया करो,
ज़िंदगी बहुत छोटी है साहब,
लोगों की बातों पर कम ध्यान दिया करो।
ज़िंदगी चंद सांसों का सफर है,
आज है तो कल का भरोसा नहीं,
इसलिए जो दिल को सुकून दे,
उसे खोने की गलती मत करना कभी।
बहुत छोटी सी है ये जिंदगी,
कब शाम हो जाए पता नहीं चलता,
इसलिए रिश्तों को संभाल कर रखना,
क्योंकि लोग दोबारा नहीं मिलते।
ज़िंदगी बहुत छोटी है इसे समझने में मत बिताओ,
जो अच्छा लगे उसे खुलकर जी जाओ,
कल किसने देखा है साहब,
आज हँस लो और दूसरों को भी हँसाओ।
ज़िन्दगी कभी सिखाती है, कभी रुलाती है, कभी मुस्कुराना सिखाती है।
यहाँ आपको Sad, Emotional, Motivational, Waqt, Reality aur Life Lessons से जुड़ी बेहतरीन Zindagi Shayari मिलेगी।
कुछ लोग जिंदगी में सिर्फ एक ही बार आते हैं उनके बाद,
उनसे बेहतर फिर कोई नहीं मिलता !
“किसी ने क्या खूब लिखा है..! “दिल मे चुभ जाती है अपनों की ही बातें, वरना
गैरों में इतना दम कहां जनाब की आंखों में आंसू ला दे”!
“किसी की आदत लगने में वक़्त नहीं लगता,
मगर आदत को ख़तम करने में जिंदगी गुजर जाती है”
जिंदगी इतनी भी बुरी नहीं कि मरने को दिल चाहे,
बस कुछ लोग इतना दर्द देते हैं,
कि जीने का जी नहीं करता
दिल मैं हर राज़ दबा कर रखते है,
होंटो पर मुस्कराहट सजाकर रखते है,
ये दुनिया सिर्फ़ खुशी मैं साथ देती है,
इसलिए हम अपने आँसुओ को छुपा कर रखते है!
शायद मैं इसीलिए पीछे हूं,
मुझे होशियारी नही आती,
बेशक लोग ना समझे मेरी वफादारी,
मगर यारो मुझे गद्दारी नही आती।
“वक़्त बदल गया , तुम बदल गए
मुस्कुराने की वजह बदल गई
पर रोने की वजह आज भी तुम ही हो”
न बदली वक्त की गर्दिश न जमाना बदला,
जब सूख गई पेड़ की डाली तो परिंदों ने ठिकाना बदला।
साथ रहते यूँ ही वक़्त गुज़र जायेगा,
दूर होने के बाद कौन किसे याद आयेगा,
जी लो ये पल जब हम साथ हैं,
कल क्या पता वक़्त कहाँ ले जायेगा।
हम तो अक्सर इंसान के मुँह सुना करते थे की वक्त बदलता है,
पर जब खुद आजमाइस की तो पता चला
यहाँ वक्त के साथ इंसान भी बदलता है।
“हमारी ज़िन्दगी में हर फैसला हमारा नही होता
कुछ फैसले वक़्त और हालात भी करते हैं”
Motivational Zindagi Shayari
राह संघर्ष की जो चलता है,
वो ही संसार को बदलता है।
जिसने रातों से जंग जीती है,
सूर्य बनकर वही निकलता है।
जिंदगी बहुत कुछ सिखाती है,
थोड़ा रुलाती है थोड़ा हसाती है,
खुद से ज्यादा किसी पे भरोसा मत करना,
क्योंकि अँधेरे में तो परछाईं भी साथ छोड़ जाती है!
जिंदगी की जंग में वही जीतता है,
जो हर परिस्थिति में चलना जानता है !
अगर जिंदगी में कुछ पाना हो तो,
अपने तरीके बदलो, इरादे नही।
फर्क होता है खुदा और फ़क़ीर में,
फर्क होता है किस्मत और लकीर में..
अगर कुछ चाहो और न मिले तो समझ लेना..
कि कुछ और अच्छा लिखा है तक़दीर में।
जिंदगी में क्यों भरोसा करते हो गैरों पर,
जब चलना है अपने ही पैरों पर।
हमने इंसानो को अपनी औकात भूलते देखा है,
जब हमने रोटी को कूड़े में फेंकते देखा है।
सच्चे किस्से शराबखाने में सुने,
वो भी हाथ मे जाम लेकर,
झूठे किस्से अदालत में सुने,
वो भी हाथ मे गीता-कुरान लेकर।
किस से सीखू मैं खुदा की बंदगी,
सब लोग खुदा के बँटवारे किए बैठे है,
जो लोग कहते है खुदा कण कण में है,
वही मंदिर,मस्जिद,गुरूद्वारे लिए बैठे हैं !
एक अजीब सी दौड़ है ये जिंदगी,
अगर जीत जाओ तो अपने पीछे छूट जाते हैं,
और अगर हार जाओ तो अपने ही पीछे छोड़ जाते हैं।
सच बिकता है झूठ बिकता है
बिकती है हर कहानी,
तीनों लोक में फैला है फिर भी
बिकता है बोतल में पानी।
H2: Zindagi Bahut Chhoti Hai Shayari
जो लम्हा साथ है उसे जी भर के जी लेना,
ये कम्बख्त जिंदगी भरोसे के काबिल नहीं है।
जिंदगी बहुत छोटी है बस वही करो जो तुम्हे खुशी देता है
छोटी सी ज़िन्दगी है हंस कर जियो क्योंकि लौट कर यादें आती है वक़्त नहीं
रखा करो नजदीकियॉ जिन्दगी का कुछ भरोसा नही
फिर मत कहना चले भी गऐ और बताया भी नही!
कितना मुश्किल है ज़िन्दगी का ये सफ़र,
खुदा ने मरना हराम किया लोगो ने जीना।
ज़िन्दगी कब की खामोश हो गयी,
दिल तो बस आदतन धड़कता है.
थक गया हूँ तेरी नौकरी से ऐ ज़िन्दगी,
मुनासिब होगा के मेरा हिसाब कर दे।
चलते रहे कदम.. किनारा जरुर मिलेगा,
अन्धकार से लड़ते रहे सवेरा जरुर खिलेगा।
ज़िंदगी है थोड़ा आहिस्ता चल,
कट ही जाएगा सफ़र आहिस्ता चल।
माँ वो नोट बुक है,
जिसमे औेलाद सब कुछ लिख सकती है,
लेकिन माँ सिर्फ प्यार लिखती है।
मां तो जन्नत का फूल है,
प्यार करना उसका उसूल है,
दुनिया की मोह्ब्बत फिजूल है।
चाहे कितनी भी मुसीबत आये जिंदगी में,
मैं गर्व से फूल जाता हूँ।
और जब हँसती है मेरी माँ मुझे देख कर,
तब मैं सारे गम भूल जाता हूँ।
जिंदगी में कभी माँ के पहनावे पर शर्म नही करनी चाहिये,
और जिंदगी में कभी बाप की गरीबी पर शर्म नही करनी चाहिये।
Emotional Zindagi Shayari
अकेले ही गुजर जाती है तन्हा ज़िंदगी,
लोग तसल्लियाँ तो देते हैं साथ नहीं देते।
मुझ से नाराज़ है तो छोड़ दे तन्हा मुझको,
ऐ ज़िन्दगी मुझे रोज़ रोज़ तमाशा न बनाया कर।
रोज़ दिल में हसरतों को जलता देख कर,
थक चुका हूँ ज़िंदगी का ये रवैया देख कर।
कुछ ऐसे हादसे भी होते हैं ज़िंदगी में ऐ दोस्त,
इंसान बच तो जाता है मगर ज़िंदा नहीं रहता।
ज़िन्दगी लोग जिसे मरहम-ए-ग़म जानते हैं,
जिस तरह हम ने गुज़ारी है वो हम जानते हैं।
जो मिला कोई न कोई सबक दे गया,
अपनी ज़िन्दगी में हर कोई गुरु निकला।
समय जीवन में सब कुछ सिखा देता है,
और जो समय सिखा देता है,
वह जीवन में कोई नही सिखाता है।
सिखा न सकी जो उम्र भर तमाम किताबे मुझे करीब से
कुछ चेहरे पढे और न जाने कितने सबक सीख लिए।
जिंदगी हर पल नया नया सिखाया करती है,
कभी छोटी छोटी बाते सिखाया करती है,
तो कभी कभी बड़े बड़े सबक सिखाया करती है।
सबक वो हमको पढ़ाए हैं ज़िंदगी ने कि हम,
हुआ था जो इल्म किताबों से वो भी भूल गए।