जो लोग दिल में जगह बना लेते हैं,
उन्हें समय भी पूरी तरह दूर नहीं कर पाता।
ज़िंदगी ने धीरे-धीरे सिखाया,
हर खोई चीज़ नुकसान नहीं होती।
कुछ सपनों का अधूरा रह जाना भी अच्छा है,
वे इंसान को तलाश में ज़िंदा रखते हैं।
पहले मैं समय बिताता था,
अब समय की क़ीमत समझता हूँ।
हर मुस्कान के पीछे खुशी नहीं होती,
और हर ख़ामोशी के पीछे दुख नहीं होता।
जो बात आज समझ नहीं आती,
कई बार वही कल सबसे स्पष्ट होती है।
खुद से मिलना आसान नहीं होता,
भीड़ से निकलना पड़ता है।
कुछ रिश्ते नाम से नहीं,
अहसास से पहचाने जाते हैं।
ज़िंदगी की सबसे बड़ी सीख यही रही,
हर बात को दिल पर लेना ज़रूरी नहीं।
जो पल बिना योजना के मिले थे,
वही सबसे खूबसूरत यादें बने।
कभी-कभी आगे बढ़ने के लिए,
किसी से नहीं, खुद से बात करनी पड़ती है।
हर उपलब्धि शोर नहीं करती,
कुछ संतोष बनकर भीतर बस जाती हैं।
उम्र ने इतना तो बदल दिया,
अब सही होने से ज़्यादा शांत रहना पसंद है।
जो लोग कठिन दिनों में साथ रहे,
वही मेरी सबसे बड़ी पूँजी निकले।
ज़िंदगी को समझने निकला था,
खुद को समझना ज़्यादा ज़रूरी लगा।
हर उत्तर मिल जाए तो मज़ा क्या है,
कुछ सवाल भी इंसान को ज़िंदा रखते हैं।
जो बीत गया उसे बदल नहीं सकता,
मगर उससे मिली समझ हमेशा मेरी है।
कुछ लोग सलाह से नहीं,
अनुभव से समझदार बनते हैं।
सुकून वहाँ नहीं मिला जहाँ खोज रहा था,
वह वहाँ था जहाँ स्वीकार करना सीखा।
हर दिन नई खुशी नहीं लाता,
मगर नया दृष्टिकोण ज़रूर ला सकता है।
जो बातें कभी भारी लगती थीं,
आज उन्हीं पर मुस्कुरा लेता हूँ।
खुद पर भरोसा धीरे-धीरे बनता है,
जैसे बूंद-बूंद से कोई सरोवर भरता है।
ज़िंदगी की रफ़्तार कम नहीं हुई,
बस मैंने ठहरकर देखना सीख लिया।
कुछ दूरियाँ रिश्ते नहीं तोड़तीं,
वे उनकी अहमियत समझा देती हैं।
आख़िर में इंसान को यही याद रहता है,
कि उसने कितना महसूस किया, कितना पाया नहीं।
ज़िंदगी ने हर सवाल का जवाब नहीं दिया,
मगर मुझे सवालों से डरना छोड़ दिया।
कुछ लोग सिर्फ़ कुछ समय के लिए आते हैं,
और पूरी सोच बदलकर चले जाते हैं।
जिस दिन खुद को स्वीकार कर लिया,
उस दिन आधी बेचैनियाँ ख़त्म हो गईं।
ज़िंदगी की सबसे बड़ी राहत यही है,
कि हर दिन खुद को फिर से शुरू किया जा सकता है।
कई सपने पूरे नहीं हुए,
फिर भी जीने की वजहें कम नहीं हुईं।
उम्र बढ़ी तो समझ आया,
हर जीत खुशी नहीं देती।
जो बातें कभी दुख देती थीं,
आज वही मुझे समझदार बनाती हैं।
हर किसी को समझाना छोड़ दिया,
तब से मन थोड़ा हल्का रहने लगा।
कुछ यादें लौटकर नहीं आतीं,
मगर उनका असर हमेशा रहता है।
ज़िंदगी बदलने से पहले,
अक्सर नज़रिया बदलना पड़ता है।
सुकून की तलाश में निकला था,
खुद को समझा तो वह यहीं मिला।
हर कमी नुकसान नहीं होती,
कुछ खाली जगहें साँस लेने के लिए भी होती हैं।
जो समय अपने लोगों के साथ गुज़र जाए,
वही सबसे सुंदर कमाई है।
अब हर बात पर प्रतिक्रिया नहीं देता,
कुछ खामोशियाँ भी समझदारी होती हैं।
खुशी हमेशा बड़ी वजह नहीं माँगती,
कभी-कभी एक सच्चा साथ काफ़ी होता है।
ज़िंदगी का भार हल्का हो जाता है,
जब अपेक्षाएँ थोड़ी कम हो जाती हैं।
हर मोड़ पर मंज़िल नहीं मिलती,
कई बार नया नज़रिया मिल जाता है।
कुछ लोग दूर होकर भी अपने रहते हैं,
रिश्ते हमेशा दूरी से नहीं टूटते।
वक़्त बदलता रहा,
और मैं खुद को नए रूप में पहचानता रहा।
जो मिला उसे संभाल लिया,
जो चला गया उससे सीख ले ली।
हर दिन खास नहीं होता,
मगर हर दिन कुछ सिखा सकता है।
थोड़ा धैर्य रखा तो समझ आया,
हर देरी बेकार नहीं होती।
ज़िंदगी का सौंदर्य शायद इसी में है,
यह कभी पूरी तरह समझ नहीं आती।
अब खुश रहने की कोशिश नहीं करता,
बस छोटी खुशियों को नज़रअंदाज़ नहीं करता।
कुछ अनुभव किताबों में नहीं मिलते,
उन्हें जीना पड़ता है समझने के लिए।