डियर ज़िंदगी, कभी-कभी लगता है तू चुप रहकर भी बहुत कुछ कह देती है,
बस समझने की उम्र आने में थोड़ा समय लग जाता है।
डियर ज़िंदगी, मैंने तुझसे आसान रास्ते नहीं माँगे,
बस इतना चाहा कि मुश्किल दिनों में हिम्मत बनी रहे।
डियर ज़िंदगी, तेरे कुछ फैसले उस वक़्त कठोर लगे,
मगर बाद में वही मेरी सबसे बड़ी सीख बन गए।
डियर ज़िंदगी, पहले मैं हर खोई हुई चीज़ पर रुक जाता था,
अब जो बचा है उसकी क़दर करना सीख रहा हूँ।
डियर ज़िंदगी, तूने मुझे सिखाया कि हर उत्तर शब्दों में नहीं मिलता,
कुछ जवाब अनुभव बनकर आते हैं।
डियर ज़िंदगी, कुछ लोग मेरी कहानी से चले गए,
मगर उनकी दी हुई समझ अब भी साथ चल रही है।
डियर ज़िंदगी, मैंने देखा है कि तू कभी एक जैसी नहीं रहती,
और शायद यही तेरी सबसे खूबसूरत आदत है।
डियर ज़िंदगी, जब मैं खुद को सबसे ज़्यादा उलझा हुआ समझता था,
तभी तू मुझे मेरे बारे में सबसे ज़्यादा बता रही थी।
डियर ज़िंदगी, तूने मेरी इच्छाओं को हमेशा स्वीकार नहीं किया,
मगर मेरी क्षमता को हमेशा बढ़ाया है।
डियर ज़िंदगी, अब मुझे हर खुशी को पकड़कर रखने की जल्दी नहीं,
क्योंकि मैंने उसकी अस्थायी सुंदरता को समझ लिया है।
डियर ज़िंदगी, कुछ दिनों में तू पहाड़ जैसी लगी,
और कुछ दिनों में किसी अपने की तरह।
डियर ज़िंदगी, पहले मैं तुझसे शिकायत करता था कि सब कुछ क्यों बदलता है,
अब समझता हूँ कि ठहराव भी एक तरह की दूरी है।
डियर ज़िंदगी, तूने मुझे यह नहीं सिखाया कि दर्द से बचूँ,
तूने सिखाया कि उसके साथ भी संतुलित रहा जा सकता है।
डियर ज़िंदगी, कुछ सपनों का पूरा न होना दुखद था,
मगर उन्होंने मुझे अपनी सीमाओं से आगे बढ़ाया।
डियर ज़िंदगी, मैंने तुझसे जितना सीखा है,
उतना शायद किसी किताब या सलाह से नहीं सीख पाता।
डियर ज़िंदगी, जब मैं तुलना में उलझा रहा,
तब संतोष मुझसे दूर रहा।
डियर ज़िंदगी, तेरी सबसे बड़ी नेमत शायद समय नहीं,
समय के साथ बदलती समझ है।
डियर ज़िंदगी, कुछ यादें आज भी मुस्कुरा देती हैं,
और कुछ यादें आज भी विनम्र बना देती हैं।
डियर ज़िंदगी, अब मैं हर कठिन मोड़ को सज़ा नहीं मानता,
कई बार वह दिशा बदलने का निमंत्रण होता है।
डियर ज़िंदगी, तूने मुझे यह एहसास कराया कि सुकून खरीदा नहीं जाता,
उसे भीतर जगह देनी पड़ती है।
डियर ज़िंदगी, पहले मैं दुनिया को बदलना चाहता था,
अब खुद को बेहतर बनाने में अधिक अर्थ दिखता है।
डियर ज़िंदगी, कुछ बातें अब भी मेरी समझ से बाहर हैं,
मगर उनसे लड़ने के बजाय उन्हें सुनना सीख गया हूँ।
डियर ज़िंदगी, तेरे साथ चलते-चलते यह जाना,
कि परिपक्वता का अर्थ कम दुख नहीं, बेहतर समझ है।
डियर ज़िंदगी, तूने मुझे कई बार रोका,
और बाद में पता चला कि मैं गलत दिशा में भाग रहा था।
डियर ज़िंदगी, आज तेरे लिए मेरे मन में कोई बड़ी मांग नहीं,
बस इतना है कि यह समझ और यह संतुलन हमेशा बना रहे।
डियर ज़िंदगी, पहले मैं तुझसे हर बात का कारण पूछता था,
अब तेरे हर मोड़ में कोई न कोई संकेत ढूँढ़ लेता हूँ।
डियर ज़िंदगी, तूने मेरी सारी इच्छाएँ पूरी नहीं कीं,
मगर मुझे मेरी असली ज़रूरतों से मिलवा दिया।
डियर ज़िंदगी, कुछ लोग तेरी तरफ़ से मिले तोहफ़े थे,
जो चले भी गए, फिर भी दिल में बसे रहे।
डियर ज़िंदगी, जब मैं बहुत जल्दी में था,
तूने मुझे ठहरना सिखा दिया।
डियर ज़िंदगी, तेरे कठिन दिनों ने जितना बदला,
उतना आसान दिनों ने कभी नहीं बदला।
डियर ज़िंदगी, पहले मैं हर हार से घबरा जाता था,
अब उसमें छिपी समझ को भी देखने लगा हूँ।
डियर ज़िंदगी, तूने मुझे बताया कि मज़बूत होना,
हर समय मुस्कुराना नहीं, टूटकर भी संभल जाना है।
डियर ज़िंदगी, कुछ सपने पूरे हुए, कुछ अधूरे रह गए,
मगर दोनों ने मुझे बेहतर इंसान बनाया।
डियर ज़िंदगी, तेरे साथ चलते-चलते समझ आया,
कि सुकून पाने से पहले स्वीकार करना पड़ता है।
डियर ज़िंदगी, तूने कई बार मेरा रास्ता बदला,
और बाद में समझ आया कि मंज़िल नहीं, मैं बदल रहा था।
डियर ज़िंदगी, पहले मैं लोगों को पकड़कर रखना चाहता था,
अब उनकी मौजूदगी की क़दर करना सीख गया हूँ।
डियर ज़िंदगी, तेरे दिए हुए कुछ घाव आज भी याद हैं,
मगर उनसे मिली समझ उनसे कहीं बड़ी है।
डियर ज़िंदगी, जब सब कुछ मेरे अनुसार नहीं हुआ,
तभी मैंने धैर्य का असली अर्थ जाना।
डियर ज़िंदगी, तूने मुझे यह एहसास कराया,
कि खुशी हमेशा बड़ी घटनाओं में नहीं मिलती।
डियर ज़िंदगी, पहले मैं भविष्य की चिंता में रहता था,
अब वर्तमान के छोटे सुख भी अनमोल लगते हैं।
डियर ज़िंदगी, तेरे कुछ सवाल आज भी अनसुलझे हैं,
मगर अब उनसे बेचैनी नहीं होती।
डियर ज़िंदगी, मैंने तुझसे कई शिकायतें कीं,
मगर हर शिकायत के बाद समझ थोड़ी और बढ़ी।
डियर ज़िंदगी, तूने मुझे खोना भी सिखाया,
ताकि मैं मिलने की कीमत समझ सकूँ।
डियर ज़िंदगी, अब मैं हर बदलाव से डरता नहीं,
क्योंकि तूने दिखाया है कि बदलाव में भी सौंदर्य होता है।
डियर ज़िंदगी, तेरे साथ बिताया हर वर्ष,
मुझे मेरे ही एक नए रूप से मिलाता रहा।
डियर ज़िंदगी, कुछ रिश्ते छूट गए, कुछ यादें रह गईं,
और दोनों ने मुझे भावनाओं की गहराई सिखाई।
डियर ज़िंदगी, पहले मैं जीत के पीछे भागता था,
अब संतोष की तलाश ज़्यादा प्रिय लगती है।
डियर ज़िंदगी, तेरी सबसे सुंदर बात यह है,
कि तू हर दिन एक नया नज़रिया दे सकती है।
डियर ज़िंदगी, अब मैं तुझसे कम लड़ता हूँ,
और तुझे थोड़ा ज़्यादा समझने की कोशिश करता हूँ।
डियर ज़िंदगी, अगर आज तुझे एक नाम देना हो,
तो शायद "हुमसफ़र" कहूँगा, क्योंकि तूने साथ छोड़ने के बजाय, मुझे बदलना चुना।