Zindagi Status
ज़िंदगी ने धीरे-धीरे समझदार बनाया,
जो लोग जल्दी समझ आ गए, वे अपने नहीं थे।
हर दिन जीतना ज़रूरी नहीं,
हर दिन सीखना ज़रूरी है।
कुछ रास्ते मंज़िल तक नहीं ले गए,
मगर ख़ुद तक ज़रूर ले आए।
ज़िंदगी का सबसे सुंदर बदलाव यह था,
मैंने दूसरों से ज़्यादा ख़ुद को समझना शुरू किया।
अब हर बात साबित करने की ज़िद नहीं,
कुछ सच्चाइयाँ ख़ामोशी में भी दिख जाती हैं।
जो मिला, उसका शुक्रिया है,
जो नहीं मिला, उसने तलाशना सिखाया।
ज़िंदगी ने कई बार गिराया,
तभी तो संभलकर चलना आया।
कभी जो कमी लगती थी,
आज वही मेरी पहचान बन गई।
हर मुस्कान के पीछे आसान दिन नहीं होते,
कभी-कभी लंबी लड़ाइयाँ भी होती हैं।
अब छोटी-छोटी खुशियों का हिसाब रखता हूँ,
बड़ी खुशियाँ रोज़ नहीं आतीं।
ज़िंदगी की किताब में कुछ पन्ने धुंधले हैं,
फिर भी पूरी कहानी ख़ूबसूरत लगती है।
जो बदल गया, उसे जाने दिया,
जो बचा रहा, वही क़ीमती निकला।
हर किसी को समझना ज़रूरी नहीं,
हर किसी का सम्मान करना ज़रूरी है।
ज़िंदगी ने सिखाया कि सुकून खरीदा नहीं जाता,
उसे कमाया जाता है।
कुछ लोग साथ नहीं रहे,
मगर उनकी सीख आज भी साथ है।
अब भविष्य की चिंता कम है,
आज को बेहतर बनाने की कोशिश ज़्यादा है।
ज़िंदगी की सबसे बड़ी राहत यह है,
सब कुछ हमेशा एक जैसा नहीं रहता।
जो दर्द कभी बोझ लगता था,
आज वही अनुभव कहलाता है।
हर मोड़ पर नई शुरुआत संभव है,
बस मन में उम्मीद बची रहनी चाहिए।
अब देर होने से डर नहीं लगता,
गलत दिशा में जाने से लगता है।
ज़िंदगी ने मुझे बदल दिया,
मगर मेरे सपनों की रोशनी नहीं बदली।
कुछ रिश्ते उम्र भर नहीं चलते,
पर उम्र भर याद रहते हैं।
हर कठिन समय ने एक बात साबित की,
मैं सोचता था उससे ज़्यादा मज़बूत हूँ।
ज़िंदगी का असली लाभ शायद यही है,
हम हर अनुभव से थोड़ा बेहतर लौटते हैं।
जब पीछे मुड़कर देखता हूँ,
तो समझ आता है कि हर ठोकर की भी एक वजह थी।
ज़िंदगी ने हर सवाल का जवाब नहीं दिया,
मगर इतना ज़रूर सिखाया कि हर जवाब ज़रूरी नहीं होता।
कुछ हारें ऐसी भी थीं जिन पर अफ़सोस नहीं,
उन्होंने मुझे मेरी असली ताक़त से मिलवाया।
अब हर बात दिल पर नहीं लेता,
ज़िंदगी को समझने में थोड़ा वक़्त लगा है।
जो मेरे हिस्से का नहीं था, चला गया,
जो मेरा था, उसने रास्ता ढूँढ़ लिया।
ज़िंदगी आसान नहीं हुई,
बस शिकायतों की जगह समझ ने ले ली।
हर मोड़ पर कुछ खोया भी है,
तभी तो आज ख़ुद को थोड़ा बेहतर पाया है।
अब ख़ुशी बड़ी वजहों की मोहताज नहीं,
कभी-कभी एक सुकून भरी शाम काफ़ी होती है।
ज़िंदगी ने जितना तोड़ा,
उतना ही भीतर से मज़बूत भी किया।
सब कुछ अपने मुताबिक़ नहीं हुआ,
फिर भी बहुत कुछ शुक्रिया कहने लायक़ है।
कभी जल्दबाज़ी में था मंज़िल पाने की,
अब रास्तों को भी ध्यान से देखता हूँ।
ज़िंदगी का सबसे अच्छा दौर शायद वही होता है,
जब इंसान ख़ुद से लड़ना छोड़ देता है।
कुछ लोग कहानी बन गए,
कुछ लोगों ने कहानी बदल दी।
हर दिन कुछ नया नहीं देता,
कभी-कभी वही दिन हमें नया बना देता है।
अब समझ आया कि सुकून कहाँ मिलता है,
जहाँ दिखावा कम और अपनापन ज़्यादा हो।
ज़िंदगी ने सिखाया कि मज़बूती शोर नहीं करती,
वह चुपचाप मुश्किल दिनों से गुज़र जाती है।
जो बदल नहीं सकता, उसे स्वीकार कर लिया,
और जो बदल सकता था, उस पर काम किया।
हर अनुभव ने कुछ न कुछ छोड़ा है,
कोई सबक, कोई मुस्कान, कोई पहचान।
ज़िंदगी की ख़ूबसूरती शायद इसी में है,
यह कभी वैसी नहीं होती जैसी सोची थी।
अब हर जीत पर घमंड नहीं होता,
क्योंकि हार की सीढ़ियाँ याद हैं।
कुछ सपने पूरे हुए, कुछ अधूरे रह गए,
मगर कोशिशों ने कभी साथ नहीं छोड़ा।
ज़िंदगी ने थकाया भी बहुत है,
लेकिन रुक जाने का मन कभी नहीं बनाया।
जो बीत गया, वह बोझ नहीं रहा,
वह मेरी समझ का हिस्सा बन गया।
अब लोगों को बदलने की चाह नहीं,
ख़ुद को बेहतर बनाने की आदत है।
हर उम्र का अपना मौसम होता है,
समझदार वही है जो उसे महसूस कर ले।
ज़िंदगी का असली सौंदर्य शायद यही है,
यह हर दिन हमें थोड़ा और इंसान बनाती है।