one sided love shayari

one sided love shayari

तुम्हारे हँसने की आवाज़ को महफूज़ कर लिया है मैंने,
जब भी तन्हाई बढ़ती है, खुद को सुना लेता हूँ।
तुम किसी और की बात करते हो तो गौर से सुनता हूँ,
तुम्हारे चेहरे के उन भावों को याद रखना अच्छा लगता है।
मैंने कभी नहीं चाहा कि तुम मुझे मुड़कर देखो,
बस ये चाहता हूँ कि तुम्हारी राहों में कोई काँटा न आए।
तुम्हारी पसंद की वो छोटी सी बात जो तुमने कल कही थी,
आज भी मेरे जेहन में एक खूबसूरत ख़याल बनकर ठहर गई है।
उम्र भर साथ चलने का वादा मैंने खुद से किया है,
तुम्हें इस बात की खबर भी हो, ये ज़रूरी तो नहीं।
तुम्हारे नाम का ज़िक्र जब भी कहीं अनजाने में होता है,
मैं खामोशी से मुस्कुराकर बात बदल देता हूँ।
हक़ जताना मेरी फितरत में नहीं है,
तुम्हारी ख़ुशी को दूर से देखना ही मेरी इबादत है।
तुमने वो बात भूलकर भी नहीं पूछी मुझसे,
पर मुझे वो आज भी याद है जैसे कल की ही बात हो।
भीड़ में तुम्हें ढूंढना अब एक आदत बन गई है,
मिल जाओ तो तसल्ली और न मिलो तो उम्मीद बनी रहती है।
मेरी दुआओं का असर शायद मुझ पर ही हो रहा है,
तुम्हें खुश देखकर मुझे एक अजीब सा सुकून मिलता है।
तुमसे कुछ मांगने का इरादा कभी था ही नहीं,
बस मेरी मौजूदगी में तुम्हारा होना ही काफी है।
मेरे पास बताने को बहुत कुछ है पर लफ्ज़ नहीं,
शायद इसीलिए खामोशी में ही सब कुछ कह लेता हूँ।
तुम्हारी उलझनों को सुलझाने की कोशिश करता हूँ,
ताकि तुम्हारी आँखों में कोई शिकन न बाकी रहे।
दूरी ज़रूर है हमारे बीच फासलों की हद तक,
पर ज़हन के किसी कोने में हम आज भी साथ हैं।
तुमने जो कभी देखा ही नहीं मुझे उस नज़र से,
उस अनकहे एहसास को सहेज कर रखना भी एक नशा है।
मुझे पता है कि तुम क्या चाहती हो,
मेरा होना न होना तुम्हारी दुनिया में बराबर है।
कभी जो वक्त मिला तो पूछना चाहूँगा तुमसे,
कि क्या कभी मेरा ख्याल भी तुम्हारी सोच में आया है।
न उम्मीद है न कोई शिकायत है तुमसे,
बस तुम मुस्कुराते रहो, यही मेरी इनायत है।
तुम तो बस अपनी ज़िंदगी अपने ढंग से जियो,
तुम्हारी परछाई बनकर चलना मुझे मंज़ूर है।
मोहब्बत मुकम्मल हो ये कहाँ लिखा है किस्मत में,
किसी को बिना पाए भी चाहना, ये भी एक हुनर है।
तुम्हारी पसंद के कुछ गाने मैंने अपनी प्लेलिस्ट में जोड़ लिए हैं,
कभी जो तुम पूछो, तो शायद दिखा सकूँ कि तुम मुझमें कितनी बसती हो।
तुमने कभी पूछा ही नहीं कि मेरा दिन कैसा रहा,
पर मुझे तुम्हारी मुस्कुराहट की खबर, अक्सर अपनों से मिल जाती है।
मेरे पास तुम्हारे लिए कुछ नहीं है सिवाय इस खामोशी के,
जो मैंने बड़ी हिफाजत से सीखी है, ताकि तुम कभी परेशान न हो।
गलती मेरी ही थी जो मैंने उम्मीदें बना लीं,
तुम तो बस अपनी आदत के मुताबिक, मुझसे बात कर रही थीं।
मैंने सुना है कि तुम खुश हो,
और यकीन मानो, मुझे तुम्हारे पास होने की ज़रूरत ही नहीं रही।
कभी-कभी तुम्हें देखते हुए ख्याल आता है कि,
तुम्हारी दुनिया में मेरे होने या न होने का, कोई खास फर्क नहीं पड़ता।
वो जो तुम अपनी बातों में अक्सर जिक्र करती हो,
काश मैं वो इंसान होता, जिसके बारे में तुम इतना सोचती हो।
तुम्हारी सबसे बड़ी खूबी ये है कि तुम मुझे नहीं जानतीं,
और मेरी सबसे बड़ी कमजोरी ये है कि मैं ये बात जानता हूँ।
मैंने खुद को बहुत समझाया कि तुम मेरी नहीं हो सकती,
पर ये दिल है कि, हर बार मुझे गलत साबित कर देता है।
तुम जब हँसती हो तो लगता है,
कि इस दुनिया में सब कुछ ठीक है, भले ही मेरे साथ कुछ भी ठीक न हो।
मैंने तुमसे कभी कुछ माँगा नहीं,
बस एक उम्मीद थी कि कभी तुम मुझे, भीड़ में पहचान लोगी।
मेरे पास तुम्हारी कोई तस्वीर नहीं है,
पर तुम्हें याद करने के लिए, मुझे आँखों की भी ज़रूरत नहीं पड़ती।
कभी तुम भी मुझे वैसे ही याद करोगी,
जैसे मैं करता हूँ, पर तब तक शायद मैं ये सब छोड़ चुका होऊँगा।
मुझे डर है कि कहीं मेरा ये चुप रहना,
तुम्हारी नज़रों में मेरी कोई अहमियत न रहने दे।
तुमसे दूर रहकर भी, मैं तुम्हारी फिक्र करता हूँ,
ये एक ऐसा रिश्ता है, जिसमें सिर्फ मेरा ही हक है।
अगर कभी लगे कि कोई है जो तुम्हें बिना वजह चाहता है,
तो समझ लेना कि वो कोई और नहीं, सिर्फ मैं हूँ।
तुमने तो बस एक बार नाम लिया था मेरा,
और मैंने पूरी कायनात को, अपना मान लिया था।
ये एकतरफा होना भी अजीब है,
कि सब कुछ होने के बाद भी, हमारे बीच कुछ भी नहीं है।
मुझे पता है कि तुम कभी मेरी नहीं होगी,
फिर भी मैं खुद को, हर रोज़ यही झूठ बोलकर बहला लेता हूँ।
हमारा मिलना तो मुकद्दर में ही नहीं था,
पर तुम्हें चाहना, शायद मेरी किस्मत में लिखा था।

one side love shayari in english

Tumhare haste huye chehre ko maine sambhaal kar rakha hai,
Jab bhi udasi hoti hai, bas usi pal ko yaad kar leta hoon.
Tum jab kisi aur ki baat karte ho toh main gaur se sunta hoon,
Tumhari baaton mein chhupe unn jazbaaton ko mehsoos karna achha lagta hai.
Maine kabhi yeh nahi chaha ki tum mujhe palat kar dekho,
Bas dil mein ye dua hai ki tumhari raahon mein kabhi koi mushkil na aaye.
Tumne kal jo choti si baat kahi thi, woh abhi tak yaad hai mujhe,
Woh ek lamha mere liye kisi khoobsurat yaad jaisa hai.
Umar bhar tumhara saath nibhane ka iraada maine khud se kiya hai,
Tumhe iska pata ho, yeh zaroori toh nahi.
Tumhare naam ka zikr jab bhi kahin anjaane mein hota hai,
Main bas khamoshi se muskura deta hoon aur baat badal deta hoon.
Haq jatana meri fitrat mein nahi hai,
Tumhe door se khush dekhna hi meri ibaadat hai.
Tumne woh baat bhoolkar bhi kabhi nahi puchi mujhse,
Par mujhe woh aaj bhi yaad hai jaise abhi kuch der pehle ki baat ho.
Bheed mein tumhe dhoondna ab ek aadat si ban gayi hai,
Tum mil jao toh sukoon aur na milo toh ummeed bani rehti hai.
Meri duaon ka asar shayad mujh par hi ho raha hai,
Tumhe muskurata dekhkar mujhe khud mein sukoon milta hai.
Tumse kuch maangne ka iraada kabhi tha hi nahi,
Bas meri maujoodgi mein tumhara hona hi kaafi hai.
Mere paas batane ko bahut kuch hai par alfaaz nahi milte,
Shayad isiliye khamoshi mein hi sab kuch keh leta hoon.
Tumhari uljhanon ko suljhane ki koshish karta hoon,
Taaki tumhari aankhon mein kabhi koi pareshani na dikhe.
Doori zaroor hai hamare beech faaslon ki had tak,
Par mere zehan ke kisi kone mein hum aaj bhi saath hain.
Tumne toh kabhi dekha hi nahi mujhe uss nazar se,
Par uss ankahe ehsaas ko sambhaal kar rakhna bhi ek nasha hai.
Mujhe pata hai ki tumhari pasand kya hai,
Mere hone ya na hone se tumhari duniya mein koi fark nahi padta.
Kabhi jo waqt mile toh poochna chahunga tumse,
Ki kya kabhi mera khayal bhi tumhari soch mein aaya hai.
Na ummeed hai na koi shikayat hai tumse,
Bas tum hasti raho, yahi meri khushi hai.
Tum toh bas apni zindagi apne dhang se jiyo,
Tumhari parchhayi bankar chalna mujhe manzoor hai.
Mohabbat mukammal ho yeh kahan likha hai kismat mein,
Kisi ko bina paaye bhi chahna, yeh bhi ek hunar hai.