तुम साथ होती हो तो शहर की भीड़ भी शांत लगती है,
तुम्हारी मौजूदगी का सुकून किसी इबादत सा लगता है।
तुम्हारे आने से अब मेरी छोटी सी दुनिया महकने लगी है,
जैसे किसी सूखी टहनी पर नई कोंपलें खिलने लगी हों।
बातें तो बहुत सी हैं जो तुमसे कहनी बाकी हैं,
पर तुम्हारे साथ खामोश बैठना भी तो एक अलग खुशी है।
तुम्हारे हँसने का अंदाज़ मेरे दिन का सबसे पसंदीदा हिस्सा है,
इस एक मुस्कान के लिए मैं हज़ारों महफिलें छोड़ सकता हूँ।
मेरे हर उलझे हुए फैसले का जवाब तुम हो,
तुमसे बात करके दिल को मिलता सबसे गहरा सुकून हो।
शाम की ये चाय और तुम्हारा ख्याल,
मेरे दिन को पूरा करने के लिए यही काफी है।
तुम्हारी पसंद की वो किताब आज भी मैंने संभाल रखी है,
हर पन्ने पर मुझे आज भी तुम्हारे होने का अहसास होता है।
दुनिया की इस भागदौड़ में बस एक तुम्हारा साथ मिल जाए,
तो समझो मेरी हर छोटी-बड़ी ख्वाहिश पूरी हो जाए।
तुम जो पास होती हो तो वक्त भी ठहर सा जाता है,
तुम्हारी आँखों में डूबकर मुझे खुद का पता मिल जाता है।
तुम्हारे नाम की महक मेरे घर के हर कोने में है,
तुम रहो या न रहो, मेरा दिल तो हमेशा तुम्हारे साथ ही है।
तुम्हारी पसंदीदा महक वाली कॉफी आज भी वैसे ही है,
बस अब उसे पीने वाला हर घूँट तुम्हारी कमी महसूस करता है।
किताब के पन्नों में दबकर रह गए वो सूखे फूल,
तुमसे जुड़ी हर छोटी चीज अब यादों का एक सुकून है।
घर की खामोशी में तुम्हारी हँसी का शोर ढूँढता हूँ,
मैं तुम्हें याद नहीं करता, मैं तुम्हें हर पल महसूस करता हूँ।
सफर में जब भी खिड़की से बाहर देखता हूँ,
हर गुजरता चेहरा बस तुम्हारी ही एक झलक माँगता है।
मोबाइल की स्क्रीन पर तुम्हारा नाम देखे काफी वक्त हुआ,
पर मेरे दिल की धड़कन आज भी उसी वक्त पर ठहरी है।
अक्सर रात को पुरानी चैट दोबारा पढ़ने लगता हूँ,
ऐसा लगता है जैसे तुम अभी भी मेरे पास ही बैठी हो।
तुम्हारे बिना ये दिन अब भी वैसे ही गुजर रहे हैं,
बस फर्क ये है कि अब हर शाम तुम और ज्यादा करीब लगती हो।
तुम्हारी हँसी की याद आते ही खुद ही मुस्कुरा देता हूँ,
ये कैसा रिश्ता है जो दूरी बढ़ने पर और गहरा हो गया।
शहर की भीड़ में आज भी तुम्हें ही ढूँढती हैं मेरी आँखें,
भले ही जानती हूँ कि तुम इस वक्त मीलों दूर कहीं हो।
तुम्हारी कही वो बातें आज भी कानों में गूँजती हैं,
जैसे तुम मेरे पास ही बैठकर कोई प्यारा सा किस्सा सुना रही हो।
तुम याद आती हो तो वक्त की रफ़्तार जैसे थम सी जाती है,
तुम्हारी वो प्यारी बातें रूह में एक नया अहसास जगाती हैं।
तुम्हारे आने का इंतज़ार अब मेरी इबादत सा हो गया है,
तुम्हारे बिना ये दिल अब मुकम्मल कहाँ हो पाता है।
मोबाइल की लाइट में तुम्हारा चेहरा देख दिन कट जाता है,
तुम्हारी हँसी की याद आते ही हर गम हल्का सा हो जाता है।
दूरी ने सिर्फ हमारे दरमियाँ एक फासला बनाया है,
तुम्हारी कमी ने मेरे दिल में तुमको और करीब बसाया है।
तुम्हारे बिना ये शहर अब मुझे अपना सा नहीं लगता,
तुम्हारी मौजूदगी के बिना कोई भी कोना प्यारा नहीं लगता।
तुम्हारे साथ बिताए वो चंद पल मेरी सबसे बड़ी दौलत हैं,
तुम्हारी यादों की गर्माहट ही अब मेरी अकेली राहत है।
तुम हो तो ही इस जिंदगी की कहानी पूरी लगती है,
तुम्हारे बिन ये धड़कन भी अब मुझे थोड़ी अधूरी लगती है।
तुम्हारी हँसी की यादें मेरे दिन का सबसे खूबसूरत हिस्सा हैं,
तुम्हारे बिना मेरा हर एक लम्हा जैसे अधूरा सा एक किस्सा है।
तुम्हारे बिना भी तुम्हारी मौजूदगी का अहसास बाकी है,
मेरे दिल के हर पन्ने पर आज भी सिर्फ तुम्हारा ही नाम बाकी है।
तुम पास नहीं हो तो क्या हुआ, मेरी दुआओं में तुम रहती हो,
मेरे दिल के हर धड़कन में सिर्फ तुम्हारी ही धुन बजती है।
तुम्हारे साथ की वो पुरानी तस्वीरें आज भी गैलरी में सबसे ऊपर हैं,
इन्हें देखूँ तो लगता है जैसे हम फिर उसी पल में जी रहे हैं।
तुमसे बात न हो तो पूरा दिन किसी अधूरी कहानी जैसा लगता है,
ये खामोशी अब मेरे दिल पर एक बोझ सा बनने लगी है।
दूरी ने सिखा दिया है कि प्यार का मतलब सिर्फ साथ रहना नहीं,
तुम्हारी यादों के साथ हर दिन को जी लेना भी एक इबादत है।
तुम्हारी पसंद की वो जगह आज फिर मैं अकेला ही गया था,
वहाँ की हवाओं में मुझे आज भी तुम्हारी हँसी सुनाई दी।
ये जो फासला है हमारे दरमियाँ, ये तो बस एक रस्म है,
सच तो ये है कि तुम मेरे दिल के सबसे करीब मौजूद हो।
तुम्हारे मैसेज का इंतज़ार करना अब मेरी आदत सी हो गई है,
जैसे किसी बंजर ज़मीन को पहली बारिश की फुहार का इंतज़ार।
भीड़ में अचानक तुम्हारी खुशबू का आना, दिल को धड़का देता है,
फिर एहसास होता है कि ये महज एक ख्याल है, और तुम बहुत दूर हो।
तुम्हारी आवाज़ सुनने को मन आज फिर मचलने लगा है,
इस बेताबी को अब कोई और शब्द नहीं, सिर्फ तुम्हारा साथ ही मिटा सकता है।
दिन की भागदौड़ में भी तुम मेरे हर खयाल के केंद्र में रहती हो,
मैं चाहे दुनिया में कहीं भी रहूँ, मेरी रूह तुम्हारे पास ही रहती है।
रात के सन्नाटे में तुम्हारी यादें एक रोशनी की तरह साथ चलती हैं,
इन अंधेरों में भी बस तुम्हारा ही चेहरा मुझे सुकून दे जाता है।
तुम्हारे बिना ये घर अब सिर्फ चार दीवारें लगती हैं,
हर कोने में तुम्हारी मौजूदगी का एहसास मुझे अब सताता है।
सफर के दौरान जब भी कोई गाना बदलता हूँ,
तो याद आता है कि ये धुन हमें एक साथ सुननी थी।
तुम्हारे बिना भी ये दिन ढल ही जाते हैं,
पर हर ढलती शाम तुम्हारी याद का एक नया ज़ख्म दे जाती है।
आज बारिश में भीगते हुए बस तुम्हारा ख्याल आया,
तुम साथ होतीं तो ये बूंदें भी हमें और करीब ले आतीं।
तुम्हारी हँसी की गूँज मेरी खामोशियों में आज भी ज़िंदा है,
मेरे दिल के उस कमरे में जहाँ सिर्फ तुम्हारी यादें बसी हैं।
दिनभर खुद को काम में उलझाए रखता हूँ,
पर रात होते ही तुम्हारी यादें मुझे बेबस कर देती हैं।
पुराने मैसेज पढ़ते हुए आज फिर मुस्कुरा दिया,
तुम जानती नहीं कि तुम मेरे लिए आज भी कितनी खास हो।
शहर के शोर में आज भी तुम्हारी आवाज़ ढूँढता हूँ,
इस उम्मीद में कि शायद कहीं से तुम मुझे पुकार लोगी।
तुम्हारी पसंद की वो जगह आज भी खाली है,
जैसे वो भी मेरा ही इंतज़ार कर रही हो कि तुम कब आओगी।
तुम्हारी रूह मेरे पास है और मैं तुम्हारा साया बन गया हूँ,
दूरी सिर्फ एक बहाना है, हम तो एक-दूसरे में ही रहते हैं।