Dosti Poetry Urdu
दोस्ती की राह में कई चेहरे मिले, मगर जो दिल में ठहर गया, वही अपना निकला।
तेरी रफ़ाक़त का असर कुछ यूँ है, भीड़ में भी तन्हाई पास नहीं आती।
कुछ रिश्ते आवाज़ देते हैं, दोस्ती ख़ामोशी में भी महसूस होती है।
वक़्त ने बहुत से रंग बदले, मगर तेरे लिए दिल का एहतराम नहीं बदला।
जो दोस्त हालात से ऊपर उठकर साथ दे, उसका क़र्ज़ अल्फ़ाज़ से अदा नहीं होता।
तेरी याद किसी पुराने किस्से जैसी नहीं, एक ज़िंदा एहसास की तरह साथ चलती है।
दोस्ती में कोई दावा नहीं होता, बस दिल से दिल तक भरोसे का सफ़र होता है।
हर शख़्स से अपनापन नहीं मिलता, कुछ लोग ही दोस्त बनकर दिल में उतरते हैं।
रफ़ाक़त का असली हुस्न यही है, कि दूरी भी रिश्ते की गर्माहट कम नहीं करती।
तेरे साथ गुज़रा हर लम्हा, आज भी मुस्कुराने की वजह बन जाता है।
दोस्ती वह आईना है, जहाँ इंसान खुद को बिना पर्दे के देख सकता है।
कुछ लोग वक़्त के साथ भुला दिए जाते हैं, सच्चे दोस्त वक़्त के साथ और याद आते हैं।
तेरी मौजूदगी ने यह सिखाया, कि सुकून हमेशा जगहों में नहीं, लोगों में मिलता है।
दोस्ती की ख़ुशबू दिखती नहीं, मगर उम्र भर महसूस होती रहती है।
जब दुनिया समझने में देर कर दे, एक दोस्त की समझ काफी होती है।
तेरा साथ किसी सहारे जैसा नहीं, एक यक़ीन जैसा लगता है।
दोस्ती का रिश्ता जितना सादा हो, उतना ही गहरा होता चला जाता है।
कुछ यादें तस्वीरों में कैद होती हैं, कुछ दोस्त दिल में आबाद रहते हैं।
तेरी दोस्ती ने मुझे यह दौलत दी, कि मुश्किल वक़्त में भी हिम्मत बाकी रही।
रिश्तों की भीड़ में सबसे क़ीमती वही निकला, जो दोस्त बनकर हर हाल में अपना रहा।
रफ़ाक़तों का भी अपना अजब उसूल रहा, जो दिल के क़रीब था, वही सबसे मक़बूल रहा।
तेरी दोस्ती ने मुझे यह हुनर सिखाया है, ख़ामोश रहकर भी रिश्ते निभाए जाते हैं।
कुछ लोग उम्र भर साथ रहकर भी अपने नहीं होते, कुछ दोस्त चंद लम्हों में दिल का हिस्सा बन जाते हैं।
तेरी याद किसी शोर की मोहताज नहीं, दोस्ती का रिश्ता दिल में ख़ामोशी से महकता है।
वक़्त की गर्द बहुत कुछ धुंधला कर देती है, मगर सच्ची रफ़ाक़त की चमक कम नहीं होती।
दोस्ती का करम यह भी कम नहीं, कि मुश्किल दिनों में कोई तुम्हारा यक़ीन बना रहे।
हमने रिश्तों की भीड़ में यह सीखा, मख़लिस दोस्त बहुत कम होते हैं।
तेरे होने से ज़िंदगी आसान नहीं हुई, मगर तन्हा भी नहीं रही।
कुछ बातें अल्फ़ाज़ में नहीं आतीं, दोस्ती उन्हें एहसास की ज़ुबान दे देती है।
दूरियों ने मुलाक़ातें कम कर दी होंगी, मगर अपनापन आज भी वहीं ठहरा है।
दोस्ती वह रिश्ता है, जहाँ सफ़ाई नहीं, समझ ज़्यादा काम आती है।
तेरी रफ़ाक़त का असर कुछ यूँ रहा, मुश्किल वक़्त भी गुज़रने लायक लगने लगा।
कुछ लोग यादों में रहते हैं, और कुछ दोस्त यादों को ज़िंदा रखते हैं।
जब दुनिया ने जल्दी फ़ैसले सुनाए, एक दोस्त ने मुझे सुनना बेहतर समझा।
सच्ची दोस्ती का वज़न अल्फ़ाज़ से नहीं, मुश्किल लम्हों में निभाए गए साथ से होता है।
तेरे साथ गुज़रे हुए लम्हे, आज भी दिल को सुकून देने का हुनर रखते हैं।
दोस्ती का रिश्ता किसी वजह का मोहताज नहीं, यह दिल से शुरू होकर दिल तक पहुँचता है।
हर शख़्स को समझने वाला नहीं मिलता, मुझे एक दोस्त मिला, यह कम नेमत नहीं।
वक़्त बदलता रहा, हालात बदलते रहे, मगर तेरी ख़ैरियत की फ़िक्र नहीं बदली।
कुछ रिश्ते नाम से पहचाने जाते हैं, दोस्ती अपने एहसास से पहचानी जाती है।
तेरी दोस्ती ने यह यक़ीन दिलाया, कि हर रिश्ता मतलब से नहीं होता।
ख़ामोशी में भी जो हाल पूछ ले, ऐसे लोग दोस्त कम, सुकून ज़्यादा होते हैं।
रफ़्तार-ए-ज़िंदगी चाहे जितनी तेज़ हो, एक सच्चा दोस्त हमेशा दिल के क़रीब रहता है।
तेरी याद किसी पुराने ख़त की तरह है, जितनी पढ़ो, उतनी अपनापन महसूस होता है।
दोस्ती का सबसे हसीन पहलू यही है, कि इसमें मोहब्बत से ज़्यादा इख़्लास होता है।