Mast Zindagi Shayari
सुबह की ठंडी हवा से मैंने एक बात सीखी,
हर दिन नया होता है, चाहे कल कितना भी उलझा रहा हो।
मुझे अब हर बात का जवाब नहीं चाहिए,
कुछ पल बस महसूस करने के लिए भी अच्छे लगते हैं।
ज़िंदगी की सबसे प्यारी आदत यही लगी,
यह उदासी के बीच भी हँसने का बहाना ढूँढ़ लेती है।
कभी यूँ ही बिना वजह टहलने निकल जाओ,
कई उलझनें रास्ते में ही पीछे छूट जाती हैं।
मैंने खुशियों को बड़े मौकों में तलाशना छोड़ दिया,
वे अक्सर साधारण दिनों में मिल जाती हैं।
मस्त रहना कोई कला नहीं,
बस हर कमी को कहानी और हर ख़ुशी को तोहफ़ा मानना है।
अब बारिश हो तो भी मुस्कुरा लेता हूँ,
कपड़े सूख जाएँगे, यादें नहीं।
कभी दोस्तों के साथ पुरानी तस्वीरें देख लेना,
वक़्त भी उस दिन थोड़ा ठहर-सा जाता है।
ज़िंदगी को बहुत गंभीरता से समझने निकला था,
रास्ते में उसने हँसना सिखा दिया।
कुछ सपने पूरे हुए, कुछ अभी सफ़र में हैं,
मगर दिल ने इंतज़ार को भी उत्सव बना लिया है।
मुझे उन लोगों से मोहब्बत है,
जो साधारण दिनों को भी ख़ास बना देते हैं।
हर शाम किसी जीत की मोहताज नहीं होती,
कभी सुकून से गुज़र जाना भी काफ़ी है।
अब मैं फ़ुर्सत के पलों को व्यर्थ नहीं मानता,
यही तो ज़िंदगी का असली स्वाद रखते हैं।
कभी-कभी एक कुल्हड़ चाय और खुला आसमान,
पूरे दिन का इनाम लगते हैं।
ज़िंदगी ने सिखाया कि मुस्कान बचाए रखना,
कई मुश्किलों से लड़ने का सबसे हल्का तरीका है।
मैंने मौसमों से दोस्ती कर ली है,
हर रंग में जीने का अपना आनंद है।
कुछ दिन साधारण होते हैं,
और बाद में वही सबसे सुंदर याद बन जाते हैं।
अब जल्दी कम है और आनंद ज़्यादा,
शायद उम्र नहीं, समझ बढ़ी है।
मस्त ज़िंदगी का मतलब भागना नहीं,
रुककर भी खुश रहना है।
जब मन हल्का हो,
तो छोटी सड़कें भी सफ़र जैसी लगती हैं।
मैंने हर अधूरी इच्छा को उदासी नहीं बनने दिया,
कुछ को मुस्कुराकर भविष्य के लिए छोड़ दिया।
ज़िंदगी की सबसे अच्छी बात यह है,
यह रोज़ दूसरा मौका लेकर आती है।
कभी अपने पसंदीदा गीत के साथ सफ़र करना,
दूरी भी कहानी बन जाती है।
अब हर दिन से बड़ी उम्मीद नहीं रखता,
इसलिए हर छोटी खुशी बड़ी लगती है।
और सच में, जीने का मज़ा तब आया,
जब मैंने परफ़ेक्ट पल ढूँढ़ना छोड़कर हर पल में थोड़ा आनंद ढूँढ़ लिया।
ज़िंदगी को मैंने चाय की आख़िरी चुस्की की तरह जीना सीखा है,
धीरे-धीरे, मुस्कुराकर, बिना जल्दी किए।
हर दिन कोई बड़ी ख़ुशी लेकर नहीं आता,
मगर हर दिन में हँसने की एक वजह ज़रूर छिपी होती है।
मैंने परेशानियों को दरवाज़े पर ही नहीं छोड़ा,
बस उन्हें घर के मालिक बनने नहीं दिया।
मस्त ज़िंदगी का मतलब यह नहीं कि ग़म नहीं हैं,
मतलब बस इतना है कि मुस्कान अभी भी मौजूद है।
कभी दोस्तों के साथ पुरानी बातों पर हँस लेना,
कई बड़ी फ़िक्रों से ज़्यादा काम कर जाता है।
जेब हमेशा भरी हो, यह ज़रूरी नहीं,
दिल हल्का हो तो दिन अपने आप अच्छा लगने लगता है।
मैंने मौसम की शिकायत कम कर दी,
अब बारिश हो तो भी मज़ा, धूप हो तो भी मज़ा।
ज़िंदगी हर बार योजना के मुताबिक़ नहीं चली,
मगर उसकी अपनी शरारतें भी बुरी नहीं थीं।
कुछ ख़ुशियाँ ख़रीदी नहीं जातीं,
वे रास्ते में मिले किसी अपने की मुस्कान में मिलती हैं।
अब हर बात को दिल पर नहीं लेता,
कुछ बातें हवा की तरह आती हैं और जाने देता हूँ।
मस्त रहने का सबसे अच्छा तरीक़ा शायद यही है,
हर छोटी बात को आख़िरी सच न मानो।
कभी यूँ ही छत पर बैठकर शाम देख लेना,
दिन भर की थकान बिना आवाज़ किए उतर जाती है।
ज़िंदगी बोझ तब लगती है,
जब हम हर पल का हिसाब रखने लगते हैं।
मैंने कुछ सपने पूरे किए, कुछ अभी बाकी हैं,
मगर इंतज़ार में भी मुस्कुराना नहीं छोड़ा।
हर दिन ख़ास नहीं होता,
फिर भी हर दिन जीने लायक़ ज़रूर होता है।
कभी रास्ता लंबा हो तो गीत गुनगुना लेता हूँ,
मंज़िल थोड़ी पास लगने लगती है।
मुझे अब बड़ी जीतों का इंतज़ार कम रहता है,
छोटी-छोटी खुशियाँ भी जश्न जैसी लगती हैं।
ज़िंदगी से दोस्ती कर लो,
यह हर दिन नया मज़ाक और नई कहानी लेकर आती है।
कुछ लोग कहते हैं बहुत सोचो,
मैं कहता हूँ कभी-कभी बस जी भी लिया करो।
जो मिला उसका आनंद लिया,
जो नहीं मिला उसे लेकर मौसम ख़राब नहीं किया।
अब दिल में जगह फ़िक्र से ज़्यादा उम्मीद रखता हूँ,
शायद इसी वजह से चेहरे पर रौनक रहती है।
मस्त ज़िंदगी का राज़ किसी किताब में नहीं मिला,
वह तो अपने लोगों के बीच बैठकर समझ आया।
कभी ख़ुद पर हँस लेना भी ज़रूरी है,
हर बात में गंभीर रहना थका देता है।
ज़िंदगी रोज़ कोई उत्सव नहीं सजाती,
मगर रोज़ एक ऐसा पल देती है जिसे सँजोया जा सके।
और सच कहूँ तो अब यही उसूल है मेरा,
जितनी मिली है ज़िंदगी, उतनी दिल खोलकर जीनी है।