आज भी जब पुरानी हँसी याद आती है,
तो उसके पीछे तुम्हारा चेहरा दिखाई देता है।
दोस्त, तुमसे बात हुए ज़माना हो गया,
मगर अपनापन आज भी वैसा ही है।
वो दिन याद आते हैं,
जब हर छोटी बात तुम्हारे साथ साझा होती थी।
कुछ लोग दूर होकर भी क़रीब रहते हैं,
तुम उन्हीं ख़ास लोगों में से हो।
आज भी किसी पुरानी धुन को सुनता हूँ,
तो तुम्हारे साथ बिताए पल याद आ जाते हैं।
दोस्ती की यादें कभी पुरानी नहीं होतीं,
वे बस और गहरी होती जाती हैं।
तुम्हारे साथ बिताई हुई शामें,
आज भी दिल को सुकून दे जाती हैं।
वो बेफ़िक्र दिन और लंबी बातें,
अब यादों की सबसे प्यारी विरासत हैं।
दोस्त, तुम्हारी कमी हर वक़्त नहीं खलती,
मगर कुछ पल तुम्हें बहुत याद दिला जाते हैं।
आज भी कोई मज़ेदार बात होती है,
तो लगता है तुम्हें सुनानी चाहिए।
वो साथ चलने वाले रास्ते,
अब भी तुम्हारी यादों से जुड़े हुए हैं।
कुछ रिश्ते मुलाक़ातों से नहीं,
यादों से ज़िंदा रहते हैं।
तुम दूर सही,
मगर दोस्ती आज भी दिल के पास बैठी है।
वो हँसी जो तुम्हारे साथ आती थी,
वैसी अब कम ही सुनाई देती है।
दोस्त, तुम्हें याद करना उदासी नहीं,
एक मीठा-सा अपनापन है।
आज भी कई तस्वीरें देखकर,
तस्वीर से ज़्यादा तुम याद आते हो।
वो दिन जब वक़्त कम पड़ जाता था,
और बातें ख़त्म नहीं होती थीं, याद हैं।
तुम्हारी यादें कभी बोझ नहीं बनतीं,
वे हमेशा मुस्कुराने की वजह बनती हैं।
दोस्ती की सबसे बड़ी ख़ूबसूरती,
यही है कि दूरी भी इसे कम नहीं कर पाती।
आज भी दिल के किसी कोने में,
तुम्हारे लिए वही पुरानी जगह है।
वो छोटी-छोटी बातें,
अब सबसे बड़ी यादें बन चुकी हैं।
दोस्त, तुम्हारी मौजूदगी की आदत थी,
शायद इसलिए तुम्हारी कमी महसूस होती है।
कभी-कभी बस एक पुराना किस्सा,
पूरी दोस्ती फिर से जीवा देता है।
तुम्हारे साथ बिताए हुए पल,
आज भी ज़िंदगी के सबसे रौशन पन्ने हैं।
कुछ दोस्त यादों में नहीं रहते,
वे यादों की वजह बन जाते हैं।
कभी-कभी किसी पुरानी बात पर मुस्कुरा देता हूँ,
फिर याद आता है कि वह बात तुम्हारे साथ जुड़ी थी।
दोस्त, तुम्हारी कमी हर दिन महसूस नहीं होती,
मगर जब होती है, दिल कुछ देर वहीं ठहर जाता है।
वो दिन याद आते हैं,
जब एक छोटी-सी बात भी घंटों की बातचीत बन जाती थी।
आज भी कुछ ख़बरें ऐसी होती हैं,
जो सबसे पहले तुम्हें बताने का मन करता है।
तुम दूर हो, मगर अजनबी नहीं,
यादों ने आज भी रिश्ता संभाल रखा है।
वो साथ बिताए हुए पल,
अब भी थके हुए दिनों का सुकून हैं।
दोस्तों की यादें अजीब होती हैं,
बिना दस्तक दिए दिल में चली आती हैं।
आज भी किसी पुरानी जगह पर जाऊँ,
तो तुम्हारी हँसी पहले याद आती है।
वो बेवजह की मुलाक़ातें,
अब सबसे ख़ास यादों में शामिल हैं।
तुम्हारी कमी शोर नहीं करती,
बस कुछ लम्हों को थोड़ा ख़ाली कर देती है।
दोस्त, तुम्हें याद करना आदत नहीं,
दिल का एक ख़ूबसूरत एहसास है।
वो बातें जो कभी आम थीं,
आज यादों का सबसे अनमोल हिस्सा हैं।
कुछ दोस्त पास न होकर भी,
दिल के सबसे क़रीब बने रहते हैं।
आज भी पुराने संदेश पढ़ता हूँ,
तो पूरा एक दौर लौट आता है।
तुम्हारे साथ बिताया वक़्त,
आज भी मुस्कुराने की वजह बन जाता है।
दोस्ती की सबसे प्यारी बात यही है,
कि यादें दूरी से कम नहीं होतीं।
वो शामें याद हैं,
जब किसी को घर जाने की जल्दी नहीं होती थी।
तुम्हारी याद में कोई शिकायत नहीं,
सिर्फ़ अच्छे दिनों की ख़ुशबू है।
कुछ लोग रोज़ मिलकर भी याद नहीं रहते,
कुछ दोस्त दूर होकर भी भुलाए नहीं जाते।
आज भी जब हँसी ज़ोर से आती है,
तो लगता है तुम आस-पास ही हो।
दोस्त, तुम्हारे साथ वाली सादगी,
आज भी कई रिश्तों में नहीं मिलती।
वो पल जो तुम्हारे साथ गुज़रे,
समय नहीं, एहसास बनकर रह गए।
कभी-कभी बस एक नाम सुनकर,
पूरी दोस्ती आँखों के सामने आ जाती है।
तुम्हारी कमी इसलिए नहीं खलती कि तुम दूर हो,
बल्कि इसलिए कि तुम्हारा साथ बहुत अपना था।
कुछ दोस्त याद नहीं किए जाते,
वे हमेशा यादों में मौजूद रहते हैं।
आज भी कुछ बातें अधूरी लगती हैं,
जब तुम्हारे साथ वाली हँसी याद आती है।
दोस्त, तुम्हारी कमी उदासी नहीं लाती,
बस कुछ लम्हों को ख़ामोश कर देती है।
वो दिन बहुत याद आते हैं,
जब बिना वजह एक-दूसरे को ढूँढ़ लिया करते थे।
आज भी किसी मज़ेदार बात पर,
सबसे पहले तुम्हें याद करने का मन करता है।
तुम दूर हो,
मगर कुछ यादें अब भी रोज़ मिलने चली आती हैं।
दोस्ती की सबसे गहरी याद,
अक्सर किसी पुराने दोस्त के नाम होती है।
वो साथ बिताए हुए पल,
आज भी दिल को मुस्कुराने पर मजबूर कर देते हैं।
कभी-कभी किसी जगह से गुज़रते हुए,
तुम्हारी याद अचानक साथ चलने लगती है।
दोस्तों की कमी शोर में नहीं,
ख़ामोशियों में महसूस होती है।
आज भी पुरानी तस्वीरें देखकर,
चेहरे से ज़्यादा बातें याद आती हैं।
तुम्हारे साथ की आदत ऐसी थी,
कि अब भी कुछ पल तुम्हें ढूँढ़ लेते हैं।
वो छोटी-छोटी बातें,
जो तब मामूली थीं, आज बहुत क़ीमती लगती हैं।
कुछ दोस्त दूर चले जाते हैं,
मगर उनकी यादें रोज़ मिलने आती हैं।
आज भी जब पुराना ज़िक्र छिड़ता है,
तुम्हारा नाम सबसे पहले याद आता है।
दोस्ती का रिश्ता अजीब होता है,
मुलाक़ातें कम हो जाएँ, यादें नहीं।
तुम्हारी कमी इसलिए महसूस होती है,
क्योंकि तुम्हारा साथ हमेशा सुकून देता था।
वो शामें याद हैं,
जब वक़्त कम पड़ जाता था और बातें नहीं।
कुछ दोस्त ज़िंदगी से नहीं जाते,
बस रोज़मर्रा की ज़िंदगी से दूर हो जाते हैं।
आज भी दिल कहता है,
एक बार फिर वैसे ही बैठकर बातें हों।
तुम्हें याद करना दुख नहीं देता,
बल्कि अच्छे दिनों की याद दिलाता है।
वो बेफ़िक्र हँसी,
तुम्हारे साथ ही सबसे सच्ची लगती थी।
दोस्त, दूरी ने मुलाक़ातें कम की हैं,
अहमियत नहीं।
कुछ रिश्ते रोज़ बातों से नहीं,
यादों से ज़िंदा रहते हैं।
आज भी कई पल ऐसे आते हैं,
जब लगता है तुम यहीं कहीं पास हो।
तुम्हारी याद में उदासी कम,
और अपनापन ज़्यादा महसूस होता है।