Best Propose Day Shayari for GF and BF
जब भी भविष्य के बारे में सोचता हूँ,
चेहरों की भीड़ में बस तुम्हारा चेहरा ठहर जाता है।
शायद इसी को चाहत कहते हैं,
जब कोई इंसान ख़्वाब नहीं, ज़िंदगी का हिस्सा लगने लगता है।
तुमसे बात करना अच्छा लगता था,
फिर तुम्हारा इंतज़ार अच्छा लगने लगा।
और अब हाल ये है कि दिल हर खुशी में तुम्हें ढूँढता है,
क्या हम इस एहसास को एक रिश्ता बना सकते हैं?
तुम्हारे साथ होने पर मुझे ख़ुद को साबित नहीं करना पड़ता,
मैं जैसा हूँ, वैसा ही स्वीकार होने का एहसास मिलता है।
इसी सुकून ने दिल को यक़ीन दिलाया है,
कि मैं तुम्हारे साथ एक नई शुरुआत करना चाहता हूँ।
न जाने कितनी बातें हैं जो सिर्फ़ तुमसे कहने का मन करता है,
न जाने कितनी खुशियाँ हैं जो तुम्हारे साथ जीने का मन करता है।
आज दिल ने हिम्मत जुटाई है,
क्या तुम मेरे सफ़र की सबसे प्यारी हमसफ़र बनोगी?
तुम्हारे आने से ज़िंदगी बदली नहीं,
बस जीने का अंदाज़ बेहतर हो गया।
अब हर अच्छे पल में एक कमी महसूस होती है,
जब तक उसमें तुम्हारा साथ शामिल न हो।
तुम्हारी इज़्ज़त करना मुझे उतना ही पसंद है,
जितना तुम्हें चाहना।
शायद इसलिए यह मोहब्बत सिर्फ़ भावना नहीं,
एक सच्चा निर्णय भी लगती है।
मैं तुम्हें पाने की बात नहीं करता,
मैं तुम्हारे साथ चलने की बात करता हूँ।
रिश्ते अधिकार से नहीं बनते,
दो दिलों की रज़ामंदी से बनते हैं।
तेरे साथ की सबसे ख़ास बात यह है,
कि तुम्हारे पास रहकर मैं और बेहतर इंसान बनना चाहता हूँ।
अगर यही प्रेम है,
तो मैं इसे उम्र भर महसूस करना चाहता हूँ।
तुमसे मिलने के बाद समझ आया,
कि किसी को पसंद करना और किसी को चुनना अलग बात है।
दिल ने तुम्हें सिर्फ़ पसंद नहीं किया,
अपने भविष्य के लिए चुना है।
हर दिन की शुरुआत जैसी भी हो,
तुम्हारी एक मुस्कान उसे ख़ास बना देती है।
आज उसी मुस्कान से एक जवाब माँगता हूँ,
क्या तुम मेरे साथ यह रिश्ता शुरू करना चाहोगी?
मुझे तुम्हारी आदत नहीं लगी,
मुझे तुम्हारा साथ अच्छा लगने लगा है।
और दोनों में बहुत फ़र्क़ होता है,
क्योंकि आदतें बदल जाती हैं, साथ की चाह नहीं।
तुम्हारे नाम का ज़िक्र आते ही,
दिल किसी त्योहार-सा खिल उठता है।
सोचा था छुपा लूँगा यह बात,
मगर मोहब्बत अक्सर आँखों से बाहर आ ही जाती है।
अगर जीवन एक लंबी किताब है,
तो मैं चाहता हूँ कि उसके सबसे सुंदर अध्याय में तुम रहो।
क्या तुम मेरे साथ वह कहानी लिखना चाहोगी,
जिसे याद करके मुस्कुराया जा सके?
तुम्हारे साथ बिताए हुए छोटे-छोटे पल,
मेरी बड़ी-बड़ी खुशियों से ज़्यादा क़ीमती हैं।
शायद इसलिए आज दिल कह रहा है,
कि यह रिश्ता एक नाम का हक़दार है।
तुम्हारे सामने होने पर शब्द कम पड़ जाते हैं,
और दूर होने पर बातें ख़त्म नहीं होतीं।
दिल ने बहुत सोचकर यह फैसला किया है,
कि वह तुम्हें अपनी दुनिया में शामिल करना चाहता है।
मैं तुम्हें बदलना नहीं चाहता,
बस तुम्हारे साथ बदलते मौसम देखना चाहता हूँ।
मैं तुम्हें बाँधना नहीं चाहता,
बस तुम्हारे साथ जुड़े रहना चाहता हूँ।
कुछ लोग जीवन में आते हैं और चले जाते हैं,
कुछ लोग याद बनकर रह जाते हैं।
मगर तुम वह एहसास हो,
जिसे मैं अपने आने वाले हर दिन में देखना चाहता हूँ।
तुम्हारी खुशी में ख़ुश होना,
अब मेरे स्वभाव का हिस्सा बन गया है।
शायद इसी का नाम प्रेम है,
जहाँ अपना सुख दूसरे की मुस्कान में मिलने लगे।
मैंने कभी परफ़ेक्ट इंसान नहीं ढूँढा,
मैंने ऐसा इंसान ढूँढा जो सच्चा हो।
और जब तुम्हें जाना,
तो तलाश ख़ुद-ब-ख़ुद पूरी हो गई।
तुम्हारे साथ बातों का कोई अंत नहीं होता,
और ख़ामोशी भी अजीब नहीं लगती।
यही तो वह रिश्ता है जिसकी उम्मीद थी,
क्या तुम इसे आगे बढ़ाना चाहोगी?
आज प्रपोज़ डे पर मैं कोई बड़ी बात नहीं कहूँगा,
बस इतना कि तुम्हारे साथ जीवन ज़्यादा अपना लगता है।
अगर तुम्हें भी ऐसा महसूस होता हो,
तो चलो इस एहसास को एक नई पहचान दें।
तुमसे मिलने से पहले भविष्य एक योजना था,
तुमसे मिलने के बाद एक सपना बन गया।
और उस सपने में सबसे सुंदर बात यह है,
कि उसमें हम दोनों साथ हैं।
मैंने तुम्हें कभी वजह बनाकर नहीं चाहा,
तुम्हें जानकर चाहा है।
और यही वजह है कि यह एहसास,
वक़्त के साथ और सच्चा होता गया।
तेरे होने से मेरी दुनिया बड़ी नहीं हुई,
बस ज़्यादा अर्थपूर्ण हो गई।
अब हर उपलब्धि अधूरी लगती है,
जब तक उसे तुम्हारे साथ बाँट न सकूँ।
दिल की बात कहने में देर हुई है,
मगर एहसास नया नहीं है।
काफ़ी समय से तुम्हारे लिए जो सम्मान और चाहत है,
आज वही शब्द बनकर सामने आई है।
तुम्हारे साथ भविष्य की कल्पना में शोर नहीं है,
एक शांत-सा भरोसा है।
और मुझे लगता है कि सबसे सुंदर रिश्ते,
इसी भरोसे पर खड़े होते हैं।
अगर प्रेम सिर्फ़ आकर्षण होता,
तो शायद यह बात आज तक न टिकती।
मगर तुम्हारे लिए जो महसूस करता हूँ,
वह हर दिन थोड़ा और गहरा हो जाता है।
तेरी मौजूदगी किसी चमत्कार जैसी नहीं,
एक अपनापन जैसी लगती है।
और सच कहूँ,
ज़िंदगी को चमत्कारों से ज़्यादा अपनापन चाहिए।
मैं तुम्हारे साथ हर पल बिताने का वादा नहीं करता,
मगर हर ज़रूरी पल में साथ रहने की इच्छा रखता हूँ।
क्या तुम मेरे इस सच्चे प्रस्ताव को सुनोगी?
तुम्हारे बारे में सोचते हुए सबसे अच्छी बात यह लगती है,
कि मैं तुम्हारे साथ ख़ुद रह सकता हूँ।
और शायद यही वह कारण है,
जिसने मुझे आज यह बात कहने की हिम्मत दी।
जो रिश्ता सम्मान से शुरू हो,
उसमें प्रेम और भी सुंदर लगता है।
तुम्हारे लिए मेरे दिल में दोनों हैं,
इसीलिए आज यह प्रस्ताव भी है।
मुझे नहीं पता भविष्य क्या लिखेगा,
मगर इतना जानता हूँ कि उसमें तुम्हारा होना अच्छा लगेगा।
अगर तुम्हें भी यह सफ़र पसंद आए,
तो क्या हम इसे साथ शुरू करें?
तेरे साथ बिताई हर छोटी-सी बात ने मुझे यह सिखाया है,
कि सुकून किसी जगह में नहीं, किसी अपने के साथ में पाया है।
आज दिल बस इतनी-सी ख़्वाहिश कहने आया है,
क्या तू मेरे आने वाले हर कल का सबसे ख़ूबसूरत हिस्सा बनना चाहेगी?
तुम्हारी मौजूदगी ने मेरी आदतों तक को मुस्कुराना सिखा दिया,
बिना किसी वादे के भी भरोसा निभाना सिखा दिया।
अब इस रिश्ते को एक नाम देने की तमन्ना है,
क्या तुम मेरे साथ एक नई कहानी शुरू करना चाहोगे?
तुमसे बात न हो तो दिन पूरा होकर भी अधूरा लगता है,
और तुम्हारी हँसी सुन लूँ तो हर बोझ थोड़ा हल्का लगता है।
आज प्रपोज़ डे पर दिल अपनी ख़ामोशी तोड़ रहा है,
क्या तुम मेरा हाथ थामकर इस सफ़र को साथ चलना चाहोगी?
मुझे तुम्हारी ख़ूबसूरती से पहले तुम्हारा स्वभाव पसंद आया,
हर मुश्किल में मुस्कुराने का तुम्हारा अंदाज़ पसंद आया।
इसी पसंद ने कब चाहत का रूप ले लिया, पता ही नहीं चला,
अब बस इतना पूछना है—क्या तुम मेरे साथ अपने सपने बाँटना चाहोगी?
न कोई बड़ी कसमें हैं, न कोई असंभव वादे,
बस हर ख़ुशी में साथ और हर मोड़ पर अपने इरादे।
दिल ने तुम्हें अपनी सबसे सच्ची दुआ की तरह चुना है,
क्या तुम इस एहसास को अपना जवाब देना चाहोगे?
तुम्हारे साथ भविष्य की कल्पना किसी कहानी जैसी नहीं लगती,
बल्कि जीवन की सबसे सच्ची संभावना जैसी लगती है।
आज हिम्मत करके दिल की बात कह रहा हूँ,
क्या तुम मेरे साथ मिलकर अनगिनत यादें बनाना चाहोगी?
कई बार शब्द होंठों तक आए, मगर लौट गए,
कई एहसास दिल में रहे, मगर कहे बिना ही सो गए।
आज प्रपोज़ डे ने हौसला दिया है सच बोलने का,
मैं तुम्हें पसंद नहीं, बेहद चाहने लगा हूँ—क्या तुम मेरे साथ रहना चाहोगी?
तेरा सम्मान, तेरी सोच और तेरा अपनापन,
यही वजह है कि दिल को मिला है तुझमें अपना मन।
आज किसी जवाब की ज़िद नहीं, बस एक सच्ची बात है,
अगर तुझे भी यह रिश्ता ख़ास लगे, तो क्या हम इसे एक नई शुरुआत दें?
तुमसे बात करते-करते एक बात समझ में आई है,
कुछ लोग सिर्फ़ पसंद नहीं आते, ज़िंदगी में शामिल हो जाते हैं।
आज हिम्मत करके इतना कहना चाहता हूँ,
क्या तुम मेरे आने वाले हर कल का हिस्सा बनना चाहोगी?
तुम्हारी मौजूदगी ने मेरे दिनों को आसान किया है,
तुम्हारी मुस्कान ने कई उलझनों को शांत किया है।
मैं कोई बड़ा वादा नहीं करता, बस इतना पूछता हूँ,
क्या हम साथ मिलकर अपनी छोटी-छोटी खुशियों की कहानी लिखें?
पहले तुम्हारा इंतज़ार अच्छा लगता था,
फिर तुम्हारी बातें आदत बन गईं।
अब दिल चाहता है यह रिश्ता एक नाम पाए,
क्या तुम मेरे साथ इस नए सफ़र की शुरुआत करोगी?
तुम्हारी ख़ूबसूरती से ज़्यादा तुम्हारा स्वभाव पसंद है,
हर हाल में लोगों का ख़याल रखने का अंदाज़ पसंद है।
शायद इसी वजह से दिल ने तुम्हें चुना है,
क्या तुम मुझे अपनी मोहब्बत का भरोसा दोगी?
जब भी भविष्य के बारे में सोचता हूँ,
कुछ सपने अपने आप तुम्हारा नाम ले लेते हैं।
अगर तुम्हें भी मेरे साथ चलना अच्छा लगे,
तो क्या हम एक-दूसरे का हाथ थामकर आगे बढ़ें?
तुम्हारे साथ होने का ख़याल किसी चमत्कार जैसा नहीं,
बल्कि घर लौटने जैसी सुकून भरी भावना है।
आज इसी एहसास को शब्द दे रहा हूँ,
क्या तुम मेरे जीवन की सबसे ख़ूबसूरत शुरुआत बनोगी?
मैं तुम्हें पाने की ज़िद नहीं कर रहा,
बस अपने दिल की सच्चाई बता रहा हूँ।
तुम्हारा सम्मान कल भी था, आज भी है,
फिर भी पूछना चाहता हूँ, क्या तुम मेरे साथ एक रिश्ता बनाना चाहोगी?
कई लोगों से मुलाक़ात हुई इस सफ़र में,
मगर तुम्हारे साथ बातचीत हमेशा दिल तक पहुँची।
इसलिए आज अपने एहसास छुपाना नहीं चाहता,
क्या तुम मेरी पसंद से बढ़कर मेरी साथी बनोगी?
तुम्हारे साथ बिताए पल याद नहीं करने पड़ते,
वे खुद-ब-खुद मुस्कान बनकर लौट आते हैं।
अगर तुम्हारे दिल में भी मेरे लिए जगह हो,
तो क्या हम इस कहानी को साथ आगे बढ़ाएँ?
मोहब्बत का इज़हार सिर्फ़ शब्दों से नहीं होता,
उसमें सम्मान, भरोसा और साथ निभाने की इच्छा भी होती है।
मैं यही सब लेकर तुम्हारे सामने खड़ा हूँ,
क्या तुम मेरे साथ एक सुंदर रिश्ते की शुरुआत करोगी?