Sad Shayari
मैंने तुम्हें कभी रोकना नहीं चाहा, फिर भी तुम ऐसे चले गए, जैसे मैंने तुम्हें बाँध रखा था।
तुम्हारी सबसे बड़ी बेवफ़ाई किसी और को चुनना नहीं थी, मेरे भरोसे को हल्का समझना थी।
जिस रिश्ते को मैं पूरी सच्चाई से जी रहा था, तुम उसे शायद ज़रूरत के हिसाब से निभा रहे थे।
कुछ लोग छोड़कर जाने से पहले माफ़ी माँग लेते हैं, तुमने तो वजह बताना भी ज़रूरी नहीं समझा।
तुम्हारे बदलने का दुख इसलिए नहीं हुआ कि तुम दूर हो गए, दुख इसलिए हुआ कि तुम पहचान से बाहर हो गए।
मैंने तुम्हारे लिए जो जगह बनाई थी, वह आज भी खाली है, लेकिन अब वहाँ किसी को बैठाने की जल्दी नहीं।
तुम्हारी यादें अब भी हैं, बस उनमें पहले जैसी गर्माहट नहीं, एक ठंडी-सी सच्चाई बस गई है।
धोखा तब सबसे ज़्यादा चुभता है, जब वह किसी दुश्मन से नहीं, अपने कहे जाने वाले इंसान से मिले।
मैंने रिश्ता बचाने के लिए अपनी कई बातें नज़रअंदाज़ कीं, और तुमने उसी ख़ामोशी को मेरी कमज़ोरी समझ लिया।
तुम्हारे जाने के बाद मैंने खुद को दोष देना छोड़ दिया, क्योंकि हर टूटन मेरी गलती नहीं थी।
जिसे मैं अपना सबसे क़रीबी मानता था, वह मेरे दर्द से सबसे दूर निकला।
कुछ लोग दिल तोड़ते हैं, और कुछ लोग भरोसा, तुमने दोनों काम एक साथ कर दिए।
तुम्हारे झूठ की सबसे कठिन बात यह थी, कि मैं उन पर यक़ीन करना चाहता था।
अब जब कोई वादा करता है, तो मैं मुस्कुरा देता हूँ, क्योंकि कुछ वादों की उम्र बहुत छोटी होती है।
तुम्हारी कमी से नहीं, तुम्हारे बदल जाने की याद से तकलीफ़ होती है।
मैंने मोहब्बत को कभी सौदा नहीं समझा, इसलिए नुकसान मेरा ज़्यादा हुआ।
तुम्हारे जाने के बाद मैं टूटा ज़रूर, लेकिन इतना भी नहीं कि अपनी क़ीमत भूल जाऊँ।
जो इंसान कभी मेरी ख़ुशी की वजह था, वही एक दिन मेरी सबसे बड़ी सीख बन गया।
तुमने रिश्ता खत्म किया, मैंने उम्मीद, और दोनों में से ज़्यादा मुश्किल मेरा हिस्सा था।
आज भी अगर तुम्हारा ज़िक्र आता है, तो नफ़रत नहीं होती, बस यह अफ़सोस होता है कि भरोसा सही जगह नहीं किया था।