Attitude Lines
जो लोग मुझे समझ नहीं पाए, उनसे शिकायत नहीं, हर किताब हर पाठक के लिए नहीं होती।
मैंने अपनी रफ़्तार ख़ुद तय की है, इसलिए किसी की दौड़ देखकर घबराता नहीं।
मेरी ख़ामोशी को कमजोरी समझने वालों ने, अक्सर मेरे फैसलों की मज़बूती देर से देखी है।
मैं वहाँ भी स्थिर रहा जहाँ हालात बदलते रहे, शायद इसी को लोग मज़बूत होना कहते हैं।
अपनी जगह बनाने में साल लग गए, अब हर किसी को वहाँ खड़े होने का हक़ नहीं देता।
मैंने ख़ुद को साबित करने की आदत छोड़ दी, जिसे समझना है, वह व्यवहार से समझ जाएगा।
कुछ दरवाज़े मैंने ख़ुद बंद किए हैं, हर रिश्ता बचाना समझदारी नहीं होता।
मेरे बारे में राय बनाना आसान है, मेरी यात्रा समझना नहीं।
मैंने हार से बहस नहीं की, उसे सीढ़ी बनाया और आगे बढ़ गया।
मुझे ऊँचा उठाने के लिए किसी सहारे की ज़रूरत नहीं, मेरी मेहनत काफ़ी मज़बूत आधार है।
मैं आज भी सीख रहा हूँ, क्योंकि ठहर जाना मुझे जीत से ज़्यादा खतरनाक लगता है।
मेरी पहचान मेरे शब्दों से कम, मेरी निरंतरता से ज़्यादा बनती है।
मैंने सम्मान कमाने में समय लगाया है, इसीलिए उसे खोने वाली कोई जल्दबाज़ी नहीं करता।
जो लोग हर मोड़ पर बदल जाते हैं, उन्हें स्थिर लोगों की कीमत कम ही समझ आती है।
मैंने कभी सबसे आगे दिखने की ज़िद नहीं की, बस पीछे छूट जाने का बहाना भी नहीं बनाया।
मुझे हर जगह पसंद किया जाए, यह ज़रूरी नहीं, बस जहाँ रहूँ वहाँ सच्चा रहूँ, इतना काफ़ी है।
मैं अपनी कहानी का सबसे कठिन अध्याय भी हूँ, और उसी कहानी का सबसे मज़बूत किरदार भी।
कुछ लोग मौके का इंतज़ार करते हैं, मैंने तैयारी को ही अपनी आदत बना लिया।
मेरी सीमाएँ मेरी कमज़ोरी नहीं, मेरे सिद्धांतों की सुरक्षा हैं।
मैंने दूसरों से बेहतर बनने से पहले, ख़ुद से ईमानदार होना सीखा।
मेरे फैसले सबको पसंद आएँ, यह उद्देश्य नहीं, वे मुझे सम्मान से जीने दें, यही काफ़ी है।
मैंने अपने सपनों को बहानों से दूर रखा, तभी वे आज भी ज़िंदा हैं।
जो रास्ता आसान दिखता था, उसे छोड़ दिया, क्योंकि मंज़िल से पहले चरित्र खोना मंज़ूर नहीं था।
मैंने अपनी ऊर्जा शिकायतों पर नहीं, क्षमता बढ़ाने पर खर्च की है।
मुझे गिराने की कोशिशों ने एक बात सिखाई, जड़ें मज़बूत हों तो आँधियाँ परिचय बन जाती हैं।
मेरे लिए सफलता सिर्फ़ हासिल करना नहीं, उसे संभालने लायक इंसान बनना भी है।
मैं हर बहस जीतना नहीं चाहता, कुछ शांति ऐसी होती है जो तर्कों से बड़ी होती है।
मैंने अपनी कीमत कभी भीड़ से नहीं पूछी, भीड़ का काम बदलना है, मूल्य का नहीं।
जो आज मुझे शांत देखते हैं, उन्हें पता नहीं इस सुकून के पीछे कितनी लड़ाइयाँ जीती गई हैं।
मैं किसी से ऊपर खड़े होने की कोशिश में नहीं, मैं बस कल से नीचे नहीं गिरना चाहता।
मेरे सपनों की ऊँचाई से पहले, मेरे अनुशासन की गहराई देखनी चाहिए।
मैंने अपनी कमियों से भागना छोड़ दिया, उन्हीं को सुधारते-सुधारते आत्मविश्वास मिल गया।
हर प्रशंसा स्वीकार नहीं करता, क्योंकि सच सुनने की आदत झूठी वाहवाही से बड़ी है।
मैंने समय को अपना साथी बनाया है, इसलिए जल्दबाज़ी अब मुझे प्रभावित नहीं करती।
कुछ लोग पहचान के पीछे भागते हैं, मैंने ऐसा काम चुना जो पहचान ख़ुद बना दे।
मेरे चेहरे पर सुकून यूँ ही नहीं है, मैंने अपेक्षाओं से ज़्यादा अपने उसूलों को महत्व दिया है।
भीड़ से आगे निकलना मंज़िल नहीं मेरी, मैं तो बस हर दिन कल वाले ख़ुद से बेहतर होना चाहता हूँ।
जो लोग हर बात पर शोर मचाते हैं, अक्सर उन्हें अपनी बात पर यक़ीन कम होता है।
मैंने अपनी कीमत तालियों से नहीं आँकी, इसलिए ख़ामोशी में भी मेरा सिर ऊँचा रहता है।
रास्ते बदलने पड़े, उसूल नहीं, यही वजह है कि सफ़र लंबा रहा मगर सच्चा रहा।
मुझे पहचानने के लिए परिचय नहीं, समय चाहिए, मैं पहली नज़र का असर नहीं, लगातार निभाया गया किरदार हूँ।
हर किसी को जवाब देना ज़रूरी नहीं समझा, कुछ सवाल मेरी तरक़्क़ी ने ख़ुद हल कर दिए।
जो मुझे कम समझते थे, उन्हें गलत साबित नहीं किया, बस ख़ुद को सही साबित करने में लगा रहा।
मेरी मौजूदगी शोर से नहीं महसूस होती, मैं वहाँ असर छोड़ता हूँ जहाँ लोग दिखावा छोड़ देते हैं।
मैंने अकेले चलना मजबूरी में सीखा था, आज वही आदत मेरे आत्मविश्वास की पहचान है।
ऊँचा दिखने की कोशिश नहीं करता, बस इतना ध्यान रखता हूँ कि गिरकर भी अपने सम्मान से नीचे न जाऊँ।
कुछ लोग मंज़ूरी ढूँढ़ते हैं, कुछ अवसर, मैंने अपनी नज़र सिर्फ़ अपनी क्षमता पर रखी है।
मेरी जीत का सबसे ख़ूबसूरत हिस्सा यह है, कि उसे किसी की हार पर खड़ा नहीं होना पड़ा।
किरदार मज़बूत हो तो पहचान अपने आप बनती है, नाम को ऊँचा करने के लिए आवाज़ ऊँची नहीं करनी पड़ती।
मैं बदल गया हूँ, मगर किसी को प्रभावित करने के लिए नहीं, ज़िंदगी ने सिखाया कि बढ़ना और दिखना एक बात नहीं होती।
मेरे मानक इतने ऊँचे हैं कि कई बार मुझे अकेला कर देते हैं, मगर सस्ता साथ रखने से बेहतर है सच्चा अकेलापन।