Deep Shayari about finding your soulmate
न जाने कितने रास्तों पर भटका हूँ सही ठिकाने की तलाश में
तुम्हारे पास आकर लगा कि सफ़र तो यहीं ख़त्म होना था
यह इश्क़ कोई आग का दरिया नहीं जिसमें डूबकर जाना हो
यह तो वो शीतल जल है जो भीतर की हर प्यास बुझा देता है
तुम्हारे साथ होने से दुनिया की मुश्किलें कम नहीं हो जातीं
बस उन मुश्किलों से लड़ने का एक नया हौसला मिल जाता है
बातें तो बहुत से लोग करते हैं इस सराय जैसी ज़िंदगी में
पर तुमने जिस तरह मेरी ख़ामोशी को संभाला वो अनमोल है
कोई जादुई तब्दीली नहीं आई मेरे जीने के तौर-तरीकों में
बस हर लम्हे को अब मैं ज़रा ज़्यादा शिद्दत से महसूस करता हूँ
हम दोनों के बीच कोई सामाजिक दिखावा या औपचारिकता नहीं है
हम तो बस दो सीधे-सादे इंसान हैं जो एक-दूसरे में सुकून पाते हैं
जब भी समाज के बनाए ताने-बाने से मन पूरी तरह ऊब जाता है
तुम्हारा ख्याल आते ही एक ठंडी और ताज़ी हवा का झोंका छू जाता है
मैंने कभी नहीं चाहा कि तुम मेरे साए की तरह मेरे पीछे चलो
बराबरी के इस सफ़र में तुम्हारा कंधे से कंधा मिलाना ही काफ़ी है
यह कोई पहली नज़र का इत्तेफ़ाक़ या महज़ एक हसीन ख़्वाब नहीं
यह तो दो समझदार दिलों का एक-दूसरे को चुन लेने का फ़ैसला है
अब मुझे खुद को मुकम्मल साबित करने की कोई चाह नहीं रही
तुम्हारी आँखों में मैंने अपने अस्तित्व का सबसे सुंदर रूप देखा है
कितनी ही बातें ऐसी थीं जो मैं कभी किसी से कह न पाया
तुम्हारी एक गहरी नज़र ने उन अनकहे दर्दों को भी पढ़ लिया
यह मोहब्बत किसी ख्वाब की तरह हकीकत से दूर नहीं ले जाती
बल्कि ज़िंदगी के हर कड़वे सच को हँसकर सहना सिखाती है
बरसों से दिल एक अनजानी सी तलाश में भटक रहा था लगातार
तुम्हारे पास आकर थम गया जैसे इसे अपनी मंज़िल का पता मिल गया
कोई दावा नहीं है कि हम कभी एक-दूसरे से रूठेंगे नहीं
पर भरोसा है कि नाराज़गी में भी सम्मान कभी कम नहीं होगा
तुम्हारे साथ बिताया हर लम्हा कोई जश्न या शोर नहीं मचाता
यह तो वो ख़ामोश इबादत है जो रूह को भीतर से शांत कर देती है
दुनिया की हर महफ़िल में खुद को अकेला ही पाया था मैंने हमेशा
तुम मिले तो तन्हाई में भी एक मुकम्मल कारवां सा महसूस होता है
हमारी समझ का दायरा शब्दों की सीमाओं से बहुत आगे निकल चुका है
अब सिर्फ देखने भर से दिल का सारा हाल बयां हो जाता है
तुमने मुझे बदलने की कोई कोशिश या ज़िद नहीं की कभी
मेरी कमियों को भी तुमने अपनी खूबियों की तरह सँभाला है
इस मतलबी दौर में जहाँ हर रिश्ता किसी शर्त पर टिका हुआ है
तुम्हारा यह बेconditional साथ किसी चमत्कार से कम नहीं लगता
अब वक़्त के बदलने या गुज़र जाने का कोई ख़ौफ़ नहीं रहा मुझे
तुम्हारी रूह से जो नाता जुड़ा है वह उम्र की बंदिशों से आज़ाद है
एक अजीब सा खालीपन था जो हर वक़्त घेरे रहता था
तुम्हारे आने से वह तन्हाई भी अब बेहद खूबसूरत लगती है
सुलझने की चाह में न जाने कितनी दफ़ा उलझा था मैं
तुमने बिना कुछ कहे मेरी हर उलझन को बेहद आसान कर दिया
यह रिश्ता किसी जल्दबाज़ी या अचानक हुए इत्तेफाक़ का नहीं है
यह तो बरसों की अधूरी प्रार्थनाओं का एक धीमा सा जवाब है
तुम्हारी मौजूदगी में मुझे कोई मुखौटा लगाने की ज़रूरत नहीं होती
मेरी हर ख़ामी को तुमने इतने आदर के साथ गले से लगाया है
ज़िंदगी के थपेड़ों से जब भी मन पूरी तरह थक जाता है
तुम्हारी बाँहों का घेरा मुझे दुनिया का सबसे सुरक्षित कोना लगता है
हम दोनों ने मिलकर कोई नया आसमान नहीं ढूँढा है
बस इसी ज़मीन पर एक-दूसरे के साथ जीना सीख लिया है
तुमसे मिलकर ऐसा नहीं लगा कि कोई नया इंसान मिला है
बल्कि ऐसा महसूस हुआ जैसे मैं बरसों बाद अपने ही घर लौटा हूँ
मेरी हर छोटी ख़ुशी और गहरे दर्द को जो मुकम्मल पहचान मिली
वह किसी और से नहीं बल्कि सिर्फ तुम्हारी पारखी नज़रों से मिली है
वक़्त के थपेड़े भी अब हमारा कुछ बिगाड़ नहीं सकते
जो बुनियाद इतनी समझदारी पर टिकी हो वह कभी डगमगाती नहीं
अब किसी और को प्रभावित करने की कोई चाह ही नहीं बची
जब से तुमने मेरी रूह को उसकी सादगी के साथ अपना लिया है
एक अरसे तक बस यूँ ही चलते रहे अनजाने रास्तों पर
तुम मिले तो लगा कि अब कहीं पहुँचने की जल्दी नहीं है
बातें तो हम दोनों ने बहुतों से की होंगी ज़िंदगी में
पर खामोशी पहली बार किसी ने इतने करीब से सुनी है
कोई जादू नहीं था उस पहली मुलाकात में जो होश उड़ा देता
बस एक ठहराव था जिसने भटकते हुए मन को संभाल लिया
तुम्हारे साथ होने में खुद को साबित करने की कोई शर्त नहीं है
मैं जैसा भी हूँ अधूरा या मुकम्मल मुझे वैसे ही स्वीकार किया
भीड़ भरी इस दुनिया में जहाँ सब अपनी बात कहना चाहते हैं
वहाँ कोई मिला जो मुझे मुझसे ज़्यादा सुनने का सब्र रखता है
यह मोहब्बत वैसी नहीं है जो रातों की नींद छीन ले
यह तो वो सुकून है जो बरसों की थकान मिटा देता है
तुम्हें पाकर मैंने कोई दुनिया नहीं जीत ली है
बस अपने ही भीतर एक घर पा लिया है जहाँ चैन से सो सकूँ
हम दोनों के दरमियां कोई तयशुदा वादे या कसमें नहीं हैं
बस एक अनकहा भरोसा है जो वक़्त के साथ गहरा होता गया
तुम्हारे साथ बातचीत सिर्फ शब्दों का लेन-देन नहीं होती
ऐसा लगता है दो आत्माएं चुपचाप एक-दूसरे का हाल पूछ रही हैं
मैंने कभी नहीं चाहा कि तुम मेरी खातिर खुद को बदल डालो
तुम्हारी कमियों के साथ ही मेरा यह सफ़र खूबसूरत हुआ है
ज़िंदगी की उलझनों के बीच जब भी दिल घबराता है
तुम्हारी मौजूदगी का ख्याल ही मुझे वापस शांत कर देता है
यह कोई पहली नज़र का दीवानापन या अचानक उपजा आकर्षण नहीं
यह तो धीरे-धीरे पनपा वो दरख़्त है जिसकी जड़ें बहुत गहरी हैं
मुझे तुम्हारे रूप या रंग से कभी कोई शिकायत नहीं रही
मेरा दिल तो तुम्हारी उस सादगी पर ठहरा है जो कहीं और नहीं मिली
जब से तुम आए हो ज़िंदगी में कोई बड़ा बदलाव तो नहीं हुआ
बस हर छोटी चीज़ में एक छुपा हुआ अर्थ समझ आने लगा है
चाहने वाले तो बहुत मिल जाते हैं इस सराय जैसी दुनिया में
पर कोई ऐसा मिलना जो रूह को छू ले सिवाए नसीब के कुछ नहीं
तुम्हारे सामने मुझे अपनी कमज़ोरियाँ छिपाने की ज़रूरत नहीं पड़ती
तुमने मेरी हर दबी हुई चीख को बड़े प्यार से सहलाया है
हम दोनों दो अलग किनारे थे जो अपनी ही रौ में बह रहे थे
पर इस संगम ने दोनों के बहने का मकसद ही बदल दिया
अब मुझे भविष्य की कोई अनजानी चिंता परेशान नहीं करती
जब तक तुम्हारा हाथ मेरे हाथ में है हर रास्ता सीधा लगता है
यह इश्क़ हमें किसी काल्पनिक दुनिया में लेकर नहीं जाता
बल्कि इसी कड़वी सच्चाई के बीच जीना और मुस्कुराना सिखाता है
शुक्रिया तुम्हारा मेरी ज़िंदगी का वो हिस्सा बनने के लिए
जहाँ मैं बिना किसी डर के पूरी तरह सिर्फ खुद में रह सकता हूँ