जब मैं अपने बचपन को याद करता हूँ,
तो खिलौनों से ज़्यादा
आपका साथ याद आता है,
क्योंकि वही मेरी सबसे अनमोल दौलत थी।
आपने कभी यह नहीं कहा
कि आप मेरे लिए कितना करते हैं,
लेकिन आपकी हर कोशिश
हमारे बेहतर कल की कहानी कहती रही।
पिता का प्रेम अक्सर
तालियों की तरह नहीं होता,
वह नींव की तरह होता है,
दिखता कम है, संभालता ज़्यादा है।
जब मैं गिरा,
आपने मुझे उठाया नहीं,
पहले ख़ुद उठने का साहस दिया,
फिर पीछे से साथ दिया।
आपकी सबसे बड़ी सीख यह थी
कि परिस्थितियाँ चाहे जैसी हों,
अपने संस्कार नहीं बदलने चाहिए।
मैंने आपको कभी हार मानते नहीं देखा,
और शायद इसी वजह से
मुश्किल वक़्त में हिम्मत मेरा पहला विकल्प बनती है।
आपने मुझे दुनिया से लड़ना नहीं सिखाया,
दुनिया में सम्मान के साथ जीना सिखाया।
जब भी कोई मेरी परवरिश की तारीफ़ करता है,
मुझे लगता है
यह सम्मान सबसे पहले आपका है।
आपने अपने अनुभवों को
किताब की तरह नहीं पढ़ाया,
उन्हें जीकर दिखाया,
और वही सीख सबसे गहरी बन गई।
मेरे जीवन में जो भी स्थिरता है,
वह आपकी मौजूदगी से शुरू होती है,
क्योंकि आपने हमेशा भरोसे का वातावरण दिया।
पिता की ख़ामोशी को समझने में
मुझे वर्षों लग गए,
अब पता चलता है,
उसमें चिंता भी थी, दुआ भी।
आपने मुझे कभी दूसरों जैसा बनने को नहीं कहा,
बस बेहतर इंसान बनने को कहा,
और यही बात आज भी रास्ता दिखाती है।
जब दुनिया उपलब्धियाँ गिनती है,
मैं आपके मूल्यों को याद करता हूँ,
क्योंकि वही मेरी असली पूँजी हैं।
आपने मुझे सिखाया
कि काम का सम्मान करना चाहिए,
चाहे वह छोटा हो या बड़ा,
क्योंकि चरित्र वहीं बनता है।
मेरी कई जीतें
उस दिन तय हो गई थीं,
जब आपने मुझ पर विश्वास जताया था।
आपके साथ होने का एहसास
आज भी वैसा ही है,
जैसा बचपन में अँधेरे कमरे में
आपका हाथ पकड़ लेने पर होता था।
पिता वह रिश्ता हैं
जो उम्र के हर पड़ाव पर
नई तरह से समझ आता है
और हर बार पहले से अधिक गहरा लगता है।
आपने मुझे सिखाया
कि ताक़त का मतलब कठोर होना नहीं,
सही बात पर टिके रहना है।
जब मैं अपनी गलतियों से सीखता हूँ,
तो आपकी वह आदत याद आती है
जिसमें आप डाँट से पहले समझाते थे।
मेरे जीवन की सबसे बड़ी सुरक्षा
कोई दीवार नहीं,
आपका विश्वास है,
जो हर डर को छोटा कर देता है।
आपने कभी अपनी परेशानियों को
हमारी खुशियों पर हावी नहीं होने दिया,
और यही आपके प्रेम की सबसे सुंदर बात है।
मैंने समय के साथ जाना,
कि पिता केवल परिवार नहीं संभालते,
वे परिवार का मनोबल भी संभालते हैं।
आपकी उपस्थिति ने मुझे सिखाया
कि सच्ची महानता
सरलता और ज़िम्मेदारी में छिपी होती है।
जब भी मैं अपने भविष्य की कल्पना करता हूँ,
तो चाहता हूँ कि
मेरे कर्मों में भी वही ईमानदारी हो
जो मैंने आपमें देखी है।
अगर कोई मुझसे पूछे
कि जीवन की सबसे बड़ी सीख कहाँ से मिली,
तो मैं किसी विद्यालय का नाम नहीं लूँगा,
मैं अपने पिता का नाम लूँगा।
जब मैं जीवन के पुराने पन्ने पलटता हूँ,
तो हर अच्छे अध्याय के पीछे
कहीं न कहीं पिता की मेहनत लिखी दिखाई देती है।
आपने मुझे कभी यह एहसास नहीं होने दिया
कि परिस्थितियाँ कठिन हैं,
क्योंकि हर मुश्किल से पहले
आप ढाल बनकर खड़े हो जाते थे।
मेरे सपनों पर सबसे पहला भरोसा
आपने किया था,
शायद इसी वजह से
मैंने उन्हें सच मानने की हिम्मत की।
पिता का प्रेम अक्सर शांत होता है,
वह हर दिन "मैं तुम्हारे साथ हूँ" नहीं कहता,
बस हर ज़रूरत पर मौजूद मिल जाता है।
जब मैं छोटा था,
आपका हाथ पकड़कर चलता था,
आज आपकी सीख पकड़कर
ज़िंदगी के रास्ते तय करता हूँ।
आपने कभी अपनी थकान को
घर का माहौल नहीं बनने दिया,
तभी तो हमारा बचपन
इतना निश्चिंत और उजला रहा।
मेरी हर सफलता पर
आपकी आँखों में जो चमक होती है,
वह मुझे हमेशा याद दिलाती है
कि मेरी खुशी सिर्फ़ मेरी नहीं है।
आपने मुझे जीत का जश्न मनाना सिखाया,
लेकिन हार में सम्मान बनाए रखना भी,
और यही सीख सबसे कीमती निकली।
जब दुनिया ने जल्दी करने को कहा,
आपने धैर्य रखना सिखाया,
और कई बार धैर्य ही
सबसे बड़ी ताक़त साबित हुआ।
आपने मेरे लिए रास्ते आसान नहीं किए,
मुझे मज़बूत बनाया,
ताकि मैं अपने रास्ते ख़ुद बना सकूँ।
पिता वह व्यक्ति होते हैं
जो बच्चों की परेशानियाँ सुनते समय
अपनी परेशानियाँ भूल जाते हैं।
आज जब ज़िम्मेदारियाँ समझ आने लगी हैं,
तो आपके मौन त्याग भी समझ आने लगे हैं,
जिनका आपने कभी ज़िक्र नहीं किया।
आपने मुझे सिखाया
कि अच्छे इंसान बनना,
सफल इंसान बनने से कम महत्वपूर्ण नहीं है।
मेरे भीतर जो आत्मविश्वास है,
वह किसी पुरस्कार से नहीं आया,
वह आपके भरोसे से आया है।
जब भी मैं किसी निर्णय के सामने खड़ा होता हूँ,
आपकी सीख मन में एक दिशा बनकर उभरती है।
आपने कभी यह नहीं कहा
कि दुनिया तुम्हें कुछ देगी,
आपने कहा,
ख़ुद को इतना योग्य बनाओ कि दुनिया पहचान दे।
मेरे बचपन की सबसे सुरक्षित यादें
किसी जगह से नहीं जुड़ीं,
वे आपके साथ बिताए गए समय से जुड़ी हैं।
पिता का महत्व उम्र के साथ बढ़ता है,
क्योंकि समय हमें दिखा देता है
कि कितनी चीज़ें उनके कारण आसान थीं।
आपने मुझे केवल बोलना नहीं,
सुनना भी सिखाया,
और यही बात रिश्तों को बचाए रखती है।
मेरी हर उपलब्धि के पीछे
आपका कोई न कोई सबक खड़ा है,
भले ही लोगों को वह दिखाई न दे।
आपने अपने कर्मों से सिखाया
कि सम्मान माँगा नहीं जाता,
ईमानदारी से कमाया जाता है।
जब मैं अपने व्यक्तित्व को देखता हूँ,
तो उसमें आपकी कई आदतें दिखाई देती हैं,
और यह मेरे लिए गर्व की बात है।
कुछ रिश्तों की गहराई
शब्दों में पूरी नहीं उतरती,
पिता का रिश्ता भी उन्हीं में से एक है।
आपने मेरे लिए जो किया,
उसे गिनना संभव नहीं,
क्योंकि कुछ योगदान
ज़िंदगी की बुनियाद बन जाते हैं।
अगर जीवन में किसी एक व्यक्ति का
बिना किसी शर्त धन्यवाद करना हो,
तो वह पिता होते हैं,
जो अपने हिस्से का समय, आराम और चिंताएँ देकर
बच्चों के हिस्से का आत्मविश्वास बनाते हैं।