Maa Heart Touching Status
माँ, तेरी याद का सबसे सुंदर हिस्सा,
तेरा अपनापन है,
जो आज भी हर मुश्किल में,
दिल को सहारा देता है।
जब भी कोई मेरी परवाह करता है,
मुझे तू याद आती है,
क्योंकि निस्वार्थ प्रेम का अर्थ,
मैंने तुझसे ही सीखा है।
माँ, तेरे साथ बिताए पल,
अब अनमोल लगते हैं,
जो कभी साधारण दिन थे,
आज सबसे खूबसूरत यादें हैं।
तेरी दुआओँ का असर शायद यही है,
कि मैं हर बार संभल जाता हूँ,
जब लगता है अब मुश्किल है,
तब भी आगे बढ़ जाता हूँ।
माँ, तूने मुझे सिर्फ़ पाला नहीं,
मुझ पर विश्वास भी किया,
और यही विश्वास,
मेरी ताकत बन गया।
जब मन बहुत थक जाता है,
तेरी बातें याद आती हैं,
और दिल को ऐसा लगता है,
जैसे कोई अपना पास बैठा हो।
माँ, तेरी सबसे बड़ी खूबी,
तेरा धैर्य था,
जिसने हर परिस्थिति में,
घर को संभाले रखा।
मैं आज भी तेरी उस आदत को याद करता हूँ,
जहाँ तू खुद से पहले,
हमारी खुशी के बारे में सोचती थी।
माँ, तेरे प्रेम की गहराई,
समय के साथ समझ आई,
कुछ रिश्ते उम्र नहीं,
अनुभव सिखाते हैं।
जब भी कोई उपलब्धि मिलती है,
सबसे पहले तू याद आती है,
क्योंकि मेरी जीत से पहले,
तूने मुझ पर भरोसा किया था।
माँ, तेरी मुस्कान में,
अजीब सा सुकून था,
जिसे देखकर लगता था,
सब ठीक हो जाएगा।
तेरी सीख आज भी,
मेरे फैसलों का हिस्सा है,
तू पास न होकर भी,
मेरे साथ चलती है।
माँ, तेरे बिना भी जीवन चलता है,
पर तेरे बिना वैसा नहीं,
कुछ रिश्ते केवल साथ नहीं,
पूरी दुनिया होते हैं।
जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूँ,
तेरा प्रेम हर मोड़ पर दिखता है,
कभी सहारे की तरह,
कभी हिम्मत की तरह।
माँ, तेरी परवाह का अंदाज़,
आज भी याद है,
जहाँ एक छोटी सी चिंता में,
पूरा प्यार छिपा होता था।
तेरे कारण ही सीखा,
कि रिश्ते कैसे निभाए जाते हैं,
क्योंकि तूने प्रेम को,
शब्दों से नहीं, कर्मों से दिखाया।
माँ, तेरी याद में केवल भावुकता नहीं,
बहुत सारा गर्व भी है,
क्योंकि मुझे तेरा स्नेह मिला,
यह मेरी सबसे बड़ी खुशकिस्मती है।
जब दुनिया बहुत तेज़ लगती है,
तेरी बातें ठहराव देती हैं,
और याद दिलाती हैं,
कि शांति भी जरूरी है।
माँ, तेरे विश्वास ने,
मुझे खुद पर भरोसा करना सिखाया,
और यही सीख,
हर मंज़िल तक साथ आई।
तेरी गोद का सुकून,
अब भी यादों में ज़िंदा है,
जहाँ हर परेशानी छोटी,
और हर खुशी बड़ी लगती थी।
माँ, तेरी हर डाँट में भी,
प्यार छिपा होता था,
जो उस समय समझ नहीं आया,
पर आज साफ़ दिखाई देता है।
जब भी घर लौटता हूँ,
तेरी याद सबसे पहले आती है,
क्योंकि घर की पहचान,
तेरे अपनापन से थी।
माँ, तेरी मौजूदगी ने,
जीवन को आसान बनाया,
और तेरे संस्कारों ने,
जीवन को सही दिशा दी।
तेरी हर छोटी कोशिश के लिए,
दिल से आभार है,
क्योंकि उन्हीं कोशिशों ने,
मेरा भविष्य सँवारा है।
माँ, तेरे लिए लिखे गए शब्द,
हमेशा अधूरे लगते हैं,
क्योंकि तेरा प्रेम इतना गहरा है,
कि उसे पूरी तरह लिखा नहीं जा सकता।
माँ, तेरी दुआओँ का असर,
मैं हर दिन महसूस करता हूँ,
जब भी हिम्मत टूटने लगती है,
मन फिर संभल जाता है।
तेरे होने से ही,
घर में अपनापन रहता है,
वरना दीवारें तो हर जगह होती हैं,
सुकून हर जगह नहीं होता।
माँ, तेरी परवाह का अंदाज़,
आज भी दिल को छू जाता है,
एक साधारण सा सवाल,
"खाना खाया?" भी प्यार लग जाता है।
जब भी खुद को अकेला पाता हूँ,
तेरी याद साथ बैठ जाती है,
और कुछ देर के लिए,
हर चिंता छोटी लगने लगती है।
माँ, तूने कभी अपने प्रेम का,
शोर नहीं मचाया,
बस हर दिन उसे,
निभाकर दिखाया।
तेरी मुस्कान में ही,
मेरा सुकून छिपा है,
तुझे खुश देखकर ही,
दिल को चैन मिलता है।
माँ, मेरे हर अच्छे निर्णय में,
तेरी सीख शामिल है,
जो उस समय साधारण लगी,
आज सबसे कीमती लगती है।
जब दुनिया बदलती रहती है,
माँ का प्यार नहीं बदलता,
उम्र बढ़ जाती है,
पर उसकी ममता वैसी ही रहती है।
माँ, तेरे हाथ का स्पर्श,
आज भी याद है,
उसमें जो अपनापन था,
वह कहीं और नहीं मिला।
मैं जितना बड़ा हुआ,
उतना तेरा महत्व समझ आया,
कुछ रिश्ते उम्र के साथ नहीं,
समझ के साथ और गहरे होते हैं।
माँ, तेरी चिंता कभी बोझ नहीं लगी,
वह तो प्रेम की भाषा थी,
जो हर दिन यह बताती थी,
कि कोई मेरा अपना है।
जब भी कोई मुझ पर भरोसा करता है,
मुझे तू याद आती है,
क्योंकि विश्वास का पहला एहसास,
मैंने तुझसे पाया था।
माँ, तेरी गोद का सुकून,
आज भी यादों में बसा है,
जहाँ कुछ कहने की ज़रूरत नहीं थी,
और सब समझ लिया जाता था।
मेरी हर मुस्कान के पीछे,
तेरी कोई दुआ होगी,
वरना यूँ ही हर मुश्किल के बाद,
हिम्मत लौट नहीं आती।
माँ, तूने मुझे यह सिखाया,
कि अच्छा इंसान बनना जरूरी है,
और यही सीख,
मेरे जीवन की पहचान बन गई।
जब भी घर की याद आती है,
तेरा चेहरा सामने आ जाता है,
क्योंकि मेरे लिए घर का मतलब,
सबसे पहले तू है।
माँ, तेरे प्रेम की सबसे सुंदर बात,
उसकी सादगी है,
जो बिना शब्दों के भी,
दिल तक पहुँच जाती है।
तेरे बिना भी दिन गुजरते हैं,
पर तेरी याद बिना नहीं,
क्योंकि तू केवल एक रिश्ता नहीं,
मेरे जीवन का हिस्सा है।
माँ, तेरी हर छोटी बात,
आज बड़ी लगती है,
क्योंकि उनमें छिपा प्रेम,
अब समझ आने लगा है।
जब मैं थककर बैठ जाता हूँ,
तेरी बातें याद आती हैं,
और उनमें छिपा विश्वास,
फिर से आगे बढ़ा देता है।
माँ, तेरे जैसा अपनापन,
कहीं और नहीं मिलता,
जो हमारी कमियों के साथ भी,
हमें पूरी तरह स्वीकार कर ले।
तेरी दुआओँ की छाँव में,
मन निडर सा रहता है,
जैसे कोई अदृश्य भरोसा,
हर पल साथ चलता है।
माँ, मेरी सबसे प्यारी यादों में,
तेरी आवाज़ शामिल है,
जो आज भी सुनाई नहीं देती,
फिर भी दिल तक पहुँच जाती है।
जब जीवन बहुत कठिन लगता है,
तेरा विश्वास याद आता है,
और फिर लगता है,
अभी सब संभव है।
माँ, तेरे लिए मेरे दिल में,
सिर्फ़ प्यार ही नहीं,
गहरा सम्मान और असीम आभार भी है,
जो हर दिन बढ़ता जाता है।