Maa Appreciation Shayari
माँ, तेरी सबसे बड़ी खूबी यह है,
कि तूने कभी अपने होने का एहसान नहीं जताया,
बस हर दिन चुपचाप,
अपना प्रेम निभाती रही।
जब मैं अपनी व्यस्तताओं में खो गया,
तू फिर भी मेरा हाल पूछती रही,
और यही छोटी-सी बात,
तेरे प्रेम की गहराई बताती है।
माँ, मैं तेरी उस आदत की सराहना करता हूँ,
जो मेरी खुशी में खुश हो जाती थी,
जैसे मेरी मुस्कान से बढ़कर,
तेरे लिए कुछ था ही नहीं।
तेरी परवाह कभी औपचारिक नहीं लगी,
वह हमेशा सच्ची लगी,
क्योंकि उसमें शब्द कम,
और अपनापन ज़्यादा होता था।
माँ, तूने मुझे केवल जीवन नहीं दिया,
जीवन को समझने की दृष्टि भी दी,
और यही उपहार,
हर दिन मेरे काम आता है।
मैं तेरे उस धैर्य की कद्र करता हूँ,
जिससे तूने हर परिस्थिति को संभाला,
और हमें कभी यह महसूस नहीं होने दिया,
कि हालात कठिन हैं।
माँ, तेरे प्रेम की सबसे सुंदर बात,
उसकी निरंतरता है,
जो समय, दूरी और परिस्थितियों से,
कभी कम नहीं होती।
जब भी मैं कोई अच्छी आदत अपनाता हूँ,
मुझे तेरी याद आती है,
क्योंकि उनमें से अधिकतर,
तेरी ही सीख का हिस्सा हैं।
माँ, तेरी सराहना इसलिए भी है,
कि तूने मुझे सुनना सिखाया,
क्योंकि समझदार बनने से पहले,
संवेदनशील बनना जरूरी होता है।
तेरी मौजूदगी ने हमेशा,
घर को घर बनाए रखा,
वरना दीवारें तो थीं,
पर अपनापन तू लेकर आती थी।
माँ, मैं तेरी उस सादगी का सम्मान करता हूँ,
जिसमें कभी दिखावा नहीं था,
लेकिन उसी सादगी में,
बहुत गहरी सुंदरता थी।
जब मैं अपनी सफलताओं को देखता हूँ,
तो तेरी प्रेरणा याद आती है,
क्योंकि तूने हमेशा,
मेरे प्रयासों की सराहना की।
माँ, तेरे प्रेम की खासियत यह है,
कि उसने कभी शर्तें नहीं रखीं,
बस मुझे जैसा था,
वैसा ही स्वीकार किया।
मैं तेरी उस समझ की कद्र करता हूँ,
जो बिना कहे बहुत कुछ जान लेती थी,
और कई बार,
मेरे शब्दों से पहले मुझे समझ जाती थी।
माँ, तेरी हर छोटी कोशिश,
आज बड़ी दिखाई देती है,
क्योंकि अब समझ आता है,
कि प्रेम अक्सर छोटी बातों में छिपा होता है।
तेरे कारण मैंने सीखा,
कि दूसरों की परवाह कैसे की जाती है,
और यही सीख,
मेरे रिश्तों की सबसे बड़ी ताकत बनी।
माँ, मैं तेरी उस विनम्रता की सराहना करता हूँ,
जो उपलब्धियों से नहीं बदली,
तू हमेशा वही रही,
जो दिल से सुंदर थी।
जब जीवन उलझता है,
तेरी बातें याद आती हैं,
और उनमें छिपी सादगी,
समस्याओं को हल्का कर देती है।
माँ, तेरी सबसे बड़ी देन,
केवल तेरा प्रेम नहीं,
बल्कि वह आत्मविश्वास है,
जो तूने मेरे भीतर जगाया।
मैं तेरे उस भरोसे की कद्र करता हूँ,
जो तूने हमेशा मुझ पर रखा,
यहाँ तक कि उन दिनों में भी,
जब मैं खुद पर भरोसा नहीं कर पाता था।
माँ, तेरी परवरिश की खूबसूरती यह है,
कि उसका असर आज भी है,
वह केवल बचपन तक सीमित नहीं,
पूरे जीवन का हिस्सा बन चुकी है।
तेरी सराहना इसलिए भी है,
कि तूने कभी मुझे डराकर नहीं,
समझाकर सही रास्ता दिखाया,
और यही तरीका सबसे प्रभावशाली था।
माँ, जब मैं लोगों के प्रति अच्छा व्यवहार करता हूँ,
तो लगता है जैसे,
तेरी कोई सीख आज भी,
मेरे भीतर जीवित है।
मैं तेरी उस सकारात्मक सोच की कद्र करता हूँ,
जो कठिन समय में भी बनी रही,
और जिसने हमें सिखाया,
कि उम्मीद कभी नहीं छोड़नी चाहिए।
माँ, तेरी प्रशंसा के लिए शब्द कम पड़ जाते हैं,
क्योंकि तू केवल एक रिश्ता नहीं,
मेरे जीवन की वह गरमाहट है,
जिसने हर सफर को आसान बनाया।
माँ, तेरी सबसे खूबसूरत बात यह है,
कि तूने कभी अपने प्रेम का शोर नहीं किया,
बस हर दिन अपने व्यवहार से,
अपनापन महसूस कराया।
जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूँ,
तो तेरी परवाह हर जगह दिखाई देती है,
उन पलों में भी,
जहाँ मैंने कभी ध्यान नहीं दिया था।
माँ, तेरी सराहना इसलिए नहीं,
कि तूने मेरे लिए बहुत कुछ किया,
बल्कि इसलिए कि तूने हर काम,
प्रेम से किया।
तेरे होने से घर में,
एक अलग ही सुकून रहता है,
जैसे कोई बिना कहे,
सबका ध्यान रख रहा हो।
माँ, तेरी आदत थी,
मेरी ज़रूरत समझ लेना,
और यही बात तुझे,
हर रिश्ते से अलग बनाती है।
मैं तेरी उस मुस्कान की कद्र करता हूँ,
जो मेरी खुशी देखकर आती थी,
क्योंकि उसमें सच्चा अपनापन था,
कोई दिखावा नहीं।
माँ, तूने मुझे केवल संभाला नहीं,
मुझ पर विश्वास भी किया,
और यही विश्वास,
मेरे आत्मविश्वास की शुरुआत बना।
तेरी सबसे बड़ी खूबी यह है,
कि तू छोटी बातों को भी महत्व देती थी,
और उन्हीं बातों में,
तेरा प्रेम दिखाई देता था।
माँ, तेरे बिना भी जीवन चलता है,
पर तेरे योगदान को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता,
क्योंकि तूने मेरे जीवन को,
बहुत गहराई से प्रभावित किया है।
मैं तेरी उस फिक्र की सराहना करता हूँ,
जो कभी खत्म नहीं हुई,
उम्र बढ़ती गई,
पर तेरा ध्यान वैसा ही रहा।
माँ, तेरे संस्कार आज भी,
मेरे निर्णयों का हिस्सा हैं,
और यही बात,
तेरे प्रभाव को खास बनाती है।
तेरी सादगी हमेशा प्रेरित करती है,
क्योंकि तूने दिखाया,
कि महानता दिखावे में नहीं,
व्यवहार में होती है।
माँ, मैं तेरी उस आदत की कद्र करता हूँ,
जहाँ तू हर परिस्थिति में,
परिवार की खुशी ढूँढ़ लेती थी,
और वही खुशी बाँट देती थी।
जब भी कोई मेरी अच्छाइयों की बात करता है,
मुझे तेरी याद आती है,
क्योंकि उनमें से बहुत कुछ,
मैंने तुझसे सीखा है।
माँ, तेरी सराहना शब्दों से पूरी नहीं हो सकती,
क्योंकि तूने जो दिया,
वह केवल सुविधाएँ नहीं,
जीवनभर का सहारा था।
तेरी सबसे सुंदर बात यह थी,
कि तूने कभी तुलना नहीं की,
तूने हमेशा मुझे,
मेरी पहचान के साथ अपनाया।
माँ, मैं तेरे धैर्य की प्रशंसा करता हूँ,
क्योंकि जहाँ मैं घबरा जाता था,
वहाँ तू शांत रहकर,
समाधान ढूँढ़ लेती थी।
तेरी हर सीख,
समय के साथ और मूल्यवान लगती है,
जैसे जीवन खुद,
तेरी बातों की पुष्टि कर रहा हो।
माँ, तेरी मौजूदगी ने,
मुझे सुरक्षा का एहसास दिया,
और यही एहसास,
आज भी मेरे भीतर ज़िंदा है।
मैं तेरी उस समझदारी की कद्र करता हूँ,
जिससे तूने मुझे मार्ग दिखाया,
बिना दबाव के,
बिना किसी शर्त के।
माँ, तेरी सबसे बड़ी विशेषता,
तेरा निस्वार्थ स्वभाव है,
जहाँ दूसरों की खुशी में,
तू अपनी खुशी ढूँढ़ लेती है।
जब मैं जीवन की अच्छी बातों को गिनता हूँ,
तो उनमें तेरा नाम ज़रूर आता है,
क्योंकि तेरे बिना,
बहुत कुछ अधूरा होता।
माँ, तेरे प्रेम की गरमाहट,
आज भी वैसी ही महसूस होती है,
जैसे बचपन में,
तेरे पास बैठकर होती थी।
मैं तेरी उस निरंतर उपस्थिति की सराहना करता हूँ,
जो हर परिस्थिति में बनी रही,
चाहे समय बदला,
पर तेरा साथ नहीं बदला।
माँ, तेरी प्रशंसा केवल इसलिए नहीं,
कि तू मेरी माँ है,
बल्कि इसलिए कि तूने अपने प्रेम, संस्कार और व्यवहार से,
मेरे जीवन को बेहतर बनाया है।