पिता की सबसे ख़ास बात यह है,
कि वे अक्सर अपने हिस्से की खुशी टाल देते हैं,
ताकि बच्चों की मुस्कान समय पर पहुँच सके।
मेरे जीवन की कई सफलताएँ
उस दिन शुरू हुई थीं,
जब पिता ने मुझ पर भरोसा करना शुरू किया था।
उन्होंने मुझे कभी यह नहीं बताया
कि वे कितने संघर्षों से गुज़रे,
बस इतना किया कि
मुझे उन संघर्षों से बचाए रखा।
पिता की डाँट में भी
एक अजीब-सी सुरक्षा होती है,
क्योंकि उसके पीछे नाराज़गी से ज़्यादा
फ़िक्र छिपी होती है।
जब मैं छोटा था,
मुझे लगता था पिता मज़बूत हैं,
आज समझता हूँ,
वे ज़िम्मेदार भी उतने ही थे।
आपने मुझे ऊँचा उड़ना सिखाया,
लेकिन जड़ों से जुड़े रहना भी,
यही सीख आज सबसे ज़्यादा काम आती है।
मेरे हर अच्छे निर्णय के पीछे
कहीं न कहीं आपकी सीख खड़ी है,
भले ही उसका ज़िक्र न हो।
पिता वह इंसान हैं
जो बच्चों की ज़रूरतें याद रखते हैं,
और अपनी इच्छाएँ अक्सर भूल जाते हैं।
जब दुनिया जल्दी बदलने की बात करती है,
मुझे पिता की स्थिरता याद आती है,
जो हर परिस्थिति में साथ रही।
आपने कभी मेरे सपनों का आकार नहीं देखा,
बस उन्हें पूरा करने की मेरी लगन देखी।
बचपन में लगता था
पिता हर बात जानते हैं,
बड़े होकर समझ आया,
वे हर बात नहीं जानते थे,
फिर भी हर मुश्किल में साथ खड़े रहते थे।
आपने मुझे जीतने से पहले
योग्य बनना सिखाया,
और यही सीख सबसे मूल्यवान निकली।
मेरी सबसे बड़ी ताक़त
मेरी उपलब्धियाँ नहीं,
आपका मुझ पर किया गया विश्वास है।
पिता का प्रेम अक्सर शांत होता है,
पर उसकी गहराई
समय के साथ समझ आती है।
जब मैं जीवन में भटकने लगता हूँ,
आपकी कही हुई कोई साधारण-सी बात
दिशा बन जाती है।
आपने मुझे यह नहीं सिखाया
कि लोग क्या सोचेंगे,
आपने सिखाया
कि सही क्या है।
मेरे व्यक्तित्व में जो धैर्य है,
वह अनुभव से कम
आपकी परवरिश से ज़्यादा आया है।
पिता का सम्मान इसलिए नहीं होता
कि वे बड़े हैं,
बल्कि इसलिए कि उन्होंने
हमारे लिए बहुत कुछ चुपचाप निभाया है।
आपने मुझे सहारा दिया,
लेकिन निर्भर नहीं बनाया,
यही एक अच्छे पिता की पहचान है।
हर बच्चे के जीवन में
एक ऐसा व्यक्ति होता है,
जिसका विश्वास उसे ख़ुद पर विश्वास करना सिखाता है,
मेरे लिए वह आप हैं।
अब जब ज़िम्मेदारियाँ समझ आने लगी हैं,
तो आपकी कई ख़ामोशियाँ भी समझ आने लगी हैं।
आपने मुझे सिखाया
कि ईमानदारी हमेशा आसान नहीं होती,
लेकिन रात की नींद सुकून से देती है।
मेरी पहचान मेरे नाम से शुरू हो सकती है,
लेकिन उसके पीछे आपके संस्कार खड़े हैं।
पिता की मौजूदगी
कई बार शब्दों से नहीं,
सिर्फ़ एक एहसास से महसूस होती है —
कि मैं अकेला नहीं हूँ।
अगर जीवन में किसी एक व्यक्ति का
बिना शर्त आभार मानना हो,
तो वह पिता होते हैं,
जो अपने हिस्से का समय देकर
हमारे लिए भविष्य बनाते हैं।
मेरी हिम्मत का पहला सबक,
मेरे पिता की ख़ामोशी से मिला,
उन्होंने शब्द कम दिए,
पर भरोसा उम्र भर का दे दिया।
आपने मेरे लिए रास्ते नहीं बदले,
मुझे चलना सिखाया,
इसीलिए आज भी मुश्किलों से नहीं,
हार मानने से डर लगता है।
पिता वह रिश्ता हैं,
जो अपने हिस्से की थकान छिपाकर,
बच्चों के हिस्से की मुस्कान बचाए रखते हैं।
जब दुनिया ने मेरी क्षमता पर सवाल किए,
आपका विश्वास मेरे साथ खड़ा रहा,
शायद इसी का नाम पिता होता है।
मेरी पहचान में जो भी अच्छाई है,
उसकी जड़ें वहीं हैं,
जहाँ पिता ने संस्कार बोए थे।
आपने कभी अपनी परेशानियाँ नहीं गिनाईं,
बस हमारी ज़रूरतें पूरी करते रहे,
अब समझ आता है,
प्रेम हमेशा शब्दों में नहीं होता।
उम्र बढ़ने के साथ
पिता की बातें नहीं बदलतीं,
बस उनका अर्थ गहरा होता जाता है।
मेरी हर सफलता में
मेहनत मेरी हो सकती है,
पर हौसला हमेशा पिता का होता है।
पिता का हाथ सिर पर हो,
तो रास्ते छोटे नहीं होते,
बस डर छोटा हो जाता है।
आपने मुझे यह नहीं सिखाया
कि दुनिया कैसी है,
आपने सिखाया
कि मुझे कैसा इंसान बनना है।
बचपन में उँगली पकड़कर चलाया,
बड़े होकर आत्मविश्वास पकड़ाकर,
ज़िंदगी के रास्ते समझा दिए।
कुछ लोग घर बनाते हैं,
कुछ लोग घर का सहारा बनते हैं,
पिता अक्सर दोनों होते हैं।
जब भी मैं ख़ुद पर शक करता हूँ,
आपकी कही हुई कोई पुरानी बात
फिर से भरोसा जगा देती है।
पिता की सबसे बड़ी विरासत
संपत्ति नहीं होती,
वह सोच होती है
जो बच्चों के चरित्र में बस जाती है।
आपके होने से हमेशा यह यक़ीन रहा,
कि चाहे दिन कितना भी कठिन हो,
एक व्यक्ति है जो मेरे लिए
चुपचाप दुआ करता है।