मैंने मोहब्बत को आदत नहीं बनने दिया,
इसीलिए आज भी तुम्हारी अहमियत ख़ास है।
तुम्हें चाहा है पूरे यक़ीन के साथ,
मगर ख़ुद को खोकर नहीं।
मोहब्बत है तुमसे, यह सच है,
लेकिन मेरा आत्मसम्मान भी उतना ही सच है।
तुम साथ हो तो सफ़र खूबसूरत लगता है,
वरना मैं रास्तों से डरने वालों में नहीं।
तुम्हारी मौजूदगी पसंद है मुझे,
मगर मेरी खुशी सिर्फ़ तुम पर निर्भर नहीं।
मैंने दिल दिया है तुम्हें,
अपनी पहचान नहीं छोड़ी।
तुम्हें चुनना मेरी पसंद थी,
और ख़ुद को चुनते रहना मेरी फ़ितरत है।
मोहब्बत में झुक सकता हूँ,
मगर टूटकर बिखरना मंज़ूर नहीं।
तुम्हारी मुस्कान अच्छी लगती है,
मगर अपनी शांति उससे भी ज़्यादा।
मैंने इश्क़ किया है सम्मान के साथ,
इसीलिए उसमें कोई दिखावा नहीं।
तुम्हारे साथ होना सुकून है,
लेकिन मेरी ताकत मेरी अपनी भी है।
मैं हर किसी पर दिल नहीं हारता,
तुम्हें पसंद करने के पीछे वजहें हैं।
मोहब्बत ने मुझे कमज़ोर नहीं किया,
उसने मुझे और सच्चा बना दिया।
तुम्हारे लिए वक़्त निकालता हूँ,
क्योंकि अहमियत हो, मजबूरी नहीं।
मैंने तुम्हें चाहा है पूरे दिल से,
लेकिन अपनी सीमाएँ भूला नहीं।
तुम मेरी कहानी का खूबसूरत हिस्सा हो,
पूरी कहानी नहीं।
मोहब्बत में वफ़ादार हूँ,
मगर अपनी कीमत भूलने वाला नहीं।
तुम्हारी ख़ामोशी भी समझ लेता हूँ,
क्योंकि रिश्ता शब्दों से बड़ा है।
मैंने तुम्हें पाने से पहले ख़ुद को बनाया है,
इसलिए मेरा प्यार भी अधूरा नहीं।
तुमसे जुड़ाव गहरा है,
मगर मेरी दुनिया सिर्फ़ एक रिश्ते तक सीमित नहीं।
तुम्हारा नाम मुस्कान दे जाता है,
मगर मेरी मुस्कान की वजह सिर्फ़ तुम नहीं।
मोहब्बत में धैर्य रखा है मैंने,
क्योंकि सच्चे रिश्ते जल्दबाज़ी में नहीं बनते।
तुम्हारे साथ भविष्य अच्छा लगता है,
मगर मेरा वर्तमान भी मज़बूत है।
मैंने तुम्हें दिल दिया है,
अपने सपने नहीं छोड़े।
तुम्हारी परवाह करता हूँ,
मगर ख़ुद को नज़रअंदाज़ करके नहीं।
मोहब्बत मेरे व्यक्तित्व का हिस्सा है,
मेरी पूरी पहचान नहीं।
तुम्हारे साथ ख़ामोशी भी अच्छी लगती है,
क्योंकि समझ हमेशा शब्दों की मोहताज नहीं होती।
मैंने तुम्हें सम्मान के साथ चाहा है,
इसलिए इस रिश्ते में कोई बोझ नहीं।
तुम्हारा होना एक खूबसूरत एहसास है,
मगर मेरा वजूद उससे कहीं बड़ा है।
मोहब्बत में दिल शामिल है,
लेकिन निर्णय आज भी दिमाग़ से लेता हूँ।
मैंने मोहब्बत को आदत नहीं बनने दिया,
इसीलिए आज भी तुम्हारी अहमियत ख़ास है।
तुम्हें चाहा है पूरे यक़ीन के साथ,
मगर ख़ुद को खोकर नहीं।
मोहब्बत है तुमसे, यह सच है,
लेकिन मेरा आत्मसम्मान भी उतना ही सच है।
तुम साथ हो तो सफ़र खूबसूरत लगता है,
वरना मैं रास्तों से डरने वालों में नहीं।
तुम्हारी मौजूदगी पसंद है मुझे,
मगर मेरी खुशी सिर्फ़ तुम पर निर्भर नहीं।
मैंने दिल दिया है तुम्हें,
अपनी पहचान नहीं छोड़ी।
तुम्हें चुनना मेरी पसंद थी,
और ख़ुद को चुनते रहना मेरी फ़ितरत है।
मोहब्बत में झुक सकता हूँ,
मगर टूटकर बिखरना मंज़ूर नहीं।
तुम्हारी मुस्कान अच्छी लगती है,
मगर अपनी शांति उससे भी ज़्यादा।
मैंने इश्क़ किया है सम्मान के साथ,
इसीलिए उसमें कोई दिखावा नहीं।
तुम्हारे साथ होना सुकून है,
लेकिन मेरी ताकत मेरी अपनी भी है।
मैं हर किसी पर दिल नहीं हारता,
तुम्हें पसंद करने के पीछे वजहें हैं।
मोहब्बत ने मुझे कमज़ोर नहीं किया,
उसने मुझे और सच्चा बना दिया।
तुम्हारे लिए वक़्त निकालता हूँ,
क्योंकि अहमियत हो, मजबूरी नहीं।
मैंने तुम्हें चाहा है पूरे दिल से,
लेकिन अपनी सीमाएँ भूला नहीं।
तुम मेरी कहानी का खूबसूरत हिस्सा हो,
पूरी कहानी नहीं।
मोहब्बत में वफ़ादार हूँ,
मगर अपनी कीमत भूलने वाला नहीं।
तुम्हारी ख़ामोशी भी समझ लेता हूँ,
क्योंकि रिश्ता शब्दों से बड़ा है।
मैंने तुम्हें पाने से पहले ख़ुद को बनाया है,
इसलिए मेरा प्यार भी अधूरा नहीं।
तुमसे जुड़ाव गहरा है,
मगर मेरी दुनिया सिर्फ़ एक रिश्ते तक सीमित नहीं।