ख़ुद को तराश रहा हूँ,
दुनिया एक दिन पहचान ही लेगी।
मेरी रफ़्तार धीमी हो सकती है,
लेकिन मेरी दिशा कभी नहीं भटकती।
मैंने वक़्त के साथ समझौता नहीं किया,
उसे अपने पक्ष में करना सीखा है।
जिन दिनों कोई साथ नहीं था,
वहीं दिनों ने सबसे मज़बूत बनाया।
मैं शोर से नहीं,
अपनी स्थिरता से अलग दिखता हूँ।
मेरे इरादे ऊँचे हैं,
इसलिए मेरी ख़ामोशी भी गहरी है।
मैंने सपनों को इंतज़ार नहीं कराया,
हर दिन उनके लिए काम किया है।
जो मुझे जानते हैं,
उन्हें मेरे परिचय की ज़रूरत नहीं।
मैंने हार को स्वीकार किया,
इसलिए जीत को संभालना भी सीख गया।
मेरा आत्मविश्वास तारीफ़ों से नहीं,
तजुर्बों से बना है।
मैं आज भी सीख रहा हूँ,
यही मुझे आगे रखता है।
मेरी मंज़िल दूर सही,
लेकिन मेरा यक़ीन उससे भी आगे है।
मैं हालातों का शिकार नहीं,
अपने फ़ैसलों का परिणाम हूँ।
कुछ लोग चमक ढूँढ़ते हैं,
मैं असर छोड़ने निकला हूँ।
मेरी पहचान बनाई नहीं गई,
कमाई गई है।
मैंने रास्तों को नहीं कोसा,
अपने कदम मज़बूत किए।
जो टूटकर भी खड़ा रहे,
असल ताक़त वही होती है।
मैं भी साधारण था,
बस रुकना कभी नहीं सीखा।
मेरे सपने मेरी ज़िम्मेदारी हैं,
इसलिए बहाने मेरे पास नहीं टिकते।
मैं वहाँ तक जाऊँगा,
जहाँ मेरी मेहनत मुझे ले जाएगी।
मुझे हर किसी की मंज़ूरी नहीं चाहिए,
मुझे अपने लक्ष्य की मंज़ूरी चाहिए।
मेरी सोच मेरी सबसे बड़ी पहचान है,
बाक़ी सब परिचय भर है।
मैंने वक़्त बर्बाद नहीं किया,
उसे निवेश किया है।
आज जो दिख रहा है,
वो वर्षों की तैयारी का नतीजा है।
मैं ख़ुद को साबित करने नहीं,
बेहतर बनाने निकला हूँ।
मेरे लिए ऊँचाई का मतलब,
ख़ुद से आगे निकलना है।
मैंने ठोकरों से बचना नहीं सीखा,
उनसे संभलना सीखा है।
मेरे काम धीरे चलते हैं,
लेकिन गहरे निशान छोड़ते हैं।
मैं हर दिन थोड़ा बेहतर बनता हूँ,
इसी आदत ने मुझे अलग बनाया है।
मेरे लक्ष्य बड़े हैं,
इसलिए मेरी शिकायतें छोटी हैं।
मैंने संघर्ष को सज़ा नहीं माना,
उसे अपनी तैयारी माना है।
मेरी मौजूदगी बतानी नहीं पड़ती,
मेरे कर्म उसका परिचय दे देते हैं।
जो लोग वक़्त का इंतज़ार करते हैं,
मैं वक़्त आने तक तैयारी करता हूँ।
मैंने आसान रास्तों को छोड़ा है,
तभी मुश्किल मंज़िलों का हक़दार हूँ।
मेरी कहानी अभी अधूरी है,
और सबसे मज़बूत अध्याय बाकी है।
रास्ते नहीं बदले मैंने,
ख़ुद को इतना मज़बूत किया कि रास्ते आसान लगने लगे।
मैं ख़ामोश ज़रूर हूँ,
मगर मेरी मेहनत रोज़ मेरी तरफ़ से बोलती है।
पहचान बनाने में साल लगे हैं,
इसीलिए दिखावे में एक पल भी नहीं गँवाता।
मैं भीड़ में दिखना नहीं चाहता,
मैं याद रहना चाहता हूँ।
जो आज मुश्किल लग रहा है,
कल वही मेरी ताक़त कहलाएगा।
मैंने ख़ुद को वक़्त दिया है,
इसलिए मेरी उड़ान जल्दबाज़ी की नहीं है।
मेरी सीमा आसमान नहीं,
मेरी सोच है।
मैं हारकर भी मुस्कुराया हूँ,
क्योंकि खेल अभी ख़त्म नहीं हुआ था।
जहाँ लोग रुक जाते हैं,
मैं वहीं से शुरुआत करता हूँ।
मेरी ख़ासियत शोर नहीं,
निरंतरता है।
मैं मंज़िल का इंतज़ार नहीं करता,
हर दिन उसे थोड़ा और क़रीब ले आता हूँ।
जो मुझे कम समझते हैं,
उन्हें मैं जवाब नहीं, परिणाम देता हूँ।
मेरे सपनों की ऊँचाई से पहले,
मेरे धैर्य की गहराई देखो।
मैंने आसान रास्ते छोड़ दिए,
तभी मुश्किलें मुझे पहचानने लगीं।
मेरी कहानी का सबसे मज़बूत किरदार,
मैं ख़ुद हूँ।
मैंने ठोकरों को रोड़ा नहीं माना,
उन्हें सीढ़ियाँ बना लिया।
नज़रें ऊँची हैं,
क्योंकि लक्ष्य छोटे नहीं हैं।
मैं बदल रहा हूँ हर दिन,
और यही मेरी सबसे बड़ी जीत है।
मेरे पास बहाने कम हैं,
इरादे ज़्यादा हैं।
मैंने वक़्त को दोष नहीं दिया,
उसे दिशा दी है।
जो दिख रहा हूँ,
उससे कहीं ज़्यादा बन रहा हूँ।
मेरी चुप्पी में भी आत्मविश्वास है,
क्योंकि मुझे ख़ुद पर यक़ीन है।
मैंने अपने डर को पीछे नहीं छोड़ा,
उसे हराकर आगे बढ़ा हूँ।
आज का संघर्ष,
कल की पहचान लिख रहा है।
मैं अपनी तुलना किसी से नहीं करता,
मेरी दौड़ मेरी ही कल से है।
थोड़ा अलग हूँ,
क्योंकि नकल कभी पहचान नहीं बनाती।
मैंने मंज़ूरी माँगना छोड़ दिया,
तब से रास्ते खुलने लगे।
मुझे जल्दी नहीं है,
मैं स्थायी पहचान बना रहा हूँ।
मेरे इरादे तस्वीरों से बड़े हैं,
इसलिए मेरी मेहनत भी दिखावे से बड़ी है।
जहाँ आत्मसम्मान खड़ा हो,
वहाँ समझौते छोटे लगते हैं।
मैंने संघर्ष को बोझ नहीं समझा,
उसे अपनी तैयारी बना लिया।
मेरी मौजूदगी महसूस होती है,
क्योंकि मैं प्रभाव छोड़ता हूँ, शोर नहीं।
मैं ख़ुद की नज़र में सफल हूँ,
बाक़ी दुनिया बाद में आएगी।
रुकना मेरी आदत नहीं,
सीखना मेरी पहचान है।
मैंने सपनों को शब्द नहीं बनाए,
उन्हें आदत बना लिया।