Attitude Shayari for WhatsApp
मेरी पहचान लोगों की राय से नहीं बनती, मैं अपने किरदार से जाना जाता हूँ।
जो ठहर गए, वो बहाने लिखते रहे, मैं चलता रहा, इसलिए कहानी बन गई।
मुझे ऊँचा दिखना नहीं है, बस इतना है कि झुकना आदत नहीं।
मेरी ख़ामोशी में भी वज़न है, हर बात कह देना ज़रूरी नहीं।
मैंने मुश्किल दिनों को भी सलाम किया है, तभी अच्छे दिन मुझसे मिलने आए हैं।
ख़ुद पर भरोसा हो तो, रास्ते नक्शों से नहीं, हौसलों से मिलते हैं।
मैंने मंज़िल से पहले ख़ुद को जीता है, इसलिए सफ़र अब आसान लगता है।
हर किसी को खुश रखने निकला नहीं, अपने उसूल बचाना ज़्यादा ज़रूरी था।
मैं भीड़ में दिखने नहीं आया, मैं ऐसा बनने आया हूँ जिसे नज़रअंदाज़ न किया जा सके।
मेरे फैसले मेरी ज़िम्मेदारी हैं, इसलिए मुझे पछतावे कम होते हैं।
वक़्त बदला, हालात बदले, पर मैंने अपना स्तर नहीं बदला।
जिस दिन ख़ुद की क़ीमत समझ आ गई, उस दिन दुनिया का असर कम हो गया।
मैं जीत की बातें कम करता हूँ, तैयारी ज़्यादा करता हूँ।
जो मेरे साथ नहीं चले, उनसे शिकायत नहीं, सीख मिली।
मेरी सीमा भी है और सिद्धांत भी, हर बात पर समझौता मेरा स्वभाव नहीं।
मैंने शोर से दूरी रखी, तभी मेरी पहचान साफ़ सुनाई दी।
हर ठोकर ने मुझे रोका नहीं, बस कदम रखने का ढंग सिखाया।
मैं आज भी सीख रहा हूँ, यही वजह है कि आगे बढ़ रहा हूँ।
सफलता का स्वाद वही जानता है, जिसने धैर्य को भूख से बड़ा रखा हो।
मैं किसी की परछाई नहीं, अपनी सोच का परिणाम हूँ।
कुछ लोग मौके ढूँढ़ते हैं, मैं तैयारी करता हूँ।
मुझे पहचानने के लिए नज़दीक आना पड़ता है, दूर से केवल अंदाज़े लगते हैं।
मेरी मौजूदगी शोर नहीं करती, लेकिन अनदेखी भी नहीं होती।
मैंने अपने डर से दोस्ती की है, तभी सपनों से मुलाक़ात हुई है।
मेरे शब्द कम हैं, लेकिन इरादे पूरे कद के हैं।
मैंने रास्ता कठिन चुना था, इसलिए मंज़िल की खुशी भी अलग होगी।
जो ख़ुद पर काम करते हैं, उन्हें दूसरों की मंज़ूरी कम चाहिए होती है।
मेरी उड़ान का शोर नहीं सुनाई देगा, मैं ऊँचाई काम से हासिल करता हूँ।
मैं हर जवाब देने नहीं बैठता, कुछ बातें परिणाम समझा देते हैं।
जिसे ख़ुद की नज़र में इज़्ज़त मिल जाए, उसे दुनिया की तारीफ़ कम लगती है।
मैं हालात का इंतज़ार नहीं करता, जहाँ खड़ा हूँ, वहीं से शुरुआत करता हूँ।
मेरे सपने बड़े हैं, इसलिए मेरा धैर्य भी बड़ा है।
मैं हार से नहीं डरता, बिना कोशिश के जीने से डरता हूँ।
मेरा रास्ता अलग है, इसलिए मेरी रफ़्तार का हिसाब मत लगाओ।
मैंने ख़ुद को साबित करने की ज़िद छोड़ी, और उसी दिन से पहचान बनने लगी।
जो मेरी ख़ामोशी को कमज़ोरी समझते हैं, उन्हें वक़्त ही जवाब देता है, मैं नहीं।
भीड़ के साथ चलना आसान था, मैंने अपना रास्ता चुना, इसलिए पहचान बनी।
मुझे साबित करने की जल्दी नहीं, मेरे काम मेरी तरफ़ से बोलते हैं।
जहाँ लोग पसंद किए जाने में लगे हैं, वहाँ मैं ख़ुद के सम्मान को संभाल रहा हूँ।
हर हार ने एक बात सिखाई, गिरना कहानी का हिस्सा है, मंज़िल का नहीं।
मैं बदलता हूँ, झुकता नहीं, यही फ़र्क़ मुझे मैं बनाता है।
मेरे उसूल महँगे हैं, हर किसी की राय पर नहीं बिकते।
सफ़र अभी जारी है, लेकिन दिशा देखकर मंज़िल का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
शोर से नहीं, असर से पहचाना जाऊँगा, नाम नहीं, काम याद रखा जाएगा।
नज़रें ऊपर रखने का कारण घमंड नहीं, लक्ष्य हमेशा सामने दिखता है।
जो आज समझ नहीं पा रहे, कल उसी फ़ैसले की मिसाल देंगे।
मैंने ख़ुद को खोकर नहीं पाया, अपने असली रूप को स्वीकार करके पाया है।
हर दरवाज़ा खुलना ज़रूरी नहीं, कुछ रास्ते अपने दम पर बनते हैं।
मेरा आत्मविश्वास तालियों पर नहीं टिका, वह संघर्षों की नींव पर खड़ा है।
मैं किसी से आगे निकलने नहीं निकला, मैं अपने कल से बेहतर बनने निकला हूँ।