Attitude Status
मैंने अपनी पहचान बनाई है, किसी चलन का हिस्सा बनकर नहीं।
मेरे सपनों की ऊँचाई, मेरी ख़ामोशी से समझी जा सकती है।
मैं हर किसी को प्रभावित नहीं करता, बस ख़ुद से समझौता नहीं करता।
जो मेरे वक़्त की क़दर नहीं करते, उन्हें मेरा वक़्त भी नहीं मिलता।
मैंने अपनी दिशा पर भरोसा रखा, तभी रास्ते मायने रखने लगे।
मेरी सादगी को साधारण मत समझना, मैंने दिखावे से दूरी चुनी है।
मैं हर दिन जीतने नहीं निकलता, बस हार मानने से बचता हूँ।
मेरे लिए सम्मान, लोकप्रियता से हमेशा बड़ा रहेगा।
मैंने अपनी ऊर्जा बचा रखी है, हर बात पर खर्च नहीं करता।
जो मुझे समझते हैं, उन्हें मेरे बारे में सुनने की ज़रूरत नहीं।
मैं वहाँ नहीं रुकता, जहाँ मेरी सोच रुक जाए।
मेरी कहानी का सबसे अच्छा हिस्सा, अभी निर्माण में है।
मैंने शोर से नहीं, धैर्य से आगे बढ़ना सीखा है।
मुझे ऊँचा दिखना नहीं, ऊँचा बनना है।
मेरे सपने बहानों से बड़े हैं, इसलिए सफ़र जारी है।
मैं तुलना नहीं करता, अपना स्तर ख़ुद तय करता हूँ।
जो चीज़ सुकून छीन ले, वह सफलता भी नहीं चाहिए।
मैं कम लोगों के साथ हूँ, मगर सही लोगों के साथ हूँ।
मेरी मौजूदगी का मक़सद, सिर्फ़ दिखना नहीं है।
मैंने अपने लक्ष्य को इतना साफ़ रखा, कि भटकाव पहचान में आने लगा।
हर मोड़ पर बदल जाना आसान है, मैंने स्थिर रहना चुना है।
मैं आज भी सीख रहा हूँ, और यही मेरी असली ताक़त है।
मेरी ख़ामोशी में भी आगे बढ़ने की आवाज़ होती है।
मैं अपने सफ़र का दर्शक नहीं, निर्माता हूँ।
मुझे याद रखा जाए या नहीं, मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देकर जाऊँगा।
मैंने ख़ुद को तराशा है, इसीलिए रायों से नहीं घिसता।
मेरे उसूल महँगे हैं, हर किसी के लिए नहीं बदलते।
मैं शोर से नहीं, निरंतरता से पहचाना जाना चाहता हूँ।
जो खोने से डर जाए, वो सपने बड़े नहीं होते।
मैं कम बोलता हूँ, ताकि मेरा काम बीच में न आए।
मेरी रफ़्तार मेरी है, मुझे किसी दौड़ की जल्दी नहीं।
मैं वहाँ नहीं ठहरता, जहाँ सम्मान रुक जाता है।
सुकून कमाया है, यूँ ही नहीं मिला।
मैं तुलना से बाहर हूँ, इसीलिए आगे हूँ।
मेरी पहचान मेरे फ़ैसलों में रहती है।
मैं आसान रास्ते नहीं, सही रास्ते चुनता हूँ।
जो आज नहीं दिख रहा, वही कल पहचान बनेगा।
मैं हर किसी को नहीं मिलता, अपना समय चुनकर देता हूँ।
मुझे मंज़ूरी नहीं, मक़सद चाहिए।
मेरी ख़ामोशी मेरे आत्मविश्वास का दूसरा नाम है।
मैंने बहानों को छोड़ा, रास्ते मिलते गए।
जहाँ दिखावा शुरू होता है, वहाँ से मैं दूर हो जाता हूँ।
मैं अपनी कहानी का सबसे सख़्त संपादक हूँ।
कुछ लोग चर्चा चाहते हैं, मुझे प्रगति पसंद है।
मैं बदलता हूँ, मगर अपने मूल्यों की कीमत पर नहीं।
मेरी मौजूदगी ध्यान नहीं, असर माँगती है।
मैंने वक़्त से सीखा है, हर जवाब तुरंत नहीं दिया जाता।
जो मेरे लिए बना है, उसे पकड़ने की नहीं, पाने की ज़रूरत है।
मैं भीड़ में खोया नहीं, अपने लक्ष्य में डूबा हूँ।
मेरी सबसे बड़ी जीत, ख़ुद पर मेरा भरोसा है।