तेरे साथ अपनी खुशी बाँटते हुए कभी संकोच नहीं हुआ,
और दुख बताते हुए कभी शर्म नहीं आई।
शायद यही वजह है,
कि हमारी दोस्ती में दूरी आई, पर झिझक कभी नहीं आई।
तू मेरी बात पूरी होने से पहले जवाब नहीं देता,
पहले समझने की कोशिश करता है कि मैं कहना क्या चाहता हूँ।
यह छोटी-सी आदत,
तेरे होने को मेरे लिए बहुत बड़ा सुकून बना देती है।
हमने साथ बिताए दिनों में कुछ खास करने की कोशिश नहीं की,
फिर भी वही साधारण पल सबसे ज्यादा याद रहते हैं।
शायद अपनापन जगहों से नहीं,
किसी के साथ सहज महसूस करने से बनता है।
जब मेरी कोई बात मुझे खुद समझ नहीं आती,
तब भी तेरे सामने उसे कह पाता हूँ।
तू हर उलझन सुलझाता नहीं,
लेकिन उसे अकेले ढोने नहीं देता।
कभी मेरी गलतियों पर तूने मेरा पक्ष नहीं लिया,
बल्कि साफ़ कहा कि यहाँ मैं गलत हूँ।
उस वक्त बुरा लगा,
बाद में समझ आया कि सच्ची परवाह हमेशा सहमति नहीं होती।
हम दोनों अपनी-अपनी जिंदगी में व्यस्त हैं,
अब हर दिन बात करना संभव नहीं।
फिर भी किसी खबर पर सबसे पहले तेरा ख्याल आता है,
कुछ रिश्ते समय माँगते नहीं, बस जगह बनाए रखते हैं।
मेरी छोटी उपलब्धियों को भी तू ऐसे मनाता है,
जैसे मैंने कोई बहुत बड़ी चीज़ हासिल कर ली हो।
शायद इसी वजह से,
तेरी खुशी में कभी औपचारिकता महसूस नहीं हुई।
कुछ दिनों में मैं खुद से ही परेशान रहता हूँ,
तब तेरी एक साधारण-सी बात भी बहुत काम आती है।
तू मुझे बदलने नहीं बैठता,
बस याद दिलाता है कि यह दौर मेरी पूरी पहचान नहीं है।
हमारे बीच कई बातें बिना कहे रह जाती हैं,
पर उनका बोझ नहीं बनता।
क्योंकि भरोसा इतना है,
कि हर भावना को शब्दों में साबित करना जरूरी नहीं लगता।
अगर जिंदगी की भीड़ में कोई एक रिश्ता ऐसा है,
जहाँ मुझे अपने होने का अभिनय नहीं करना पड़ता,
तो वह हमारी दोस्ती है,
जिसमें साथ से ज्यादा जरूरी है—एक-दूसरे के सामने सहज रह पाना।
तेरे साथ रहने पर अपनी बातों को तौलना नहीं पड़ता,
कुछ भी कह दूँ, मन में डर नहीं रहता।
शायद यही भरोसा दोस्ती को खास बनाता है,
जहाँ इंसान अपने शब्दों से पहले अपनेपन पर भरोसा करता है।
हमने साथ में बहुत हँसी जमा की है,
कुछ ऐसी बातें भी हैं जिनका मतलब सिर्फ हमें पता है।
दुनिया उन्हें मामूली कह सकती है,
पर वही यादें थके हुए दिनों में मन को सबसे पहले संभालती हैं।
तू मेरी हर परेशानी हल नहीं कर सकता,
और शायद तुझे करना भी नहीं चाहिए।
कभी-कभी बस किसी का बिना घबराए सुन लेना,
मन के भीतर बहुत कुछ अपनी जगह पर रख देता है।
हमारी दोस्ती में नाराज़गी भी आई,
कुछ बातों पर दूरी भी रही।
पर हर बार वापस बात करने की वजह यही रही,
कि रिश्ता जीतने से ज्यादा जरूरी लगा।
तू मेरी खूबियाँ जानता है,
पर मेरी कमियाँ भी तुझसे छिपी नहीं।
फिर भी तेरे सामने मुझे बेहतर दिखने की जरूरत नहीं पड़ती,
यह सहजता मेरे लिए दोस्ती की सबसे बड़ी खूबसूरती है।
मेरी खुशी की खबर तुझे बताने का मन सबसे पहले होता है,
क्योंकि पता है तू उसमें अपना हिस्सा नहीं खोजेगा।
तू बस खुश होगा,
जैसे मेरी खुशी सच में तेरे लिए भी खुशी हो।
जब मेरे फैसले गलत निकले,
तूने मुझे झूठी तसल्ली नहीं दी।
सच कहा, समझाया,
और फिर भी मुझे अकेला महसूस नहीं होने दिया।
हम दोनों की जिंदगी अब पहले जैसी सरल नहीं,
मिलना कम हुआ है और जिम्मेदारियाँ बढ़ी हैं।
फिर भी कुछ रिश्तों को रोज़ की मौजूदगी नहीं चाहिए,
बस इतना भरोसा चाहिए कि दूरी के पार भी अपनापन बचा है।
कभी-कभी सोचता हूँ,
अगर तू मेरी जिंदगी में न होता तो कितनी बातें अधूरी रह जातीं।
कुछ हँसी शायद कम होती,
और कुछ मुश्किलें शायद जरूरत से ज्यादा अकेली लगतीं।
तेरे साथ दोस्ती ने मुझे यह सिखाया,
कि हर रिश्ता सलाह देने या साथ चलने से नहीं बनता।
कभी कोई बस इतना करता है,
कि उसके सामने तुम जैसे हो वैसे रह सकते हो—और यही बहुत होता है।
तेरे साथ दोस्ती में सबसे अच्छी बात यही रही,
मुझे हर बार खुद को अच्छा साबित नहीं करना पड़ा।
मेरी गलतियाँ, मेरी चुप्पियाँ, मेरी उलझनें सब देखीं,
फिर भी तूने मुझे समझने की कोशिश छोड़ी नहीं।
हमने कितनी बातें हँसते-हँसते कही थीं,
आज याद आती हैं तो दिन थोड़ा हल्का हो जाता है।
कुछ रिश्ते यादों से जुड़े नहीं रहते,
उनके साथ बिताया समय खुद याद बन जाता है।
जब मैं अपनी परेशानी ठीक से बता नहीं पाया,
तूने सवालों की जगह बस साथ दिया।
उस दिन समझ आया,
हर मदद किसी समाधान का नाम नहीं होती।
तू मेरी तारीफ़ करने वाला दोस्त नहीं,
जरूरत पड़े तो मेरी गलती सामने रख देता है।
अच्छा यही लगता है,
तेरी सच्चाई में मुझे छोटा करने की नहीं, बेहतर समझाने की कोशिश होती है।
कभी हमारी बातों में नाराज़गी भी आई,
कुछ बातें दोनों ने अपनी-अपनी जगह से गलत समझीं।
फिर भी रिश्ता बचा रहा,
क्योंकि हमने अहंकार को दोस्ती से बड़ा नहीं होने दिया।
तेरी अपनी परेशानियाँ भी कम नहीं थीं,
फिर भी मेरी बात सुनने की जगह हमेशा निकाल लेता था।
शायद दोस्ती का यही सुंदर हिस्सा है,
जहाँ दोनों अपनी थकान के बीच भी एक-दूसरे के लिए थोड़ा समय बचा लेते हैं।
हमारी दोस्ती में रोज़ मिलने की शर्त नहीं,
न हर बात बताने की कोई मजबूरी।
बस एक भरोसा है,
जरूरत के समय दूरी रिश्ते के बीच नहीं आएगी।
मेरी किसी छोटी सफलता पर तेरी खुशी,
मुझे अपनी उपलब्धि से ज्यादा सच्ची लगी।
क्योंकि उसमें तुलना नहीं थी,
बस यह एहसास था कि मेरी खुशी तुझे भी सच में अच्छी लगती है।
कुछ लोग हमारी जिंदगी में बहुत बातें छोड़ जाते हैं,
तूने मेरे भीतर भरोसा छोड़ा है।
कि हर बात अकेले संभालना जरूरी नहीं,
कभी किसी अपने के सामने कमजोर होना भी सुरक्षित हो सकता है।
वक्त के साथ हमारी जिंदगी बदलती रही,
काम बढ़े, जिम्मेदारियाँ बढ़ीं, मुलाकातें कम हुईं।
लेकिन जब भी बात हुई,
ऐसा लगा जैसे दूरी ने समय लिया था, अपनापन नहीं।
तेरे साथ बैठकर चुप रहना भी अजीब तरह का सुकून देता है,
हर मुलाकात को बातों से भरना जरूरी नहीं लगता।
शायद इसलिए हमारी दोस्ती इतनी अपनी है,
यहाँ खामोशी भी असहज नहीं होती।
तू मेरी कहानी का हर पन्ना नहीं जानता,
पर जब कोई बात भीतर से परेशान करती है, तू समझ जाता है।
मैंने कभी सब कुछ बताया नहीं,
फिर भी तूने मुझे समझने की कोशिश कभी छोड़ी नहीं।
हमने साथ हँसते हुए कितने दिन गुज़ारे,
और कई बार बिना वजह घंटों बातें कीं।
लेकिन तेरी अहमियत तब समझ आई,
जब मेरे पास कहने को कुछ नहीं था और तू फिर भी पास रहा।
तू मेरी हर गलती को सही नहीं ठहराता,
कभी डाँटता है, कभी समझाता है, कभी बस चुप रहता है।
पर तेरी हर बात के पीछे एक चीज़ हमेशा रही,
कि मैं खुद से हार न जाऊँ।
कई लोग अच्छे दिनों में बहुत करीब होते हैं,
पर मुश्किल आते ही बातचीत छोटी हो जाती है।
तू ऐसा नहीं था,
तूने मेरे कठिन दिनों को भी मेरी दोस्ती से अलग नहीं किया।
हमारी कुछ यादें इतनी मामूली हैं,
कि कोई और उन्हें सुनकर शायद मुस्कुरा भी न पाए।
लेकिन वही छोटी-छोटी बातें,
आज भी मन खराब हो तो भीतर से हँसा देती हैं।
तेरी सबसे अच्छी बात यह है,
कि तू मेरी कमियाँ जानकर भी मुझे बदलने की जल्दी नहीं करता।
जरूरत हो तो सच बता देता है,
और बाकी समय मुझे जैसा हूँ, वैसा रहने देता है।
कभी हमारी बातों में बहस भी हुई,
कभी कई दिनों तक दोनों अपनी-अपनी जिद पर रहे।
फिर भी रिश्ता वहीं रहा,
क्योंकि दोस्ती में हर बात जीतना जरूरी नहीं, एक-दूसरे को खोना भी नहीं चाहिए।
मेरी खुशी में तेरा हिस्सा जताने की जरूरत नहीं,
तू खुश होता है तो मुझे पता चल जाता है।
मेरी परेशानी में भी यही अपनापन है,
तू समाधान से पहले यह महसूस करा देता है कि मैं अकेला नहीं हूँ।
समय बदला, जिम्मेदारियाँ बढ़ीं,
बातचीत पहले जैसी रोज़ नहीं रही।
फिर भी जब जिंदगी सच में भारी हुई,
सबसे पहले जिन नामों का भरोसा याद आया, उनमें तू था।
तेरे सामने अपनी परेशानी समझाने की जरूरत नहीं पड़ती,
तू चेहरे से ही पूछ लेता है कि बात कहाँ अटकी है।
शायद इसी सुकून का नाम दोस्ती है,
जहाँ चुप रहना भी बातचीत जैसा लगता है।
हमने साथ में ऐसी हँसी बाँटी है,
जिसका कारण आज भी किसी तीसरे को समझ नहीं आएगा।
कुछ यादें तस्वीरों में नहीं रहतीं,
बस एक-दूसरे की आवाज़ सुनते ही फिर से जी उठती हैं।
तू मेरी हर बात से सहमत हो, ऐसा भी नहीं,
कई बार मेरी गलती सबसे पहले तू ही बताता है।
फर्क बस इतना है,
तेरी सच्चाई में मुझे ठुकराना नहीं, संभालना महसूस होता है।
मुश्किल दिनों में तूने कोई बड़ा वादा नहीं किया,
बस अपनी मौजूदगी को सामान्य रखा।
शायद इसी वजह से दर्द थोड़ा हल्का लगा,
क्योंकि मुझे लगा कि इस सबके बीच मैं अकेला नहीं हूँ।
हमारी दोस्ती में हिसाब कभी नहीं रहा,
किसने कितनी बार फोन किया, किसने कितना साथ दिया।
कुछ रिश्ते गिनती से नहीं चलते,
उनमें बस यह भरोसा रहता है कि जरूरत पड़े तो सामने वाला होगा।
कभी महीनों बात कम हो जाए,
फिर भी मिलने पर अजनबीपन नहीं आता।
जैसे बातचीत रुकी थी,
रिश्ता नहीं।
तू मेरी कमियाँ जानता है,
मेरी कुछ ऐसी आदतें भी जिन्हें मैं खुद पसंद नहीं करता।
फिर भी तेरे साथ मुझे बेहतर दिखने की कोशिश नहीं करनी पड़ती,
यही अपनापन शायद किसी भी रिश्ते की सबसे बड़ी राहत है।
मेरी खुशी में तेरा खुश होना,
मेरी किसी उपलब्धि से ज्यादा खूबसूरत लगा।
तूने कभी मेरी जगह लेने की कोशिश नहीं की,
बस जब मैं आगे बढ़ा, तूने दिल से तालियाँ बजाईं।
हमने कई बेवकूफियाँ साथ की हैं,
और कुछ फैसलों पर आज भी हँसते हैं।
लेकिन जब जिंदगी सच में गंभीर हुई,
तब उसी हँसने वाले दोस्त ने सबसे समझदारी से मेरा हाथ थामा।
कुछ रिश्ते रोज़ बात करने से नहीं,
बार-बार भरोसा निभाने से गहरे होते हैं।
तू उन रिश्तों में है,
जिससे दूरी हो सकती है, पर मन में बेगानापन नहीं आता।
बेस्ट फ्रेंड वह होता है,
जो आपकी चुप्पी को भी बातचीत की तरह समझ लेता है।
जब मैं खुद को साबित करने में लगा था,
मेरा बेस्ट फ्रेंड मुझे स्वीकार करने में लगा था।
मेरे जीवन की सबसे बड़ी राहत यह है,
कि कहीं एक इंसान है जो मुझे बिना दिखावे के जानता है।
बेस्ट फ्रेंड के साथ रिश्ता ऐसा होता है,
जहाँ गलतफहमियों से ज्यादा भरोसा रहता है।
जब मेरी हिम्मत जवाब देने लगी,
मेरा बेस्ट फ्रेंड मेरे विश्वास की आवाज़ बन गया।
कुछ लोग सिर्फ अच्छे समय में मिलते हैं,
बेस्ट फ्रेंड मुश्किल समय में पहचान में आता है।
मेरे बुरे मूड से सब परेशान हो जाते हैं,
मेरा बेस्ट फ्रेंड उसकी वजह समझने की कोशिश करता है।
बेस्ट फ्रेंड का होना एक रिश्ते से बढ़कर है,
यह जिंदगी में एक सुरक्षित जगह होने जैसा है।
जब रास्ते समझ नहीं आते,
मेरा बेस्ट फ्रेंड मंज़िल नहीं, हौसला दिखाता है।
मेरी हर जीत में उसकी खुशी सच्ची होती है,
क्योंकि उसमें तुलना नहीं, अपनापन होता है।
बेस्ट फ्रेंड वह है,
जो आपकी कमज़ोरियों को हथियार नहीं बनाता।
जब दुनिया मुझे बदलना चाहती है,
मेरा बेस्ट फ्रेंड मुझे बेहतर बनने में मदद करता है।
मेरी कहानी के सबसे मुश्किल अध्यायों में,
मेरा बेस्ट फ्रेंड हमेशा एक मजबूत पन्ना रहा है।
बेस्ट फ्रेंड से बात करने के बाद,
समस्याएँ नहीं, मन हल्का हो जाता है।
कुछ रिश्ते जरूरत से जुड़े होते हैं,
बेस्ट फ्रेंड वाला रिश्ता भरोसे से जुड़ा होता है।
जब मैं थककर रुक जाता हूँ,
मेरा बेस्ट फ्रेंड मुझे मंज़िल नहीं, मेरी ताकत याद दिलाता है।
मेरे चेहरे की मुस्कान सब देख लेते हैं,
मेरा बेस्ट फ्रेंड उसकी कमी भी देख लेता है।
बेस्ट फ्रेंड का साथ इसलिए खास है,
क्योंकि वह आपको आपकी असली पहचान से जोड़कर रखता है।
हम दोनों हर बात पर सहमत नहीं होते,
फिर भी हमारे बीच सम्मान कभी कम नहीं होता।
जब पूरी दुनिया व्यस्त होती है,
मेरा बेस्ट फ्रेंड एक संदेश से भी साथ होने का एहसास दे देता है।
बेस्ट फ्रेंड वह रिश्ता है,
जहाँ औपचारिकताएँ खत्म और अपनापन शुरू हो जाता है।
मेरी परेशानियों का हल हमेशा उसके पास नहीं होता,
लेकिन उसका साथ अक्सर काफी होता है।
कुछ लोग जीवन में याद बनते हैं,
मेरा बेस्ट फ्रेंड जीवन की सबसे अच्छी आदत बन गया।
जब मैं अपनी कीमत भूल जाता हूँ,
मेरा बेस्ट फ्रेंड मुझे मेरी अहमियत याद दिलाता है।
अगर भरोसे को किसी रिश्ते का नाम देना हो,
तो मैं उसे बेस्ट फ्रेंड कहूँगा।
बेस्ट फ्रेंड वह होता है,
जिसके सामने दिल की बात सोचकर नहीं, महसूस करके कही जाती है।
जब सबने मेरी बात सुनी,
मेरा बेस्ट फ्रेंड मेरी बात के पीछे की वजह समझ गया।
मेरी जिंदगी में बहुत लोग आए,
लेकिन बेस्ट फ्रेंड बनकर वही रुका जिसने मुझे जैसा हूँ वैसा अपनाया।
कुछ रिश्ते वक्त के साथ बदल जाते हैं,
बेस्ट फ्रेंड वाला रिश्ता वक्त के साथ और गहरा हो जाता है।
जब मैं हार मानने के करीब था,
मेरा बेस्ट फ्रेंड मेरे हौसले की आखिरी उम्मीद बना रहा।
मेरी गलतियों पर जिसने ताली नहीं बजाई,
बल्कि मुझे बेहतर बनने में मदद की, वही मेरा बेस्ट फ्रेंड है।
हर किसी को मेरी कहानी का अंत पता है,
मेरा बेस्ट फ्रेंड मेरे संघर्षों की शुरुआत भी जानता है।
बेस्ट फ्रेंड का साथ इसलिए खास है,
क्योंकि वह खुशियों में नहीं, सच में साथ देता है।
कुछ लोग मेरी बातों को याद रखते हैं,
मेरा बेस्ट फ्रेंड मेरी भावनाओं को याद रखता है।
जब जिंदगी बहुत भारी लगने लगती है,
बेस्ट फ्रेंड की एक बातचीत मन हल्का कर देती है।
मेरी खामियाँ उसे मुझसे दूर नहीं करतीं,
बल्कि मुझे और बेहतर समझने का मौका देती हैं।
बेस्ट फ्रेंड वह नहीं जो हर बात में सहमत हो,
वह है जो सच बोलकर भी रिश्ता बनाए रखे।
जब पूरी दुनिया जल्दी में होती है,
मेरा बेस्ट फ्रेंड मेरे लिए थोड़ा वक्त निकाल ही लेता है।
मेरी सबसे सच्ची हँसी और सबसे सच्ची बातें,
अक्सर मेरे बेस्ट फ्रेंड के साथ ही निकलती हैं।
बेस्ट फ्रेंड का रिश्ता इसलिए अनमोल है,
क्योंकि इसमें भरोसा कमाया नहीं, महसूस किया जाता है।
कुछ लोग साथ चलकर याद बन जाते हैं,
मेरा बेस्ट फ्रेंड साथ निभाकर आदत बन गया है।
जब मैं खुद को समझ नहीं पाता,
मेरा बेस्ट फ्रेंड मेरी उलझनों को सुलझा देता है।
मेरे अच्छे दिनों में वह खुश होता है,
मेरे बुरे दिनों में वह मजबूत हो जाता है।
बेस्ट फ्रेंड वह है,
जिसके होने से मुश्किलें छोटी नहीं होतीं, मगर आसान लगने लगती हैं।
मेरी जिंदगी के सबसे कठिन पलों में,
जिसने मुझे अकेला महसूस नहीं होने दिया, वही बेस्ट फ्रेंड है।
हमारे बीच रोज़ बातें नहीं होतीं,
फिर भी भरोसा कभी कम नहीं होता।
बेस्ट फ्रेंड का रिश्ता शब्दों पर नहीं,
बरसों से निभाए गए विश्वास पर टिका होता है।
जब मैं खुद से नाराज़ होता हूँ,
मेरा बेस्ट फ्रेंड मुझे खुद से फिर मिलवा देता है।
कुछ लोग रिश्ते निभाते हैं,
मेरा बेस्ट फ्रेंड रिश्ता जीता है।
अगर जिंदगी की सारी उपलब्धियाँ एक तरफ रख दूँ,
तो एक सच्चा बेस्ट फ्रेंड अब भी सबसे कीमती रहेगा।
बेस्ट फ्रेंड वह नहीं जो हर दिन साथ दिखे,
वह है जो हर मुश्किल में सबसे पहले याद आए।
मेरी आधी बातें अधूरी रह जाती हैं,
क्योंकि मेरा बेस्ट फ्रेंड उन्हें पूरा समझ लेता है।
रिश्तों की भीड़ में एक सुकून की जगह है,
जिसे मैं अपने बेस्ट फ्रेंड के नाम से जानता हूँ।
जब खुद पर भरोसा कम होने लगता है,
मेरा बेस्ट फ्रेंड मुझ पर यकीन बनाए रखता है।
हर किसी को मेरी हँसी दिखती है,
मेरा बेस्ट फ्रेंड मेरी थकान भी पहचान लेता है।
कुछ लोग जिंदगी में आते हैं और चले जाते हैं,
मेरा बेस्ट फ्रेंड हर दौर में साथ चलता है।
हमारी दोस्ती की खूबसूरती यही है,
कि हमें एक-दूसरे को समझाने की जरूरत नहीं पड़ती।
बेस्ट फ्रेंड का साथ किसी सलाह जैसा नहीं,
एक भरोसे जैसा होता है जो हमेशा साथ रहता है।
जब दुनिया सवाल पूछती है,
मेरा बेस्ट फ्रेंड सिर्फ हाल पूछता है।
मेरे अच्छे दिनों में मुस्कुराने वाले बहुत हैं,
बुरे दिनों में ठहरने वाला मेरा बेस्ट फ्रेंड है।
कुछ रिश्ते नाम के होते हैं,
बेस्ट फ्रेंड वाला रिश्ता एहसास का होता है।
मैं कितना भी उलझ जाऊँ,
मेरा बेस्ट फ्रेंड मुझे मुझसे बेहतर जानता है।
जिंदगी की सबसे कीमती यादों में,
मेरे बेस्ट फ्रेंड की हँसी हमेशा शामिल रहती है।
बेस्ट फ्रेंड वह है,
जिसके सामने मजबूत बनने का दिखावा नहीं करना पड़ता।
दूरी ने कई लोगों को दूर कर दिया,
मगर मेरे बेस्ट फ्रेंड से अपनापन नहीं छीन पाई।
मेरी हर जीत में उसकी खुशी होती है,
यही बात उसे बेस्ट फ्रेंड बनाती है।
जब शब्द कम पड़ जाते हैं,
मेरा बेस्ट फ्रेंड फिर भी मुझे समझ लेता है।
कुछ लोग साथ चलते हैं,
मेरा बेस्ट फ्रेंड साथ निभाता है।
वक्त बदलता रहा, हालात बदलते रहे,
मेरा बेस्ट फ्रेंड आज भी वैसा ही खड़ा है।
मेरी जिंदगी का सबसे सच्चा रिश्ता वह है,
जहाँ भरोसा बोलता है और शब्द कम पड़ जाते हैं।
बेस्ट फ्रेंड का होना किसी सुविधा जैसा नहीं,
एक ऐसी राहत है जो हर मुश्किल में काम आती है।
हम रोज़ बात करें यह जरूरी नहीं,
पर फिक्र हमेशा बनी रहे, यही बेस्ट फ्रेंड की पहचान है।
जब मैं खुद को कम समझने लगता हूँ,
मेरा बेस्ट फ्रेंड मेरी खूबियाँ याद दिला देता है।
मेरे जीवन के कठिन दिनों में,
मेरा बेस्ट फ्रेंड किसी रोशनी की तरह नहीं, एक सहारे की तरह रहा है।
अगर जिंदगी एक लंबी कहानी है,
तो मेरा बेस्ट फ्रेंड उसका सबसे खूबसूरत किरदार है।