तुम्हारी यादों की गर्माहट में आज भी खुद को ढूँढता हूँ,
तुम सामने नहीं हो तो क्या, तुम्हारी बातों को ही अपना मानकर मुस्कुराता हूँ।
इस सन्नाटे में भी तुम्हारी हँसी का शोर सुनाई देता है,
तुमसे दूर होकर भी, दिल का हर कोना तुमसे ही भरा रहता है।
फोन की स्क्रीन पर तुम्हारा नाम देखते ही दिल धड़क सा जाता है,
ये दूरियां सिर्फ फासले बढ़ाती हैं, मोहब्बत तो और बढ़ा जाती हैं।
तुम्हारी वो बातें जो अनकही ही रह गई थीं कभी,
आज उन्हें अकेले में गुनगुनाना ही मेरी सबसे बड़ी खुशी है।
शहर की भीड़ में आज भी मैं तुम्हारी झलक ढूँढता हूँ,
अजनबी चेहरों में भी, बस तुम्हारा ही चेहरा तलाशता हूँ।
तुम्हारी पसंद की वो किताब आज फिर मैंने अलमारी से निकाली है,
उसमें छोड़ी हुई तुम्हारी यादें ही तो अब मेरी सबसे बड़ी दौलत है।
दूरी ने सिखा दिया है कि प्यार सिर्फ साथ रहने में नहीं,
बल्कि दूर रहकर भी एक-दूसरे की छोटी-छोटी बातों को याद रखने में है।
कभी-कभी लगता है कि तुम बस मेरे कमरे की दूसरी खिड़की पर हो,
बस इसी वहम ने मुझे आज भी तुम्हारे ख्यालों से जोड़ रखा है।
रात को जब तारे आसमान में चमकते हैं, तो लगता है कि तुम भी देख रही होगी,
यही वो पल है जब मुझे यकीन होता है कि हम आज भी एक-दूसरे के कितने करीब हैं।
तुमसे हुई वो आखिरी मुलाक़ात का हर लम्हा आज भी ताज़ा है,
उसी एक याद के सहारे, मेरा हर दिन अब मुकम्मल हो जाता है।
दूरी के इस सफर में अब बस तुम्हारी आवाज ही सहारा है,
फोन की स्क्रीन पर तुम्हारा नाम दिखना, जैसे एक नज़ारा है।
मिलने की बेताबी कम नहीं होती पर कम भी नहीं होती,
हम अब एक दूसरे से नहीं, बल्कि अपनी यादों से मिलते हैं।
फासले बढ़े हैं तो क्या हुआ, दिल तो एक ही धड़कन पर टिके हैं,
तुम जहाँ भी हो, मेरी दुआएं वहीं तुम्हारे आसपास रहती हैं।
तुम्हारी वो हँसी जो वीडियो कॉल में सुनाई देती है,
सच कहूँ तो वो मेरे पूरे दिन की थकान मिटा देती है।
ये दूरी हमें एक नया सलीका सिखा रही है मोहब्बत का,
अब हम लफ्जों से ज्यादा खामोशियों को समझना सीख गए हैं।
शहर अलग हैं, रास्ते अलग हैं, पर वक्त एक ही है हमारा,
रात को सोते समय मैं जो दुआ मांगता हूँ, उसमें नाम तुम्हारा होता है।
कभी-कभी लगता है कि तुम बस मेरे कमरे के दूसरे कोने में हो,
बस ये एहसास ही मुझे तुमसे इतनी गहराई से जोड़े रखता है।
दूरी ने प्यार को कमजोर नहीं, और ज्यादा ठहराव दिया है,
अब हमें बस एक दूजे का खयाल रखना ही सबसे बड़ी इबादत लगती है।
सफर के दौरान जब कोई गाना बदलता है, तो याद तुम आती हो,
लगता है ये धुन हमें एक साथ सुननी थी, ताकि अहसास मुकम्मल हो।
तुम्हारी पसंद की वो किताब आज फिर मैंने खोली है,
तुम्हारी वो बातें जो पन्नों पर लिखी हैं, अब मेरा मन महकाती हैं।
बारिश की बूंदें जब खिड़की पर गिरती हैं, तो ख्याल तुम्हारा आता है,
तुम साथ होतीं तो ये पल और भी हसीन हो जाता, ये दिल बस यही दोहराता है।
दूरी की वजह से अब हम फोन पर ही जज्बात साझा करते हैं,
तुम जानती नहीं, तुम्हारी एक मैसेज की आवाज में मैं पूरी दुनिया ढूँढ लेता हूँ।
सब कहते हैं दूरी प्यार को कम कर देती है,
पर ये फासले ही तो हैं जो हमें एक-दूसरे की अहमियत बताते हैं।
तुम्हारी हँसी की वो गूँज, मेरी खामोशियों में आज भी जिंदा है,
मेरे दिल के उस कमरे में, जहाँ सिर्फ तुम्हारी यादें बसी हैं।
दिनभर खुद को काम में उलझाए रखता हूँ, पर रात होते ही तुम्हारी यादें मुझे बेबस कर देती हैं,
तुम जानती नहीं कि इन दूरियों में भी तुम मेरे लिए कितनी खास हो।
शहर के शोर में आज भी तुम्हारी आवाज़ ढूँढता हूँ,
इस उम्मीद में कि शायद कहीं से तुम मेरे पास हो।
दूरी ने हमें वो धैर्य सिखाया है जो साथ रहकर शायद नहीं मिलता,
अब हमारा हर पल इंतज़ार और अहसास के धागे से बुना हुआ है।
तुम पास नहीं हो तो क्या, तुम्हारी परछाईं मेरे ख्यालों में साथ चलती है,
इस तरह मैं तुम्हें खुद से कभी दूर होने ही नहीं देता।
ये जो फासले हैं, ये हमारे प्यार की परीक्षा नहीं,
बल्कि हमारी मोहब्बत को और अधिक मजबूत बनाने का एक जरिया हैं।
तुम्हारी मौजूदगी का अहसास मुझे हर उस चीज़ में होता है,
जो कभी मैंने और तुमने साथ मिलकर देखी थी।
तुम्हारे जाने के बाद ये कमरा अब बस एक जगह बनकर रह गया है,
दीवारों पर टंगी वो फोटो आज भी तुम्हारे होने का भ्रम देती है।
फोन की गैलरी में तुम्हारी हँसी को बार-बार देखना मेरी आदत बन गई है,
जैसे उस एक लम्हे को मैं फिर से जीकर तुम्हें पास महसूस करना चाहता हूँ।
सफर के दौरान जब कोई गाना बदलता है, तो दिल अचानक धड़क उठता है,
शायद तुम भी उस वक्त वही गुनगुना रही होगी, ये खयाल ही सुकून देता है।
शहर का शोर अब खामोश सा लगता है, क्योंकि तुम्हारी आवाज कम है,
तुम्हारे बिना ये दिन तो ढल जाते हैं, पर रातें तुम्हारी कमी का हिसाब मांगती हैं।
तुम्हारे भेजे पुराने मैसेज, जिन्हें पढ़कर आज भी चेहरे पर मुस्कान आती है,
ऐसा लगता है जैसे तुम अभी भी मेरे पास बैठकर बातें कर रही हो।
किसी अनजान राह पर चलते हुए जब कोई तुम्हारी तरह खुशबू छोड़ जाता है,
तो मन करता है मुड़कर देख लूँ, क्या पता वो तुम हो।
तुम्हारी वो शर्ट जो अलमारी के एक कोने में आज भी सुरक्षित है,
उसे छूते ही ऐसा लगता है कि तुम मेरे कितने करीब हो।
दिनभर की थकान के बाद तुम्हारा एक छोटा सा मैसेज,
जैसे थके हुए मुसाफिर को कहीं छांव का सहारा मिल गया हो।
सूरज ढलने को है और ये खामोशी अब भारी पड़ रही है,
दिल बस ये ढूँढता है कि इस वक्त तुम क्या कर रही होगी।
तुम्हारी पसंद की वो किताब आज फिर मैंने अलमारी से निकाली,
पन्नों के किनारे पर लिखी तुम्हारी वो बातें, आज भी मुझे महकाती हैं।
दूरी ने मोहब्बत को कम नहीं किया, बस उसे और ठहराव दिया है,
अब मैं तुम्हें ढूँढता नहीं, हर पल अपनी रूह में महसूस करता हूँ।
रात के सन्नाटे में जब सब सो जाते हैं, तब तुम्हारी यादों के साथ गुफ्तगू होती है,
तुम जानती नहीं, तुम्हारी मौजूदगी का एहसास मुझे सोने नहीं देता।
तुम्हारे बिना भी ये सुबह तो हो जाती है, पर उसमें वो रौनक कहाँ,
जो तुम्हारे साथ बैठकर चाय पीने की उन छोटी मुलाकातों में होती थी।
किसी को याद करना अब सिर्फ एक रस्म नहीं रह गई है,
ये मेरी रूह का वो हिस्सा है जो तुमसे बिछड़ने को तैयार नहीं।
आज बारिश हुई तो तुम्हारा ख्याल सबसे पहले आया,
तुम साथ होतीं तो ये बूंदें भी हमें और करीब ले आतीं।
तुम्हारी हँसी की गूँज मेरी खामोशियों में आज भी ज़िंदा है,
मेरे दिल के उस कमरे में, जहाँ सिर्फ तुम्हारी यादें बसी हैं।
पुराने मैसेज पढ़ते हुए आज फिर मुस्कुरा दिया,
तुम जानती नहीं कि तुम मेरे लिए आज भी कितनी खास हो।
शहर की रोशनी में भी आज मुझे एक अधूरापन सा नज़र आता है,
जैसे कोई है जिसकी कमी मेरी इन आँखों को हर पल सताती है।
तुम पास नहीं हो तो क्या, तुम्हारी परछाईं मेरे ख्यालों में साथ चलती है,
इस तरह मैं तुम्हें खुद से कभी दूर होने ही नहीं देता।
ये जो फासले हैं, ये हमारे प्यार की परीक्षा नहीं,
बल्कि हमारी मोहब्बत को और अधिक मजबूत बनाने का एक जरिया हैं।