Sweet Shayari for your first love experience

पहली बार जब तुमने मुझे अपनी ओर देखकर मुस्कुराया था तब से मेरा हर दिन उस एक मुस्कान के नाम हो गया है
तुम्हारे साथ की गई वो पैदल सैर आज भी याद आती है जहाँ हम दोनों के बीच लफ्जों से ज्यादा खामोशियां थीं
अचानक नाम पुकारने पर जो तुम थोड़ा सा सकपका गए थे वो मासूमियत मेरे दिल के किसी कोने में आज भी महफूज़ है
तुम्हें सोचने की आदत कब मेरी इबादत बन गई पता न चला बस इतना याद है कि तब से मेरा वजूद तुम में बसने लगा
किसी अजनबी के साथ जो वो पहली आत्मीयता महसूस हुई थी वो आज भी मेरी यादों की सबसे कीमती थाती बनी हुई है
वो जो एक पल के लिए हमारा हाथ छू गया था अचानक उसकी गर्माहट मेरे भीतर आज भी एक कोमल अहसास जगाती है
तुम्हारे आने से पहले जो मैं था और जो अब मैं हूँ उस फर्क में तुम्हारी पहली मोहब्बत का साफ़ अक्स झलकता है
कभी अकेले में जो तुम्हारी यादें मुस्कुराने पर मजबूर कर देती हैं वही एहसास बताता है कि दिल ने पहली बार दस्तक सुनी है
तुम्हारे जाने के बाद भी हवाओं में तुम्हारी महक का होना यही तो है वो नशा जिसे पहली मोहब्बत का नाम दिया है
तुम्हें देखते ही जो ये दिल बेतहाशा खुश हो जाता है लगता है जैसे बरसों की प्यास ने पहली बार पानी पाया है
तुम्हारे साथ की वो पहली शाम आज भी आंखों में है जब सूरज ढल रहा था और हम कुछ कहे बिना सब समझ रहे थे
अचानक टकरा जाने पर जो घबराहट हुई थी मुझे वो आज भी याद करके रूह में एक मीठी सिहरन दौड़ जाती है
तुम्हारे नाम की आहट से जो एक बेचैनी होती है क्या वही सुकून है जिसे पहली बार दिल ने पहचाना है
भीड़ में तुम्हें ढूंढती मेरी नजरें जब ठहर जाती हैं तब महसूस होता है कि मेरी दुनिया वहीं सिमट गई है
वो जो एक नज़र तुमने मुझ पर डाली थी बिना कुछ कहे उस एक पल में मैंने न जाने कितनी कहानियाँ पढ़ लीं
तुम्हारी सादगी को देख कर खुद की सादगी अच्छी लगने लगी पहली बार किसी और के होने से मैं खुद से प्यार करने लगा
वो जो एक छोटी सी बात पर घंटों का मौन था हमारे बीच उस खामोशी में भी मैंने तुम्हारी धड़कनों का संगीत सुना है
पहली बार किसी का ख्याल आने पर जो चेहरे पर चमक आती है वो आईने में देख कर मुझे आज भी बहुत प्यारी लगती है
तुम्हारे पास होने से जो वक्त थम सा जाता है अक्सर वो मेरी यादों का सबसे कीमती हिस्सा बन गया है
ये कैसी जादूगरी है कि तुम्हारी याद भी आती है तो पूरा दिन किसी ख़ुशबू की तरह महक उठता है
तुम्हारी आँखों में झाँकने का वो पहला सलीका आज भी याद है उस पल ऐसा लगा जैसे वक्त ने खुद को थाम लिया हो
किसी राह पर चलते हुए तुम्हारा अचानक रुक जाना और मेरा तुम्हारी ओर बस देखते ही रह जाना
वो अनकही बातें जो शब्दों की मोहताज नहीं थीं हमारी आँखों ने ही एक दूसरे को सब कह दिया था
तुम्हारे साथ बिताया वो एक छोटा सा दिन मेरे लिए किसी बरसों पुरानी किताब के सुनहरे पन्ने जैसा है
पहली बार जब नाम सुना तुम्हारा तो लगा जैसे ठहरी हुई हवाओं में अचानक कोई मीठा स्वर घुल गया हो
तुम्हारी हंसी को गौर से सुनना और फिर खुद भी मुस्कुरा देना यही वो छोटी सी बात है जिसने दिल में घर बना लिया है
किताब के आखिरी पन्ने पर तुम्हारा नाम लिख देना और फिर उसे छुपा लेना, जैसे कोई सबसे कीमती राज हो
वो जो एक पल की खामोशी थी हमारे बीच उसमें भी दुनिया भर का सुकून महसूस किया था
तुम्हारे आने की खबर भर से चेहरे पर चमक आ जाना क्या यह एहसास वही नहीं है जिसे रूहानी कहते हैं
पहली मोहब्बत का वो भोलापन अब भी जवां है जब भी याद आता है, दिल एक बार फिर उसी मोड पर ठहर जाता है
वो अनकही सी बात लबों पर आने से पहले ही थम गई शायद पहली बार हमने अपनी मुस्कुराहट में खुद को खोया है
भीड़ में अचानक तुम्हारी झलक पाकर जो ठहराव आया था वो एक लम्हा उम्र भर की सादगी बन गया है
किसी ने पहली बार नाम लिया तो ऐसा लगा जैसे कोई राग छिड़ गया वो नाम आज भी कानों में मिश्री की तरह घुलता है
अजनबी से होकर भी तुम अचानक अपने से क्यों लगने लगे ये कैसी पहेली है जो हल होकर भी सुलझती नहीं
तुम्हारी खामोशी को सुनकर जब मैंने अपनी धड़कनें तेज कीं वो एहसास था कि अब हम अकेले नहीं रहे
किताबों के पन्नों में नहीं अब तुम मेरी यादों में बसते हो वो पहली मुलाकात का कोहरा आज भी दिल पर छाया है
तुम्हें देखने की चाहत में कब शाम ढल गई पता ही न चला वो वक्त था जब दुनिया सिर्फ हम दो के बीच सिमट गई थी
सहज सी वो बातें और तुम्हारा वो मासूम सा चेहरा मेरे दिल के किसी कोने में आज भी महफूज़ रखा है
अचानक किसी मोड़ पर जब नजरें मिलीं तो पलकें झुक गईं शायद उसी पल से मैंने पहली बार खुद को गौर से देखा है
उलझे हुए ख्यालों में जब तुम्हारा ख्याल सबसे पहले आता है समझ लेना कि ये पहली मोहब्बत का ही असर है
बदलाव तो बहुत आए लेकिन वो मासूम सा सुकून वही है जब पहली बार किसी के होने का एहसास जिया था
लिखना चाहा था नाम तुम्हारा पर स्याही ही ठहर गई जैसे कागज भी तुम्हारी यादों का बोझ उठाने से डर गया
वो छोटी सी बात पर हँसना और फिर नज़रों का मिल जाना एक ऐसा सुर है जो बरसों बाद भी कानों में गूंजता है
तुम्हारे साथ चलते हुए वक्त का पता न चलना यही तो है वो नशा जो पहली बार में ही गहरा गया
वो जो पहली बार साथ चाय पी थी हमने उस प्याली की गर्मी आज भी हाथों में महसूस होती है
न कोई वादे किए न कोई कसमें खाईं बस एक-दूसरे को छू लेने का वो अहसास काफी था
तुम्हारे आने की आहट पर धड़कन का रुक जाना क्या ये वही है जिसे लोग पहली मोहब्बत कहते हैं
तुम्हारे बारे में सोचते हुए जब खुद ब खुद चेहरे पर हंसी आ जाए तो समझ लेना कि वो एहसास बेहद खास बन गया है
वो पहला दिन जब तुम सामने से गुजर गए थे तब से मेरा हर रास्ता तेरी ही ओर मुड़ जाता है
हवा के झोंके के साथ जो तुम्हारा एहसास आया है वही मेरी पहली मोहब्बत का सबसे खूबसूरत सवेरा है