Hatho Me Hath Shayari
भीड़ में भटकने का डर तब खत्म हो जाता है,
जब बस तुम्हारी उंगलियों का स्पर्श महसूस होता है,
ये हाथ थामना नहीं, मेरा खुद को तुममें सुरक्षित करना है।
रास्ते की उबड़-खाबड़ जमीन से क्या फर्क पड़ता है,
जब हथेली में तुम्हारी गर्माहट साथ चलती है,
इस एक छोटे से स्पर्श ने हौसलों को बहुत बड़ा बना दिया है।
कभी-कभी शब्दों में उलझकर बात बिगड़ जाती है,
तब तुम्हारी हथेली का ये दबाव सब कुछ साफ़ कह देता है,
बिना बोले समझ लेने का ये सलीका तुमसे ही सीखा है।
दूरी कितनी भी हो, दिन भर की थकान के बाद,
बस तुम्हारा हाथ थामकर बैठ जाना ही,
मेरे लिए दिन का सबसे सुकून भरा इनाम होता है।
वक्त की रफ़्तार से सब कुछ धुंधला जाता है,
पर तुम्हारी पकड़ी हुई उंगलियों का एहसास,
आज भी उसी ताज़गी के साथ याद आता है।
सफ़र के मोड़ पर अक्सर घबराहट होती है,
पर तुम्हारी उंगलियां जब मेरी उंगलियों में फंसती हैं,
तो रास्ता खुद-ब-खुद आसान सा लगने लगता है।
तुमने जब पहली बार मेरा हाथ थामा था,
तो लगा था जैसे किसी बहुत पुराने और भरोसेमंद घर में आ गया हूँ,
वो स्पर्श सिर्फ एहसास नहीं, मेरी पहचान बन गया।
अक्सर खामोशी में हम एक-दूसरे से दूर हो जाते हैं,
पर तभी तुम्हारा हाथ मेरा हाथ ढूंढ लेता है,
और वो बेजुबान सा स्पर्श, सारी गलतफहमियां दूर कर देता है।
हाथ थामने का मतलब सिर्फ साथ चलना नहीं है,
ये वादा है कि अगर लड़खड़ाए तो गिरने नहीं दोगे,
ये विश्वास है कि तुम मेरे हर कदम के गवाह हो।
भीड़ में मेरा हाथ छोड़ना मत,
ये हाथ सिर्फ हथेली नहीं, मेरा वो सहारा है,
जिसके बिना मैं शायद अपने वजूद को खो दूँ।
सर्द रातों में भी एक अलग ही तपिश होती है,
जब हाथ में तुम्हारा हाथ होता है,
ये गर्मी मेरे बाहर नहीं, मेरे दिल के अंदर महसूस होती है।
जिम्मेदारियों का बोझ जब कंधों पर भारी हो जाता है,
तब बस तुम्हारे हाथ की छुअन याद आती है,
वो छुअन जो मुझे फिर से खुद को खड़ा करने की ताकत देती है।
ये जो तुमने मेरा हाथ पकड़ा है,
इसे यूँ ही थामे रखना जब तक कि हम मुकाम तक न पहुँच जाएँ,
सफ़र खत्म भी हो जाए, तो ये साथ कभी कम न हो।
हर कोई वादे करता है और निभा नहीं पाता,
पर तुम्हारी उंगलियों की पकड़ में जो ईमानदारी है,
वो दुनिया की किसी भी कसमें से ज्यादा सच्ची है।
जब सब कुछ बिखर रहा होता है,
तो बस तुम्हारी उंगलियों का एक स्पर्श ही,
मुझे बिखरने से बचाने के लिए काफी होता है।
मंज़िल का कोई अता-पता नहीं अभी,
पर तुम्हारे साथ होने का जो सुकून है,
वही तो मेरे लिए सबसे बड़ी मंज़िल है।
तुम्हारे हाथ की वो छोटी सी हलचल,
जब तुम मेरा हाथ कसकर पकड़ती हो,
वो मुझे बता देती है कि तुम मेरे साथ हो, और मेरे लिए काफी हो।
उम्र भर की बातें हम आज नहीं करेंगे,
बस ये हाथ थामकर चलना है,
जितना भी रास्ता बाकी है, वो एक-दूसरे के भरोसे तय करना है।
अक्सर लोग कहते हैं कि प्यार बदल जाता है,
पर तुम्हारी उंगलियों का वो स्पर्श नहीं बदला,
जो मुझे पहली बार महसूस हुआ था।
कुछ रिश्ते कागज़ों पर नहीं, स्पर्श में लिखे जाते हैं,
जैसे तुम्हारा हाथ थामना,
मेरे लिए किसी किताब से ज्यादा गहरे मायने रखता है।
शब्दों की कमी कभी खलती ही नहीं,
जब तुम्हारी उंगलियां मेरी हथेली में उलझती हैं,
ये खामोशी का शोर ही हमें सबसे करीब लाता है।
हम दोनों का साथ कोई इत्तेफाक नहीं,
ये तो उन हाथों के स्पर्श का नतीजा है,
जिन्होंने मुझे हर मुश्किल में थामे रखा है।
जब जिंदगी की उलझनें समझ न आएं,
तो बस तुम्हारा हाथ पकड़कर देख लेता हूँ,
सब कुछ पहले जैसा सरल सा लगने लगता है।
दूरी की शिकायत हम क्यों करें,
जब यादों के पन्नों में तुम्हारी उंगलियों का स्पर्श,
आज भी मेरी हथेली को महका देता है।
ये जो हाथ तुम मेरा पकड़कर चलते हो,
इसे बस एक रस्म मत समझना,
ये मेरी दुनिया का सबसे मजबूत आधार है।
किसी के पास होने का असली मतलब,
सिर्फ करीब बैठना नहीं होता,
बल्कि हाथों के जरिए एक-दूसरे का दर्द बांटना होता है।
तूफान आते हैं और चले जाते हैं,
पर तुम्हारे हाथ की वो पकड़ कभी ढीली नहीं हुई,
यही तो मेरे बचने का सबसे बड़ा सबब है।
दुनिया की नज़रों से छिपाकर,
जब तुम मेरा हाथ मजबूती से थामती हो,
तो लगता है जैसे पूरा हक सिर्फ मेरा है।
हसरतें तो बहुत हैं इस दिल में,
पर तुम्हारी उंगलियां थामना ही,
मेरी इकलौती और सबसे खूबसूरत ख्वाहिश है।
वक्त के पहिए ने हमें कहाँ से कहाँ पहुँचा दिया,
पर जो सुकून पहले तुम्हारे हाथ में था,
वो आज भी बिल्कुल वैसा ही बरकरार है।
हर बार ज़रूरी नहीं कि कुछ बोला जाए,
कभी-कभी बस साथ चलना ही,
एक-दूसरे के होने का सबसे बड़ा सबूत होता है।
तुमने जब से मेरा हाथ थामा है,
मुझे खुद से ज्यादा तुम्हारा ख्याल रहने लगा है,
जैसे मेरी नसें तुम्हारे हाथों से जुड़ गई हों।
अकेलेपन की गूंज से डर लगता था,
पर जब से तुम्हारी उंगलियों का स्पर्श मिला है,
अकेलापन भी अब एक महफिल सा लगता है।
हमसफर वो नहीं जो साथ में सफर करे,
हमसफर वो है जो रास्ते के हर कंकड़ को,
मेरा हाथ पकड़कर पार करवा दे।
बिखरे हुए हौसलों को समेटना आसान होता है,
बस कोई अपना हाथ थामकर कह दे कि,
मैं हूँ न, तुम्हारे साथ।
तुम्हारा हाथ मेरे हाथ में ऐसा लगता है,
जैसे कोई मुसाफिर बहुत लंबी यात्रा के बाद,
अपने घर वापस लौट आया हो।
उम्र भर की कश्मकश के बाद समझा,
कि सुकून किसी महल में नहीं,
तुम्हारी उंगलियों की छुअन में छिपा है।
जब भी लगे कि मैं रास्ता भटक रहा हूँ,
तो बस मेरा हाथ जोर से दबा देना,
वो दबाव ही मुझे वापस सही दिशा दिखा देगा।
बातें तो बहुत सी अधूरी रह गई हैं,
पर तुम्हारे साथ चलने का ये सिलसिला,
उन सब बातों से ज्यादा पूरा है।
किस्मत का तो पता नहीं कैसी है,
पर जब तुम्हारा हाथ मेरे हाथ में होता है,
तो लगता है कि खुदा ने मुझसे भी कुछ अच्छा सोचा है।
कभी-कभी भीड़ में हाथ थामने का वो छोटा सा इशारा,
पूरी दुनिया को बता देता है कि हम एक-दूसरे के हैं,
बिना एक भी लफ्ज़ कहे, सारा इकरार हो जाता है।
सफ़र चाहे कितना भी लंबा और कठिन हो जाए,
तुम्हारी हथेली की गर्माहट मेरी थकान मिटा देती है,
यही तो है वो सुकून जो मुझे चलने की ताकत देता है।
हाथ थामना सिर्फ एक स्पर्श नहीं है,
ये एक-दूसरे की रूह को छू लेने का ज़रिया है,
जहाँ लफ्ज़ खत्म होते हैं, वहां तुम्हारा स्पर्श शुरू होता है।
तुम जो हाथ पकड़कर अपनापन जताते हो,
उस एक पल में सारी चिंताएं राख हो जाती हैं,
ऐसा लगता है जैसे सब कुछ ठीक है और रहेगा।
खामोशियां अक्सर डराती हैं, मगर तुम्हारा हाथ थामे हुए,
ये खामोशियां ही सबसे अच्छी साथी लगने लगती हैं,
जैसे हम अपनी भाषा खुद बुन रहे हों।
जिंदगी ने बहुत से मोड़ दिखाए हैं,
पर तुम्हारे साथ की वो पहली पकड़ आज भी याद है,
जो मुझे हर गलत रास्ते से वापस खींच लेती है।
मैं तुम्हें दुनिया की हर खुशियां नहीं दे सकता,
पर ये वादा जरूर है कि तुम्हारी उंगलियों में,
मेरी हथेली हमेशा एक पनाह बनकर रहेगी।
जब दिन भर की आपाधापी से मन ऊब जाता है,
तो बस तुम्हारा हाथ पकड़कर कुछ पल ठहरना,
मुझे फिर से जीने का नया नजरिया दे देता है।
हाथों में हाथ होना महज़ एक तस्वीर नहीं,
ये वो धागा है जो दो जिंदगियों को,
भरोसे की डोर से मजबूती से बांधे रखता है।
बहुत से लोग हाथ थामकर चलते हैं,
पर तुम्हारे हाथ थामने में जो सादगी और अपनापन है,
वो मैंने आज तक किसी और के साथ महसूस नहीं किया।
जब भी मैं खुद से हारने लगता हूँ,
तो तुम्हारे हाथ का वो हल्का सा दबाव,
मुझे याद दिलाता है कि मुझे लड़ना है।
ये जो तुमने मेरा हाथ पकड़ा है,
इसे कभी भी ढीला मत करना,
मेरे वजूद की नींव इसी स्पर्श पर टिकी है।
हम उम्र भर का साथ तो नहीं मांगते,
बस ये चाहते हैं कि जब तक साथ चलें,
ये हाथ ऐसे ही एक-दूसरे की उंगलियों में गुंथे रहें।
कभी मौका मिले तो गौर करना,
कि तुम्हारी हथेली की लकीरें,
मेरी हथेली के साथ कितनी खूबसूरती से मिल जाती हैं।
सच्चा प्यार शब्दों की मोहताज नहीं होता,
बस हाथ पकड़कर थोड़ी देर साथ बैठ जाना ही,
हजारों वादों से कहीं ज्यादा वजन रखता है।
अंधेरी रातों में अगर रास्ता न दिखे,
तो तुम्हारा हाथ थामकर चलना ही काफी है,
क्योंकि तुम्हारे स्पर्श में एक अलग ही रोशनी है।
दुनिया में हर शख्स अपना मतलब ढूंढता है,
पर तुम्हारा हाथ थामना, बिना किसी मतलब के,
मेरे लिए सबसे बड़ा अहसान है।
जब मन उदास हो तो बात करना मुश्किल होता है,
ऐसे में तुम्हारा बस हाथ थामकर पास बैठ जाना,
मेरे हर दर्द की सबसे बड़ी दवा बन जाता है।
मुझे किसी की कोई और तमन्ना नहीं है,
बस ये हाथ उम्र भर ऐसे ही थामे रखना,
ताकि मैं हर सफ़र को तुम्हारे साथ मुकम्मल कर सकूँ।
तुम हो तो हाथ में हाथ होने का अहसास है,
तुम नहीं तो ये हाथ बस एक खालीपन है,
मेरा हर एहसास तुम्हारी उंगलियों से ही शुरू होता है।