Instagram Attitude Shayari
मैंने अपनी क़ीमत ख़ुद तय की है, इसलिए हर जगह ख़ुद को साबित नहीं करता।
जो चीज़ें शोर से मिलती हैं, वो अक्सर ख़ामोशी में टिकती नहीं।
मैंने अपनी पहचान को रुझानों पर नहीं छोड़ा, वक़्त बदला, मैं नहीं।
मेरी सादगी को हल्का मत समझना, गहराई अक्सर बिना घोषणा के होती है।
मैं हर दरवाज़े पर दस्तक नहीं देता, कुछ जगहों से मेरा गुज़रना ही काफ़ी है।
मैंने मंज़िल से पहले मानसिकता बनाई, रास्ते अपने आप आसान लगने लगे।
मुझे जल्दी नहीं है, मैं टिकाऊ चीज़ें बनाने में लगा हूँ।
मेरी जीत का अंदाज़ अलग है, मैं पहले ख़ुद को हराता हूँ।
मैंने अपनी ऊर्जा चुनिंदा रखी है, हर बात मेरे ध्यान की हक़दार नहीं।
जो लोग दिशा जानते हैं, उन्हें भीड़ की ज़रूरत कम पड़ती है।
मैंने अपनी आदतों को इतना मज़बूत किया, कि बहाने धीरे-धीरे ग़ायब हो गए।
मैं दिखने से ज़्यादा बनने में यक़ीन रखता हूँ, असर हमेशा प्रदर्शन से बड़ा होता है।
मेरी कहानी में मोड़ बहुत हैं, मगर किरदार हर पन्ने पर एक जैसा है।
मैंने अपने सपनों को तारीख़ नहीं दी, रोज़ की मेहनत दी है।
कुछ लोग मौक़े गिनते हैं, मैं तैयारी गिनता हूँ।
मेरी ख़ामोशी कई बार वह कह देती है, जो लंबे भाषण नहीं कह पाते।
मैं वहाँ समय नहीं लगाता, जहाँ सम्मान की जगह सिर्फ़ राय मिलती हो।
मुझे पहचानने के लिए समय चाहिए, मैं एक पंक्ति में समझ आने वालों में नहीं।
मैंने ख़ुद को भीड़ से अलग नहीं किया, बस अपनी दिशा नहीं छोड़ी।
मेरे लिए सफलता का मतलब साफ़ है, रात को ख़ुद से संतुष्ट होना।
मैंने अपने लक्ष्य इतने स्पष्ट रखे हैं, कि भटकाव अब रास्ता नहीं बन पाता।
मैं हर किसी को प्रभावित नहीं करना चाहता, सही लोगों का विश्वास काफ़ी है।
मेरी प्राथमिकताएँ ही मेरा परिचय हैं, बाक़ी बातें तो बदलती रहती हैं।
मैंने अपनी नज़र भविष्य पर रखी, इसलिए वर्तमान की हलचल कम सुनाई देती है।
मैं जहाँ भी पहुँचूँ, अपनी असलियत को पीछे नहीं छोड़ता।
मेरी मंज़िलों का शोर नहीं मिलता, मैं काम ख़ामोशी से करता हूँ।
मैं हर जगह मौजूद नहीं रहता, जहाँ रहता हूँ, असर छोड़ता हूँ।
किरदार संभालने में उम्र लगती है, इसीलिए मैं दिखावे में समय नहीं खोता।
मैंने ख़ुद को पसंद करना सीख लिया, अब मंज़ूरी की ज़रूरत कम पड़ती है।
जो मेरे लिए बना ही नहीं, उसे पाने की बेचैनी भी नहीं।
मैं अलग दिखने की कोशिश नहीं करता, मैं नक़ल करने की आदत नहीं रखता।
मेरी रफ़्तार धीमी लग सकती है, मगर दिशा कभी ग़लत नहीं होती।
कुछ लोग पहचान ढूँढ़ते हैं, मैं उद्देश्य ढूँढ़ता हूँ।
मैं अपनी ऊर्जा वहाँ लगाता हूँ, जहाँ भविष्य बनता हो, बहस नहीं।
हर चमक सफलता नहीं होती, कुछ चीज़ें सिर्फ़ ध्यान खींचती हैं।
मैंने अपने सपनों को बहाना नहीं बनने दिया, उन्हें रोज़ का काम बना लिया।
मेरी ख़ामोशी का मतलब खालीपन नहीं, मैं भीतर बहुत कुछ बना रहा होता हूँ।
मैं तुलना से बाहर निकल आया, तभी अपनी असली क़ीमत समझ आई।
मेरी मौजूदगी को शोर की ज़रूरत नहीं, कुछ बातें एहसास से समझी जाती हैं।
मैं वहाँ नहीं रुकता जहाँ लोग रुक जाते हैं, मेरी ज़िद मंज़िल से बड़ी है।
मुझे भीड़ में जगह नहीं चाहिए, मुझे अपनी जगह चाहिए।
मैंने हर हार से एक आदत सीखी, और वही आदत मेरी ताक़त बन गई।
मेरे मानक इतने सस्ते नहीं, कि हर राय उन्हें बदल दे।
मैं अपनी कहानी का संपादन ख़ुद करता हूँ, इसलिए किरदार अब भी मज़बूत है।
जो दिख रहा हूँ, उससे ज़्यादा हूँ, बस हर पन्ना पहली मुलाक़ात में नहीं खुलता।
मैंने ख़ुद पर काम करना चुना, दुनिया को प्रभावित करना बाद की बात है।
मेरे लक्ष्य बड़े हैं, इसलिए मेरा ध्यान सीमित है।
मैं लोगों की नज़रों में नहीं, अपने सिद्धांतों में ऊँचा रहना चाहता हूँ।
कुछ लोग चर्चा बनते हैं, मैं निरंतरता बनना चाहता हूँ।
मैं आज भी सीख रहा हूँ, और यही मेरी सबसे बड़ी बढ़त है।