मैं वही हूँ,
जो अकेले में भी ख़ुद से नहीं बदलता।
मेरी पहचान
मेरे निर्णयों में रहती है।
मैं रुकता कम हूँ,
सोचता ज़्यादा हूँ।
जो मुझे समझ गए,
उन्हें परिचय की ज़रूरत नहीं।
मैं शोर से नहीं,
स्तर से अलग हूँ।
मेरी मंज़िल बड़ी है,
इसलिए ध्यान सीमित है।
मैं दिखावे से दूर,
इरादों के क़रीब हूँ।
हर दिन नया नहीं,
बेहतर होना चाहता हूँ।
मैं जवाब नहीं देता,
वक़्त को बोलने देता हूँ।
मेरे सपनों की ख़ासियत है,
वे बहाने नहीं सुनते।
मैं वहाँ नहीं जाता,
जहाँ ख़ुद को साबित करना पड़े।
मुझे ऊँचा नहीं दिखना,
मज़बूत बनना है।
मेरी ख़ामोशी
मेरी सबसे साफ़ भाषा है।
मैं भीड़ में रहकर भी
भीड़ जैसा नहीं बनता।
जो मेरे लिए ज़रूरी है,
उसी पर मेरा ध्यान है।
मैंने ख़ुद को चुना,
तभी रास्ते साफ़ दिखे।
मेरे पास दिखाने से ज़्यादा,
बनाने को है।
मैं जल्दी में नहीं,
सही दिशा में हूँ।
मेरी सोच
मेरी सबसे अलग पहचान है।
मैं हर किसी के लिए नहीं,
अपने मक़सद के लिए हूँ।
मैंने सरल रहना चुना,
सस्ता नहीं।
मेरी मौजूदगी
इजाज़त नहीं माँगती।
मैं अपनी शर्तों पर बढ़ता हूँ,
इसी में सुकून है।
मुझे पसंद किया जाए या नहीं,
मैं असली रहूँगा।
मैं कहानी नहीं सुनाता,
अपना जीवन लिखता हूँ।
मैं भीड़ का हिस्सा नहीं,
अपनी दिशा का किस्सा हूँ।
ख़ुद को गढ़ रहा हूँ,
इसीलिए कम दिख रहा हूँ।
मेरी पहचान शोर नहीं,
निरंतरता है।
मैं आसान नहीं,
असल हूँ।
जो हूँ, वही दिखता हूँ,
बाक़ी हुनर वक़्त बताएगा।
मेरी ख़ामोशी में भी
एक स्पष्ट इरादा रहता है।
मैं मंज़िल नहीं बताता,
कदम बता देते हैं।
साधारण दिखना पसंद है,
असाधारण बनना भी।
मैं पसंद आने नहीं,
याद रहने आया हूँ।
मेरे उसूल
मेरी सबसे महँगी चीज़ हैं।
मैं बदलता हूँ,
मगर अपने लिए।
कम बोलता हूँ,
ताकि असर ज़्यादा रहे।
मैं अपनी रफ़्तार पर हूँ,
यही मेरी बढ़त है।
जहाँ सम्मान न हो,
वहाँ मौजूदगी भी नहीं।
मैं तुलना से बाहर हूँ,
इसलिए सुकून में हूँ।
मेरी कहानी अभी जारी है,
फ़ैसला बाद में करना।
मैं ध्यान नहीं,
अर्थ चुनता हूँ।
जो खो गया,
वो मेरा था ही नहीं।
मैं अपनी आदतों का परिणाम हूँ,
किस्मत का नहीं।
सादगी मेरी पहचान है,
गहराई मेरी ताक़त।
मैं ख़ुद में निवेश करता हूँ,
मुनाफ़ा वक़्त देता है।
हर किसी तक पहुँचना नहीं,
सही जगह पहुँचना है।
मैं कम दिखाई देता हूँ,
क्योंकि निर्माण में हूँ।
मेरे मानक ऊँचे हैं,
अहंकार नहीं।
मैं अधूरा सही,
मगर नक़ली नहीं।
मुझे समझना है तो
मेरे शब्द नहीं, मेरे चुनाव पढ़ो।