जो अपनी पहचान हर मोड़ पर साबित करते फिरते हैं,
अक्सर वही लोग भीतर से सबसे ज़्यादा उलझे होते हैं,
हमने तो बस अपना काम इतना ख़ामोशी से किया,
कि अब लोग नाम नहीं, असर से पहचानते हैं।
भीड़ से अलग दिखने की कोशिश कभी नहीं की,
बस अपने उसूलों से समझौता नहीं किया,
फ़र्क इतना है कि लोग रास्ते बदलते रहे,
और हमने मंज़िल बदलने नहीं दी।
मुझे हर किसी की पसंद बनना नहीं आता,
मैं सच बोलता हूँ, इसलिए आसान नहीं लगता,
जो लोग केवल तालियाँ चाहते हैं,
उन्हें किरदार की कीमत कहाँ समझ आती है।
कुछ लोग शोर से जगह बनाते हैं,
कुछ लोग काम से पहचान बनाते हैं,
हम दूसरी कतार के लोग हैं,
देर लगती है, मगर असर गहरा छोड़ते हैं।
मैंने हार को बहाना नहीं बनने दिया,
उसे अपनी तैयारी का हिस्सा बना लिया,
आज जो सफ़र आसान दिखता है,
उसमें कई अधूरी रातें दबी हुई हैं।
सबको जवाब देना ज़रूरी नहीं होता,
कई बार ख़ामोशी ही स्तर बता देती है,
जो लोग हर बात पर साबित करना चाहें,
उन्हें अभी ख़ुद पर भरोसा कम होता है।
मैं वहाँ भी सीधा खड़ा रहा,
जहाँ हालात झुकने की सलाह दे रहे थे,
कुछ आदतें महँगी ज़रूर पड़ती हैं,
मगर आत्मसम्मान उनसे भी महँगा होता है।
लोगों की राय मौसम की तरह बदली,
मैंने अपना चरित्र नहीं बदला,
इसीलिए समय के साथ मेरा परिचय नहीं,
मेरा सम्मान बढ़ता गया।
मेरे रास्ते पर भीड़ कम है,
क्योंकि यहाँ बहाने नहीं चलते,
जो अपने सपनों की ज़िम्मेदारी उठाते हैं,
सिर्फ़ वही यहाँ तक पहुँचते हैं।
मुझे पीछे छोड़ने की कोशिश करने वालों ने,
मेरा समय देखा था, सफ़र नहीं,
ऊँचाई अचानक नहीं मिलती,
उसके पीछे वर्षों की चुप मेहनत होती है।
मैं किसी से बेहतर बनने नहीं निकला,
मैं कल वाले ख़ुद से आगे बढ़ा हूँ,
यही वजह है कि मेरी दौड़ में,
प्रतिद्वंद्वी कम और प्रगति ज़्यादा है।
मेरी कीमत तालियों से तय नहीं होती,
मैंने ख़ुद को कठिन दिनों में देखा है,
जब कोई साथ नहीं था,
तब भी मैं अपने साथ खड़ा था।
जो लोग हर मोड़ पर मान्यता खोजते हैं,
वे अक्सर दिशा खो बैठते हैं,
मैंने मंज़िल पर ध्यान रखा,
इसलिए शोर पीछे छूटता गया।
हमने सफलता को दिखावा नहीं बनाया,
उसे आदत बना लिया,
अब उपलब्धियाँ बोलती हैं,
और हमें कुछ कहने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
मुझे कम आँकना आसान है,
समझना थोड़ा मुश्किल,
क्योंकि मैं शब्दों से नहीं,
फ़ैसलों से अपनी कहानी लिखता हूँ।
मैंने समय को दोष नहीं दिया,
समय के साथ ख़ुद को बेहतर किया,
इसीलिए आज परिस्थितियाँ नहीं,
परिणाम मेरा परिचय देते हैं।
जो मेरे ख़िलाफ़ थे,
वे भी एक बात मानते हैं,
मैं गिर सकता हूँ,
मगर परिस्थितियों के सामने बिखरता नहीं।
मेरे सिद्धांत कभी भीड़ देखकर नहीं बदले,
इसलिए कई बार अकेला भी चला,
लेकिन जो व्यक्ति अपने मूल्य बचा ले,
वह कभी सच में अकेला नहीं होता।
मैंने अपने हिस्से की मेहनत पूरी की,
अब परिणामों को जल्दबाज़ी नहीं दिखाता,
बीज को भी वृक्ष बनने में समय लगता है,
मगर उसकी छाया सबसे लंबी होती है।
कुछ दरवाज़े बंद हुए,
कुछ लोगों ने साथ छोड़ा,
अच्छा ही हुआ,
अब रास्ते में केवल वही हैं जो सच में अपने हैं।
मैं प्रतिस्पर्धा से नहीं घबराता,
क्योंकि मेरी सबसे बड़ी चुनौती,
हमेशा मेरा पिछला संस्करण रहा है।
जो मुझे समझते हैं,
उन्हें स्पष्टीकरण की ज़रूरत नहीं,
और जो नहीं समझते,
उनके लिए स्पष्टीकरण काफ़ी नहीं।
मेरा धैर्य मेरी ताक़त है,
और मेरी ख़ामोशी मेरी पहचान,
हर युद्ध तलवार से नहीं जीते जाते,
कुछ स्तर से जीते जाते हैं।
मैंने किसी की नकल करके जगह नहीं बनाई,
अपनी कमियों को सुधारकर बनाई है,
इसलिए मेरी पहचान उधार नहीं,
पूरी तरह मेरी अपनी है।
मुझे जल्दी प्रसिद्ध होना नहीं था,
मुझे लंबे समय तक याद रहना था,
फ़र्क बस इतना सा था,
और उसी ने दिशा बदल दी।
मैं अवसर का इंतज़ार नहीं करता,
तैयारी करता हूँ,
क्योंकि दरवाज़ा कब खुलेगा,
यह मेरे हाथ में नहीं,
लेकिन तैयार रहना मेरे हाथ में है।
जो लोग हर किसी को खुश रखना चाहते हैं,
वे अक्सर ख़ुद से दूर हो जाते हैं,
मैंने पहले ख़ुद को चुना,
तभी दुनिया ने मुझे गंभीरता से लिया।
मेरी कहानी में शोर कम है,
संघर्ष ज़्यादा है,
शायद इसी वजह से
उसकी नींव मज़बूत है।
मैंने अपने दायरे छोटे रखे,
मगर सपने बड़े,
क्योंकि संख्या नहीं,
गुणवत्ता ही पहचान बनाती है।
जो सम्मान माँगना पड़े,
वह सम्मान नहीं होता,
हमने तो बस अपना व्यवहार ऐसा रखा,
कि लोग ख़ुद खड़े हो गए।
मैं आज भी सीख रहा हूँ,
यही मेरी बढ़त है,
जो ख़ुद को पूरा समझ ले,
उसकी प्रगति वहीं रुक जाती है।
मेरी मौजूदगी समझने के लिए,
मेरे शब्द नहीं, मेरा सफ़र देखो,
कुछ लोग परिचय से नहीं,
संघर्ष से पहचाने जाते हैं।
मैंने नफ़रत को जवाब नहीं बनाया,
उसे ईंधन बना लिया,
इसलिए जो मुझे रोकना चाहते थे,
वही मेरी रफ़्तार बढ़ा गए।
कुछ लोग मौक़े ढूँढ़ते हैं,
कुछ लोग मौक़े बनाते हैं,
मैं दूसरी सूची में रहना पसंद करता हूँ।
मैंने सफलता से पहले अनुशासन चुना,
इसीलिए सफलता टिक गई,
वरना कई लोग ऊँचाई छूते हैं,
मगर संभाल नहीं पाते।
मेरा लक्ष्य आगे बढ़ना है,
किसी को पीछे छोड़ना नहीं,
क्योंकि असली जीत तुलना में नहीं,
विकास में मिलती है।
मैंने अपने घाव छिपाए नहीं,
उन्हें शिक्षक बना लिया,
इसलिए दर्द ने मुझे तोड़ा नहीं,
तराश दिया।
मेरे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि,
ख़ुद की नज़रों में ऊँचा रहना है,
बाक़ी दुनिया की राय,
समय के साथ बदलती रहती है।
मैं हर जगह फिट होने नहीं निकला,
मैं वहाँ खड़ा हुआ जहाँ मेरी जगह थी,
और यही निर्णय
मेरी सबसे बड़ी ताक़त बना।
मैंने अपने शब्दों से पहले,
अपनी आदतें सुधारीं,
इसीलिए आज मेरी बातें नहीं,
मेरे परिणाम भरोसा दिलाते हैं।
जो लोग मुझे देर से समझे,
उन्हें दोष नहीं देता,
कुछ किरदारों की गहराई,
पहली नज़र में दिखाई नहीं देती।
मेरे पास सबके लिए समय नहीं,
लेकिन हर महत्वपूर्ण चीज़ के लिए समर्पण है,
यही संतुलन मुझे
औरों से अलग बनाता है।
मैंने रुकावटों को संकेत नहीं माना,
उन्हें अभ्यास माना,
इसलिए जहाँ लोग लौट गए,
मैं वहीं से आगे बढ़ा।
मेरी पहचान किसी पद से नहीं,
मेरे व्यवहार से बनती है,
कुर्सियाँ बदलती रहती हैं,
चरित्र याद रहता है।
मैंने अपनी सीमाएँ तय की हैं,
और उन्हें निभाना सीखा है,
जो हर किसी को प्रवेश दे दे,
वह अपनी कीमत खो देता है।
कुछ लोग जीतकर बदल जाते हैं,
मैं संघर्ष में भी वही रहा,
शायद इसी कारण
विश्वास मेरी सबसे बड़ी पूँजी है।
मैंने अपने लक्ष्य ऊँचे रखे,
मगर पैर ज़मीन पर रखे,
उड़ान वही सुरक्षित होती है,
जिसकी जड़ें मज़बूत हों।
मुझे हर बहस जीतनी नहीं,
हर दिन बेहतर बनना है,
क्योंकि भविष्य तर्कों से नहीं,
आदतों से बनता है।
मैंने कभी अपनी रोशनी साबित नहीं की,
बस जलता रहा,
समय ने ख़ुद तय कर दिया,
किसे दिखाई देना है।
जो लोग मेरी ख़ामोशी को कमज़ोरी समझते हैं,
उन्हें समझने दो,
हर गहराई पहली नज़र में दिखाई नहीं देती।
मैं भीड़ में शामिल होकर नहीं,
अपनी दिशा बनाकर चला हूँ,
इसीलिए मेरे कदमों के निशान,
सिर्फ़ रास्ता नहीं, पहचान छोड़ते हैं।