Love Attitude Shayari
तुम्हें चाहने का फैसला दिल ने किया था, मगर खुद की कद्र करना मैंने कभी नहीं छोड़ा।
मैं तुम्हारे करीब रहना चाहता हूँ, लेकिन अपनी पहचान की कीमत पर नहीं।
मोहब्बत में सच्चाई मेरी ताकत है, इसलिए मुझे किसी दिखावे की ज़रूरत नहीं।
तुम्हारे लिए मेरे जज़्बात गहरे हैं, मगर मेरा आत्मसम्मान उनसे भी गहरा है।
मैं रिश्ता निभाने में यक़ीन रखता हूँ, पर सिर्फ़ अपने हिस्से से पूरी कहानी नहीं लिखता।
तुम्हारा साथ मिले तो खूबसूरत लगेगा, वरना मैं अपने सफ़र से नाराज़ नहीं हूँ।
मैंने तुम्हें चाहा है पूरे दिल से, लेकिन अपनी खुशियों की चाबी कभी किसी और को नहीं दी।
मोहब्बत में ठहरना आता है मुझे, मगर वहाँ नहीं जहाँ मेरी कद्र रुक जाए।
तुम मेरे दिल के करीब हो, पर मेरी दुनिया का केंद्र सिर्फ़ मैं खुद हूँ।
अगर इश्क़ मुकम्मल हुआ तो मुस्कुराऊँगा, और न हुआ तो भी खुद पर गर्व करता रहूँगा।
तुम्हें चाहना मेरी फितरत है, मगर खुद को भूल जाना मेरी आदत नहीं।
इश्क़ में सच्चा हूँ, इसलिए ठहरा हुआ हूँ, वरना हर मुस्कान पर दिल हारना मुझे भी आता है।
तुम मेरे लिए अहम हो, लेकिन मेरी पूरी पहचान नहीं।
मैं तुम्हारे साथ चलना चाहता हूँ, मगर अपने उसूल पीछे छोड़कर नहीं।
मोहब्बत में झुकना खूबसूरत है, पर हर बार झुकना ज़रूरी नहीं।
तुम्हारी मौजूदगी अच्छी लगती है, मगर मेरी खुशी सिर्फ़ तुम पर निर्भर नहीं।
मैंने तुम्हें दिल से चाहा है, इसलिए तुम्हें पाने से ज़्यादा तुम्हारी कद्र की है।
अगर रिश्ता सच्चा है तो निभेगा, ज़बरदस्ती से सिर्फ़ दूरी बढ़ती है।
तुम्हें खोने का डर कभी था, अब खुद को खोने का डर उससे बड़ा है।
मैं इश्क़ में पूरा उतरता हूँ, लेकिन अपनी इज़्ज़त किनारे रखकर नहीं।
तुम्हारे लिए वक्त निकाल सकता हूँ, मगर अपनी मंज़िलें छोड़ नहीं सकता।
मोहब्बत मेरी पसंद है, मजबूरी कभी नहीं बनेगी।
तुमसे जुड़ाव गहरा है, लेकिन मेरी पहचान आज भी मेरे साथ खड़ी है।
अगर तुम साथ रहो तो खुशी होगी, न रहो तो भी मैं बिखरूँगा नहीं।
मैं तुम्हें मनाने की कोशिश कर सकता हूँ, मगर खुद को गिराकर नहीं।
मेरा प्यार साफ़ है, इसलिए उसे साबित करने के लिए शोर नहीं करता।
तुम्हारी अहमियत है मेरी ज़िंदगी में, लेकिन मेरी ज़िंदगी की कीमत सिर्फ़ तुम नहीं हो।
मैं वफ़ा में कमी नहीं रखूँगा, बस अपनी आत्मा को अनदेखा भी नहीं करूँगा।
जो रिश्ता सम्मान से चलता है, उसी में मोहब्बत सबसे ज़्यादा खिलती है।
तुमसे प्यार आज भी उतना ही है, बस अब उसमें आत्मसम्मान भी शामिल है।
तुम्हें चाहा है दिल से, ये बात आज भी सच है, मगर खुद को भुला दूँ, इतना भी इश्क़ नहीं है।
मैं तुम्हारी मुस्कान की वजह बनना चाहता हूँ, मगर अपनी खुशी की कीमत पर नहीं।
मोहब्बत है तुमसे, इसलिए सम्मान भी है, जहाँ कद्र न हो, वहाँ ठहरना मेरी आदत नहीं।
तुम खास हो, इसमें कोई शक नहीं, पर मेरी पहचान भी किसी से कम नहीं।
मैंने दिल दिया है, अपना वजूद नहीं, इश्क़ किया है, खुद से समझौता नहीं।
तुम्हारे साथ रहना पसंद है मुझे, लेकिन खुद को खोकर नहीं।
मोहब्बत में वफ़ादारी पूरी दूँगा, मगर अपनी इज़्ज़त गिरवी कभी नहीं रखूँगा।
अगर तुम साथ हो तो सफ़र खूबसूरत लगेगा, वरना मैं अकेले चलना भी जानता हूँ।
तुम्हारी याद अच्छी लगती है, पर मेरी दुनिया सिर्फ़ तुम्हारे इर्द-गिर्द नहीं घूमती।
मैं रिश्ते निभाने में यक़ीन रखता हूँ, लेकिन सिर्फ़ अपने हिस्से का नहीं।
तुम्हें पाने की चाहत है, मगर खुद को खो देने की नहीं।
मेरा इश्क़ शोर नहीं करता, बस हर बार सम्मान के साथ सामने आता है।
अगर मोहब्बत है तो खुलकर होगी, और अगर दूरी है तो गरिमा के साथ होगी।
मैं तुम्हें चुन सकता हूँ हर दिन, लेकिन खुद को छोड़कर नहीं।
तुम्हारे लिए दिल में जगह आज भी है, मगर अब वहाँ आत्मसम्मान भी रहता है।
मैं इंतज़ार कर सकता हूँ, पर अपनी कीमत भूलकर नहीं।
तुम्हारी तरफ़ झुकना मुझे मंज़ूर है, टूट जाना कभी मंज़ूर नहीं।
मोहब्बत मेरी कमजोरी नहीं, मेरे किरदार की सबसे खूबसूरत ताकत है।
अगर तुम समझो तो रिश्ता गहरा होगा, और न समझो तो मैं खुद को छोटा नहीं करूँगा।
मैं आज भी तुम्हें उसी सच्चाई से चाहता हूँ, बस अब खुद से भी उतनी ही मोहब्बत करता हूँ।