माँ की सबसे बड़ी खूबसूरती
उनकी बातों में नहीं,
उनकी नीयत में दिखाई देती है।
माँ का प्रेम
कभी बदले में कुछ नहीं माँगता,
बस हमारे खुश रहने की ख़बर चाहता है।
जब जीवन कठिन लगता है,
माँ की याद
हिम्मत की तरह साथ खड़ी हो जाती है।
माँ की दुआएँ
शोर नहीं करतीं,
लेकिन उनका असर
दिल को मज़बूत बना देता है।
माँ की मुस्कान देखकर
अक्सर लगता है
कि आज का दिन सफल रहा।
माँ वह होती हैं
जो हमारी कमज़ोरियों को जानकर भी
हम पर विश्वास बनाए रखती हैं।
बचपन की सबसे कीमती यादें
अक्सर किसी खिलौने से नहीं,
माँ के साथ बिताए समय से जुड़ी होती हैं।
माँ की फ़िक्र
कभी पुरानी नहीं होती,
बस हमारे साथ-साथ बड़ी होती जाती है।
जब कोई बात दिल दुखाती है,
माँ की आवाज़ याद आते ही
मन थोड़ा संभल जाता है।
माँ का दिल
हमारी जीत पर खुश होता है,
लेकिन हमारी कोशिशों पर गर्व करता है।
माँ की याद
किसी तस्वीर की तरह नहीं,
एक एहसास की तरह साथ रहती है।
माँ के हाथों का स्पर्श
समय के साथ दूर हो सकता है,
लेकिन उसका सुकून नहीं।
माँ की सीख
आदेश नहीं लगती,
क्योंकि उसमें अनुभव के साथ
प्रेम भी शामिल होता है।
माँ का होना
जीवन को परिपूर्ण नहीं बनाता,
लेकिन उसे अधिक सुरक्षित ज़रूर बना देता है।
माँ के पास बैठना
कई बार किसी समाधान से ज़्यादा
सुकून दे जाता है।
माँ की आँखों में
अपने बच्चों के लिए जो दुआ होती है,
वह किसी भी शब्द से बड़ी होती है।
जब दुनिया जल्दी में होती है,
माँ आज भी
हमारे लिए समय निकाल लेती हैं।
माँ की परवरिश
वह छाप है
जो हमारे व्यवहार में
उम्र भर दिखाई देती है।
माँ का प्रेम
हमारी उपलब्धियों के साथ नहीं बदलता,
वह हर परिस्थिति में एक जैसा रहता है।
कुछ रिश्ते याद किए जाते हैं,
माँ का रिश्ता महसूस किया जाता है।
माँ की ख़ामोशी भी
कई बार इतनी बातें कह जाती है
जितनी लंबे संवाद नहीं कह पाते।
माँ की चिंता में
डर कम होता है,
अपनापन ज़्यादा होता है।
जब भी मन घर ढूँढ़ता है,
अक्सर उसे माँ की याद मिल जाती है।
माँ की मुस्कान
किसी उत्सव का हिस्सा नहीं,
कई घरों की सबसे बड़ी खुशी होती है।
माँ वह दुआ हैं
जिसकी अहमियत
अक्सर जीवन को समझते-समझते
और गहरी होती जाती है।
माँ की दुआएँ
कभी दिखाई नहीं देतीं,
लेकिन कई मुश्किल रास्तों को
आसान बना जाती हैं।
माँ का प्रेम
हमारी सफलताओं का नहीं,
हमारे होने का जश्न मनाता है।
जब मन कहीं नहीं टिकता,
माँ की याद
सबसे सुरक्षित जगह लगती है।
माँ की फ़िक्र में
कोई स्वार्थ नहीं होता,
सिर्फ़ अपनापन होता है।
बचपन की सबसे प्यारी आवाज़
अक्सर वही होती है
जो हमें नाम लेकर पुकारती है।
माँ की मुस्कान
घर के माहौल को
बिना कुछ कहे बदल देती है।
माँ का दिल
हमारी छोटी खुशियों को भी
बहुत बड़ा मान लेता है।
जब दुनिया सवाल करती है,
माँ अक्सर भरोसा करती है।
माँ के पास हर उत्तर नहीं होता,
लेकिन उनके पास
हर हाल में साथ होता है।
माँ की याद
दिल को उदास कम,
अपनेपन से भर ज़्यादा देती है।
माँ का सहारा
हाथ पकड़ने से नहीं,
हौसला देने से पहचाना जाता है।
कुछ लोग हमें समझते हैं,
माँ हमें महसूस करती हैं।
माँ की परवरिश
वह पूँजी है
जो हर परिस्थिति में काम आती है।
जब भी खुद पर संदेह होता है,
माँ का विश्वास याद आ जाता है।
माँ की मौजूदगी
कई बार शब्दों से नहीं,
मन की शांति से महसूस होती है।
माँ वह रिश्ता है
जो हमारी गलतियों में भी
हमारा साथ नहीं छोड़ता।
माँ के लिए
हम चाहे जितने बड़े हो जाएँ,
उनकी दुआओँ में
हम हमेशा बच्चे ही रहते हैं।
माँ की बातें
सालों बाद भी
नई लगने लगती हैं,
जब जीवन उन्हें समझाना शुरू करता है।
माँ का प्रेम
किसी अवसर का इंतज़ार नहीं करता,
वह हर दिन
अपना होना जताता है।
माँ की आँखों में
जो उम्मीद होती है,
वह कई बार हमारी सबसे बड़ी ताकत बन जाती है।
घर बड़ा होने से नहीं,
माँ के अपनापन से
घर जैसा लगता है।
माँ की चिंता
कभी-कभी डाँट बन जाती है,
लेकिन उसका आधार
हमारी भलाई ही होता है।
माँ की याद आते ही
दिल थोड़ा नरम हो जाता है,
जैसे कोई पुराना सुकून
वापस लौट आया हो।
माँ का साथ
जीवन की हर समस्या नहीं मिटाता,
लेकिन उनसे लड़ने की हिम्मत ज़रूर देता है।
दुनिया हमें पहचान देती है,
माँ हमें वह इंसान बनाती हैं
जिस पर पहचान अच्छी लगती है।