तेरी याद अब पहले जैसी बेचैन नहीं करती,
बस कभी-कभी चुपचाप आकर
मेरे पास बैठ जाती है।
कुछ लोग दूर होकर भी
दिन का हिस्सा बने रहते हैं,
तू उन्हीं लोगों में से एक है।
आज भी किसी बात पर मुस्कुराता हूँ,
तो मन करता है
तुझे बताऊँ,
फिर याद आता है कि तू साथ नहीं है।
तेरे जाने के बाद
मैंने जीना नहीं छोड़ा,
बस कुछ खुशियाँ अधूरी लगने लगीं।
कुछ यादें उम्र नहीं देखतीं,
वे सालों बाद भी
उतनी ही ताज़ा लौट आती हैं।
तेरे साथ बिताया हुआ समय
खत्म हो गया होगा,
लेकिन उसका असर आज भी बाकी है।
मैंने तुझे याद करने का कोई समय तय नहीं किया,
तू तो अचानक
किसी भी पल याद आ जाता है।
कुछ लोग जीवन से चले जाते हैं,
मगर उनकी जगह
खाली ही रहती है।
तेरी कमी सबसे ज़्यादा तब महसूस होती है,
जब कोई अच्छा पल
साझा करने को कोई अपना न हो।
आज भी कुछ रास्ते
तेरे नाम से याद आते हैं,
हालाँकि उन पर चले हुए
काफ़ी समय हो गया है।
तू अब मेरी ज़िंदगी में नहीं,
लेकिन मेरी यादों में
तेरी मौजूदगी आज भी पूरी है।
कुछ बातें कभी कही नहीं गईं,
और शायद इसी वजह से
आज भी याद आती हैं।
तेरे बाद मैंने सीखा,
कि किसी की मौजूदगी
कितनी बड़ी नेमत होती है।
अब तुझे याद करके रोता नहीं,
बस थोड़ी देर के लिए
मन शांत हो जाता है।
कभी-कभी लगता है
तू बस एक फ़ोन दूर है,
फिर हक़ीक़त याद आ जाती है।
तेरी याद किसी दर्द की तरह नहीं,
एक पुराने गीत की तरह है,
जो अचानक सुनाई दे जाए।
कुछ लोगों का जाना
शोर नहीं करता,
बस ज़िंदगी थोड़ी ख़ामोश हो जाती है।
मैंने तुझे भुलाने की कोशिश नहीं की,
क्योंकि कुछ लोग
भुलाने के लिए नहीं होते।
आज भी जब बारिश होती है,
तो मौसम से ज़्यादा
कुछ पुरानी बातें याद आती हैं।
तू नहीं है,
फिर भी कई फ़ैसलों में
अनजाने में तेरा ख़याल शामिल रहता है।
कुछ रिश्ते दूरी से नहीं टूटते,
वे यादों में बदल जाते हैं,
और हमेशा साथ रहते हैं।
तेरी कमी का मतलब
सिर्फ़ तेरा न होना नहीं,
तेरे साथ मिलने वाला सुकून न होना भी है।
कभी-कभी भीड़ में भी
एक खालीपन महसूस होता है,
शायद वह तेरी जगह है।
मैंने समय को आगे बढ़ने दिया,
मगर कुछ यादों को
पीछे छोड़ नहीं पाया।
तेरे बिना भी दिन ढल जाता है,
लेकिन कुछ शामें
अब भी अधूरी लगती हैं।
तू मेरी आदत नहीं था,
इसीलिए तुझे भूलना आसान नहीं हुआ,
तू मेरे एहसासों का हिस्सा था।
कई चेहरे मिले,
कई लोग आए,
मगर कुछ जगहें
सिर्फ़ एक इंसान के लिए बनी होती हैं।
अब तेरी याद में शिकायत नहीं,
बस एक नरम-सा अपनापन बचा है।
कुछ इंतज़ार खत्म हो जाते हैं,
कुछ बस आदत बन जाते हैं,
और तेरा इंतज़ार शायद वही है।
अगर यादों की कोई आवाज़ होती,
तो शायद उनमें
सबसे ज़्यादा तेरा नाम सुनाई देता।
तेरी कमी हर वक़्त महसूस नहीं होती,
बस कुछ पल ऐसे आते हैं
जब सब कुछ होते हुए भी
कुछ अधूरा-सा लगता है।
आज भी किसी अच्छी ख़बर पर
सबसे पहले तेरा ख़याल आता है,
शायद कुछ लोग दूर होकर भी
आदतों में रह जाते हैं।
तेरे जाने के बाद
घर वही रहा,
बस कुछ कोनों से
अपनापन कम हो गया।
कुछ यादें तस्वीरों में नहीं रहतीं,
वे रोज़मर्रा की ज़िंदगी में छुप जाती हैं,
और फिर अचानक
तुझे याद दिला जाती हैं।
अब भी कभी-कभी
बिना वजह फ़ोन उठा लेता हूँ,
जैसे मन को आज भी
तेरे होने की उम्मीद हो।
तेरी याद शोर नहीं करती,
बस चुपचाप आकर
दिन का सबसे शांत हिस्सा
अपने नाम कर लेती है।
कुछ लोगों की कमी
आँसुओं से नहीं मापी जाती,
उनके बिना साधारण दिनों के खालीपन से मापी जाती है।
तेरे साथ बिताए हुए पल
अब यादें बन चुके हैं,
मगर अजीब बात है,
उनकी गर्माहट आज भी बाकी है।
मैंने तुझे भुलाने की कोशिश नहीं की,
क्योंकि कुछ रिश्ते
भुलाए नहीं जाते,
बस चुपचाप दिल में रखे जाते हैं।
कभी किसी जगह से गुजरता हूँ,
तो लगता है जैसे
वक़्त आगे बढ़ गया,
पर कुछ एहसास वहीं रह गए।
तू अब पास नहीं,
फिर भी कई बातों में शामिल है,
यही तो यादों की सबसे अजीब बात होती है।
कुछ लोग साथ छोड़ देते हैं,
लेकिन उनकी आदतें
बहुत देर तक साथ रहती हैं।
आज भी चाय का पहला घूँट
कई पुरानी बातें याद दिला देता है,
जिनमें तू अक्सर शामिल होता था।
वक़्त बीत गया,
दिन बदल गए,
मगर तुझे याद करने का तरीका
आज भी वही है।
तेरी कमी दुख नहीं बनती हर रोज़,
कभी-कभी बस
एक हल्की-सी ख़ामोशी बनकर
दिल में उतर जाती है।
मैं तुझे ढूँढ़ता नहीं,
फिर भी हर कहीं मिल जाता है,
कभी किसी गीत में,
कभी किसी याद में।
कुछ इंतज़ार ऐसे होते हैं
जिन्हें हम स्वीकार कर लेते हैं,
फिर भी दिल
उन्हें छोड़ नहीं पाता।
तेरे बिना भी ज़िंदगी चल रही है,
मगर कुछ खुशियाँ आज भी
तेरे साथ साझा करने का मन करती हैं।
सबसे मुश्किल बात
तुझे भूलना नहीं,
तेरे बिना नई आदतें बनाना था।
कुछ रिश्ते खत्म नहीं होते,
वे बस यादों के रूप में
दिल के किसी कोने में बस जाते हैं।
आज भी जब कोई पूछता है
सब कैसा चल रहा है,
तो अनजाने में
तेरा ख़याल आ जाता है।
तू दूर है,
लेकिन तेरी याद का रास्ता
आज भी बहुत छोटा है।
कुछ लोग ज़िंदगी से चले जाते हैं,
लेकिन बातचीत की तरह
दिल में चलते रहते हैं।
तेरे साथ की बातें
अब पुरानी हो गई होंगी,
मगर उनका असर
आज भी नया लगता है।
हर दिन तुझे याद नहीं करता,
लेकिन जिस दिन करता हूँ,
पूरा दिन तेरे नाम हो जाता है।
तेरे बिना सबसे ज़्यादा
किसी इंसान की नहीं,
उस सुकून की कमी महसूस होती है
जो तेरे साथ मिलता था।
कुछ रिश्तों की खूबसूरती
उनके साथ होने में नहीं,
उनके याद रह जाने में होती है।
मैंने तुझे खोया नहीं,
बस अपनी पहुँच से दूर पाया है।
आज भी कई बार
मन करता है तुझसे बात करूँ,
फिर याद आता है,
कुछ दूरियाँ शब्दों से नहीं मिटतीं।
तेरी याद का सबसे गहरा असर यह है,
कि अब भी कुछ पल ऐसे आते हैं
जब दिल अनायास कह उठता है—
"काश, तू यहाँ होता।"