मैंने अपने सपनों को बहानों के हवाले नहीं किया,
हर दिन थोड़ा-थोड़ा उन्हें जिया है,
इसीलिए आज मेरा आत्मविश्वास
सिर्फ़ शब्दों में नहीं, सफ़र में दिखता है।
जब रास्ता कठिन हो जाता है,
मैं अपनी वजह याद कर लेता हूँ,
क्योंकि मज़बूत इरादे
मुश्किल परिस्थितियों से बड़े होते हैं।
मैंने वक़्त को दोष देना छोड़ दिया,
अब उसे इस्तेमाल करना सीख लिया है,
और यही छोटा सा बदलाव
मुझे हर दिन आगे ले जा रहा है।
सफलता की सबसे अच्छी बात यह नहीं
कि लोग आपको पहचानने लगते हैं,
बल्कि यह है कि
आप खुद पर पहले से ज़्यादा भरोसा करने लगते हैं।
मैंने अपने लक्ष्य को चाहा ही नहीं,
उसके लिए मेहनत भी की है,
क्योंकि सिर्फ़ इच्छा रखने से नहीं,
लगातार प्रयास करने से मंज़िल मिलती है।
जब सब कुछ आसान था,
तब कोई भी चल सकता था,
मैं तो तब भी बढ़ता रहा,
जब रास्तों ने मेरा इम्तिहान लिया।
मैंने अपने सपनों के लिए
आराम से समझौता किया है,
इसलिए आज की थकान भी
मुझे जीत के क़रीब लगती है।
जो लोग हर रुकावट पर रुक जाते हैं,
वे मंज़िलों तक कम पहुँचते हैं,
मैंने तो ठोकरों को भी
अपने सफ़र का हिस्सा मान लिया है।
मेरी सबसे बड़ी पूँजी
न पैसा है, न पहचान,
मेरी सबसे बड़ी ताक़त यह है
कि मैं मुश्किल समय में भी हार नहीं मानता।
मैं अभी वहाँ नहीं पहुँचा जहाँ जाना है,
मगर इतना ज़रूर जानता हूँ,
कि मेरी मेहनत और मेरा विश्वास
मुझे रास्ते में कभी रुकने नहीं देंगे।
जो लोग कठिन रास्तों से डर जाते हैं,
वे अक्सर अपनी क्षमता से भी दूर रह जाते हैं,
मैंने चुनौतियों को अपनाया है,
क्योंकि वहीं मेरा बेहतर रूप छिपा है।
मैंने अपनी प्रगति की तुलना
किसी और से करना छोड़ दिया,
अब मेरा मुकाबला सिर्फ़
कल वाले ख़ुद से है।
सपनों का बोझ नहीं उठाता,
उन्हें ज़िम्मेदारी की तरह निभाता हूँ,
क्योंकि बड़ी मंज़िलें
बड़े इरादों से नहीं, बड़े अनुशासन से मिलती हैं।
जब हालात मेरे पक्ष में नहीं थे,
तब भी मैंने प्रयास नहीं छोड़ा,
क्योंकि मुझे भरोसा था,
मेहनत देर कर सकती है, बेकार नहीं जाती।
मैंने हार को अपमान नहीं माना,
उसे अनुभव माना है,
और अनुभव से मज़बूत हुआ इंसान
दोबारा पहले जैसा नहीं रहता।
हर दिन थोड़ा बेहतर बनने की कोशिश में हूँ,
यही मेरी सबसे बड़ी जीत है,
क्योंकि बदलाव एक दिन में नहीं,
लगातार कोशिशों में पैदा होता है।
मैंने अपने लक्ष्य को इतना स्पष्ट रखा है,
कि भटकाव ज़्यादा देर टिक नहीं पाता,
जब दिशा तय हो,
तो रास्ते खुद बनने लगते हैं।
कभी-कभी सबसे बड़ी बहादुरी
आगे बढ़ते रहना होती है,
खासकर तब,
जब परिणाम अभी दिखाई न दे रहे हों।
मैंने अपनी ऊर्जा शिकायतों में नहीं,
सुधार में लगाई है,
इसलिए आज भी सफ़र जारी है,
और हौसला पहले से बड़ा।
जो वक़्त आज मेहनत में लग रहा है,
वही कल पहचान बनेगा,
क्योंकि उपलब्धियाँ अचानक नहीं,
आदतों से बनती हैं।
मैंने सपनों को तारीख़ नहीं दी,
उन्हें समर्पण दिया है,
और समर्पण का असर
एक दिन दुनिया भी देखती है।
मेरी सोच सरल है,
या तो सीखूँगा या आगे बढ़ूँगा,
रुकना दोनों ही स्थितियों में
मेरे स्वभाव का हिस्सा नहीं।
जब लोग आराम चुन रहे थे,
मैंने तैयारी चुनी,
क्योंकि अवसर आने से पहले
खुद को योग्य बनाना पड़ता है।
मैंने अपनी मंज़िल को देखकर धैर्य सीखा है,
जल्दबाज़ी नहीं,
क्योंकि ऊँची इमारतें
तेज़ी से नहीं, मज़बूती से खड़ी होती हैं।
जो संघर्ष आज मुझे थका रहे हैं,
कल वही मुझे अलग बनाएँगे,
इसलिए मैं मुश्किल दिनों से
नाराज़ नहीं होता।
मुझे अपनी मेहनत पर इतना भरोसा है,
कि नतीजों की चिंता कम हो गई है,
अब मैं हर दिन अपना काम करता हूँ,
बाक़ी वक़्त पर छोड़ देता हूँ।
मैंने रास्ता लंबा चुना है,
मगर समझौते छोटा नहीं होने दिए,
क्योंकि सफलता तभी अच्छी लगती है,
जब आत्मसम्मान भी साथ रहे।
जब कोई साथ नहीं देता,
तब इंसान खुद को पहचानता है,
और जो खुद पर भरोसा करना सीख जाए,
उसे आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।
मैं आज भी सीख रहा हूँ,
क्योंकि ठहर जाना मुझे मंज़ूर नहीं,
हर नया दिन
मेरे लिए एक नया अवसर है।
मेरे इरादे शोर नहीं करते,
वे काम करते हैं,
और जब मेहनत लगातार हो,
तो मंज़िल भी एक दिन दरवाज़ा खोल देती है।
हर सुबह एक नया इम्तिहान लेकर आती है,
और मैं हर दिन नया हौसला लेकर उठता हूँ,
क्योंकि मंज़िल उन्हीं को मिलती है,
जो थककर भी रुकना नहीं जानते।
मैंने सपनों को सिर्फ़ सोचकर नहीं छोड़ा,
उनके लिए आदतें बदली हैं,
इसलिए आज मेरा आत्मविश्वास
किस्मत नहीं, मेहनत पर टिका है।
रास्ता कठिन है तो होने दो,
यही मुझे मज़बूत बना रहा है,
आसान सफ़र अक्सर कहानियाँ नहीं बनाते,
संघर्ष ही पहचान बनाता है।
जब लोग नतीजों पर शक कर रहे थे,
मैं अपनी तैयारी पर भरोसा कर रहा था,
क्योंकि सफलता शोर से नहीं,
निरंतर प्रयास से जन्म लेती है।
मैं गिरा भी हूँ,
रुका भी हूँ,
लेकिन हार मानना कभी नहीं सीखा,
शायद इसी वजह से अभी तक चल रहा हूँ।
मेरे सपनों की ऊँचाई देखकर मत चौंको,
मैंने उनके लिए कई आराम छोड़े हैं,
जो लोग सिर्फ़ मंज़िल देखते हैं,
उन्हें सफ़र की कीमत नहीं दिखती।
आज की मेहनत शायद दिखाई न दे,
लेकिन कल की पहचान ज़रूर बनेगी,
क्योंकि बीज को भी
पेड़ बनने में समय लगता है।
मैं दूसरों से आगे निकलने में नहीं,
खुद को बेहतर बनाने में लगा हूँ,
और यही सोच
हर दिन मुझे कल से आगे ले जाती है।
मुश्किलें मुझे रोकने नहीं आतीं,
वे मेरी क्षमता दिखाने आती हैं,
हर चुनौती के बाद
मेरा आत्मविश्वास थोड़ा और बढ़ जाता है।
मैंने बहानों से दूरी बना ली है,
अब सिर्फ़ प्रयासों पर भरोसा है,
क्योंकि सपने देखने वाले बहुत हैं,
उन्हें पूरा करने वाले कम।
जब रास्ते बंद नज़र आते हैं,
मैं खुद को याद दिलाता हूँ,
कि दरवाज़े नहीं,
इरादे मंज़िल तक पहुँचाते हैं।
मैं जल्दी सफल होने नहीं निकला,
मैं लंबे समय तक सफल रहने निकला हूँ,
इसलिए मेरी रफ़्तार भले शांत हो,
लेकिन दिशा बिल्कुल स्पष्ट है।
हर असफलता ने मुझे रोका नहीं,
कुछ नया सिखाया है,
इसीलिए अब मैं हार को अंत नहीं,
अगली शुरुआत मानता हूँ।
मेरी सबसे बड़ी ताक़त प्रतिभा नहीं,
निरंतरता है,
क्योंकि एक दिन की मेहनत नहीं,
हर दिन की मेहनत बदलाव लाती है।
जब दुनिया परिणाम पूछती है,
मैं प्रक्रिया पर ध्यान देता हूँ,
क्योंकि जो प्रक्रिया से प्यार कर ले,
उसे सफलता से डर नहीं लगता।
मैं अपने लक्ष्य को देखकर चलता हूँ,
लोग क्या कह रहे हैं, यह नहीं,
क्योंकि ध्यान भटकाने वाली आवाज़ें
हमेशा सपनों से ज़्यादा होती हैं।
थक जाना गलत नहीं,
रुक जाना गलत है,
मैंने अपने कदमों को आराम दिया है,
इरादों को नहीं।
आज मैं जहाँ हूँ,
वह मेरी मेहनत का परिणाम है,
और जहाँ पहुँचूँगा,
वह मेरे धैर्य का परिणाम होगा।
मैंने समय को बहाना नहीं बनाया,
उसे साथी बनाया है,
हर दिन थोड़ा आगे बढ़कर
मैंने अपने सपनों को क़रीब किया है।
मुझे अपनी मंज़िल पर पूरा भरोसा है,
क्योंकि मैं सिर्फ़ उम्मीद नहीं करता,
मैं हर दिन उसके लिए काम भी करता हूँ,
और यही मुझे अडिग बनाता है।