Pyar bhari shayari
बस एक अदद तुम्हारी आहट क्या सुन ली, मेरा थमा हुआ सा पूरा दिन चल पड़ा।
जब सब कुछ अपनी जगह सही और शांत होता है, ठीक उसी वक़्त तुम्हारा ख्याल आता है। जैसे कोई भूली हुई पुरानी धुन, धीमे से कानों में रस घोलने लगती है।
बात सिर्फ इतनी सी है कि अब कोई और बात अच्छी नहीं लगती, तुम्हारी सादगी ने मेरे सारे सलीके बदल दिए हैं।
कोई बहुत बड़ा वादा या कसम नहीं चाहिए मुझे, बस तुम जब भी मिलो, पूरे के पूरे मेरे होकर मिलना।
घर के सबसे शांत कोने में बैठकर, जब मैं अपनी उंगलियों को देखती हूँ, तो मुझे उनमें तुम्हारी हथेलियों की छुअन महसूस होती है, जैसे तुमने अभी-अभी मेरा हाथ थामा हो।
तुम्हारा ज़िक्र आते ही मेरी आवाज़ का धीमा हो जाना, शायद इसी को लोग पहली और सच्ची मोहब्बत कहते हैं।
सोचती हूँ कि क्या तुम्हें भी अंदाज़ा है इस बात का, कि कोई अपनी हर छोटी आदत में तुम्हें जीने लगा है।
जैसे कड़कड़ाती धूप में अचानक घने पेड़ की छांव मिल जाए, तुम्हारी मौजूदगी मेरे बिखरे हुए मन को कुछ वैसे ही समेट लेती है।
हम दोनों के दरमियान कोई लंबी गुफ़्तगू तो नहीं होती, पर जब तुम सुनते हो, तो मेरी ख़ामोशी को भी मायने मिल जाते हैं।
तुम्हारी हँसी की वो एक हल्की सी खनक, मेरे उदास से उदास दिन को भी त्योहार बना देती है।
मैंने कभी नहीं चाहा कि मैं तुम्हें पाकर आसमान छू लूं, मेरी ज़मीन तो बस वहीं तक है जहाँ तुम्हारे कदम रुकते हैं।
एक ज़रा सी फिक्र जो तुम जताते हो कभी-कभी, वही मेरे जीने का सबसे खूबसूरत सहारा बन जाती है।
अगर कभी मेरे हाथ से चाय का कप छूटने लगे, तो मुझे पूरा यक़ीन है कि तुम्हारा हाथ उसे संभाल लेगा, रिश्ते का ऐसा ही अटूट भरोसा चाहती हूँ मैं तुमसे।
दुनियां की इस भीड़ में जहाँ हर कोई भाग रहा है, मेरा मन सिर्फ तुम्हारे पास आकर ठहर जाना चाहता है।
तुम्हारे नाम का पहला अक्षर जब भी कहीं लिखा देखती हूँ, मेरी धड़कनें गवाही देती हैं कि तुम आज भी उतने ही ज़रूरी हो।
प्यार का मतलब शायद यही है कि जब तुम सामने न हो, तब भी तुम्हारी कही हुई बातें दिल में मुस्कुराती रहें।
तुम्हारी आँखें जब मुझे बिना कुछ कहे देखती हैं, तो ऐसा लगता है जैसे बरसों का कोई अधूरा सफ़र मुकम्मल हो गया।
मुझे तुम्हारी रूह की वो ख़ामोश गूँज पसंद है, जो महफ़िल में रहकर भी सिर्फ मुझसे बात करती है।
कभी फुर्सत मिले तो बैठना मेरे पास आकर, तुम्हें दिखाना है कि तुम्हारी सादगी ने मुझमें क्या-क्या बदल दिया है।
कोई शर्त नहीं, कोई हिसाबो-किताब नहीं, मैंने तुम्हें सिर्फ एक साफ और सच्चे दिल से चाहा है
एक परवाह ही तो है जो चुपके से बता देती है, कि इस अजनबी शहर में भी कोई अपना है।
जब सब सो जाते हैं और चारों तरफ सन्नाटा होता है, मैं आँखें बंद करके तुम्हारी आवाज़ की वो धीमी सी टोन याद करता हूँ, जिसमें तुमने आखिरी बार मेरा नाम पुकारा था।
अब तो रास्ते भी मुझसे पूछने लगे हैं तुम्हारा पता, मैं जब भी घर से निकलता हूँ, कदम खुद-ब-खुद वहीं मुड़ जाते हैं।
कुछ इस तरह से जुड़ गए हो तुम मेरी रोज़मर्रा की आदतों से, कि अगर चाय में चीनी कम हो, तो भी तुम्हारी मीठी बातें याद आ जाती हैं।
मुझे नहीं पता कि दुनिया में मोहब्बत के क्या मायने हैं, बस जब तुम उदास होते हो, तो मेरा मुस्कुराने का मन नहीं करता।
तुम्हारा हाथ पकड़ कर किसी शांत सड़क पर चलते जाना, और बिना कुछ बोले बस एक-दूसरे की साँसों को महसूस करना, मेरे लिए सुकून की सबसे मुकम्मल परिभाषा यही है।
एक अनकहा सा हक है जो तुम पर जताने का मन करता है, तुमसे बात किए बिना मेरा पूरा दिन अधूरा सा गुज़रता है।

जब तुम हँसते हुए अपनी आँखें थोड़ी सी छोटी कर लेते हो, ठीक उसी पल मेरा दिल तुम्हारे उस मासूम से रूप पर ठहर जाता है।
कभी-कभी सोचता हूँ कि अगर तुम न मिले होते, तो मैं ज़िंदगी की इस सादगी को कभी महसूस ही नहीं कर पाता।
तुम्हारे आने से पहले मैं बस वक़्त काट रहा था, तुमने आकर हर गुज़रते हुए लम्हे को एक गहरा अहसास दे दिया।
हम दोनों के बीच कोई बड़ी शर्तें या दावे नहीं हैं, बस एक छोटा सा भरोसा है कि तुम हर मोड़ पर मेरे साथ खड़े हो।
जब भी मैं थक कर हार मानने लगता हूँ, तुम्हारी वो एक हौसले से भरी मुस्कान मेरे भीतर फिर से जान फूंक देती है।
प्यार वो नहीं जो सलीके से सोच-समझकर किया जाए, प्यार तो वो है जो तुम्हारी एक झलक के लिए मुझे बेकरार कर दे।
कभी ध्यान से देखना मेरी इन खामोश नज़रों में, इनमें सिर्फ और सिर्फ तुम्हारी मौजूदगी का अक्स नज़र आएगा।
तुम्हारी परछाई का मेरे साथ-साथ चलना भी, धूप के इस सफ़र में मुझे ठंडी छांव का अहसास दे जाता है।
मुझे तुम्हारी हर वो छोटी बात याद रह जाती है, जो तुम अक्सर खुद कहकर भूल जाया करते हो।
इस दिल को अब किसी और सहारे की ज़रूरत ही नहीं रही, तुम्हारी आँखों की मासूमियत ने इसे पूरी तरह अपना बना लिया है।
जब भी हवा का कोई झोंका मेरे चेहरे को छूकर गुज़रता है, मुझे ऐसा लगता है जैसे तुमने चुपके से आकर मेरे कान में कुछ कहा हो।
कोई कितनी भी कोशिश कर ले मेरा ध्यान भटकाने की, मेरा मन घूम-फिरकर तुम्हारी ही यादों के घेरे में आ जाता है।

मेरी ज़िंदगी का सबसे खूबसूरत पन्ना वही होगा, जिस पर हम दोनों का नाम एक साथ हमेशा के लिए लिखा जाएगा।
तुम्हारा सोचना और मेरा खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस करना, इस कच्चे धागे जैसे भरोसे को तुमने बहुत सलीके से बुना है।
जब तुम पास होते हो तो वक़्त की रफ़्तार जैसे सुस्त पड़ जाती है, मन करता है उस एक लम्हे की उंगली पकड़ कर वहीं ठहर जाऊं।
कोई बड़ी वजह नहीं है तुम्हें इस तरह हर दुआ में शामिल करने की, बस जब भी सिर झुकता है, तुम्हारा चेहरा सबसे पहले सामने आ जाता है।
कभी-कभी जब मैं बिना किसी बात के मुस्कुराने लगती हूँ, तो आस-पास के लोग पूछते हैं कि आख़िर इतनी गहरी ख़ुशी कहाँ से आई।
तुम्हारे साथ बिताया हुआ वो बेहद मामूली सा आधा घंटा, मेरे पूरे हफ़्ते की सारी थकान को पल भर में सोख लेता है।
बात सिर्फ हाथ थामने की नहीं थी उस रोज़, तुमने मेरे बिखरे हुए हौसलों को एक नया ठिकाना दे दिया था।
मैंने अपनी हर छोटी नासमझी को तुम्हारे सामने खोलकर रख दिया, क्योंकि मुझे पता था कि तुम मुझे कभी कमज़ोर नहीं समझोगे।
जैसे किसी पुराने संदूक में रखी कीमती चीज़ को संभाल कर रखते हैं, मैं तुम्हारी कही हुई हर एक बात को वैसे ही दिल में सहेज लेती हूँ।
जब सब अपनी-अपनी दलीलों से मुझे सही और ग़लत का फ़र्क समझा रहे थे, तुमने बस चुपचाप आकर मेरा कंधा थपथपाया और मुझे तसल्ली मिल गई।
तुम्हारी पसंद की वो एक धुन जिसे मैं अब बार-बार सुनती हूँ, लगता है जैसे वो मेरे और तुम्हारे बीच का कोई गुप्त रास्ता हो।
दुनियां भर की बातें एक तरफ़ और तुम्हारी वो एक ज़रा सी आवाज़ एक तरफ़, जो मेरे भीतर चल रहे सारे तूफ़ानों को शांत करने का हुनर जानती है।
अब जब भी बारिश की पहली बूँद ज़मीन पर गिरती है, मुझे मिट्टी की सोंधी महक से ज़्यादा तुम्हारी सादगी याद आती है।
मैंने कभी नहीं माँगा कि तुम मेरे लिए सारी दुनियां से लड़ जाओ, बस जब मैं अकेली पड़ूं, तो तुम्हारा एक शांत सा साथ मेरे पास होना चाहिए।
तुम्हारी आँखों में जो एक गहरा ठहराव और ईमानदारी है, उसने मुझे बिना किसी शर्त के खुद को तुम्हें सौंपने पर मजबूर कर दिया।
कई बार मैं सिर्फ इसलिए देर तक जागती रहती हूँ, कि तुम्हारी यादों के साए में बीता हुआ वो सुकून भरा दिन इतनी जल्दी ख़त्म न हो।
कोई दिखावा नहीं, कोई बनावटी लहज़ा नहीं, जब तुम सिर्फ अपनी सहजता में होते हो, तुम सबसे ज़्यादा अपने लगते हो।

मेरा हर वो रास्ता जो अब तक बिल्कुल बेमक़सद घूम रहा था, तुम्हारी एक ज़रा सी झलक पाकर सीधा अपनी मंज़िल की तरफ़ बढ़ गया।
जब तुम मेरी किसी छोटी सी बात पर ज़ोर से हँस देते हो, तो ऐसा लगता है जैसे इस मुश्किल ज़िंदगी का सबसे बड़ा इनाम मुझे मिल गया।
ये कैसी कशिश है कि तुम्हारे बिना अब एक पल भी अधूरा सा लगता है, जैसे मेरे वजूद का आधा हिस्सा तुम्हारे पास ही छूट गया हो।
कोई नाम दो या न दो हमारे इस पावन से अहसास को, पर जहाँ तुम हो, मेरा मन वहीं सबसे ज़्यादा महफ़ूज़ रहता है।
जब बहुत से लोग आस-पास हों और अचानक मेरा ध्यान कहीं और चला जाए, तो समझ लेना कि उस वक़्त मेरे ख़यालों में तुम्हारी कोई पुरानी बात चल रही है।
कोई बहुत लंबा सफ़र तय नहीं करना है मुझे, बस जहाँ तुम थक कर रुको, वहीं मेरी मंज़िल हो जाए।

जब तुम मेरे पास आकर बैठते हो, तो दुनियां का सारा शोर एक पल में जैसे थम जाता है। सिर्फ तुम्हारी साँसों की आवाज़ सुनाई देती है, जो मेरे मन को सबसे ज़्यादा तसल्ली देती है।
तुम्हारी सबसे अच्छी बात जानते हो क्या है? तुम मुझे उस वक़्त भी बेहद सहज और अपना महसूस कराते हो, जब मैं खुद को बिल्कुल भी पसंद नहीं कर पा रही होती।
अगर कभी मेरे चेहरे पर बेवजह कोई मुस्कान देख ले, तो मैं कह देती हूँ कि हवा का कोई झोंका पसंद आ गया था, पर सच तो यह है कि उस पल मैंने तुम्हारी हँसी को याद किया होता है।

मैंने कभी किसी शर्ते के साथ तुमसे नाता नहीं जोड़ा, मेरा यह प्रेम सिर्फ तुम्हें बिना किसी उम्मीद के देखते रहने का नाम है।
तुम्हारी सादगी ने मेरे दिल के उन कोनों को भी छू लिया है, जहाँ मैंने बरसों से किसी को आने की इजाज़त नहीं दी थी।
जैसे किसी पुरानी किताब के बीच रखा हुआ सूखा गुलाब आज भी महकता है, तुम्हारी कही हुई वो बेहद मामूली सी बातें मेरे भीतर कुछ वैसे ही ताज़ा रहती हैं।
एक छोटा सा सच यह भी है कि अब मुझे अपनी चीज़ें संभालना अच्छा लगने लगा है, क्योंकि अब उन सब में मुझे तुम्हारी पसंद का अहसास छुपा हुआ मिलता है।
तुम जब भी मेरा हाथ थामकर रास्ता पार करते हो, मुझे लगता है कि अब इस जीवन में मैं कभी भटक नहीं सकती।
जब तुम शांत होकर खिड़की से बाहर देख रहे होते हो, तो मैं अक्सर तुम्हें बिना पलकें झपकाए सिर्फ इसलिए देखती हूँ, कि तुम्हारी उस सादगी को अपने भीतर हमेशा के लिए उतार सकूं।
बात सिर्फ इतनी सी है कि अब कोई और चेहरा उतना सच्चा नहीं लगता, तुमने मेरे दिल को एक ऐसा ठिकाना दे दिया है जहाँ सिर्फ और सिर्फ सुकून है।
दुनियां की नज़रों में वो एक बहुत आम सा दिन रहा होगा, पर जब तुमने पहली बार रुककर मुझे देखा था, मेरे लिए वक़्त वहीं ठहर गया था।
कोई बहुत बड़ा वादा मत करना मुझसे कभी, बस जब भी मन उदास हो, चुपके से आकर मेरे कंधे पर अपना सिर रख देना।
मैंने अपने हर एक ख़याल की चाबी तुम्हारे नाम कर दी है, अब तुम चाहो या न चाहो, मेरी हर सोच का सिरा तुम पर ही आकर थमता है।
जब तुम मेरी किसी छोटी सी कमज़ोरी को जानकर भी मुस्कुरा देते हो, तो मेरा यह डर हमेशा के लिए ख़त्म हो जाता है कि कोई मुझे छोड़ कर चला जाएगा।
तुम्हारा नाम जब भी मेरे कानों में पड़ता है, एक अजीब सा अपनापन मेरे पूरे वजूद को अपनी आगोश में ले लेता है।
मुझे तुम्हारे साथ किसी महफ़िल का हिस्सा नहीं बनना, मैं तो बस उस शांत शाम का इंतज़ार करती हूँ जहाँ सिर्फ तुम हो और तुम्हारी ख़ामोशी हो।
प्यार का मतलब शायद यही है कि जब तुम मेरे सामने न भी हो, तब भी तुम्हारी दी हुई तसल्ली मेरे हर फैसले को सही रास्ता दिखाती रहे।
कोई रंग, कोई रूप या कोई सजावट मुझे कभी नहीं लुभा सकी, मेरा मन तो बस तुम्हारी उस बेहद सच्ची और साफ़ आँखों पर आकर रुक गया है।