Short Attitude Shayari
मैं ख़ुद की नज़रों में ऊँचा हूँ, यही काफ़ी है।
मेरी ख़ामोशी में भी एक मुकम्मल जवाब रहता है।
मैं अपने वजूद का मान रखता हूँ।
जहाँ समझौता चरित्र से हो, वहाँ इंकार बेहतर है।
मेरे कदम धीमे सही, पर दिशा सही है।
मैं हर किसी का नहीं, अपने उसूलों का हूँ।
मुझे पहचानने के लिए नज़र चाहिए, चर्चा नहीं।
मैं अपनी सीमा जानता हूँ, इसलिए मज़बूत हूँ।
मेरी राह का फ़ैसला मेरी सोच करती है।
मैं असर छोड़ता हूँ, निशान नहीं।
मेरे लिए आत्मसम्मान कभी विकल्प नहीं रहा।
मैं ख़ुद को खोकर कुछ भी पाना नहीं चाहता।
मेरी सादगी में ही मेरी पहचान बसती है।
मैं हर जगह फिट होने की कोशिश नहीं करता।
मुझे कम आँकना अक्सर महँगा पड़ता है।
मेरे भीतर का यक़ीन मेरी सबसे बड़ी ताक़त है।
मैंने ख़ुद को तराशा है, सजाया नहीं।
मेरी मौजूदगी ध्यान खींचती नहीं, सम्मान कमाती है।
मैं अपनी नज़र में गिरना नहीं जानता।
मेरे फ़ैसले भीड़ नहीं, विवेक तय करता है।
मैं बदलता हूँ, मगर अपने मूल्यों से नहीं।
मेरी पहचान समय के साथ और साफ़ होती जाती है।
मैं अपनी जगह बनाने में यक़ीन रखता हूँ।
मेरे लिए चुप रहना भी एक कला है।
मैं बिना शोर के आगे बढ़ता हूँ।
मेरी प्राथमिकता सम्मान है, प्रसिद्धि नहीं।
मैं हर दिन ख़ुद का बेहतर रूप बनता हूँ।
मेरी मज़बूती का शोर नहीं होता।
मैं वहाँ नहीं रुकता जहाँ क़दर नहीं होती।
मेरे उसूल ही मेरी सबसे ऊँची पहचान हैं।
ख़ुद पर भरोसा है, इसलिए सफ़ाई नहीं देता।
मेरी पहचान शोर नहीं, असर से बनती है।
जहाँ सम्मान नहीं, वहाँ मेरा ठहराव नहीं।
मैं अलग हूँ, और यही मेरी ताक़त है।
मेरे उसूल, मेरी सबसे बड़ी दौलत हैं।
मैं कम बोलता हूँ, ताकि काम बोल सके।
जो हूँ, वही हूँ; दिखावा मेरे बस का नहीं।
मुझे मंज़ूरी नहीं, सुकून चाहिए।
मेरी चुप्पी भी आत्मविश्वास रखती है।
मैं भीड़ में नहीं, अपनी राह में चलता हूँ।
किरदार ऊँचा हो तो परिचय छोटा पड़ जाता है।
मैं ख़ुद को चुनता हूँ, हर बार।
मेरी क़ीमत राय से तय नहीं होती।
मैं ठहरा नहीं हूँ, बस संभलकर चल रहा हूँ।
मेरे फ़ैसले मेरे व्यक्तित्व की पहचान हैं।
मैं वहाँ नहीं जाता जहाँ मान कम पड़ जाए।
सादगी मेरी आदत है, कमज़ोरी नहीं।
मेरी मौजूदगी इजाज़त नहीं माँगती।
मैं ख़ुद से वादा करके चलता हूँ।
जो स्थिर है, वही मज़बूत है।
मेरे लिए सम्मान, हर रिश्ते की बुनियाद है।
मैं नज़रअंदाज़ हो सकता हूँ, कम नहीं।
मेरी राह अलग है, इसलिए पहचान अलग है।
मैं परिणामों में दिखता हूँ, दावों में नहीं।
मेरे भीतर का सुकून ही मेरी ताक़त है।
मैं झुकता हूँ संस्कार से, स्वार्थ से नहीं।
मेरी सोच भीड़ से नहीं चलती।
मैं अपनी जगह ख़ुद तय करता हूँ।
मुझे याद रखने के लिए शोर की ज़रूरत नहीं।
मैं वही रहता हूँ, चाहे मौसम कोई भी हो।