मैंने आसान जीतों का इंतज़ार नहीं किया,
कठिन रास्तों पर चलकर ख़ुद को साबित किया।
जब हालात मेरे ख़िलाफ़ थे,
तब मेरा हौसला मेरे पक्ष में खड़ा था।
मैं डर के सामने रुका नहीं,
मैंने उसे पार करने का निर्णय लिया।
हर ठोकर ने मुझे धीमा किया होगा,
मगर रुकना कभी नहीं सिखाया।
मेरी ताकत शोर में नहीं दिखती,
वह मुश्किल समय में दिखाई देती है।
मैंने अपने घावों को कमजोरी नहीं बनने दिया,
उन्हें अनुभव में बदल दिया।
जहाँ लोग बहाने ढूँढ रहे थे,
मैं रास्ते ढूँढने में लगा था।
मुझे गिराने वाली परिस्थितियाँ बहुत थीं,
मगर उठने की ज़िद उनसे बड़ी थी।
मैंने संघर्ष को सज़ा नहीं समझा,
उसे अपने व्यक्तित्व का शिक्षक माना।
कठिनाइयाँ मेरी रफ़्तार रोक सकती हैं,
मेरे इरादे नहीं।
जब दुनिया ने कहा कि मुश्किल है,
मैंने सोचा कि कोशिश करना और ज़रूरी है।
मैं हर बार मज़बूत नहीं था,
मगर हर बार हार मानने से इंकार किया।
मेरे आत्मविश्वास की जड़ें गहरी हैं,
उन्हें कठिन दिनों ने सींचा है।
मैंने दबाव से बचने की कोशिश नहीं की,
उसी में ख़ुद को निखारना सीखा।
जो रास्ता सबसे कठिन लगा,
अक्सर वही मुझे सबसे आगे ले गया।
मैं अपनी सीमाओं से भागा नहीं,
उन्हें बढ़ाने की आदत बना ली।
मुश्किल वक़्त में जो ख़ुद पर टिक जाए,
उसे सहारे की ज़रूरत कम पड़ती है।
मेरी सबसे बड़ी जीत यह नहीं कि मैं सफल हुआ,
बल्कि यह कि मैं संघर्ष में भी डटा रहा।
मैंने अनिश्चितताओं से डरना छोड़ दिया,
क्योंकि विश्वास ने डर से बड़ी जगह बना ली।
जब सब कुछ बिखरता हुआ लगा,
तब मैंने अपने धैर्य को थामे रखा।
मैंने परिस्थितियों के बदलने का इंतज़ार नहीं किया,
मैंने अपने दृष्टिकोण को मज़बूत किया।
हर कठिन दिन ने मुझे चेतावनी नहीं दी,
कुछ ने मुझे मेरी क्षमता दिखाई।
मैंने हार का स्वाद भी चखा है,
इसलिए जीत की कीमत समझता हूँ।
मेरे क़दम इसलिए स्थिर हैं,
क्योंकि मैंने डर के साथ भी चलना सीखा है।
जो व्यक्ति संघर्ष से गुज़र चुका हो,
उसे चुनौतियाँ पहचानती हैं और वह उन्हें।
मैंने अपने रास्ते की कठिनाई नहीं गिनी,
मैंने बस आगे बढ़ने की दूरी गिनी।
मेरी हिम्मत का कारण परिस्थितियाँ नहीं,
मेरे भीतर का विश्वास है।
मैं वहाँ भी खड़ा रहा जहाँ उम्मीद कम थी,
क्योंकि मेरा प्रयास उम्मीद से बड़ा था।
कठिन दौर ने मुझे तोड़ा नहीं,
उसने मुझे मेरे असली रूप से मिलाया।
मैंने हर बार जीतने की कसम नहीं खाई,
मैंने हर बार पूरी ताकत से कोशिश करने की कसम खाई।
मैंने मुश्किलों को टालने की आदत नहीं बनाई,
जो सामने आया, उससे गुज़रने का हौसला रखा।
डर आज भी दरवाज़ा खटखटाता है,
फ़र्क़ बस इतना है कि फ़ैसले अब मैं करता हूँ।
मेरी मज़बूती जन्म से नहीं थी,
इसे हालात ने हर दिन थोड़ा-थोड़ा गढ़ा है।
जब रास्ता कठिन हुआ,
तभी पता चला कि इरादा कितना मज़बूत है।
मैंने हार को अंत नहीं माना,
उसे अगली कोशिश की तैयारी माना।
हर बार गिरकर उठना आसान नहीं था,
मगर वहीं से मेरा आत्मविश्वास बना।
दबाव ने मुझे झुकाने की कोशिश की,
मैंने उसे ख़ुद को तराशने का मौक़ा बना लिया।
मैं हालात का इंतज़ार नहीं करता,
मैं अपने हौसले से हालात बदलने निकलता हूँ।
अँधेरा कितना भी गहरा क्यों न हो,
चलने वाला क़दम दिशा ढूँढ ही लेता है।
मेरी पहचान आसान दिनों से नहीं बनी,
कठिन दिनों में टिके रहने से बनी है।
मैंने डर को हराया नहीं,
मैंने उसे अपने साथ लेकर आगे बढ़ना सीख लिया।
जब कोई साथ नहीं था,
तब मैंने ख़ुद पर भरोसा करना सीखा।
रास्ते बंद हुए तो शिकायत नहीं की,
नया रास्ता बनाने की ज़िद की।
मैं टूटने के क़रीब कई बार पहुँचा,
मगर हर बार बिखरने से इंकार कर दिया।
हिम्मत का असली चेहरा तब दिखता है,
जब परिणाम तय न हो और प्रयास जारी रहे।
मैंने अपने संघर्षों को छुपाया नहीं,
उन्हीं से अपनी ताकत बनाई है।
थक जाना कमजोरी नहीं,
थककर भी चलते रहना ताकत है।
जो दर्द कभी बोझ लगता था,
आज वही मेरे धैर्य की नींव है।
मैंने मंज़िल की गारंटी नहीं माँगी,
बस आगे बढ़ने का अवसर नहीं छोड़ा।
हर कठिन मोड़ ने मुझे रोका नहीं,
मेरे भीतर की क्षमता से मिलवाया है।
मैं परिस्थितियों से बड़ा होने का दावा नहीं करता,
मगर उनके सामने झुकने की आदत भी नहीं रखता।
कभी-कभी साहस सिर्फ़ इतना होता है,
कि अगला क़दम उठाया जाए।
मैंने अपने डर को बहाना नहीं बनाया,
उसे अभ्यास का हिस्सा बना लिया।
मुश्किल समय ने मुझे बदल दिया,
अब मैं चुनौतियों को देखकर पीछे नहीं मुड़ता।
जब सब कुछ अनिश्चित था,
तब भी मेरा प्रयास निश्चित था।
मेरे हौसले की कीमत वही समझेंगे,
जिन्होंने बिना सहारे आगे बढ़ना सीखा है।
मैं जीत की वजह से मज़बूत नहीं हूँ,
मैं उन दिनों की वजह से मज़बूत हूँ जब जीत नहीं मिली।
हर रुकावट ने एक बात सिखाई,
दीवारें अक्सर दृढ़ इरादों से छोटी होती हैं।
मैंने अपने संदेहों से लंबी लड़ाई लड़ी है,
इसलिए अब चुनौतियाँ उतनी बड़ी नहीं लगतीं।
मेरी कहानी का सबसे ताकतवर हिस्सा यह है,
कि मैंने हार मानने के कारणों से ज़्यादा आगे बढ़ने की वजहों पर भरोसा किया।