Attitude Shayari on Royalty
जिसे अपने मूल्य का एहसास हो, वह हर मेज़ पर जगह तलाश नहीं करता।
मेरी पहचान ऊँची आवाज़ से नहीं बनी, सही समय पर सही निर्णयों से बनी है।
मैं सम्मान का दावा नहीं करता, बस ऐसा आचरण रखता हूँ कि लोग स्वयं दे दें।
हर किसी तक पहुँचना मेरा लक्ष्य नहीं, जहाँ पहुँचूँ, वहाँ प्रभाव छोड़ना ज़रूरी है।
मेरे मानक इतने ऊँचे हैं कि, समझौते अक्सर रास्ते में ही छूट जाते हैं।
मैंने प्रतिष्ठा को कभी दिखावा नहीं बनाया, उसे आदतों में बसाया है।
कुछ लोग अवसर देखकर बदल जाते हैं, कुछ लोग सिद्धांतों पर टिके रहकर पहचान बनाते हैं।
मेरे शब्द कम हो सकते हैं, मगर मेरा वचन कभी हल्का नहीं होता।
गरिमा की सबसे बड़ी पहचान यह है, कि शक्ति होने पर भी संयम बना रहे।
मैं वहाँ नहीं खड़ा होता जहाँ भीड़ हो, मैं वहाँ खड़ा होता हूँ जहाँ मूल्य हो।
मुझे हर किसी की स्वीकृति नहीं चाहिए, क्योंकि आत्मसम्मान भी एक संपत्ति है।
मेरी मौजूदगी परिचय नहीं माँगती, मेरा व्यवहार काफ़ी होता है।
मैंने अपने व्यक्तित्व को इतना सस्ता नहीं किया, कि हर राय पर बदल जाऊँ।
प्रतिष्ठा कमाने में वर्षों लगते हैं, इसलिए मैं उसे क्षणिक लाभ पर नहीं बेचता।
मेरे निर्णयों में स्थिरता है, शायद इसी वजह से मेरे नाम में विश्वसनीयता है।
मैंने लोगों को प्रभावित करने के लिए नहीं जिया, मैंने अपने मूल्यों के प्रति सच्चा रहना चुना।
जो व्यक्ति अपने सिद्धांतों पर अडिग हो, उसकी उपस्थिति ही प्रभाव बन जाती है।
मेरे लिए ऊँचा होना पद नहीं, सोच और चरित्र की गुणवत्ता है।
मैं हर चर्चा का हिस्सा नहीं बनता, मगर जहाँ बनता हूँ, वहाँ असर छोड़ता हूँ।
असली प्रतिष्ठा वह है, जो परिचय से पहले पहुँच जाए।
मैंने कभी सम्मान की माँग नहीं की, सम्मान ने मेरे व्यवहार से रास्ता खोज लिया।
मेरी सीमाएँ भी मेरी शान हैं, क्योंकि हर दरवाज़ा मेरे लिए नहीं होता।
मैं जीतकर घमंड नहीं करता, हारकर स्तर नहीं गिराता।
जो व्यक्ति स्वयं का सम्मान करता है, उसे दुनिया देर से सही, पहचान लेती है।
मेरे व्यक्तित्व की सबसे बड़ी ताकत यह है, कि परिस्थितियाँ बदलती हैं, सिद्धांत नहीं।
मैंने प्रभावशाली दिखने की कोशिश नहीं की, बस साधारण सोच से ऊपर उठ गया।
कुछ लोग पद से बड़े बनते हैं, कुछ लोग ऐसे होते हैं कि पद उनसे बड़ा नहीं रह जाता।
मेरी सफलता का स्वरूप शोर नहीं, स्थायी सम्मान है।
मैंने अपनी पहचान को भीड़ पर नहीं छोड़ा, उसे अपने कर्मों से आकार दिया है।
जहाँ लोग पहचान के लिए दौड़ रहे होते हैं, वहाँ कुछ लोग अपनी गरिमा से अलग दिखाई देते हैं।
मेरे उसूल मेरी पहचान हैं, इन्हें निभाने में ही मेरी शान है।
रुतबा आवाज़ ऊँची करने से नहीं मिलता, किरदार ऊँचा हो तो ख़ामोशी भी सुनी जाती है।
मैं भीड़ से आगे चलने की ज़िद नहीं रखता, बस अपने मानकों से कभी समझौता नहीं करता।
जहाँ लोग पहचान माँगते हैं, वहाँ कुछ लोग अपने आचरण से सम्मान पा लेते हैं।
मेरी मौजूदगी का असर शब्दों से नहीं, मेरे व्यवहार से समझ आता है।
ऊँचा दिखने की कोशिश नहीं करता, बस ख़ुद को छोटा होने नहीं देता।
असली वैभव कपड़ों में नहीं दिखता, वह निर्णयों और सिद्धांतों में नज़र आता है।
मैं हर दरवाज़े पर दस्तक नहीं देता, जहाँ मेरी क़द्र हो, वहीं क़दम रखता हूँ।
मेरे लिए प्रतिष्ठा एक दिन में नहीं बनी, यह बरसों की अनुशासित आदतों का परिणाम है।
कुछ लोग ध्यान खींचते हैं, कुछ लोग सम्मान आकर्षित करते हैं।
मुझे साबित करने की जल्दी नहीं, वक़्त को मेरा परिचय देने की आदत है।
मेरा दायरा छोटा हो सकता है, पर उसमें भरोसा बहुत बड़ा होता है।
शोर से प्रभाव पैदा करना आसान है, संयम से प्रभाव बनाए रखना कठिन।
मैंने कभी लोगों पर असर डालने की कोशिश नहीं की, बस अपने स्तर को गिरने नहीं दिया।
मेरी पहचान किसी पद से नहीं जुड़ी, वह मेरे व्यक्तित्व से जुड़ी है।
हर चमक वैभव नहीं होती, कुछ चमकें केवल दिखावे की होती हैं।
मैं सम्मान लेने नहीं जाता, ऐसा जीवन जीता हूँ कि सम्मान साथ चलता है।
जो अपने मूल्य जानते हैं, उन्हें हर सभा में ख़ुद का परिचय नहीं देना पड़ता।
मेरे फैसले लोकप्रिय हों यह ज़रूरी नहीं, गरिमामय हों, यही काफ़ी है।
मैंने लोगों को प्रभावित करने से पहले, ख़ुद को परिष्कृत करना सीखा।
प्रतिष्ठा का सबसे सुंदर रूप यह है, कि लोग आपकी अनुपस्थिति में भी सम्मान से बात करें।
मैं हर जगह शामिल होने का इच्छुक नहीं, कुछ स्तर चयन से बनते हैं, संख्या से नहीं।
मेरी ऊँचाई दूसरों को छोटा करके नहीं बनी, मैंने ख़ुद को बेहतर करके जगह बनाई है।
जिसे अपने मूल्य का ज्ञान हो, उसे मान्यता के पीछे भागना नहीं पड़ता।
मेरी चाल में जल्दबाज़ी नहीं होती, क्योंकि मुझे अपनी दिशा पर भरोसा है।
हर उपलब्धि के बाद भी विनम्र रहना, यही व्यक्तित्व की सबसे दुर्लभ शान है।
मैं भीड़ का नेतृत्व करने नहीं निकला था, बस अपने मार्ग पर अडिग रहा, लोग जुड़ते गए।
मेरे लिए प्रभाव का अर्थ नियंत्रण नहीं, विश्वास अर्जित करना है।
मैं परिस्थिति के अनुसार नहीं बदलता, मैं अपने सिद्धांतों के अनुसार निर्णय लेता हूँ।
कुछ लोगों के पास संपत्ति होती है, कुछ लोगों के पास ऐसा व्यक्तित्व, जो स्वयं एक विरासत बन जाए।