विदाई की घड़ी आई है,
मगर दोस्ती की कहानी अभी बाकी है।
आज बिछड़ने का मौसम है,
मगर यादों की रौशनी साथ जाएगी।
जो दोस्त कल तक हर दिन का हिस्सा थे,
आज वही सबसे ख़ास याद बन गए हैं।
कुछ रास्ते अलग हो जाते हैं,
मगर दिलों के रिश्ते वहीं ठहरे रहते हैं।
आज की महफ़िल आख़िरी सही,
मगर इसकी गूँज बहुत दूर तक जाएगी।
दोस्ती का रिश्ता इतना गहरा था,
कि विदाई भी उसे कम नहीं कर सकी।
जो पल साथ हँसते हुए गुज़रे,
वही आज सबसे ज़्यादा याद आ रहे हैं।
कल नई मंज़िलें होंगी,
मगर पुराने दोस्तों की जगह वही रहेगी।
विदाई का दर्द इस बात का सबूत है,
कि साथ सच्चा और दिल से था।
आज की तस्वीरें कल की यादें बनेंगी,
और उन यादों में दोस्त हमेशा मुस्कुराएँगे।
जो दोस्त सफ़र में मिले,
उन्होंने सफ़र से ज़्यादा ख़ूबसूरत यादें दीं।
आज जुदाई है,
मगर दोस्ती अब भी वहीं खड़ी है।
कुछ लोग जाते हुए भी,
दिल में हमेशा के लिए रह जाते हैं।
विदाई सिर्फ़ दूरियाँ लाती है,
भूलने की वजह नहीं।
जो बातें कभी आम लगती थीं,
आज वही सबसे अनमोल लग रही हैं।
दोस्ती की असली ताक़त,
विदाई के बाद समझ आती है।
कल शायद रोज़ मुलाक़ात न हो,
मगर हर दुआ में ज़िक्र रहेगा।
जो दिन साथ गुज़ारे,
वही ज़िंदगी के सबसे रौशन दिन रहेंगे।
आज अलविदा कहते हुए भी,
दिल शुक्रगुज़ार है उन पलों का।
विदाई का यह मोड़ उदास ज़रूर है,
मगर यादों से भरा हुआ भी है।
दोस्तों का साथ ख़त्म नहीं होता,
बस उसकी शक्ल बदल जाती है।
कल हम अलग रास्तों पर होंगे,
मगर पुरानी हँसी साथ चलेगी।
कुछ रिश्ते वक़्त से नहीं,
यादों से ज़िंदा रहते हैं।
आज की नमी आँखों में है,
क्योंकि दोस्ती दिल में बसी हुई है।
अलविदा सिर्फ़ एक लफ़्ज़ है,
दोस्ती उससे कहीं बड़ी होती है।
विदाई का यह पल गुज़र जाएगा,
मगर दोस्तों का ज़िक्र दिल से कभी नहीं जाएगा।
आज रास्ते अलग हो रहे हैं,
मगर यादों का कारवाँ साथ चल रहा है।
जो हँसी इन गलियारों में छोड़ी है,
वह बरसों तक यादों में गूँजती रहेगी।
कुछ दोस्त मुलाक़ातों से नहीं,
यादों से हमेशा पास रहते हैं।
आज जुदाई का दिन है,
मगर दोस्ती का रिश्ता आज भी वैसा ही है।
कल तक जो हर बात में शामिल थे,
आज वही सबसे ख़ूबसूरत याद बन गए हैं।
विदाई का मतलब भूल जाना नहीं,
बल्कि मुस्कुराकर याद रखना है।
कुछ सफ़र छोटे होते हैं,
मगर उनमें बने रिश्ते उम्रभर साथ रहते हैं।
आज की ख़ामोशी बता रही है,
कि साथ कितना कीमती था।
दोस्ती का रिश्ता ऐसा है,
जो आख़िरी मुलाक़ात के बाद भी ख़त्म नहीं होता।
जो वक़्त साथ गुज़ारा है,
वह ज़िंदगी की सबसे अनमोल पूँजी रहेगा।
आज हम बिछड़ रहे हैं,
मगर दुआएँ अब भी एक-दूसरे के साथ हैं।
विदाई की शाम थोड़ी उदास सही,
मगर यादें बेहद रौशन हैं।
कल नए लोग मिलेंगे,
मगर पुराने दोस्तों की जगह नहीं भर पाएँगे।
कुछ रिश्तों की उम्र मुलाक़ातों से नहीं,
यादों से तय होती है।
आज की नमी सिर्फ़ जुदाई की नहीं,
ख़ूबसूरत दिनों की क़दर की भी है।
जो दोस्त सफ़र में मिले थे,
वे अब कहानी का सबसे प्यारा हिस्सा हैं।
विदाई का दर्द इसलिए महसूस होता है,
क्योंकि दोस्ती दिल से निभाई गई थी।
कल जब इन दिनों को याद करेंगे,
तो सबसे पहले दोस्तों के चेहरे याद आएँगे।
आज अलविदा कह रहे हैं,
मगर दोस्ती को नहीं, सिर्फ़ इस दौर को।
कुछ लोग ज़िंदगी में आते हैं,
और जाते-जाते यादों का ख़ज़ाना दे जाते हैं।
रास्ते चाहे कहीं भी ले जाएँ,
दोस्ती का अपनापन साथ चलता है।
विदाई के इस मोड़ पर बस इतना कहना है,
साथ कम हुआ है, अहमियत नहीं।
जो पल दोस्तों के साथ गुज़रे,
वही उम्रभर मुस्कुराने की वजह बनेंगे।
अलविदा के पीछे छिपा सच यही है,
कि कुछ लोग दिल से कभी दूर नहीं होते।
आज महफ़िल बिखर रही है मगर यादें साथ जाएँगी,
दोस्ती की ये दौलत उम्र भर मुस्कुराएगी।
रास्ते अब जुदा सही, मगर इतना याद रखना,
हमारी दोस्ती हर फ़ासले से बड़ी रहेगी।
विदाई का लम्हा थोड़ा नम ज़रूर है,
मगर साथ बिताया हर पल बेहद ख़ूबसूरत है।
कल तक जो रोज़ मिलते थे,
आज वही यादों का सबसे हसीन हिस्सा बन गए।
जाने वाले जा रहे हैं नए सफ़र की तरफ़,
मगर दिल में उनकी जगह हमेशा आबाद रहेगी।
कुछ पल किताबों में नहीं मिलते,
वे दोस्तों के साथ बिताए दिनों में बसते हैं।
विदाई सिर्फ़ मुलाक़ातें कम करती है,
दोस्ती की गर्माहट नहीं।
आज बिछड़ रहे हैं तो क्या हुआ,
यादों की राहें हमें फिर मिला देंगी।
दोस्ती का रिश्ता इतना कमज़ोर नहीं,
कि एक विदाई उसे फीका कर दे।
जो हँसी साथ बाँटी थी,
वही आज आँखों में नमी बनकर ठहर गई है।
कुछ दोस्त वक़्त का हिस्सा नहीं होते,
वे पूरी ज़िंदगी का हिस्सा बन जाते हैं।
ये विदाई अंत नहीं,
यादों के एक नए सफ़र की शुरुआत है।
कल जब इन दिनों को याद करेंगे,
तो मुस्कान और अपनापन साथ होगा।
रफ़्तार-ए-वक़्त हमें अलग ले जा सकती है,
मगर दोस्ती का रिश्ता नहीं तोड़ सकती।
आज अलविदा कह रहे हैं,
मगर दिल अब भी साथ चल रहा है।
कुछ सफ़र मंज़िल से नहीं,
साथ चलने वालों से यादगार बनते हैं।
विदाई के इस मोड़ पर बस इतना कहना है,
तुम जैसे दोस्त हर किसी की क़िस्मत में नहीं होते।
कल शायद मुलाक़ातें कम हों,
मगर दुआओँ में ज़िक्र हमेशा रहेगा।
दोस्ती की सबसे बड़ी ख़ूबसूरती यही है,
कि जुदाई भी इसे कम नहीं कर पाती।
आज की नमी कल की मुस्कान बनेगी,
जब हम इन यादों को फिर से जीएँगे।
कुछ दरवाज़े बंद होते हैं,
ताकि नई राहें खुल सकें।
विदाई का दर्द इसलिए है,
क्योंकि साथ बिताया वक़्त इतना कीमती था।
दोस्त बिछड़ते नहीं,
बस ज़िंदगी के अलग पन्नों पर चले जाते हैं।
जो लम्हे तुम्हारे साथ गुज़रे,
वे मेरी यादों की सबसे रौशन जगह रहेंगे।
अलविदा कहना आसान नहीं,
मगर सच्ची दोस्ती कभी अलविदा नहीं होती।